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धर्मशाला और मैक्लोडगंज पर्यटन: हिमालय की सुंदरता में रची-बसी तिब्बती संस्कृति का अद्वितीय संगम

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित धर्मशाला और मैक्लोडगंज उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में गिने जाते हैं। ये स्थान न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और बर्फ से ढकी पहाड़ियों के लिए जाने जाते हैं, बल्कि तिब्बती संस्कृति, बौद्ध धर्म और अध्यात्मिकता के प्रमुख केंद्र भी हैं। धर्मशाला को ‘छोटा ल्हासा’ भी कहा जाता है क्योंकि यह तिब्बती शरणार्थियों का प्रमुख निवास स्थान है।

धर्मशाला: शांत वादियों में बसा आध्यात्मिक केंद्र

धर्मशाला दो भागों में बँटा हुआ है — अपर धर्मशाला (मैक्लोडगंज) और लोअर धर्मशाला। यहाँ का मौसम साल भर सुहावना बना रहता है और यहाँ की हरियाली, ऊँची पहाड़ियाँ, देवदार और चीड़ के वृक्ष इसे स्वर्ग जैसा अनुभव देते हैं।

प्रमुख आकर्षण:

HPCA क्रिकेट स्टेडियम: समुद्र तल से लगभग 1457 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह स्टेडियम दुनिया के सबसे सुंदर क्रिकेट स्टेडियमों में से एक है।

कांगड़ा आर्ट म्यूज़ियम: यहाँ आप पहाड़ी चित्रकला, तिब्बती और बौद्ध वस्तुओं का संग्रह देख सकते हैं।

त्सुगलाखांग कॉम्प्लेक्स: यह दलाई लामा का निवास और आधिकारिक मठ है, जहाँ लोग बौद्ध धर्म और ध्यान की गहराइयों को अनुभव कर सकते हैं।

मैक्लोडगंज: तिब्बती जीवनशैली और प्रकृति का संगम

धर्मशाला से लगभग 10 किमी दूर स्थित मैक्लोडगंज तिब्बती संस्कृति और बौद्ध दर्शन का प्रमुख केंद्र है। यह छोटा सा कस्बा विदेशी पर्यटकों, ध्यान-साधकों, योगाभ्यासियों और पर्वतारोहण प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय है।

प्रमुख आकर्षण:

नामग्याल मठ: यह दलाई लामा का निजी मठ है और ध्यान-प्रेमियों के लिए विशेष स्थान है।

भागसूनाग मंदिर और झरना: यह प्राचीन मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और पास ही स्थित झरना एक सुंदर प्राकृतिक स्थल है।

त्रियुंड ट्रेक: यह एक मध्यम स्तर का ट्रेक है जहाँ से धौलाधार की पर्वतमालाएँ बेहद निकट से दिखती हैं। यह ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए स्वर्ग समान है।

तिब्बतन मार्केट: यहाँ से आप तिब्बती हस्तशिल्प, थंका पेंटिंग, ऊनी कपड़े और बुद्ध प्रतिमाएँ खरीद सकते हैं।

क्या करें धर्मशाला और मैक्लोडगंज में?

ध्यान और योग शिविरों में भाग लें

बौद्ध धर्म पर आधारित वर्कशॉप

स्थानीय तिब्बती भोजन का आनंद लें (मोमो, थुकपा आदि)

ट्रेकिंग, कैम्पिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियाँ

स्थानीय भिक्षुओं से बातचीत और बौद्ध संस्कृति को समझना

यात्रा का उत्तम समय

मार्च से जून और सितंबर से नवंबर के बीच का समय यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त है। सर्दियों में बर्फबारी देखने के लिए दिसंबर-जनवरी का समय भी लोकप्रिय है।

कैसे पहुँचे?

हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा गग्गल (धर्मशाला) है, जो शहर से लगभग 13 किमी दूर है।

रेल मार्ग: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन पठानकोट है, जहाँ से टैक्सी या बस द्वारा धर्मशाला पहुँचा जा सकता है।

सड़क मार्ग: दिल्ली, चंडीगढ़ और अमृतसर से नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

धर्मशाला और मैक्लोडगंज केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के संगम स्थल हैं। यदि आप जीवन की दौड़-भाग से कुछ समय निकालकर प्रकृति और आत्मा के साथ एक रिश्ता बनाना चाहते हैं, तो यह स्थल आपके लिए एक आदर्श गंतव्य है।

Health Tips: चेहरे पर दिखें ये संकेत तो समझ लें बढ़ चुका है कोलेस्ट्रॉल, गलती से भी न करें अनदेखा

हाई कोलेस्ट्राॅल एक साइलेंट किलर के रूप में जाना जाता है. इसके सिम्पटम्स चेहरे से लेकर शरीर तक पर साफ नजर आते हैं. लेकिन हम इग्नोर कर देते हैं. ये लापरवाही भारी पड़ सकती है. गंभीर हेल्थ प्राॅब्लम की वजह बन सकते हैं. आइए जानते हैं वह काैन से संकेत हैं, जिनके नजर आने पर हमें बाॅडी में कोलेस्ट्राॅल की मात्रा को लेकर सचेत हो जाना चाहिए…

आंखों के आसपास पीले रंग के धब्बे

आंखों के आसपास या किनारे पीले रंग के पैचेस नजर आ रहे हैं. अगर ऐसा है तो ये ​स्थिति जैंथेलाज्मा हो सकती है. ये पैचेस अक्सर बाॅडी में हाई लेवल कोलेस्ट्राॅल की ओर संकेत देते हैं. चेहरे का रंग बदलना, पलकों पर पीले धब्बे भी इस ओर इशारा करते हैं.

काॅर्निया में ये बदलाव

अगर आंखों के काॅ​र्निया के आसपास लाइट कलर की रिंग बनती नजर आए तो सतर्क हो जाना चाहिए.आंखों में कोलेस्ट्राॅल जमा होने लगता है. आंखों की नजर को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है.

लगातार थकान महसूस होना

बाॅडी में कोलेस्ट्राॅल की मात्रा बढ़ने से आर्टरीज ब्लाॅक होने का रिस्क बढ़ जाता है. इससे बाॅडी में ऑक्सीजन के साथ ब्लड का सर्कुलेशन प्राॅपर नहीं हो पाता. जिसके चलते हार्ट संघर्ष करने लगता है. बाॅडी थकी और सुस्त फील करती है.

​स्किन पर बदलाव

कोलेस्ट्राॅल बढ़ने से ​स्किन में ड्राईनेस के साथ इचिंग की समस्या देखने को मिल सकती है. नीले और पर्पल कलर के स्पाॅट बन जाते हैं, जो ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने का संकेत देते हैं.

सिर और पैरों में दर्द

ब्लड फ्लो प्रभावित होने के चलते सिर और पैरों में दर्द की ​शिकायत देखने को मिलती है.

पेट, छाती में दर्द और सांस लेने में दिक्कत

बाॅडी में कोलेस्ट्राॅल की मात्रा अ​धिक होने का असर डाजे​स्टिव सिस्टम पर पड़ता है. साथ ही लंग्स और हार्ट पर भी दबाव बढ़ जाता है. जिससे छाती में दर्द के साथ सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है.

कोलेस्ट्राॅल बढ़ने के कारण

    • जंक फूड का अ​धिक सेवन करना
    • फिजिकल ए​क्टिविटी से दूरी
    • अ​धिक वजन और मोटापा
    • शराब और सिगरेट का सेवन
    • कई केसेज में शरीर में कोलेस्ट्राॅल का लेवल बढ़ने के पीछे कारण जेनेटिक भी हो सकता है.

इस तरह सकते हैं बचाव

    • बैलेंस्ट डाइट लें. डाइट में हरी स​ब्जियां, फल, नट्स और फाइबर रिच फूड्स को शामिल करें.
    • डेली 30 मिनट एक्सरसाइज करें. ये न सिर्फ आपको फिट रखने मदद करेगी, ब​ल्कि कोलेस्ट्राॅल के रिस्क को भी करने में सहायक होगी.
    • स्मोकिंग ओर एल्कोहल के सेवन से दूरी बनाएं.
    • मेंटल हेल्थ को इंप्रूव करने के लिए योगा और मेडिटेशन करें.
    • कोलेस्ट्राॅल को रेग्यूलेट करने के लिए चेकअप कराते रहें. अगर कोलेस्ट्राॅल का लेवल अ​धिक हो तो डाॅक्टर से कंसल्ट करना उचित रहता है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Bangladesh Political Crisis: क्या बांग्लादेश बनेगा पूरी तरह इस्लामिक देश? पाकिस्तान रच रहा साजिश, भारत के लिए बढ़ सकता है खतरा !

 भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में अगले कुछ हफ्तों में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है. बांग्लादेश के चर्चित लेखक और पत्रकार सलाहुद्दीन शोएब चौधरी के यूरेशियन टाइम्स में लिखे आर्टिकल के अनुसार, मोहम्मद यूनुस जुलाई के अंत तक खुद को देश का सर्वोच्च नेता घोषित कर सकते हैं, इसके लिए वे मौजूदा संविधान को रद्द करने की योजना बना रहे हैं.

यूनुस की मंशा है कि वे देश की मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त कर एक क्रांतिकारी सरकार का गठन करें, जो सेना, प्रशासन और न्यायपालिका को पूरी तरह से अपने कंट्रोल में कर ले. चौधरी के दावों के मुताबिक यूनुस को न सिर्फ अमेरिका के डीप स्टेट का समर्थन प्राप्त है, बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI भी इस योजना का हिस्सा है. ये ताकतें बांग्लादेश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर वहां एक इस्लामी कट्टरपंथी शासन स्थापित करना चाहती हैं. हालांकि, बांग्लादेशी सरकार सलाहुद्दीन शोएब चौधरी के दावे को झूठा करार दे रही है.

इस्लामी शासन की नींव रखेगा जुलाई चार्टर
बांग्लादेश के मशहूर लेखक और पत्रकार सलाहुद्दीन शोएब चौधरी के मुताबिक मोहम्मद यूनुस को संयुक्त राष्ट्र के भीतर से भी समर्थन मिलने के संकेत हैं. रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ग्विन लुईस की हालिया प्रतिक्रिया इस ओर इशारा करती है कि यूएन की चुप्पी यूनुस को अंतरराष्ट्रीय वैधता दिला सकती है. चौधरी के अनुसार, यूनुस सरकार जुलाई में एक जुलाई चार्टर पेश करने जा रही है, जो मौजूदा संविधान की जगह लेगा. यह चार्टर एक इस्लामी शासन की नींव रखेगा. यूनुस इसके ज़रिए सेना, न्यायपालिका और अन्य संस्थाओं पर नियंत्रण पाकर अपने विरोधियों को कुचलना चाहते हैं. खास बात यह है कि दिसंबर 2024 तक यूनुस इस चार्टर से इनकार करते रहे हैं पर अब यही दस्तावेज़ उनके अधिनायकवाद का आधार बन सकता है.

भारत के लिए खतरे की घंटी: चटगांव से लेकर सेंट मार्टिन तक
यूनुस की योजना में सबसे चिंताजनक हिस्सा बांग्लादेश के सामरिक संसाधनों को अमेरिका और ISI के हवाले करने का है. इसमें चटगांव बंदरगाह को DP World को सौंपने की तैयारी पर जोरों के काम किया जा रहा है. सेंट मार्टिन द्वीप पर अमेरिकी सैन्य अड्डे की इजाजत मिल सकती है. रखाइन से कॉरिडोर योजना पर काम किया जाएगा, जिससे म्यांमार सीमा पर अस्थिरता पैदा होने की आशंका है. लालमोनिरहट एयरबेस और आयुध कारखाने का नियंत्रण पाकिस्तानी या तुर्की एजेंट्स के जरिए अमेरिका को देने की कोशिश की जा रही है. ये सभी कदम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे पैदा कर सकते हैं, विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए.

सेना की भूमिका और बांग्लादेश की संप्रभुता
इन हालातों में जनरल वकार उज जमां, बांग्लादेश सेना प्रमुख की भूमिका सबसे निर्णायक मानी जा रही है. यदि सेना समय रहते यूनुस की योजनाओं पर कार्रवाई नहीं करती तो देश गृहयुद्ध की ओर बढ़ेगा. विदेशी ताकतों का अखाड़ा बन जाएगा. कट्टरपंथ की गहराई में समा जाएगा. सलाहुद्दीन शोएब चौधरी ने चेतावनी दी है कि देश की संप्रभुता, लोकतंत्र और सामाजिक संरचना पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।

Khushi Mukherjee Trolled: ‘इस पर अश्लीलता फैलाने का केस हो’, एक्ट्रेस की फटी जीन्स देख भड़के नेटिज़न्स, सोशल मीडिया पर तेज़ हुई प्रतिक्रियाएं

एक्ट्रेस खुशी मुखर्जी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. आए दिन अपने लुक्स, फोटोज और वीडियोज की वजह से वो चर्चा में रहती हैं. वो जहां से भी गुजरती हैं पैपराजी की नजर उनपर पड़ ही जाती है. उनकी चर्चाएं उनकी एक्टिंग को लेकर कम और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज की वजह से ज्यादा होती हैं.

हाल में ही उनका एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पीछे से फटी हुई जीन्स और रिवीलिंग टॉप पहना हुआ है. इस वीडियो में वो पैप्स से बात करती दिख रही हैं और उन्हें बताती दिख रही हैं कि उन्होंने खाना ऑर्डर किया है और खाने जा रही हैं. इस बीच वो मुस्कुराते हुए पैप्स से भी खाने के लिए पूछ रही हैं. हालांकि, उनका ये वीडियो देखकर नेटिजंस काफी नाराजगी जता रहे हैं और उनपर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगा रहे हैं.

खुशी मुखर्जी का ये वीडियो हो रहा है वायरल

खुशी मुखर्जी इस वीडियो में नीली फटी जीन्स और ब्लैक कलर का टॉप पहने दिखी हैं, जिसके बाद नेटिजंस का गुस्सा फूट पड़ा है. नेटिजंस कमेंट्स में क्या-क्या कह रहे हैं

नेटिजंस ने किया ऐसे रिएक्ट

एक यूजर ने ये वीडियो देखकर लिखा है, ‘ये क्या पहनी है क्या मजबूरी है.’ तो वहीं दूसरे ने लिखा, ‘छी छी कैसे कैसे लोग होते हैं.’ एक यूजर ने तो गुस्से मे ये तक लिख दिया- प्लीज किसी वकील से इन पर अश्लीलता का केस दर्ज करने के लिए कहें’.

एक यूजर ने गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा है, ‘ये हमारे कल्चर के लिए शर्मनाक है.’

कई फिल्मों में दिख चुकी हैं खुशी मुखर्जी

खुशी मुखर्जी एक एक्ट्रेस और मॉडल हैं. खुशी ने तमिल फिल्म अंजल थुरई से डेब्यू किया था. वो हार्ट अटैक और डोंगा प्रेमा जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं. इसके अलावा, उन्होंने बालवीर रिटर्न्स जैसे शोज में भी काम किया है. खुशी एमटीवी के स्पिलिट्सविला एक्स और लव स्कूल जैसे रियलिटी शोज में भी दिखी थीं. खुशी ‘मूत्र विसर्जन वर्जित है’ फिल्म में भी काम कर चुकी हैं।

China japan News: क्या भारत के सहयोगी देश पर नजर गड़ाए बैठा है चीन? सीमा में घुसकर की सैन्य अभ्यास की कार्रवाई

 एशिया में चीन अपनी विस्तारवादी नीति के तहत लगातार अलग-अलग देशों में घुसपैठ करने की कोशिश करता रहता है. इस बीच जापान ने दावा किया है कि चीन का एयरक्राफ्ट कैरियर शनिवार को प्रशांत महासागर में उसकी सीमा के अंदर घुस गया. इतना ही नहीं इस दौरान चीन के फाइटर जेट्स ने वहां मिलिट्री एक्सरसाइज भी किया.

जापान के स्पेशल इकोनॉमिक जोन में घुसा चीन

न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी चीनी एयरक्राफ्ट कैरियर ने जापान के स्पेशल इकोनॉमिक जोन में प्रवेश किया था. जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी ने बताया कि उनकी सरकार ने चीनी पक्ष को उचित संदेश दे दिया है.

ड्रैगन के नापाक मंसूबों से अमेरिका को भी टेंशन

जापानी न्यूज एजेंसी क्योदो की रिपोर्ट के मुताबिक योशिमासा हयाशी कहा कि हम समुद्र और हवा में अपनी चेतावनी और निगरानी का पालन करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे. चीन के इस हरकत से सिर्फ जापान ही नहीं, बल्कि अमेरिका भी टेंशन में है. ऐसा माना जा रहा है कि अमरीकी सेना को करीब आने से रोकने के लिए चीन रणनीति बना रहा है.

जापान ने भी तैनात किया एक युद्धपोत

जापान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया, “हमारा मानना ​​है कि चीनी सेना अपनी ऑपरेशन क्षमता और दूरदराज के क्षेत्रों में संचालन करने की क्षमता में सुधार करने की कोशिश कर रही है. स्पेशल इकोनॉमिक जोन छोड़ने के बाद चीनी एयरक्राफ्ट कैरियर ने फाइटर जेट और हेलीकॉप्टरों के साथ लैंडिंग और टेक-ऑफ अभ्यास किया.” उन्होंने बताया कि जापान ने स्थिति पर नजर रखने के लिए एक युद्धपोत वहां तैनात किया था.

अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन किया गया- चीन

चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इस मामले को लेकर कहा कि इसमें पूरी तरह से अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन किया गया है. जापान के जिस द्वीप पर चीन का एयरक्राफ्ट कैरियर दिखा है वहां कोई नागरिक नहीं रहता है, लेकिन यहां मौसम विज्ञान एजेंसी,  सेल्फ डिफेंस फोर्स ओर कोस्ट गॉर्ड के जवान रहते हैं. इस क्षेत्र में प्रचूर मात्रा में खनिज संपदा का भंडार है.