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मौत के साए में भी डटी रहीं ये एक्ट्रेस, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी नहीं रोक सकी उनके हौसले और सपनों की उड़ान।

टीवी की संस्कारी बहू से लेकर कान्स में अपने फैशन सेंस से चर्चा में रही ये एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि हिना खान हैं। हिंदी और पंजाबी फिल्मों में अपना दमखम दिखा चुकी हिना भारतीय टेलीवीजन में सबसे अधिक भुगतान पाने वाली टीवी अभिनेत्रियों में से एक है, जिन्होंने साल 2009 में सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। इस शो में अक्षरा का किरदार निभा हिना खान घर-घर मशहूर हो गईं। जबरदस्त नेम फेम हासिल करने के बाद एक्ट्रेस ने राजन शाही के सीरियल को 2016 में अलविदा कह दिया और इसके बाद उन्होंने टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस 11’ और खतरों के खिलाड़ी सीजन 8 में हिस्सा लिया था। हालांकि वह फिल्मों में कुछ खास नहीं कर पाईं। टीवी की सुपरस्टार हिना खान कैंसर से लड़ते हुए भी अपनी प्रोफेशनल लाइफ को बेखौफ होकर मैनेज कर रही हैं।

कैंसर से बेखौफ एक्ट्रेस पूरे कर रही सपने

हिना खान ने जब गुरुवार (5 सितंबर) शाम इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा कर बताया था कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर हो गया है, जिसके बाद भी एक्ट्रेस अपने काम को पूरी ईमानदारी से कर रही हैं और कैंसर के लिए कीमोथेरेपी भी ले रही हैं। एक्ट्रेस की हिम्मत देखने के बाद से फैंस उन्हें शेरनी बुलाने लगे। हाल ही में एक्ट्रेस ने अपने साउथ कोरिया ट्रिप की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। हिना की लेटेस्ट पोस्ट खूब वायरल हो रहे हैं। लेकिन खास बात यह है कि कैंसर से जूझ रही हिना ने एक खुशखबरी भी दी है। जी हां, उन्होंने बताया कि वह अपना हर सपना पूरा कर रही हैं। हिना ने पोस्ट में बताया था कि ‘कोरिया टूरिज्म’ के एंबेसडर के रूप में उन्हें नियुक्त किया गया है। टीवी की टॉप एक्ट्रेस हिना खान बीते कुछ समय से ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही हैं। वो ब्रेस्ट कैंसर के तीसरे स्टेज पर हैं और कीमोथेरेपी ले रही हैं। हिना खान 11 साल से रॉकी जायसवाल संग रिलेशनशिप में हैं, लेकिन दोनों ने अभी तक शादी नहीं की है। इस मुश्किल घड़ी में हिना खान की देखभाल भी उनके बॉयफ्रेंड रॉकी कर रहे हैं।

किरदार बने हिट करियर की वजह

वहीं 2018 में हिना खान ने ‘कसौटी जिंदगी’ से छोटे पर्दे पर धामकेदार कमबैक कर तहलका मचा दिया और साबित कर दिया कि टीवी सुपरस्टार असल में कौन है। इसमें वह कोमोलिका के किरदार में नजर आईं और इसके बाद वह एकता कपूर के सबसे चर्चित सुपरनेचुरल शो ‘नागिन’ में दिखीं, जिसके बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया में एंट्री करने का फैसला किया और फिल्म ‘हैक्ड’ से बॉलीवुड में कदम रखा। फ्लॉप फिल्म करियर के बाद हिना खान ने कुछ समय के लिए एक्टिंग से ब्रेक ले लिया था।

“वह एक असली योद्धा हैं” – जो बाइडेन के कैंसर से प्रभावित होने पर डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस ने जताई संवेदना

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे हैं। 82 वर्षीय बाइडेन की हड्डियों तक कैंसर फैल चुका है। जो बाइडेन के दफ्तर ने रविवार को बयान जारी करते हुए ये जानकारी दी। जो बाइडेन की सेहत की गंभीरत स्थिति को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुख जताया और उन्हें जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, मेलानिया और मैं बाइडेन के प्रोस्टेस कैंसर से पीड़ित होने के बारे में सुनकर दुखी हैं। हम जिल और उनके परिवार को अपनी शुभकामनाएं देते हैं और बाइडेन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

कमला हैरिस ने जताया दुख

पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रति अपना समर्थन और प्रार्थना व्यक्त की। कमला हैरिस और उनके पति ने बिडेन की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानने पर दुख व्यक्त किया। कमला हैरिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “डग और मैं राष्ट्रपति बाइडेन के प्रोस्टेट कैंसर के निदान के बारे में जानकर दुखी हैं। इस मुश्किल समय में हमारी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं उनके, डॉ. बाइडेन और उनके पूरे परिवार के साथ हैं।”

उन्होंने कहा, “जो एक योद्धा हैं और मुझे पता है कि वह इस चुनौती का सामना उसी ताकत, लचीलापन और आशावाद के साथ करेंगे, जिसने हमेशा उनके जीवन और नेतृत्व को परिभाषित किया है। हम उनके पूर्ण और शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद करते हैं।”

बाइडेन के कार्यालय ने दी जानकारी

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यालय ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले हफ्ते पेशाब की समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाया था। जांच के दौरान उनको इस खतरनाक बीमारी के होने का पता चला। बाइडेन के कैंसर का ग्लेसन स्कोर 10 में से 9 है। इसका मतलब है कि यह हाई-ग्रेड का कैंसर है। फिलहाल, जो बाइडेन के इलाज के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा: विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का ‘रामरथ’ बना सामाजिक सहभागिता का मंच, 42वीं यात्रा बनीं श्रद्धा का सजीव सेतु, मातृशक्ति के संकल्पों की सारथी

  • ‘रामरथ’ श्रद्धा से व्यवस्था तक, सेवा से संस्कृति तक : डॉ. राजेश्वर सिंह का जन-जुड़ाव का अभिनव मॉड ल
  • सनातन मूल्यों की पुनर्स्थापना का संवेदनशील संकल्प : डॉ. सिंह की फ्री ‘रामरथ’ बस सेवा बनीं एक जनचेतना
  • रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा : आत्मबल, सांस्कृतिक चेतना और सनातन मूल्यों से जुड़ाव का एक गूढ़ माध्यम

लखनऊ: “जहाँ भक्ति होती है, वहाँ व्यवस्था भी दिव्यता का रूप ले लेती है।” सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा नियमित संचालित ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ इसी भावना की जीवंत मिसाल है। सरोजनीनगर क्षेत्र में मातृशक्ति और बुजुर्ग जनों की आस्था को साधनों का सम्बल प्रदान कर रही यह निःशुल्क बस सेवा केवल एक तीर्थयात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि उन वंचितों के लिए एक नवसंकल्प भी है जिन्हें जीवन में कभी अयोध्या जाने का अवसर नहीं मिला।

सोमवार को सम्पन्न हुई 42वीं यात्रा में गहलवारा, दोना, पानखेड़ा और शिवरी के ताराशक्ति केंद्रों (सिलाई केंद्रों) से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं को भव्य राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, सरयू तट, राम की पौड़ी व अन्य पवित्र स्थलों के दर्शन कराए गए। इससे पूर्व की यात्राओं में वृद्धाश्रमों के बुजुर्गों सहित कई गांवों की असहाय माताओं और वयोवृद्ध नागरिकों को भी यह सौभाग्य प्राप्त हो चुका है।

सेवा, श्रद्धा और संस्कार की आदर्श परंपरा

यह निःशुल्क बस सेवा मातृशक्ति और वृद्धजनों के लिए केवल धार्मिक भ्रमण नहीं, बल्कि आत्मबल, सांस्कृतिक चेतना और सनातन मूल्यों से जुड़ाव का एक गूढ़ माध्यम बन चुकी है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों के माध्यम से जीवन दर्शन को आत्मसात करने, आस्था से आत्मविकास की प्रेरणा प्राप्त करने और भारतीय संस्कृति की जड़ों से जुड़ने की यह एक प्रेरक पहल है। यह यात्रा सेवा, श्रद्धा और संस्कार की आदर्श परंपरा भी है।

सेवा की पूर्ण व्यवस्था, श्रद्धा की शुद्ध भावना

इस दिव्य यात्रा को केवल श्रद्धा नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित सेवा-संकल्प सफल बनाता है। डॉ. राजेश्वर सिंह की ओर से यात्रा के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाती हैं: घर से अयोध्या और वापस घर तक सम्पूर्ण यात्रा का निशुल्क प्रबंध, हर बस में प्रशिक्षित वालंटियर्स की उपस्थिति, यात्रा मार्ग में जलपान, प्रसाद और शुद्ध भोजन की समुचित व्यवस्था, अयोध्या में लोकल कन्वेंस हेतु बैटरी रिक्शा की व्यवस्था, प्रत्येक तीर्थयात्री को स्मृति चिन्ह व भक्ति सामग्री के साथ सम्मानपूर्वक विदाई।

एक जनप्रतिनिधि का संवेदनशील दृष्टिकोण:

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मानते हैं कि “आस्था केवल आत्मिक ऊर्जा नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम है।” डॉ. सिंह की यह पहल न केवल जनसेवा का प्रतिमान है, बल्कि एक ऐसी स्थायी परंपरा है जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक श्रद्धा और सम्मान पहुँचाने का कार्य कर रही है। उनका स्पष्ट मानना है,”भक्ति में शक्ति हो, शक्ति में संस्कार हो और संस्कारों से राष्ट्र निर्माण हो यही हमारी भावना, यही इस यात्रा का उद्देश्य है।”

डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा केवल सरोजनीनगर से अयोध्या की ओर ही नहीं, बल्कि उस सामाजिक चेतना की ओर भी अग्रसर है, जहाँ हर व्यक्ति को न केवल धार्मिक अधिकार, बल्कि सांस्कृतिक भागीदारी का भी संपूर्ण अवसर मिले।

गुजरात टाइटंस ने जबरदस्त जीत के साथ इतिहास रचा, T20 क्रिकेट में यह कारनामा करने वाली बनी विश्व की केवल दूसरी टीम

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के 60वें मुकाबले में 18 मई को गुजरात टाइटंस ने धमाकेदार जीत दर्ज की। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मैच में गुजरात ने दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकेट से मात दी और प्वाइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल करते हुए प्लेऑफ का टिकट कटाया। गुजरात ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। दिल्ली कैपिटल्स ने निर्धारित 20 ओवरों में 3 विकेट खोकर 199 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। हालांकि, यह स्कोर गुजरात की बल्लेबाजी के सामने टिक नहीं सका।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की सलामी जोड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। साई सुदर्शन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 61 गेंदों पर नाबाद 108 रनों की पारी खेली। उनके साथ कप्तान शुभमन गिल ने भी धमाल मचाते हुए 93 रन बनाए। दोनों ने मिलकर मात्र 19 ओवर में 205 रन ठोक डाले और टीम को एकतरफा जीत दिला दी। इस तरह गुजरात टाइटंस IPL के इतिहास में बिना एक भी विकेट गंवाए 200 प्लस टारगेट चेज करने वाली पहली टीम बन गई।

गुजरात टाइटंस का बड़ा कारनामा

बता दें, यह IPL में बिना विकेट खोए किसी भी टीम द्वारा सफलतापूर्वक हासिल किया गया सबसे बड़ा लक्ष्य है। इससे पहले सबसे बड़ा लक्ष्य 2017 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात लायंस के खिलाफ 184 रनों का हासिल किया था। आपको जानकर हैरानी होगी कि गुजरात T20 क्रिकेट में बिना विकेट खोए 200 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल करने वाली महज दूसरी टीम बन गई है। इससे पहले सिर्फ पाकिस्तान ने 2022 में कराची में इंग्लैंड के खिलाफ T20I में 200 रन का लक्ष्य हासिल किया था।

GT 2 – 0 DC

IPL 2025 में गुजरात टाइटंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच 2 मुकाबले खेले गए और दोनों ही मैचों में शुभमन गिल की टीम ने बाजी मारी। दिलचस्प बात ये है कि दोनों ही मैचों में गुजरात ने 200 से ज्यादा रनों का लक्ष्य हासिल किया। IPL के एक सीजन में पहली बार ऐसा हुआ है जब एक टीम ने किसी टीम के खिलाफ दोनों मैचों में 200 से ज्यादा रनों का टारगेट चेज किया हो। T20 क्रिकेट में दूसरी बार ऐसा देखने को मिला है। इससे पहले केवल एक टीम बुल्गारिया ने 2022 में सर्बिया के खिलाफ T20 टूर्नामेंट (या सीरीज) में कई बार 200 से ज्यादा रनों का लक्ष्य हासिल करने का बड़ा कारनामा किया था।

Latest Sports News :पंजाब ने 10 साल बाद तोड़ा सूखे का सिलसिला, श्रेयस अय्यर ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाले बने पहले कप्तान

गुजरात टाइटंस ने लोकेश राहुल के शतक पर पानी फेरते हुए 18 मई को अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकेट से रौंदकर न केवल पाइंट्स टेबल में टॉप पर कब्जा जमाया बल्कि प्लेऑफ के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। लगातार तीन जीत के साथ गुजरात टाइटंस के 12 मैच में 18 पाइंट हो गए हैं। गुजरात की जीत के साथ ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स भी प्लेऑफ में पहुंच गई। दोनों टीमों के अब 12 मैच में 17-17 पाइंट हो गए हैं।

इससे पहले पंजाब किंग्स की टीम राजस्थान रॉयल्स को 10 रन से हराकर प्लेऑफ के करीब पहुंच गई। इसके बाद गुजरात ने जैसे ही दिल्ली को हराया तो पंजाब ने प्लेऑफ का टिकट हासिल कर लिया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब ने 10 साल बाद IPL प्लेऑफ में जगह बनाई। इससे पहले पंजाब की टीम साल 2014 में आखिरी बार प्लेऑफ में पहुंची थी। पंजाब अब तक सिर्फ 3 बार ही प्लेऑफ में पहुंची है। टीम ने पहली बार साल 2008 में प्लेऑफ तक का सफर तय किया था।

अय्यर के नाम हुआ अनोखा रिकॉर्ड

पंजाब किंग्स को प्लेऑफ में पहुंचाने के साथ ही कप्तान श्रेयस अय्यर ने कप्तानी में अनोखा रिकॉर्ड बना डाला। अय्यर प्लेऑफ में तीन अलग-अलग टीमों की अगुआई करने वाले पहले कप्तान बन गए हैं। IPL में इससे पहले ये बड़ा कारनामा कोई भी कप्तान नहीं कर पाया था। पंजाब से पहले अय्यर दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स को भी प्लेऑफ में पहुंचा चुके हैं।

उन्होंने अपनी कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स को IPL 2020 के फाइनल तक पहुंचाया था लेकिन टीम खिताब जीतने में नाकाम रही। पिछले सीजन उनकी कप्तानी में कोलकाता की टीम न केवल प्लेऑफ में पहुंची थी, बल्कि IPL का खिताब भी अपने नाम किया था। हालांकि, चैंपियन बनाने के बावजूद KKR ने अय्यर को रिटेन नहीं किया और फिर पंजाब किंग्स ने मेगा ऑक्शन में अय्यर को अपनी टीम में शामिल कर लिया। अब अय्यर के पास पंजाब को चैंपियन बनाने का शानदार मौका है। अगर ऐसा करने में वह सफल होते हैं, तो IPL में 2 टीमों को चैंपियन बनाने वाले पहले कप्तान बन सकते हैं। IPL के इतिहास में आज तक ऐसा देखने को नहीं मिला है।

पंजाब की नजर टॉप-2 पर 

IPL 2025 में अब पंजाब किंग्स के लीग स्टेज में 2 मुकाबले बचे हैं। टीम 24 मई को दिल्ली कैपिटल्स और फिर 26 मई को मुंबई इंडियंस से भिड़ेगी। इन दोनों मैचों में पंजाब की नजर जीत दर्ज करते हुए पाइंट्स टेबल में टॉप-2 में फिनिश करने की होगी।