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डाइट कोक सेहत पर डाल सकता है बुरा असर, जानिए इसके नुकसान और साइड इफेक्ट्स

दुनिया भर में डाइट कोक एक पॉपुलर बेवरेज में से एक है। हेल्थ कॉन्शियस लोग रेगुलर सोडा की जगह कोक जीरो या फिर साइट कोक जैसी ड्रिंक्स पीना पसंद करते हैं। क्योंकि इन ड्रिंक्स में कैलोरी और चीनी नहीं पाई जाती है। इसलिए आज के समय में डाइट कोक का ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है। साल 1950 के दशक में पहली बार डाइट सोडा को डायबिटीज पेशेंट्स के लिए पेश किया गया था। वहीं वेट कंट्रोल करने या फिर चीनी का सेवन कम करने का प्रयास करने वाले लोगों के बीच यह काफी ज्यादा पॉपुलर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डाइट कोक में मौजूद आर्टिफिशियल स्वीटनर और कुछ अन्य इंग्रीडिएंट्स आपके स्वास्थ्य पर निगेटिव असर डाल सकता है। तो आइए जानते हैं डाइट कोक के साइड इफेक्ट्स के बारे में…

डाइट कोक के नुकसान

कैलोरी और चीनी फ्री होने के बाद भी डाइट ड्रिंक्स और ऑर्टिफिशियल स्वीटनर भी स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकते हैं। आप अगर डाइट कोक को फायदेमंद मानते हैं, तो यह उतना फायदेमंद नहीं होता है और यह आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

डायबिटीज और मेटाबोलिक सिंड्रोम

एक रिपोर्ट के मुताबिक डाइट सोडा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम के बढ़ते खतरे के बीच का संबंध है। इन लक्षणों में कोलेस्ट्रॉल का लो लेवल, हाई ब्लड शुगर, एचडीएल (गुड) पेट की चर्बी में वृद्धि, हाई ट्राइग्लिसराइड्स और हाई ब्लड प्रेशर आदि शामिल हो सकता है। मेटाबोलिक सिंड्रोम टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ा देता है।

वेट गेन

कुछ शोध से पता चलता है कि आपका ब्रेन आर्टिफिशियल स्वीटनर वैसी प्रतिक्रिया करता है, जैसे शुगरी स्वीट्स पर करता है। इसको बार-बार खाने से हाई कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों की इच्छा बढ़ सकती है। जिससे वेट बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है।

हाई बीपी

कई अध्ययनों से पता चलता है कि रोजाना सिर्फ एक डाइट सोडा पीने से अनियमित दिल की धड़कन और हाई बीपी सहित हृदय संबंधी समस्याओं के खतरे को बढ़ा सकता है।

दांतों की समस्या

डाइट कोक या फिर सोडा आपके दांतों की हेल्थ को खराब कर सकते हैं। डाइट सोडा में फॉस्फोरिक और साइट्रिक एसिड पाया जाता है, जोकि दांतों के इनेमल को नष्ट कर सकता है। दांतों इनेमल कमजोर होने से दांतों में सेंसिटिविटी हो सकती है। साथ ही दांतों की सतह पर गड्ढे हो सकते हैं और इससे दांतों के रंग में भी बदलाव हो सकता है।

बोन डेंसिटी

बता दें कि डाइट सोडा में फास्फोरस पाया जाता है, जो बोन डेंसिटी को कम कर सकता है। वहीं ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को बढ़ा सकता है। खासकर यह समस्या वृद्ध वयस्कों में हो सकता है।

कम बजट में यात्रा करनी है तो सस्ती फ्लाइट टिकट बुक करने के लिए इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

भले ही आज के समय में जमाना कितना ही आगे बढ़ गया हो, लेकिन आज भी आम आदमी के लिए फ्लाइट से यात्रा करना सपने की तरह है। भारत में आज भी लाखों लोग ऐसे हैं, जिन्होंने कभी फ्लाइट से यात्रा नहीं की होगी। ऐसा नहीं है कि लोग फ्लाइट से यात्रा नहीं करना चाहते हैं, लेकिन फ्लाइट से यात्रा करना आम आदमी के बजट के बाहर लगता है। ऐसे में जो लोग फ्लाइट से यात्रा करना चाहते हैं, वह बजट में फ्लाइट टिकट बुक करने के हैक्स खोजते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपके साथ कुछ ऐसे टिप्स शेयर करने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप सस्ती टिकट बुक कर पाएंगे।

ऐसे बुक करें सस्ती टिकट

अधिकतर लोग फ्लाइट टिकट बुकिंग से दौरान समय का ध्यान नहीं रखते हैं। जब आप अचानक फ्लाइट टिकट बुक करते हैं, तो आपको एक्स्ट्रा पैसे देने होते हैं। क्योंकि उस दौरान टिकट महंगी हो जाती है। इसलिए प्रयास करें कि 10-15 दिन पहले टिकट बुक करें। इससे आपको टिकट थोड़ा सस्ती मिलेगी।

बता दें कि कैलेंडर मैप चेक करना जरूरी है। यदि आप फ्लाइट से कहीं जाने वाले हैं, तो आपको यह जानकारी रखनी चाहिए कि किस दिन टिकट सस्ती है। इसके लिए आप कैलेंडर मैप चेक करते रहें। जब आप टिकट बुक करते हैं, तो आपको डेट सिलेक्शन का ऑप्शन मिलता है। साथ ही महीनों में किस दिन टिकट प्राइस क्या होगा, इसका भी पूरा बजट मिवता है। ऐसे में आप टिकट बुक करने के बाद फ्लाइट स्टेटस भी ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।

साथ ही वीकेंड पर टिकट बुक करना महंगा पड़ सकता है। त्योहार के समय पर भी टिकट महंगी मिलेंगी। इसलिए यात्रा के दौरान वीकेंड का भी ध्यान रखना चाहिए।

अलग-अलग साइट्स पर फेयर कम्पेरिजन करने के बाद ही आपको टिकट बुक करना चाहिए। क्योंकि फ्लाइट टिकट बुकिंग की कई वेबसाइट हैं। जहां पर आपको अलग-अलग टिकट का प्राइस देखने को मिलेगा।

इसके साथ ही डेबिट और क्रेटिड कार्ड के अलावा एप की ओर से मिलने वाले डिस्काउंट को भी चेक करके टिकट बुक करना चाहिए। यह भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

आप लो-कॉस्ट एयरलाइंस में टिकट बुक कर सकते हैं। भारत में कई ऐसी एयरलाइन्स हैं, जिनसे आप सस्ती यात्रा कर सकते हैं।

वॉशिंगटन: ट्रंप और रामाफोसा की बैठक में देखने को मिला जबरदस्त ड्रामा, जानिए पूरी घटना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ मुलाकात के दौरान तीखी बहस की और इस दौरान भरपूर ड्रामा देखने को मिला। ट्रंप ने इल्जाम लगाया कि साउथ अफ्रीका में गोरे किसानों की व्यवस्थित ढंग से हत्या हो रही है। उन्होंने ओवल ऑफिस की लाइट्स धीमी करके एक वीडियो भी चलाया, जिसमें एक कट्टरपंथी नेता ‘किल द फार्मर’ (किसान को मारो) के नारे वाला गाना गा रहा था। ट्रंप ने कुछ न्यूज़ आर्टिकल्स भी दिखाए और कहा कि गोरे किसानों को ‘भयानक मौत’ का सामना करना पड़ रहा है।

‘साउथ अफ्रीका में गोरे किसानों का हो रहा नरसंहार’

ट्रंप ने पहले ही साउथ अफ्रीका को दी जाने वाली सारी अमेरिकी मदद रोक दी थी और कई गोरे साउथ अफ्रीकन किसानों को अमेरिका में शरणार्थी के तौर पर बुलाया था। उनका दावा है कि साउथ अफ्रीका में गोरे किसानों का ‘नरसंहार’ हो रहा है। ट्रंप ने साउथ अफ्रीका की अश्वेत नेतृत्व वाली सरकार पर कई इल्जाम लगाए, जिसमें गोरे किसानों की जमीन छीनने, गोरों की विरोधी नीतियां लागू करने और अमेरिका विरोधी विदेश नीति अपनाने जैसे आरोप शामिल हैं।

ट्रंप के इल्जामों का रामाफोसा ने सख्ती से किया खंडन

रामाफोसा ने ट्रंप के इल्जामों का सख्ती से खंडन किया। उन्होंने कहा, ‘हम इन इल्जामों के पूरी तरह खिलाफ हैं। यह हमारी सरकार की नीति नहीं है।’ रामाफोसा इस मुलाकात में दोनों देशों के रिश्तों को सुधारने और सच सामने लाने की कोशिश में आए थे। रामाफोसा ने पूरी मीटिंग के दौरान कई बार हल्की-फुल्की बातों से माहौल को सही करने की भी कोशिश की। बता दें कि साउथ अफ्रीका और अमेरिका के रिश्ते 1994 में रंगभेद (अपारथाइड) खत्म होने के बाद से सबसे खराब दौर में हैं

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में चलवाया जूलियस मालेमा का वीडियो

ट्रंप ने मुलाकात की शुरुआत में ही पत्रकारों के सामने एक बड़ा टीवी सेट लगवाया और उसमें एक वीडियो चलाया। वीडियो में साउथ अफ्रीका की विपक्षी पार्टी के नेता जूलियस मालेमा एक पुराना रंगभेद-विरोधी गाना गा रहे थे, जिसमें ‘किल द बोअर’ और ‘शूट द बोअर’ जैसे बोल थे। ‘बोअर’ शब्द का मतलब गोरा किसान होता है। यह गाना साउथ अफ्रीका में सालों से विवाद का विषय रहा है। मालेमा की पार्टी साउथ अफ्रीका की सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा नहीं है।

ट्रंप ने सड़क किनारे सफेद क्रॉस का वीडियो भी दिखाया

ट्रंप ने एक और वीडियो दिखाया, जिसमें सड़क किनारे सफेद क्रॉस दिखाए गए, जिन्हें उन्होंने गोरे किसानों की कब्रों का मेमोरियल बताया। रामाफोसा ने हैरानी जताते हुए कहा, ‘मुझे नहीं पता यह कहां है, मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा।’ वहीं, साउथ अफ्रीका के एक्सपर्ट्स का कहना है कि व्हाइट लोगों को उनके रंग की वजह से निशाना नहीं बनाया जा रहा। उनका कहना है कि साउथ अफ्रीका में क्राइम रेट बहुत ज्यादा है, और सभी नस्लों के किसान हिंसक चोरी और हमलों का शिकार होते हैं।

‘लोग जान बचाने के लिए साउथ अफ्रीका से भाग रहे’

ट्रंप ने रामाफोसा से कहा, ‘लोग अपनी जान बचाने के लिए साउथ अफ्रीका से भाग रहे हैं। उनकी ज़मीन छीनी जा रही है और कई मामलों में उनकी हत्या हो रही है।’ रामाफोसा ने जवाब दिया कि उनकी सरकार ऐसी किसी नीति का समर्थन नहीं करती। ट्रंप ने मुलाकात की शुरुआत में रामाफोसा को ‘कई हलकों में सम्मानित नेता’ बताया, लेकिन साथ ही कहा कि ‘कुछ जगहों पर वे थोड़े विवादास्पद हैं।’ रामाफोसा ने हल्के अंदाज में जवाब दिया, ‘हम सब ऐसे ही हैं’। दरअसल, उनका इशारा ट्रंप से जुड़े विवादों की तरफ था।

अमेरिका की नाराजगी की और भी वजहें हैं

ट्रंप प्रशासन साउथ अफ्रीका की कुछ नीतियों से नाराज है। फरवरी में ट्रंप ने एक आदेश जारी कर साउथ अफ्रीका को दी जाने वाली सारी मदद रोक दी थी। उन्होंने साउथ अफ्रीका की सरकार पर श्वेत विरोधी नीतियां अपनाने और हमास व ईरान का समर्थन करने का इल्जाम लगाया था। इसके अलावा, साउथ अफ्रीका ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में इजरायल के खिलाफ गाजा में नरसंहार का इल्जाम लगाया, जिससे ट्रंप प्रशासन और नाराज है। रामाफोसा का ईरान की टेलीकॉम कंपनी MTN ग्रुप से पुराना रिश्ता भी विवाद का कारण बना।

जेलेंस्की जैसी स्थिति से बचना चाहते थे रामाफोसा

रामाफोसा इस मुलाकात में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की जैसी स्थिति से बचना चाहते थे, जिन्हें फरवरी में ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने व्हाइट हाउस में अपमानित किया था और उन्हें वहां से जाने को कहा गया था। रामाफोसा ने अपनी डेलिगेशन में मशहूर गोल्फर अर्नी एल्स और रेटीफ गूसन को शामिल किया, क्योंकि ट्रंप को गोल्फ बहुत पसंद है। उन्होंने ट्रंप को साउथ अफ्रीका के गोल्फ कोर्स की एक बड़ी किताब भी भेंट की। रामाफोसा ने हल्के अंदाज में कहा कि वे अपनी गोल्फ स्किल्स सुधार रहे हैं।

अपने साथ कई ‘खास’ लोगों को लेकर गए थे रामाफोसा

रामाफोसा के डेलिगेशन में अफ्रीकनर बिजनेसमैन जोहान रूपर्ट भी थे, ताकि ट्रंप के जमीन छीनने के आरोपों पर जवाब दिया जा सके। रामाफोसा ने साउथ अफ्रीका की ट्रेड यूनियनों की अध्यक्ष जिंगिस्वा लोसी को भी बुलाया, जिन्होंने ट्रंप को बताया, ‘साउथ अफ्रीका में हिंसा कई कारणों से है। यह सिर्फ रंग का मसला नहीं, बल्कि क्राइम का मसला है।’ लोसी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में अश्वेत पुरुष और महिलाएं भी भयानक अपराधों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों से मिलकर निवेश और क्राइम कम करने पर काम करने की बात कही।

रामाफोसा के साथ ट्रंप की मीटिंग में मौजूद थे मस्क

दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात में साउथ अफ्रीका में जन्मे एलन मस्क भी मौजूद थे, जो ट्रंप के सलाहकार हैं। मस्क ने साउथ अफ्रीका की सरकार पर श्वेत विरोधी नीतियों का इल्जाम लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि उनकी कंपनी स्टारलिंक को साउथ अफ्रीका में लाइसेंस नहीं मिला, क्योंकि वे ब्लैक नहीं हैं। साउथ अफ्रीका के अधिकारियों का कहना है कि स्टारलिंक ने औपचारिक रूप से आवेदन ही नहीं किया। साउथ अफ्रीका की अफर्मेटिव एक्शन नीतियां विदेशी कंपनियों को 30% हिस्सेदारी अश्वेत या अन्य वंचित समूहों को देने के लिए कहती हैं, जो रंगभेद के दौर में पीड़ित थे।

Weather Update:दिल्ली में आंधी और बारिश के बीच पेड़ उखड़ गए, कई इलाकों में बिजली गुल, BSES ने जारी किया बयान

दिल्ली में मौसम अचानक बदला और ऐसा बदला कि कोई सोच नहीं सकता था। दिल्ली में मई के महीने में ओले गिरे हैं। आज दिन का तापमान 42 डिग्री था और तेज गर्मी से लोग परेशान थे कि अचानक शाम को मौसम का मिजाज बदला और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। आंधी बारिश से गर्मी से तो राहत मिली लेकिन दिल्ली-NCR में सड़क पर चलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग बारिश और ओलों से बचने के लिए शेल्टर खोजते हुए दिखे। कई जगह आंधी की वजह से पेड़ गिरे। सड़क पर ट्रैफिक जाम हो गया। आंधी की वजह से दिल्ली मेट्रो पर भी असर पड़ा। रेड, येलो और पिंक लाइन पर चलने वाली मेट्रो की लाइन में कई चीजें आकर गिरी जिससे ट्रेनों को रोकना पड़ा। नोएडा मेट्रो ने अपने ऑपरेशन को सस्पेंड किया।

दिल्ली-NCR में तेज आंधी-बारिश से भारी नुकसान

दिल्ली, गाज़िबाद, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में देर शाम से तेज़ हवाओं और आंधी-तूफान का जो सिलसिला शुरू हुआ, उससे कई जगह काफी नुकसान पहुंचा। पेड़ उखड़ गए, सड़कों के किनारे लगे होर्डिंग गिर गए, कुछ कारों को भी नुकसान पहुंचा। जो कमजोर मकान थे, वो गिर गए।

दिल्ली से उड़ने वाली कई फ्लाइट्स लेट

दिल्ली में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि कुछ लोग घायल भी हुए हैं। हर जगह पावर सप्लाई पर भी असर पड़ा है। मौसम में अचानक आए इस बदलाव का असर रोड और ट्रेन ही नहीं बल्कि एयर ट्रैफिक पर भी दिखा। मौसम में आए इस बदलाव की वजह से दिल्ली से उड़ने वाली कई फ्लाइट्स लेट भी हुई हैं। खराब मौसम की वजह से दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। श्रीनगर में इंडिगो की फ्लाइट की आपात लैंडिंग हुई है। राहत की बात ये है कि विमान में बैठे सभी 227 यात्री और क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं।

बिजली का पोल गिरने से एक की मौत

दिल्ली के निजामुद्दीन थाने के गेट के बाहर दो कारों के ऊपर पेड़ गिरा जिससे दोनों गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। निजामुद्दीन इलाके में ही बिजली का पोल गिरने से एक व्यक्ति की भी मौत हो गई है। यहां हाई मास्क लाइट का खंभा एक विकलांग के ऊपर गिर गया। विकलांग अपनी ट्राई साइकिल से जा रहा था। इस दौरान खंभे के चपेट में एक गाड़ी भी आ गई।

BSES और टाटा पावर-डीडीएल ने जारी किया बयान

इस बीच दिल्ली में बिजली वितरण करने वाली टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि. (टाटा पावर डीडीएल) और बीएसईएस ने बयान जारी किया है। बीएसईएस ने कहा, तेज हवाओं, बारिश के साथ आंधी और ओलावृष्टि के कारण शहर के कई हिस्सों में बिजली बाधित हुई, जिसका मुख्य कारण बिजली के तारों पर पेड़ और उनकी शाखाएं गिरना था। बीएसईएस संचालन और रखरखाव दल हाई अलर्ट पर हैं, शिकायतों पर ध्यान देने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) को तुरंत तैनात किया गया है। अधिकांश मामलों में, बिजली आपूर्ति तेजी से बहाल की जा रही है। हालांकि, कुछ इलाकों में, गिरे हुए पेड़ों और उनकी शाखाओं से बिजली के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण बहाली में सामान्य से अधिक समय लग रहा है। इसके अलावा गिरे हुए पेड़ों की वजह से यातायात की भीड़ कुछ स्थानों पर हमारी टीमों की आवाजाही में देरी कर रही है। एहतियाती उपाय के रूप में हमें बिजली के झटके को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ क्षेत्रों में अस्थायी रूप से बिजली की आपूर्ति बंद करनी पड़ी। नागरिकों की सुरक्षा और भलाई हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से निलंबित

वहीं, टाटा पावर-डीडीएल ने कहा, “दिल्ली में धूल भरी आंधी के बाद गरज, ओलावृष्टि और बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों जैसे बवाना, नरेला, जहांगीरपुरी, सिविल लाइंस, शक्ति नगर, मॉडल टाउन, वजीराबाद, धीरपुर, बुराड़ी में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। बिजली की लाइनें पेड़ों और शाखाओं के गिरने से क्षतिग्रस्त हो गईं। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, बिजली के झटके से बचने के लिए एहतियात के तौर पर कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति को अस्थायी रूप से निलंबित करना पड़ा। टाटा पावर-डीडीएल की परिचालन और रखरखाव टीमें उच्च स्तर की तत्परता बनाए हुए हैं, जिसमें क्यूआरटी सेवा शिकायतों का तेजी से समाधान कर रहे हैं। अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाली तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारी टीमें क्षतिग्रस्त बिजली बुनियादी ढांचे की तेजी से बहाली और मरम्मत में लगी हुई हैं। हम अपने उपभोक्ताओं के धैर्य की सराहना करते हैं। टाटा पावर-डीडीएल में, आपकी सुरक्षा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

Latest Sports News: IPL इतिहास में पहली बार दिल्ली कैपिटल्स के नाम एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हुआ

इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें सीजन में प्लेऑफ में पहुंचने वाली चौथी टीम का फैसला 21 मई को मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए मुकाबले के साथ हो गया। इस मैच में मुंबई इंडियंस की टीम का दबदबा पूरी तरह से देखने को मिला जिसमें उन्होंने पहले बल्लेबाजी करते हुए जहां 180 रनों का स्कोर बनाया तो वहीं दिल्ली कैपिटल्स की टीम को 121 रनों पर समेटने के साथ मैच को 59 रनों से अपने नाम किया। इसी के साथ मुंबई इंडियंस की टीम ने प्लेऑफ के लिए अपनी जगह को भी पक्का कर लिया। वहीं दिल्ली कैपिटल्स जो सीजन की शुरुआत में प्वाइंट्स टेबल में नंबर-1 पर चल रही थी वह प्लेऑफ के लिए अपनी जगह बनाने से चूक गई। इसी के साथ आईपीएल के 18 साल के इतिहास में दिल्ली कैपिटल्स के नाम एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया।

शुरुआती चार मुकाबले जीतने के बाद भी प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी दिल्ली कैपिटल्स

आईपीएल के अभी तक के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी टीम ने सीजन की शुरुआत शानदार तरीके से करते हुए अपने शुरुआती चारों मुकाबलों में जीत दर्ज की लेकिन बाद में वह टीम प्लेऑफ में अपनी जगह को पक्का करने में कामयाब नहीं हो सकी। दिल्ली कैपिटल्स के नाम अब ये बेहद घटिया रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। अक्षर पटेल की कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत काफी बेहतरीन की थी, जिसमें उन्होंने अपने पहले चार मैचों में लखनऊ, हैदराबाद, चेन्नई और आरसीबी को मात दी थी, इसके बाद उन्हें इस सीजन की अपनी पहली हार का मुंबई इंडियंस के खिलाफ हुए 13 अप्रैल को मुकाबले में मिली।

दिल्ली कैपिटल्स की पिछले 7 मैचों में सिर्फ एक जीत

दिल्ली कैपिटल्स ने इस सीजन की शुरुआत काफी शानदार की थी जिसमें उन्होंने पहले 6 मैचों में से 5 में जीत दर्ज की थी तो वहीं उन्हें सिर्फ एक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। वहीं इसके बाद पिछले 7 मैचों में दिल्ली कैपिटल्स की गाड़ी पूरी तरह से पटरी से उतरी दिखी और वह जहां सिर्फ एक मुकाबला जीतने में कामयाब हो सके तो वहीं 5 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा जबकि एक मैच बारिश के चलते रद्द हो गया था।