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दिग्वेश राठी-मांकड़ विवाद में अब अश्विन ने भी अपना पक्ष रखा है, जिसका बयान सुनकर ऋषभ पंत आग-बबूला हो सकते हैं

आईपीएल 2025 का आखिरी लीग स्टेज मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला गया। इस मैच के आखिरी कुछ ओवर्स में काफी कुछ देखने को मिला। इसी दौरान दिग्वेश राठी ने नॉन स्ट्राइकर एन्ड पर रनआउट करने की कोशिश की। जिसको लेकर क्रिकेट जगत में काफी बातचीत भी हुई। इसी पर अब आर अश्विन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अश्विन का मानना है कि पंत को वो अपील वापस नहीं लेना चाहिए था और अपने गेंदबाज का सपोर्ट करना चाहिए था।

दिग्वेश राठी के सपोर्ट में उतरे आर अश्विन

अश्विन ने LSG के गेंदबाज दिग्वेश राठी का सपोर्ट करते हुए कहा कि एक कप्तान का काम गेंदबाज को सपोर्ट करने का होता है। उन्होंने कहा कि वह पंत के बहुत बड़े फैन हैं। वह लोगों द्वारा निशाना बनाए जाने से पहले इसे फिर से स्पष्ट कर रहे हैं। लेकिन सोचिए, आप राठी के पिता हैं और उनके कप्तान ने करोड़ों लोगों के सामने उनकी आलोचना की। वह वास्तव में हद से आगे बढ़ गए। एक कप्तान का काम गेंदबाज का समर्थन करना है न कि उसे छोटा महसूस कराना।

उन्होंने ये भी कहा कि पंत एक शानदार क्रिकेटर हैं। उन्होंने शानदार शतक बनाया और उन्हें पता है कि वह क्रिकेट में बहुत अच्छा करेंगे। वह उनके लिए इंग्लैंड सीरीज का इंतजार कर रहा हैं, वह यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि पंत इंग्लैंड सीरीज में कैसा प्रदर्शन करते हैं।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल दिग्वेश राठी ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में नॉन-स्ट्राइकर छोर पर बल्लेबाज जितेश शर्मा को रन आउट करने की कोशिश की थी, लेकिन थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद इसे सही नहीं माना और नॉट आउट करार दिया। इस बीच जब थर्ड अंपायर रनआउट अपील के बाद रिप्ले देख रहे थे उस वक्त पंत ने अपील वापस ले ली थी। मैच के बाद ये रनआउट चर्चा का विषय बन चुका है। मुकाबले की बात करें तो पहले बैटिंग करते हुए LSG ने ऋषभ पंत की शतकीय पारी के बदौलत 227 रन बनाए। RCB ने इस लक्ष्य को 6 विकेट रहते हासिल करके इतिहास रच दिया।

Russia-Ukraine Talks: रूस और यूक्रेन के बीच अगली बातचीत की तारीख फाइनल हो गई, लेकिन ट्रंप को इस बात की कोई खबर नहीं है

Russia Ukraine Talks: रूस-यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की अगली तारीख भी तय हो गई है। मगर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस बैठक के बारे में पता ही नहीं चल पाया। जबकि ट्रंप की इच्छा थी कि इस बैठक में वह भी शामिल होते। पिछले बैठक में जेलेंस्की तो मौजूद थे, लेकिन पुतिन उपस्थित नहीं हुए थे। तब ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था, “पुतिन इसलिए बैठक में शामिल नहीं हुए कि मैं वहां नहीं था।’ ‘ट्रंप का मकसद रूस-यूक्रेन में युद्ध विराम कराने की क्रेडिट लेना है, लेकिन वह सफल नहीं हो पा रहे। लिहाजा ट्रंप ने बौखलाहट में अभी कुछ दिन पहले ही पुतिन को यूक्रेन में नरसंहार बढ़ने पर पागल तक कह दिया था। इसी बीच आगामी 2 जून को रूस-यूक्रेन के बीच दूसरी बार वार्ता होने जा रही है।

इस बैठक का खुलासा रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने किया है। उन्होंने अगली रूस-यूक्रेन वार्ता की तिथि का खुलासा करते हुए कहा है कि 16 मई को पहली बैठक के बाद अब 2 जून को इस्तांबुल में अगली वार्ता फिर से शुरू होगी। बता दें कि इससे पहले दोनों पक्षों के प्रतिनिधि 2022 के बाद पहली बार 16 मई को एक ही शहर में मिले थे। बुधवार को एक बयान में लावरोव ने कहा कि रूसी प्रतिनिधिमंडल ने संघर्ष के स्थायी समाधान को प्राप्त करने के लिए अपनी शर्तों को रेखांकित करते हुए एक ज्ञापन तैयार किया है।

इस्तांबुल में मिलेगा रूसी प्रतिनिधि मंडल

लावरोव ने विस्तार से बताया, “रूस के शीर्ष वार्ताकार व्लादिमीर मेडिंस्की के नेतृत्व में हमारा प्रतिनिधिमंडल यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल को यह ज्ञापन प्रस्तुत करने और अगले सोमवार, 2 जून को इस्तांबुल में फिर से शुरू होने वाली सीधी वार्ता के दूसरे दौर के दौरान आवश्यक स्पष्टीकरण प्रदान करने के लिए तैयार है।” लावरोव ने आशा व्यक्त की कि “वे सभी लोग जो शांति प्रक्रिया की सफलता में ईमानदारी से रुचि रखते हैं, और केवल इसके बारे में बातें नहीं करते हैं, वे इस्तांबुल प्रत्यक्ष रूस-यूक्रेन वार्ता के नए दौर का समर्थन करेंगे।”

क्वालीफायर-1 में RCB की प्लेइंग XI कुछ इस अंदाज में हो सकती है, जहां दो मैच जीतने वाले खिलाड़ियों की वापसी हो सकती है

आईपीएल 2025 के प्लेऑफ मुकाबलों की शुरुआत 29 मई से होगी। सबसे पहले क्वालीफायर 1 खेला जाएगा, जहां पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों ही टीमों ने इस सीजन शानदार खेल दिखाया है। इसी वजह से वो लीग स्टेज खत्म होने के बाद पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह बनाने में कामयाब रही। ऐसे में पंजाब और बेंगलुरु की नजरें इस मैच को जीतकर फाइनल में एंट्री करने की होगी। इस बीच आइए हम आपको बताते हैं कि इस क्वालीफायर मैच के लिए RCB की संभावित प्लेइंग XI क्या होगी।

दो धाकड़ प्लेयर्स की हो सकती है प्लेइंग XI में वापसी

लीग स्टेज के आखिरी कुछ मुकाबलों में RCB की टीम कुछ प्लेयर्स के चोटिल होने की वजह से टेंशन में थी। लेकिन LSG के खिलाफ आखिरी लीग मैच के टॉस के दौरान जितेश शर्मा ने कहा था कि अगले मैच में वह बाकी टीम को सरप्राइज देंगे। उनके पास एक फुल स्ट्रेंथ टीम होगी। इसका मतलब है कि पहले क्वालीफायर मैच के लिए टीम में जोश हेजलवुड और टिम डेविड की वापसी हो सकती है। ये दोनों ही प्लेयर्स चोटिल होने की वजह से आखिरी कुछ लीग मैच में नहीं खेल पाए थे। अगर ये दोनों वापसी करते हैं तो फिर यहां से RCB की टीम और भी मजबूत हो जाएगी।

क्या कप्तानी करते हुए दिखेंगे रजत पाटीदार?

RCB के लिए एक चिंता ये भी होगी कि इस मैच में कप्तानी कौन करेगा। दरअसल रेगुलर कप्तान रजत पाटीदार इंजर्ड होने की वजह से इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेल रहे हैं। वह सिर्फ बैटिंग करने के लिए आते हैं। उसके अलावा वह फिल्ड से दूर रहते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में जितेश शर्मा कप्तानी कर रहे हैं। ऐसे में देखना ये होगा कि पाटीदार पूरी तरह फिट होकर इस अहम मुक़ाबले में खेलने के लिए उतरते हैं या नहीं।

विराट कोहली कर रहे हैं RCB के लिए शानदार प्रदर्शन

इसके अलावा RCB उन्हीं प्लेयर्स को मौका देगी जो लखनऊ के खिलाफ मैच के लिए प्लेइंग XI में मौजूद थे। उनके लिए सबसे अच्छी बात ये है कि विराट कोहली इस पूरे सीजन में शानदार फॉर्म में रहे हैं और वह इस वक्त RCB के टॉप रन स्कोरर भी हैं। वह अब प्लेऑफ स्टेज में भी इसी फॉर्म को जारी रखना चाहेंगे।

RCB की संभावित प्लेइंग XI: विराट कोहली, फिल साल्ट, रजत पाटीदार, मयंक अग्रवाल, लियाम लिविंगस्टोन/टिम डेविड, जितेश शर्मा (कप्तान), रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, यश दयाल, नुवान तुषारा/जोश हेजलवुड

पेरिस: फ्रांस में घटी दिल दहला देने वाली दरिंदगी की कहानी

फ्रांस में हैवानियत की हदें पार करते हुए एक हवसी ने 299 बच्चों का रेप कर डाला। डॉक्टर की दरिंदगी की दास्तां सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे, आपके रगों का खून खौल उठेगा, आपका दिमाग हिल जाएगा कि कोई भला ऐसा भी कैसे कर सकता है। इस जुर्म में फ्रांस की एक अदालत ने हवसी डॉक्टर को अब कड़ी सजा सुनाई है। अदालत के फैसले के अनुसार गत दो दशक की अवधि में इस हैवान ने करीब 300 बच्चों का रेप और यौन उत्पीड़न किया।

दोषी ठहराए गए इस डॉक्टर की उम्र में 74-वर्षीय पूर्व सर्जन को बुधवार को 20 साल कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने जोएल ले स्कॉरनेक को 299 बच्चों के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न का दोषी पाया है। ले पर हैवानियत का भूत इस कदर सवार था कि उसने अपने रिश्तेदारों तक को नहीं बख्शा। लिहाजा ले स्कॉरनेक अपने दो रिश्तेदारों समेत चार बच्चों के साथ बलात्कार करने के जुर्म में पहले से 15 साल की सजा काट रहा है। उसे इस मामले में 2020 में दोषी ठहराया गया था।

141 बच्चियों और 158 लड़कों को बनाया शिकार

इस डॉक्टर के खिलाफ पश्चिमी फ्रांस के ब्रिटनी में नया मुकदमा फरवरी में शुरू हुआ और इसने 1989 से 2014 के बीच उत्पीड़न के पैटर्न को उजागर किया। इसकी करतूतों को जानकर आप दंग रह जाएंगे।बताया जा रहा है कि यौन उत्पीड़न के समय ज़्यादातर पीड़ित बेहोश थे या अस्पताल में भर्ती मरीज़ थे। उनकी औसत आयु 11 वर्ष थी। पीड़ितों में 158 लड़के और 141 लड़कियां थीं। ये सभी मासूम इस डॉक्टर की हवस के शिकार बने। न्यायाधीशों ने सजा की अवधि के संबंध में सरकारी अभियोजक की सिफारिशों को मान लिया और मोरबिहान की आपराधिक अदालत ने आदेश दिया कि स्कॉरनेक को कम से कम दो-तिहाई सजा काटनी होगी और उसके बाद वह रिहा किए जाने का पात्र हो सकेगा।

5 साल की भतीजी का भी कर चुका यौन शोषण

स्कॉरनेक ने 299 बच्चों के अलावा अन्य के साथ भी यौन शोषण के आरोपों को स्वीकार किया था। उसने अदालत से कहा कि उसने सबसे पहले 1985 में अपनी भतीजी का यौन उत्पीड़न किया था और तब वह महज़ पांच साल की थी। यह मामले सबसे पहले 2017 में सामने आया जब छह साल की बच्ची ने अपनी मां को बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाले स्कॉरनेक ने उसके साथ अश्लील हरकत की है। उसके घर की तलाशी में 3,00,000 से अधिक तस्वीरें, 650 अश्लील वीडियो फाइल (जिनमें बाल यौन शोषण, पशुओं से यौन संबंध आदि से संबंधित सामग्री शामिल थी), साथ ही कुछ नोटबुक मिलीं, जिनमें उसने बाल यौन अपराध के बारे में बताया था और अपनी गतिविधियों का विवरण लिखा था। इससे उसे पहले बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री रखने के जुर्म में 2005 में चार महीने की सज़ा सुनाई गई थी।

ऋषभ पंत ने RCB से मिली हार के बाद कहा, ‘टी-20 मैच केवल 20 ओवर अच्छा खेलकर नहीं जीता जा सकता’

आईपीएल 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स का अभियान हार के साथ समाप्त हुआ। LSG को अपने आखिरी लीग मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से हार का सामना करना पड़ा। आखिरी मैच में बेंगलुरु की टीम ने लखनऊ के खिलाफ 228 रनों का रिकॉर्ड टारगेट को हासिल करके इतिहास रचा। यह RCB के आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज है। वहीं मैच हारने के बाद ऋषभ पंत काफी निराश नजर आए। उन्होंने बताया कि उनकी टीम इस सीजन क्यों अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई।

ऋषभ पंत ने टीम के प्रदर्शन को लेकर दिया बड़ा बयान

पंत ने माना कि उनकी टीम इस सीजन निरंतरता के साथ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई, इसी वजह से नतीजे उनकी टीम के पक्ष में नहीं रहे। आरसीबी के खिलाफ हार के बाद मैच के बाद पंत कहा कि किसी भी टीम को एक टी-20 मैच जीतने के लिए 40 ओवर तक अच्छा क्रिकेट आखिरकार आपको 40 ओवर का अच्छा क्रिकेट खेलना ही पड़ता है। 20 ओवर अच्छा खेलकर आप टी20 मैच नहीं जीत सकते और यही हमारी कहानी रही है। टूर्नामेंट से पहले हमारे कई प्लेयर्स चोटिल हो गए, जिसका खामियाजा हमें पूरे सीजन भुगतना पड़ा।

पंत ने इस दौरान ये भी बताया कि उन्हें क्या क्या पॉजिटिव चीजें मिली। LSG के कप्तान ने कहा कि जिस तरह से उनकी बल्लेबाजी यूनिट ने प्रदर्शन किया है वो काफी शानदार रहा। कुछ गेंदबाजों ने भी इस सीजन टीम के लिए अच्छा किया है। दिग्वेश राठी उनमें से एक हैं, आवेश ने कुछ महत्वपूर्ण ओवर फेंके। टीम को मौके मिल रहे थे लेकिन वह इसे लंबे समय तक बरकरार नहीं रख पाए।

आईपीएल 2025 में बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं कर पाए पंत

लखनऊ ने मेगा ऑक्शन में ऋषभ पंत को 27 करोड़ में खरीदा था। उसके बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें बड़ी उम्मीदों के साथ कप्तान भी बनाया। लेकिन वह कप्तान और बल्लेबाज के तौर पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। पंत इस सीजन शुरू के 12 पारियों में सिर्फ 151 रन बना पाए थे। लेकिन RCB के खिलाफ आखिरी लीग मैच में उन्होंने शतक लगाकर अपने आंकड़ों में सुधार किया। उन्होंने पूरे सीजन में कुल 14 मैचों की 13 पारियों में 24.52 के औसत से 269 रन बनाए। उनका हाईएस्ट स्कोर नाबाद 118 रन रहा।