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चीन की चालबाज़ी हुई बेनकाब! पाकिस्तान का समर्थन करते हुए शांति की बात की — जानें उसने क्या कहा

इस्लामाबाद: पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर इस्लामाबाद और दिल्ली के बीच तनाव के बीच सोमवार को चीनी राजदूत जियांग जैदोंग ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात की।  चीनी राजदूत ने कहा कि चीन दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान का हमेशा समर्थन करेगा। सरकारी ‘रेडियो पाकिस्तान’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जैदोंग ने राष्ट्रपति जरदारी से मुलाकात की और पाकिस्तान एवं भारत के बीच तनाव सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

भारत के रुख पर जताई चिंता 

बैठक के दौरान राष्ट्रपति जरदारी ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत की ओर से हाल में उठाए गए कदमों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा है। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध और खराब हो गए हैं। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।

 चीन और पाकिस्तान के बीच मजबूत रिश्ते

‘रेडियो पाकिस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राजदूत ने चीन और पाकिस्तान के बीच रिश्ते को मजबूत बताया, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण समय में हमेशा एक-दूसरे का समर्थन किया है। जियांग जैदोंग ने पाकिस्तान का दृष्टिकोण साझा करने के लिए राष्ट्रपति जरदारी को धन्यवाद दिया और इस बात पर जोर दिया कि “दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की दोनों देशों की साझा इच्छा को पूरा करने के लिए चीन हमेशा पाकिस्तान का समर्थन करेगा।” चीनी राजदूत ने बीते सप्ताह बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की थी।

‘भारत और पाकिस्तान को संघर्ष से बचना चाहिए’, UN महासचिव का अहम बयान — जानिए उन्होंने क्या कहा।

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पिछले कई सालों में सबसे ज़्यादा है। दोनों देशों के बीच बनी युद्ध की स्थिति को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि, मैं दोनों देशों की सरकारों और लोगों का बहुत सम्मान करता हूं और उनके प्रति बहुत आभारी हूं, इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र के काम में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए भी, खासकर संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना के लिए। और इसलिए मुझे यह देखकर दुख होता है कि दोनों देशों के रिश्ते इतने ख़राब हो गए हैं।

युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं

गुटेरेस ने कहा कि मैं 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले के बाद की भावनाओं को समझता हूं। मैं एक बार फिर उस हमले की कड़ी निंदा करता हूँ और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। नागरिकों को निशाना बनाना हर हाल में अस्वीकार्य है, और ज़िम्मेदार लोगों को विश्वसनीय, वैध तरीकों से न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। लेकिन इस बीच दोनों देशों को सैन्य टकराव से बचना भी ज़रूरी है, जो आसानी से नियंत्रण से बाहर हो सकता है, ख़ास तौर पर इस महत्वपूर्ण समय में।

युद्ध से बचने का समय है

उन्होंने कहा कि अब अधिकतम संयम और युद्ध की कगार से पीछे हटने का समय है। दोनों देशों के साथ अपने निरंतर संपर्क में यही मेरा संदेश रहा है। कोई गलती न करें, सैन्य समाधान कोई समाधान नहीं है, और मैं शांति की सेवा में दोनों सरकारों को अपना आशीर्वाद प्रदान करता हूं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कहा, “संयुक्त राष्ट्र किसी भी ऐसी पहल का समर्थन करने के लिए तैयार है जो तनाव कम करने की कूटनीति और शांति के लिए नई प्रतिबद्धता को बढ़ावा दे।” बता दें कि 22 अप्रैल को कश्मीर की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

पाकिस्तान के रक्षामंत्री का बड़ा बयान — “भारत कभी भी LoC के पास हमला कर सकता है”

इस्लामाबाद: भारत के जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के बाद से पाकिस्तान लगातार डरा हुआ है। इस बार फिर पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर सकता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोमवार को चेतावनी दी कि भारत कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास किसी भी समय सैन्य हमला कर सकता है। उनके इस बयान से पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। आसिफ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों परमाणु हथियार संपन्न देशों के बीच तनाव चरम पर है।

बता दें कि आसिफ ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऐसी खबरें हैं कि भारत नियंत्रण रेखा के पास किसी भी स्थान पर हमला कर सकता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर भारत ने ऐसा किया तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।’’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर “राजनीतिक लाभ के लिए क्षेत्र को परमाणु युद्ध के कगार पर धकेलने” का आरोप लगाया। आसिफ ने निराधार आरोपों को दोहराते हुए कहाकि “नयी दिल्ली खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है।” उन्होंने दावा किया, ‘‘हमने 2016 और 2017 में संयुक्त राष्ट्र को सबूत मुहैया कराए थे।

पहलगाम हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग

ख्वाजा ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने (पहलगाम) हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। जांच से यह पता चल जाएगा कि भारत खुद या कोई आंतरिक संगठन इसमें शामिल था या नहीं और नयी दिल्ली के बेबुनियाद आरोपों के पीछे की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।’’ बता दें कि इससे पहले पिछले हफ्ते पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता तरार ने भी कहा था कि भारत की ओर से संभावित हमले की आशंका के चलते 24-36 घंटे महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, समय बीत गया और भारत की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर ने सोमवार को एक बार फिर कहा कि पाकिस्तान अपनी ‘राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और लोगों की समृद्धि’ की रक्षा के लिए पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई करेगा।

येरूशलम: इज़रायल और यमन के बीच छिड़ा भीषण युद्ध, IDF के तबाही मचाते हमलों से हूतियों पर कहर — दहल उठा आसमान

इजरायल और यमन के हूतियों के बीच अब महाभीषण युद्ध का आगाज हो चुका है। इजरायली सेना ने यमन की ओर से तेल-अवीव हवाई अड्डे पर किए गए ताकतवर मिसाइल हमले का महाविनाशकारी जवाब दिया है। इजरायली सेना (आईडीएफ) के हमले से यमन की धरती सिहर उठी और आसमान थर्रा गया है। यह हमला इतना अधिक विनाशकारी था कि बमों की गड़गड़ाहट से पूरे यमन में हाहाकार मच गया है। आग की लाल रंग वाली लपटें यमन के आसमान को चूम रही हैं।

इजरायल के इस महाभीषण हमले का वीडियो भी सामने आया है, जिसे देखकर ही इसकी भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इजरायल की सेना ने बताया कि उसने यमन में लाल सागर के किनारे स्थित होदेदा शहर में हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक साथ कई फाइटर जेटों से बड़े हवाई हमले किए। यह हमला ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा इजरायल के मुख्य हवाई अड्डे पर मिसाइल दागे जाने के एक दिन बाद किया गया।

बड़ी संख्या में मौतों की आशंका

इजरायल की ओर से किए गए इस बड़े हवाई हमले में सैकड़ों हूतियों समेत अन्य लोगों की मौत की आशंका है। हालांकि अभी तक मौतों का आंकड़ा सामने नहीं आया है। इजरायली हमले के कई डरावने वीडियो सोशल मीडिया पर विभिन्न हैंडल से शेयर किए गए हैं, जिसे देखकर इसकी भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।  हूती विद्रोहियों के मीडिया कार्यालय ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने सोमवार दोपहर कम से कम छह हमले किए, जो महत्वपूर्ण होदेदा बंदरगाह को निशाना बनाकर किए गए। विद्रोहियों ने कहा कि अन्य हमलों में होदेदा प्रांत के बाजिल जिले में एक सीमेंट फैक्टरी को निशाना बनाया गया।

एक साथ बरसाये 50 से ज्यादा शक्तिशाली बम

इजरायली सेना ने यमन के होदेदा शहर पर एक साथ 50 से ज्यादा शक्तिशाली इजरायली बम बरसाये। इन हमलों से यमन में हाहाकार मच गया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस पूरे ऑपरेशन को लाइव देखा। उन्होंने प्रण लिया है कि फिलिस्तीन में हमास और लेबनान में हिजबुल्लाह के बाद अब यमन के हूतियों का इजरायली सेना सर्वनाश करके ही दम लेगी।

The Filmy Hustle Exclusive:जिंदगी और मौत के बीच बॉलीवुड की शक्ति का हुआ एहसास, कबीर खान ने शेयर किया अनकहा किस्सा

 ‘एक था टाइगर’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘चंदू चैंपियन’ और ’83’ जैसी फिल्मों के लिए मशहूर बॉलीवुड डायरेक्टर कबीर खान फिल्म इंडस्ट्री में अपनी दमदार फिल्मों की कहानियों के लिए जाने जाते हैं। वह अपने 9 साल के फिल्मी करियर में कई हिट फिल्में दे चुके हैं। डायरेक्टर ने अब इंडिया टीवी के ‘द फिल्मी हसल’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान खुलासा किया कि एक वक्त जब उन्हें जिंदगी और मौत का सामना करना पड़ा था। जब वह अपनी फिल्म ‘काबुल एक्सप्रेस’ की शूटिंग के लिए अफगानिस्तान गए थे। उस वक्त उन्होंने हिंदी सिनेमा के लिए काम करने की कसम खाई थी।

कबीर खान का मौत से हुआ सामना

2006 में एडवेंचर थ्रिलर ‘काबुल एक्सप्रेस’ से फीचर फिल्म निर्देशन की शुरुआत करने वाले कबीर खान ने बताया कि जब वो अपनी पहली फिल्म की शूटिंग के लिए अफगानिस्तान गए थे तो वहां उन्होंने किस डर का सामना किया था। इंडिया टीवी से बात करते हुए कबीर ने बताया, ‘सच कहूं तो वो मेरे लिए बहुत डरावना वक्त था जो कुछ भी वहां हुआ वो एक तरह से हमारी मौत का संकेत था।’ फिल्म निर्देशक ने खुलासा किया, ‘असल में हुआ ये कि हमने फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी। हम पूरी दुनिया में पहली ऐसी टीम थे जो तालिबान के बाद अफगानिस्तान में फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। उस वक्त हमारी हालत ऐसी हो गई थी कि मुझे एहसास हो गया कि अब बॉलीवुड में काम करना है। 2001 में हमें शूटिंग के लिए अफगानिस्तान जाना था, लेकिन हम हिंदुस्तानी थे तो कोई आसान जारिए नहीं था हमारे पास वहां जाने का। इसलिए हमें ताजिकिस्तान से होते हुए जाना पड़ा। वहां लैंडस्लाइड हो गया और हमने सोच हम एक हेलीकॉप्टर लेंगे, लेकिन वो एक दिन पहले क्रैश हो गया।

कबीर खान 14 दिन बाद हुए डर से आजाद

बॉलीवुड डायरेक्टर ने कहा, ’14 दिन हो गए और हमने सोचा अब यहां से निकल जाते हैं, लेकिन फिर सोचा एक बार और कोशिश करते हैं। वहां हमें एक रशियन हेलीकॉप्टर दिखी जो हेल्थ इक्विपमेंट के साथ दिखाई दिए और हमने भारतीय जुगाड़ लगाया उसे 2000 डॉलर दिए जो भारतीय रुपये के अनुसार 1,68,421.50 थे। उसने हमें पहाड़ों के बीच कूदने को कहा और हमें अपनी जान बचाने के लिए उस उंचाई से कूदना पड़ा। वहां एक आदमी हमें देख गुस्सा हो रहा था कि हम कौन है जो ऐसे आए हैं। उस वक्त वो अनजान इंसान हमारे पास से निकाला और हंसाते हुए गाना गाने लगा मेरे सपनों की रानी कब आएगी। ये सुनते ही मैंने तय कर लिया कि अब हिंदी सिनेमा के लिए काम करना है। वहीं से मेरी फिल्म बनाने की जर्नी शुरू हो गई।’