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चेन्नई में रचा गया नया इतिहास, मोहम्मद शमी और खलील अहमद ने मिलकर किया धमाकेदार प्रदर्शन

चेन्नई में जब चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमें आमने सामने हुईं तो ऐसा रिकॉर्ड बन गया, जो इससे पहले कभी इस मैदान पर हुआ ही नहीं था। इस रिकॉर्ड को बनाने में जहां पहले हैदराबाद के मोहम्मद शमी ने कमाल किया, इसके बाद चेन्नई के लिए खलील अहमद ने करीब करीब वैसा ही काम कर दिखाया। हालांकि अगर आईपीएल इतिहास की बात करें तो अब तक ये कमाल दस बार हो चुका है।

मोहम्मद शमी ने पहली ही बॉल पर लिया विकेट

हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला किया। यानी चेन्नई को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया गया। मैच की पहली बॉल लेकर आए मोहम्मद शमी। उन्होंने पहली ही बॉल पर चेन्नई के सलामी बल्लेबाज शेख रशीद को चलता कर दिया। शेख गोल्डन डक का शिकार बने। मोहम्मद शमी ने पारी की पहली ही बॉल पर अब तक चार बार विकेट लिए हैं, जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। पहली बॉल पर विकेट गिरने के बाद भी चेन्नई ने हालांकि 154 रन बना लिए थे, लेकिन टीम पूरे ओवर नहीं खेल पाई। जब टीम आउट हुई तो एक बॉल शेष थी।

खलील अहमद ने दूसरी पारी की दूसरी बॉल पर लिया विकेट

इसके बाद हैदराबाद की टीम इस लक्ष्य का पीछा करने के लिए उतरी। क्रीज पर आए सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा। वहीं गेंदबाजी की कमान संभाली खलील अहमद ने। इस पारी की पहली बॉल पर तो विकेट नहीं गिरा, लेकिन दूसरी बॉल पर अभिषेक शर्मा को खलील अहमद ने आयुष के हाथों कैच कराकर उनकी पारी का अंत कर दिया। वे दो ही बॉल खेल पाए थे। लेकिन टीम के स्कोर में कोई भी रन नहीं जुड़ा था। चेन्नई में ऐसा पहली बार हुआ था, जबकि दोनों टीमों का पहला विकेट उस वक्त गिरा ​गिरा, जब टीम के खाते में कोई रन नहीं था। वहीं बात अगर आईपीएल इतिहास की करें तो अब तक दस बार ऐसा काम हो चुका है।

चेन्नई और हैदराबाद की टीमें अंक तालिका में सबसे नीचे

चेन्नई और हैदराबाद का ये मुकाबला इसलिए अहम है, क्योंकि दोनों टीमें अंक तालिका में नीचे के पायदान पर है। वैसे तो इन दोनों का अब टॉप 4 में जाने का सपना करीब करीब टूट चुका है, लेकिन फिर भी कुछ अगर समीकरण बनें तो उसके लिए ये जीत जरूरी है। लेकिन जो टीम ये मैच हारेगी, उसके लिए कहानी यहीं पर समाप्त हो जाएगी। दोनों टीमें भी अब ये मान चुकी हैं, इसलिए वे अगले सीजन के लिए कुछ नए और युवा खिलाड़ियों की तलाश कर रही हैं।

जीनत अमान ने तोड़ी चुप्पी, सोशल मीडिया से दूरी की वजह एक लंबी पोस्ट में बताई

दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान एक छोटे से ब्रेक के बाद इंस्टाग्राम पर वापस आ गई हैं। अदाकारा ने शुक्रवार, 25 अप्रैल की शाम को एक नया पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने बताया कि वह स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही थीं, जिसके लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। इतना ही नहीं, अदाकारा ने इंस्टाग्राम पर अपने दो साल पूरे होने पर प्रशंसकों को उनके समर्थन और प्यार के लिए धन्यवाद कहते हुए बताया कि वह सोशल मीडिया से गायब क्यों थीं। साथ ही सोशल मीडिया पर अस्पताल के बिस्तर से उन्होंने अपनी कुछ तस्वीरें पोस्ट की है जो चर्चा में बनी हुई है।

जीनत अमान ने अस्पताल से शेयर की शॉकिंग तस्वीरें

भारतीय अभिनेत्री जीनत ने जो पहली तस्वीर पोस्ट की, उसमें वह अस्पताल के रिकवरी रूम में नजर आ रही थीं और अपनी उंगलियों से किसी की ओर इशारा कर रही थीं जो फ्रेम में दिखाई नहीं दे रहा था। दूसरी तस्वीर में वह बिस्तर पर बैठी हुई अपनी बाईं आंख ढंकी हुई थीं। उनके सामने खाने की ट्रे रखी हुई थी। तीसरी तस्वीर में वह नर्स को देखते हुए नजर आईं। कैप्शन में जीनत ने लिखा, ‘रिकवरी रूम से नमस्ते! मैं आपको यह सोचने के लिए दोषी नहीं ठहराऊंगी कि मैंने सोशल मीडिया क्यों छोड़ दिया था। आपको मेरी प्रोफाइल पर कुछ दिनों से कोई भी हलचल देखने को नहीं मिली थी। काफी शांत और आधे-अधूरे मन से एक्टिव रही हूं। जैसा कि मशहूर भारतीय कहावत है – क्या करें?’ उन्होंने आगे कहा, ‘कागजी कार्रवाई की थकान और चल रही चिकित्सा प्रक्रिया की चिंता के कारण पिछले कुछ हफ्तों से मैं बहुत व्यस्त रहीं। लेकिन, अब जब मैं इस अनुभव के दूसरे पहलू से उभर रही हूं तो मैं इंस्टाग्राम पर कहानी सुनाना कर बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। आप देखिए कि अस्पताल में उदास चेहरों के अलावा कुछ भी नहीं है जो याद दिलाए कि जीवित रहना और अपनी आवाज का क्या मतलब है! इसलिए और अधिक सिनेमाई किस्से, फिल्मी इतिहास, फैशन और भी चीजों की अपेक्षा कर सकते हैं। क्या कोई ऐसा विषय है जिसके बारे में आप चाहते हैं कि जिसके बार में मैं लिखूं? तो मुझे कमेंट बॉक्स में बता दें और मैं निश्चित रूप से मैं उनमें से कुछ स्पेशल चीजों पर जरूर चर्चा करूंगी।’

इंस्टाग्राम की बताई हकीकत

इंस्टाग्राम पर अपने दो साल के सफर को चिह्नित करते हुए, उन्होंने लिखा, ‘एक अलग बात यह है कि मैंने फरवरी में सोशल मीडिया पर दो साल पूरे किए और इस अप्रैल में 800,000 फॉलोअर्स को पार कर लिया। मैंने इस सफर की शुरुआत घबराहट के साथ की थी जो सशक्तिकरण में बदल गई और फिर मोह माया से मुक्ति हो गई और अब नई जिज्ञासा में बदल गई है! मुझे यह प्लेटफॉर्म जो कुछ भी करने की अनुमति देता है, वह मुझे पसंद है, लेकिन मोनेटाइज सोशल मीडिया की चालबाजियों में कुछ ऐसा है जो परेशान करने वाला है। चूंकि मैं यहां आपसे जुड़ती हूं और कभी-कभी इस अकाउंट से पैसे भी कमाती हूं, इसलिए मेरे लिए आपको यह याद दिलाना बहुत जरूरी है कि इंस्टाग्राम हकीकत नहीं है। साधारण टीवी और प्रिंट विज्ञापनों के दिन चले गए जहां यह स्पष्ट था – सेलेब कुछ बेचता है। अब विज्ञापन धोखाधड़ी और भ्रम है, फॉलोअर खरीदे जा सकते हैं, छवियों को पहचाने बिना फोटोशॉप किया जा सकता है और लाइक बनाए जा सकते हैं! यह मेरे लिए गर्व की बात है कि हमने इन सीमा रेखा वाले अनैतिक हथकंडों में खोए बिना इस जगह अच्छी पहचान बनाई है।’

चेन्नई की उम्मीदों को लगा झटका, प्लेऑफ से बाहर होते ही धोनी का दर्द आया सामने

चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम को अपने ही घर यानी चेन्नई में एक और हार का मुंह देखना पड़ा है। वैसे तो अभी तक चेन्नई प्लेऑफ की रेस से बाहर हैं, लेकिन अब तो कोई चमत्कार ही उसे वहां तक पहुंचा सकता है। टीम अभी भी दसवें नंबर पर है। अब तक खेले गए 9 में से टीम को केवल दो में ही जीत नसीब हुई है। इस बीच हार के बाद धोनी का भी दर्द छलकता हुआ दिखाई दिया। इस हार ने जरूर उन्हें काफी दुख दिया होगा।

हैदराबाद ने चेन्नई को 5 विकेट से हराया

हैदराबाद की टीम ने चेन्नई को 5 विकेट से हरा दिया है। मैच के बाद सीएसके के कप्तान एमएस धोनी काफी दुखी दिखाई दिए। जब उनसे इस हार का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम लगातार विकेट खोते रहे, इसने टीम को बड़ा स्कोर नहीं करने दिया। धोनी ने कहा कि एक और बात यह है कि पहली पारी में विकेट थोड़ा बेहतर था और 157 रन अच्छा स्कोर नहीं था। उन्होंने कहा कि यह बहुत ज्यादा टर्न नहीं कर रहा था। काफी कुछ थोड़ा दो-तरफा विकेट था। लेकिन ये कुछ भी असामान्य नहीं था।

धोनी ने की डेवाल्ड ब्रेविस की तारीफ

चेन्नई के कप्तान एमएस धोनी ने कहा कि दूसरी पारी में थोड़ी मदद मिली। हमारे स्पिनर, काफी अच्छे हैं, वे सही एरिया में गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन हम 15-20 रन कम बना पाए। धोनी को लगता है कि डेवाल्ड ब्रेविस ने अच्छी बल्लेबाजी की और टीम को मिडल आर्डर में इसकी जरूरत थी। उनका कहना था कि स्पिनर आते हैं तो आप या तो बल्लेबाजी करते हैं या सही क्षेत्रों को चुनते हैं, लेकिन यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां हम सुधार करना चाहते हैं। अगर एक या दो क्षेत्रों में कमियों को दूर करना है तो यह अच्छा है, लेकिन जब ज्यादा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं तो आपको बदलाव करने की जरूरत होती है। आप बस चलते नहीं रह सकते। हम बोर्ड पर पर्याप्त रन नहीं बना पा रहे हैं।

चेन्नई के अब पांच मैच और बाकी

चेन्नई की टीम अब आईपीएल में इस साल 9 मैच खेल चुकी है और इसमें दो जीतकर केवल चार ही अंक टीम के पास हैं। अभी टीम के पांच मुकाबले बाकी हैं, ऐसे में अगर टीम यहां से सारे के सारे मैच जीत भी जाए तो भी केवल 14 ही अंक हो पाएंगे, इतने अंकों से टीम टॉप 4 में जा सकती है, लेकिन इस बार जो संभावनाएं बन रही हैं, उससे पता चलता है कि इस बार इतने अंकों से बात नहीं बनेगी। देखना होगा कि टीम बचे हुए मैचों में कैसा खेल दिखाती है और धोनी टीम में क्या कुछ बदलाव करते हैं।

मुनरो आइलैंड, केरल: प्रकृति प्रेमियों के लिए जन्नत, जहाँ की अद्भुत खूबसूरती है दिल छू लेने वाली

दक्षिण भारत में जब किसी खूबसूरत राज्य में घूमने की बात होती है, तो बहुत सारे लोग केरल का नाम सबसे पहले लेते हैं। केरल दक्षिण भारत का पर्यटन हब माना जाता है। केरल की खूबसूरती हर दिन हजारों की संख्या में देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां पर स्थित लैगून और बैकवॉटर देखने के लिए लोग केरल पहुंचते हैं। जब भी केरल घूमने की बात होती है, तो लोग सबसे पहले एलेप्पी, कुमारकोम, मुन्नार, वायनाड, वागामों और त्रिशूर जैसी फेमस जगहों पर जाना चाहते हैं। लेकिन मुनरो द्वीप के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मुनरो द्वीप की खूबसूरती, खासियत और यहां पर मौजूद कुछ शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं।

मुनरो द्वीप

केरल के कोल्लम जिले में स्थित मुनरो द्वीप एक अद्भुत और अनोखी जगह है। यह कोल्लम शहर के कुछ किमी की दूरी है। इस द्वीप को कई लोग मुंद्रोथुरुथु के नाम से भी जानते हैं।

केरल में अष्टमुडी झील और कल्लदा नदी के संगम पर यह द्वीप स्थित है। मुनरो द्वीप राजधानी तिरुवनंतपुरम से करीब 90 किमी की दूरी पर है। यह द्वीप एलेप्पी से करीब 87 किमी दूर और कोट्टयम से महज 84 किमी दूर है।

मुनरो द्वीप का इतिहास

मुनरो द्वीप का इतिहास काफी रोचक है। इस आइलैंड के बारे में बताया जाता है कि इसका नाम पूर्व ब्रिटिश निवासी कर्नल मुनरो के नाम पर रखा गया है। बताया जाता है कि जब कर्नल मुनरो ने देखा कि सिंचाई के लिए आसपास के इलाकों में बहुत समस्या हो रही है, तब इस द्वीप का निर्माण करवाया गया था।

मुनरो द्वीप की खासियत

केरल के साथ-साथ दक्षिण भारत का भी यह एक ऐसा आइलैंड है, जो नदी और झील के किनारे स्थित है। मुनरो द्वीप अष्टमुडी झील और कल्लदा नदी के संगम पर स्थित है। जोकि अपने आप में अनोखा है।

इस द्वीप के बारे में कहा जाता है कि यह केरल का छिपा हुआ मोती है, जो करीब 8 द्वीपों से बना हुआ है। यहां पर स्थित बैकवाटर और लैगून पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

सैलानियों के लिए है खास

मुनरो द्वीप अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है और यहां पर हर दिन हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। खासकर जो सैलानी बैकवाटर और लैगून से प्रेम करते हैं, उनके लिए मुनरो द्वीप किसी स्वर्ग से कम नहीं है। वहीं प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यह खास जगह है।

मुनरो द्वीर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ शांत और शुद्ध वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां पर कई पर्यटक बोटिंग का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचते हैं। मानसून में इस द्वीप की खूबसूरती चरम पर होती है।

आसपास घूमने की जगहें

मुनरो द्वीप के आसपास कई शानदार और मनमोहक जगहें हैं। ऐसे में आप इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। आप यहां पर अष्टमुडी झील, वेस्ट एंड ईस्ट कल्लाडा और थेवलक्करा गांव को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं।

कैसे पहुंचे मुनरो द्वीप

बता दें कि मुनरो द्वीप पहुंचना आसान है। इसके पास में कोल्लम रेलवे स्टेशन है, जोकि यहां से 27 किमी दूर है। वहीं अगर आप हवाई मार्ग से जाना चाहते हैं, तो यहां पर सबसे पास त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट जोकि 80 किमी दूर है। ऐसे में आप एयरपोर्ट से कैब या टैक्सी करके मुनरो द्वीप जा सकते हैं।

पार्टनर के साथ हफ्ते में एक बार इंटिमेसी, डिप्रेशन के लक्षणों में कमी ला सकती है

आज की पीढ़ी के लिए मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ा चुनौती बन गया है। तेजी से बदलती दुनिया में, लोग कई तरह के दबावों और तनावों का सामना कर रहे हैं, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। सोशल मीडिया, अकादमिक दबाव, और व्यक्तिगत संबंधों में समस्याएं जैसे कई कारक मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। इसीलिए, मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इसके महत्व को समझना बहुत जरूरी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 280 मिलियन लोग अवसाद से पीड़ित हैं, जो वयस्क आबादी के 5% को प्रभावित करता है। अवसाद का बोझ युवा वयस्कों, कम आय वाले परिवारों और सीमित शिक्षा वाले लोगों में अधिक है। हालांकि प्रभावी उपचार उपलब्ध हैं, फिर भी अवसाद का प्रभाव बहुत अधिक है। लेकिन नए शोध से पता चलता है कि जीवनशैली में छोटे बदलाव भी मानसिक स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

चीन में शान्ताउ यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज के शोधकर्ताओं द्वारा हाल ही में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि एक ऐसी चीज जो लोगों को अवसाद से उबरने में मदद कर सकती है, वह है यौन गतिविधियां। अध्ययन में 20 से 59 वर्ष की आयु के 15,794 अमेरिकी वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया। निष्कर्षों के अनुसार, जो व्यक्ति सप्ताह में एक या दो बार यौन गतिविधि में संलग्न होते हैं, उनमें अवसाद के लक्षण दिखने की संभावना कम होती है।

वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि मूड को बेहतर बनाने वाले प्रभावों के लिए यौन गतिविधि के दौरान एंडोर्फिन और डोपामाइन जैसे हार्मोन के प्राकृतिक रिलीज को श्रेय दिया जा सकता है। एंडोर्फिन और डोपामाइन हार्मोन खुशी, जुड़ाव और तनाव से राहत की भावनाओं को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। मानसिक स्वास्थ्य में वृद्धि 20 से 30 वर्ष की आयु के प्रतिभागियों में विशेष रूप से उल्लेखनीय पाई गई।

अध्ययन के सह-लेखक प्रोफेसर मुटोंग चेन ने इस बात पर जोर दिया कि यौन गतिविधियां समग्र स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल शारीरिक आनंद के बारे में नहीं है, बल्कि इससे मिलने वाले भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक लाभों के बारे में भी है।

अवसाद से बचने के लिए नियमित व्यायाम, स्वस्थ आहार, पर्याप्त नींद और सामाजिक समर्थन महत्वपूर्ण हैं। तनाव प्रबंधन के लिए योग और ध्यान जैसी तकनीकें मददगार हो सकती हैं। नकारात्मक विचारों को सकारात्मक में बदलने और समय-समय पर छुट्टी लेकर मनोरंजन करने से भी फायदा हो सकता है। यदि अवसाद के लक्षण दिखाई दें, तो मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से संपर्क करना आवश्यक है।