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Summer Health Precautions: गर्मी में लापरवाही महंगी पड़ सकती है, जानिए हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय

गर्मियों में अगर थोड़ा भी लापरवाह हो जाएं तो हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है. रोजमर्रा की भागदौड़, काम का प्रेशर और कभी-कभी “इतना क्या होगा” वाली सोच हमें वह जरूरी सावधानियां अपनाने से रोक देती है, जो हमारी सेहत के लिए जरूरी होती हैं. लेकिन थोड़ी सी समझदारी और कुछ आसान उपाय अपनाकर हम इस तपती गर्मी को मात दे सकते हैं. जानिए कैसे

हीट स्ट्रोक के लक्षण

तेज सिरदर्द होना

चक्कर आना या बेहोशी

शरीर का अत्यधिक गर्म हो जाना

बहुत तेज़ बुखार हो जाना

उल्टी या मतली लगना

त्वचा का लाल और सूखा होना

बचने के उपाय 

गर्मी में शरीर से बहुत पसीना निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है. दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं. नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और बेल का शरबत जैसे प्राकृतिक पेय भी फायदेमंद होते हैं.

गर्मी में सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे और तापमान नियंत्रित रहे.

सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक जब धूप सबसे तेज होती है, बाहर जाने से बचें. अगर जाना जरूरी हो, तो छाता, टोपी और सनग्लास का इस्तेमाल करें.

जहां तक संभव हो, दिन के गर्म समय में छाया या ठंडी जगह पर रहें. यदि एयर कंडीशनर उपलब्ध नहीं है, तो पंखे और ठंडे पानी से राहत पाएं.

गर्मी में तली-भुनी और मसालेदार चीजें पचाने में दिक्कत होती है. हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लें जैसे सलाद, फल और दही.

गर्मी में सिर खुला रखने से सीधे धूप लग सकती है जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. सिर पर गमछा, स्कार्फ या कैप जरूर पहनें.

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

छोटे बच्चे और बुजुर्गों को सावधान रहना चाहिए

हृदय या हाई बीपी के मरीज सतर्क रहें

अधिक वजन वाले लोग सावधान रहें

जो लोग दिनभर बाहर काम करते हैं (जैसे मजदूर, ट्रैफिक पुलिस, उन्हें देखभाल करनी होगी

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. 

Health Tips: विटामिन डी कैंसर का कारण भी बन सकता है, जानिए कब यह खतरनाक हो जाता है ?

विटामिन डी शरीर के लिए एक जरूरी न्यूट्रिएंट्स है. यह शरीर में हार्मोन, कैल्शियम, मसल्स, इम्युन फंक्शन के साथ ब्रेन की ए​क्टिविटी में भी अहम भूमिका निभाता है, लेकिन जरूरत से अ​धिक शरीर में इस विटामिन की मात्रा नुकसानदायक भी हो सकती है. ऐसे में ये जान लेना जरूरी है कि हमें हेल्दी बाॅडी के लिए कितना विटामिन डी लेना चाहिए? विटामिन डी की मात्रा अ​धिक होने पर बाॅडी किस तरह रिएक्ट करती है, इसके पांच साइन हम जानेंगे, जब हमें सतर्क होने की जरूरत होती है.

कब हो जाता है खतरनाक?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ महीनों तक रोज 60 हजार आईयू (इंटरनेशनल) विटामिन डी लेने पर शरीर में ये टाॅ​क्सिटी (विषैले पदार्थ) का कारण बन सकता है. इसे विटामिन डी टाॅ​क्सिटी या हाइपरविटामिनोसिस कहते हैं.

विटामिन डी की किसे कितनी जरूरत?

एक साल या उससे अ​धिक बड़े बच्चे, एडल्ट,  प्रेगनेंट या ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं में विटामिन डी की कमी हो सकती है. जिसे पूरा करने के लिए उन्हें रोज 10 माइक्रोग्राम विटामिन डी की जरूरत होती है. एक्सपर्ट्स की ओर से एक साल से छोटे बच्चों के लिए 8.5 से 10 माइक्रोग्राम डेली विटामिन डी की सलाह दी जाती है.

विटामिन डी अ​धिक होने पर ऐसे रिएक्ट करती है बाॅडी

भूख कम लगना: शरीर में विटामिन डी की ओवरडोज होने पर भूख कम लगने लगती है. कुछ खाने का मन नहीं करता है. विटामिन डी की अ​धिक मात्रा  से खून में कै​िल्शयम जमा होना शुरू हो सकता है, जिसे हाइपरकैल्शीमिया कहते हैं. इससे जी मचलना, उल्टी, कमजोरी आदि के लक्षण सामने आते हैं.

पेट में कब्ज: विटामिन डी टाॅ​क्सिटी का असर डाइजेशन सिस्टम पर भी देखने को मिल सकता है. शरीर में कै​िल्शयम कार्बोनेट बढ़ जाने से पेट में बाउल मूवमेंट बिगड़ जाता है.  इससे कब्ज की समस्या होने लगती है.

सुस्ती महसूस होना: थकान और सुस्ती होना शरीर में हाइपरकैल्सीमिया का सामान्य लक्षण है,  जो अ​धिक मात्रा में विटामिन डी के सेवन से हो सकता है. इसका सीधा असर डेली ए​क्टिविटीज पर पड़ता है.

कैंसर का जो​खिम: एक्सपर्ट्स के अनुसार विटामिन डी की अ​धिक मात्रा कैंसर के जो​खिम को बढ़ा सकती है. इसके साथ ही हार्ट डिजीज और बोन फ्रैक्चर का भी रिस्क भी बढ़ सकता है.

बार-बार यूरिन जाना: बार-बार पेशाब जाना भी विटामिन डी ओवरडोज के चलते हो सकता है. हालांकि इस तरह के लक्षण डायबिटीज और किडनी डिजीज में भी देखने को मिल सकते हैं.

बोन पेन: हड्डियों में दर्द विटामिन डी की कमी का एक लक्षण है. लेकिन शरीर में विटामिन डी टाॅ​क्सिटी होने पर भी हड्डियों से जुड़ी समस्या सामने आती हैं.

ऐसे करें खुद का बचाव

एक्सपर्ट्स के अनुसार  फैटी फिश, सैल्मन, ट्यूना, सार्डिन्स, एग याॅक, काॅड लिवर ऑयल और सुबह की सनलाइट शरीर के लिए विटामिन डी आइडल डोज में कारगर हो सकते हैं.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. 

भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को एआई व डिजिटल कौशल प्रशिक्षण का लिया संकल्प: बोले- अगले एक साल में देश को 10 लाख एआई एक्सपर्ट्स की जरूरत होगी

भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को एआई व डिजिटल कौशल प्रशिक्षण का लिया संकल्प: बोले- अगले एक साल में देश को 10 लाख एआई एक्सपर्ट्स की जरूरत होगी
भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को एआई व डिजिटल कौशल प्रशिक्षण का लिया संकल्प: बोले- अगले एक साल में देश को 10 लाख एआई एक्सपर्ट्स की जरूरत होगी
भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को एआई व डिजिटल कौशल प्रशिक्षण का लिया संकल्प: बोले- अगले एक साल में देश को 10 लाख एआई एक्सपर्ट्स की जरूरत होगी
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा- भारत में एआई क्रांति, 14 गुना वर्कफोर्स वृद्धि से वैश्विक नेतृत्व की ओर
  • स्टैनफोर्ड एआई इंडेक्स 2024: भारत की एआई स्किल स्कोर अमेरिका और जर्मनी से आगे 2.8
  • उत्तर प्रदेश में एआई नवाचार की शुरुआत: ₹100 करोड़ की सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रोजेक्ट्स

लखनऊ : सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्रांति पर विस्तृत विचार साझा करते हुए कहा कि AI सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि भारत के आत्मनिर्भर भविष्य का इंजन है। Stanford AI Index 2024 के अनुसार, भारत का AI स्किल स्कोर 2.8 है जो अमेरिका (2.2) और जर्मनी (1.9) से भी आगे है। 2016 से 2023 के बीच भारत में AI वर्कफोर्स 14 गुना बढ़ी है, और 2026 तक 10 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होगी। भारत जेनरेटिव AI में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है, जहाँ 80% कंपनियाँ AI को प्राथमिकता दे रही हैं।

विधायक ने आगे जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने नीति निर्माण और शिक्षा में AI को केंद्र में रखा है। AICTE के अनुसार, B.Tech सीटों में 14.9 लाख तक की वृद्धि हुई है और भारत का AI बाजार 2025 तक $28.8 बिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ₹100 करोड़ की लागत से AI उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना की जा रही है और 184 पॉलिटेक्निक संस्थानों में AI प्रशिक्षण शुरू हो चुका है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर को AI उत्कृष्टता का मॉडल क्षेत्र बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। यहाँ 20 एकड़ क्षेत्र में उत्तर भारत की पहली AI सिटी विकसित हो रही है। अब तक 31 कॉलेजों में डिजिटल इंटरएक्टिव पैनल, 30 में डिजिटल लाइब्रेरी और 14 “रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र” स्थापित किए गए हैं। उनका लक्ष्य है कि 50,000 युवाओं को AI और डिजिटल स्किल्स में निःशुल्क प्रशिक्षित किया जाए।

डॉ. सिंह ने कहा, “जहां दुनिया संभावनाएं देख रही है, भारत समाधान दे रहा है। आज AI का अर्थ है आकांक्षी भारत, प्रगतिशील भारत और आत्मनिर्भर भारत।” उनके नेतृत्व में सरोजनीनगर, तकनीकी समावेशन और युवा सशक्तिकरण के माध्यम से डिजिटल भारत की पहचान बन रहा है।

Ukraine Drone Attack in Russia:4 एयरबेस, 40 एयरक्राफ्ट… यूक्रेन के ‘ऑपरेशन स्पाइडरवेब’ ने रूस को पहुंचाया 200 करोड़ डॉलर का झटका

पिछले तीन साल से ज्यादा समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध ने एक नया मोड़ लिया है. यूक्रेन ने रूस में अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमले को अंजाम दिया है. यूक्रेन ने यह ड्रोन हमला रूस के साइबेरिया में एक एयरबेस पर किया, जिसमें 40 से ज्यादा रूसी विमानों को निशाना बनाने का दावा किया. रूसी सैन्य अड्डे पर तैनात विमानों पर ड्रोन अटैक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे वीडियो में हवाई पट्टी पर खड़े विमानों को आग की लपटों और धुएं के उठते हुए गुबार को देखा जा सकता है. वहीं, सोशल मीडिया पर हमले के वायरल हो रहे एक वीडियो में उड़ता हुआ ड्रोन भी नजर आया, जिससे थोड़ा आगे भयानक आग और धुआं भी नजर आया.

यूक्रेन ने रूस के 4 रणनीतिक हवाई अड्डों पर किए ड्रोन हमले

यूक्रेनी पब्लिकेशन Pravda के मुताबिक, यूक्रेन ने Pavutyna यानी ऑपरेशन स्पाइडरवेब के नाम से रूस के अंदर एक स्पेशल ऑपरेशन शुरू किया है. यूक्रेन ने यह हमला रूस की लंबी दूरी की मारक क्षमता को प्रभावित करने के लिए किया.

यूक्रेन ने रूस के इन 4 एयरबेस पर किया ड्रोन हमला

यूक्रेन ने रूस के चार रणनीतिक एविएशन एयरबेस पर तैनात 40 बॉम्बर एयरक्राफ्ट्स को अपने निशाना बनाया. यूक्रेन ने अपनी सीमा के से 4700 किमी दूर स्थित रूस के बेलाया एयरबेस, 2000 किमी दूर ओलेन्या, 700 किमी दूर स्थित ड्यागिलेवो और 900 किलोमीटर दूर स्थित ल्वानोवो एयरबेस पर ड्रोन हमला किया.

यूक्रेन का ऑपरेशन स्पाइडरवेब

यूक्रेन ने रूस में किए गए इस ड्रोन हमले को ऑपरेशन स्पाइडरवेब नाम दिया है. जिसमें रूस का टीयू-95 और टीयू-22एम3 बॉम्बर्स एयरक्राफ्ट के साथ कम से कम एख ए-50 हवाई अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट भी शामिल है. जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन ने जिन रूसी विमानों पर ड्रोन हमले किए, उनकी कीमत करीब 2 बिलियन डॉलर (करीब 200 करोड़ डॉलर) थी.

लखनऊ में तैयार होंगे पांच नए पावर हाउस, 75 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ – गर्मी में मिलेगी राहत की सांस

लखनऊ के लगभग 75 हजार बिजली उपभोक्ताओं को गर्मियों में अक्सर बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है, लेकिन अगले साल की गर्मी में उन्हें राहत मिलने वाली है। यूपी पावर कॉरपोरेशन ने बिजनेस प्लान 2025-26 के तहत लखनऊ में पांच नए विद्युत उपकेंद्र (बिजलीघर) बनाने की मंजूरी दी है।

इन उपकेंद्रों का निर्माण काकोरी मोड़ एफसीआई, सरोजनीनगर के विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (ETI) परिसर, एलडीए कॉलोनी (लोकबंधु अस्पताल के पास), गोमतीनगर के विनम्रखंड और विशेषखंड में किया जाएगा। हर उपकेंद्र से औसतन 15 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होगी।

जुलाई में शुरू होगा निर्माण, दिसंबर तक चालू करने का लक्ष्य

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से जल्द ही निर्माण आदेश जारी किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, 45 दिनों के भीतर यानी जुलाई में काम शुरू हो जाएगा और दिसंबर 2025 तक सभी उपकेंद्र चालू कर दिए जाएंगे।

इन उपकेंद्रों के चालू होने से न्यू आलमबाग, पुराना एफसीआई, नादरगंज (ओल्ड व न्यू), विभूतिखंड, मंत्री आवास और विराजखंड जैसे इलाकों में पुरानी बिजली समस्याएं खत्म हो जाएंगी।

पुराने उपकेंद्र होंगे डि-लोडेड

पुराने व ओवरलोडेड उपकेंद्रों जैसे न्यू आलमबाग, पुराना एफसीआई, नादरगंज, विभूतिखंड व मंत्री आवास से लोड घटेगा। इससे ट्रिपिंग की समस्या कम होगी और बिजली आपूर्ति ज्यादा स्थिर होगी।

कहां बनेंगे नए उपकेंद्र और किन इलाकों को मिलेगा लाभ

  • एफसीआई उपकेंद्र: काकोरी मोड़, मोठान रोड, पिंक सिटी, आंगरा साइड के उपभोक्ताओं को राहत
  • लोकबंधु उपकेंद्र: लोकबंधु अस्पताल क्षेत्र, सेक्टर-ई एलडीए कॉलोनी, बर्नपुर रोड
  • ईटीआई सरोजनीनगर उपकेंद्र: नटकुर, कानपुर रोड के आसपास के इलाकों को फायदा
  • विशेषखंड उपकेंद्र: मंत्री आवास, विभूतिखंड
  • विनम्रखंड उपकेंद्र: गोमतीनगर विनम्रखंड व आसपास के इलाके होंगे लाभान्वित