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Asia Cup 2025 Stats After 7 Matches: 7 मुकाबलों के बाद कौन है रन और विकेट में टॉप पर? जानें लिस्ट में कितने हैं भारतीय खिलाड़ी

 एशिया कप 2025 इस बार टी20 फॉर्मेट में खेला जा रहा है. सोमवार, 15 सितंबर को यूएई और ओमान के बीच खेले गए मुकाबले तक एशिया कप के लीग स्टेज के 7 मैच हो चुके हैं. अब तक इस टूर्नामेंट में कौन सा खिलाड़ी रन बनाने के लिए मामले में सबसे आगे चल रहा है और किस गेंदबाज ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं, आइए एशिया कप 2025 के आंकड़े जानते हैं. इसके साथ ही ये भी देखते हैं कि सबसे ज्यादा रन बनाने वाले और सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने वाले टॉप 5 खिलाड़ियों में कितने भारतीय शामिल हैं.

सबसे ज्यादा रन बनाने वाले Top 5 बल्लेबाज

एशिया कप के अब तक के सात मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में यूएई के कप्तान मुहम्मद वसीम सबसे आगे चल रहे हैं. इस खिलाड़ी ने दो मैच में ही 44 की औसत से 88 रन बना लिए हैं. वसीम ने ओमान के खिलाफ मैच में 69 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली और वे इस लिस्ट में टॉप पर आ गए. अभी तक सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में टॉप 5 में एक भी भारतीय खिलाड़ी का नाम शामिल नहीं है.

    1. मुहम्मद वसीम (यूएई)- 88 रन (2 मैच)
    1. लिटन दास (बांग्लादेश)- 87 रन (2 मैच)
    1. पथुम निसांका (श्रीलंका)- 76 (2 मैच)
    1. अलीशान शराफू (यूएई)- 73 (2 मैच)
    1. सेदिकुल्लाह अटल (अफगानिस्तान)- 73 (1 मैच)

सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले Top 5 गेंदबाज

एशिया कप में अब तक खेले गए सात मुकाबलों में गेंदबाजी की बात करें, तो सबसे ज्यादा विकेट लेने में भारतीय गेंदबाज कुलदीप यादव का दबदबा कायम है. कुलदीप दो मैचों में अब तक सात विकेट चटका चुके हैं. कुलदीप ने यूएई के खिलाफ पहले मैच में 2.1 ओवर में 7 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे. वहीं पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे मैच में चाइनामैन कुलदीप यादव ने 4 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट हासिल किए. इन 7 विकेटों के साथ कुलदीप यादव अब तक सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं. इस लिस्ट में टॉप 5 में भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे का नाम भी शामिल है.

    1. कुलदीप यादव (भारत)- 7 विकेट (2 मैच)
    1. सईम अयूब (पाकिस्तान)- 5 विकेट (2 मैच)
    1. जुनैद सिद्दीकी (यूएई)- 5 विकेट (2 मैच)
    1. आयुष शुक्ला (हांगकांग चीन)- 3 विकेट (2 मैच)
    1. शिवम दुबे (भारत)- 3 विकेट (2 मैच)

जाह्नवी कपूर या वरुण धवन – किसकी है सबसे बड़ी नेट वर्थ? देखें पूरी रिपोर्ट

बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर और एक्टर वरुण धवन इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ को लेकर चर्चा में हैं. वरुण ने 2012 की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था. वहीं जाह्नवी कपूर ने 2018 की फिल्म ‘धड़क’ से डेब्यू किया था. दोनों के फिल्मी करियर को कई साल हो गए हैं. लेकिन किसके पास ज्यादा दौलत है?

वरुण धवन के पास कितनी दौलत है?

    • वरुण धवन फिल्म डायरेक्टर डेविड धवन के बेटे हैं.
    • ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ के बाद एक्टर ने कई शानदार फिल्मों में काम किया है.
    • उन्होंने ‘भेड़िया’, ‘बेबी जॉन’, ‘स्ट्रीट डांसर’ और ‘कुली नंबर 1’ जैसी कई फिल्मों में काम किया.
    • रिपोर्ट्स के मुताबिक वरुण धवन अपनी एक फिल्म के लिए 20 से 30 करोड़ रुपए की फीस लेते हैं.
    • मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक उनकी कुल नेटवर्थ 381 करोड़ रुपए है.
    • वर्कफ्रंट पर वरुण धवन के पास ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ के अलावा ‘बॉर्डर 2’ और ‘भेड़िया 2’ भी है.

जाह्नवी कपूर की नेटवर्थ कितनी है?

    • जाह्नवी कपूर फिल्म मेकर बोनी कपूर और दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी की बेटी हैं.
    • एक्ट्रेस ने ‘धड़क’ के बाद ‘रूही’, ‘मिली’, ‘गुंजन सक्सेना’, ‘परम सुंदरी’ जैसी कई फिल्में की हैं.
    • जाह्नवी कपूर अपनी फिल्मों के लिए 4 से 5 करोड़ रुपए की फीस वसूल करती हैं.
    • टाइम्स नाउ की रिपोर्ट की मानें तो एक्ट्रेस की नेटवर्थ 58 से 60 करोड़ रुपए है.
    • वर्कफ्रंट पर जाह्ववी के पास राम चरण की फिल्म ‘पेड्डी’ पाइपलाइन में है.

ऐसे में साफ है कि वरुण धवण जाह्नवी कपूर से कई गुना ज्यादा अमीर हैं.

‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ रिलीज डेट और स्टार कास्ट
वरुण धवन और जाह्नवी कपूर की अपकमिंग फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. फिल्म को शशांक खेतन ने डायरेक्ट किया है. इस फिल्म में वरुण और जाह्नवी के अलावा सान्या मल्होत्रा और रोहित सराफ लीड रोल में होंगे. वहीं मनीष पॉल, अभिनव शर्मा और अक्षय ओबेरॉय भी अहम किरदार में नजर आएंगे.

Home Remedies for Stomach Cramps: पेट में ऐंठन होने पर अपनाएं ये नुस्खा, चंद मिनटों में दर्द से मिलेगी राहत

पेट में अचानक उठने वाला दर्द और क्रैम्प्स (stomach cramps) अक्सर हमें कमजोर और बेचैन कर देते हैं. कई बार गैस, अपच, या पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण ये समस्या बढ़ जाती है. ऐसी स्थिति में दवाइयां लेने से बेहतर है घरेलू नुस्खे अपनाना. हमारे किचन में मौजूद साधारण सी चीजों से बनाए गए लेप (herbal paste) मिनटों में पेट दर्द और क्रैम्प्स को कम करने में मदद करते हैं.

डॉ. उपासना बोहरा का कहना है कि, पेट में क्रैम्प्स अक्सर अपच, गैस, डिहाइड्रेशन, या ज्यादा तैलीय भोजन के कारण होते हैं. कभी-कभी महिलाओं में पीरियड्स के दौरान भी पेट में तेज दर्द महसूस होता है. ऐसे समय पर तुरंत राहत के लिए घरेलू लेप काफी कारगर साबित हो सकते हैं.

अदरक और हींग का लेप

    • अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पेट की सूजन और दर्द को कम करते हैं
    • हींग गैस और पेट फूलने की समस्या दूर करती है
    • अदरक को कद्दूकस करके उसमें एक चुटकी हींग और थोड़ा गुनगुना पानी मिलाकर लेप बना लें.
    • इस लेप को नाभि के आसपास लगाएं। कुछ ही मिनटों में दर्द और क्रैम्प्स में आराम मिलेगा

अजवाइन और सरसों के तेल का लेप

    • अजवाइन पाचन तंत्र को दुरुस्त करती है और गैस की समस्या को दूर करती है
    • सरसों का तेल गर्म तासीर वाला होता है, जो पेट में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है
    • अजवाइन को पीसकर उसमें थोड़ा सरसों का तेल डालकर गाढ़ा लेप बना लें। इसे हल्का गुनगुना करके पेट पर लगाएं

हल्दी और एलोवेरा का लेप

    • हल्दी प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है और पेट की सूजन कम करती है
    • एलोवेरा जेल पेट की जलन और ऐंठन को कम करने में मदद करता है
    • हल्दी पाउडर में एलोवेरा जेल मिलाकर पेस्ट बना लें और नाभि के आसपास लगाएं

सावधानियां भी जरूरी है

    • अगर दर्द बहुत तेज है या लंबे समय तक बना रहता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
    • लेप लगाने से पहले उसे हल्का गुनगुना कर लें
    • बच्चों और गर्भवती महिलाओं को यह नुस्खे अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए

पेट में क्रैम्प्स एक आम समस्या है, लेकिन इसका तुरंत और आसान समाधान आपके किचन में ही मौजूद है. अदरक, अजवाइन, हींग, हल्दी और एलोवेरा जैसे घरेलू नुस्खों से बने लेप न केवल दर्द को शांत करते हैं, बल्कि लंबे समय तक राहत भी देते हैं.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

सेवा ही संकल्प – हर गाँव तक स्वास्थ्य : शिक्षा और सम्मान पहुँचा रहे हैं डॉ. राजेश्वर सिंह

  • जनसुनवाई शिविर बने गाँव के विकास की धड़कन – डॉ. राजेश्वर सिंह का सतत प्रयास
  • हर वृद्ध को स्वास्थ्य, हर युवा को खेल, हर मेधावी को सम्मान – यही है डॉ. राजेश्वर सिंह का संकल्प
  • गाँव की चौपाल से समाधान तक – जनसेवा की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं डॉ. राजेश्वर सिंह
  • राजनीति नहीं, सेवा की यात्रा – डॉ. राजेश्वर सिंह के शिविर बन रहे प्रेरणा का स्रोत
  • सरोजनीनगर का बदलता परिदृश्य – डॉ. राजेश्वर सिंह की संवाद और समाधान की राह
  • ताराशक्ति रसोई से लेकर हेल्थ कैंप तक – हर मोर्चे पर संवेदना और सेवा के प्रतीक डॉ. राजेश्वर सिंह
  • गाँव की शान, युवाओं की पहचान और बुजुर्गों का सम्मान – यही है डॉ. राजेश्वर सिंह का राजनैतिक दर्शन

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. राजेश्वर सिंह निरंतर यह संदेश दे रहे हैं कि विधायक का दायित्व केवल समस्याएँ सुनना नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने के समाधान खोजना है। उनके द्वारा शुरू किया गया ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ जनसुनवाई शिविर इसी संकल्प का जीवंत उदाहरण बन गए हैं।

इसी क्रम में रविवार को ग्रामसभा देवी सिंह खेड़ा में 135वाँ शिविर आयोजित हुआ। ग्रामीणों ने राशन कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास आदि से संबंधित 44 प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किए तथा 4 आयुष्मान कार्ड मौके पर बनाए गए।

हर वृद्ध को स्वास्थ्य सुविधा – हेल्थ कैंप :

डॉ. सिंह का लक्ष्य है कि हर ग्रामीण, हर वृद्ध अपने गाँव में ही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सके। इसी सोच के तहत अपोलो हॉस्पिटल के सहयोग से हेल्थ कैंप आयोजित हुआ, जिसमें ग्रामीणों की जाँच की गई और 50 वृद्धजनों को चश्में प्रदान किए गए।

मेधावी ही गाँव की प्रेरणा – गाँव की शान:
डॉ. सिंह का मानना है कि गाँव का हर मेधावी बच्चे पूरे समाज की प्रेरणा होते हैं। ‘गाँव की शान’ पहल के अंतर्गत देवी सिंह खेड़ा के विद्यार्थियों इंटरमीडिएट : सचिन कुमार (64%), चाँदनी (62%) तथा हाईस्कूल : शुभम राज (63%), कुंदन (61%)
को साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

फिट युवा – सशक्त गाँव
डॉ. सिंह का लक्ष्य है कि गाँव का हर युवा शारीरिक रूप से फिट और खेलों में सक्रिय रहे। इसी संकल्प के तहत 146वाँ बॉयज यूथ क्लब और 86वाँ गर्ल्स यूथ क्लब गठित कर वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबाल, क्रिकेट, कैरम आदि खेलों की स्पोर्ट्स किट भेंट की गई।

प्रबुद्ध जनों का सम्मान:
गाँव के प्रबुद्ध और वरिष्ठ नागरिकों को समाज की असली धरोहर बताते हुए डॉ. सिंह की ओर से सेक्टर संयोजक राजेंद्र मिश्रा जी, बूथ अध्यक्ष सूरज नाथ जी तथा अन्य वरिष्ठजनों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।

सेवा का प्रतीक – ताराशक्ति नि:शुल्क रसोई:
जनसेवा को पूर्णता देने के लिए शिविर में उपस्थित सभी ग्रामीणों के लिए सरोजनीनगर की पहचान बन चुकी ‘ताराशक्ति नि:शुल्क रसोई’ से ताज़ा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया।

डॉ. राजेश्वर सिंह का यह सतत प्रयास स्पष्ट करता है कि राजनीति उनके लिए केवल शासन का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, सम्मान और सकारात्मक बदलाव का साधन है।

High Blood Pressure Symptoms: शरीर देता है ये चेतावनी, लेकिन 99% लोग समझ लेते हैं कमजोरी

 हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप आज के समय में एक आम लेकिन खतरनाक बीमारी बन चुकी है. यह धीरे-धीरे और बिना किसी खास लक्षण के शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाता है. अक्सर लोग इसे नज़रअंदाज कर देते हैं क्योंकि शुरुआत में इसका कोई बड़ा असर महसूस नहीं होता. लेकिन अगर लंबे समय तक ब्लड प्रेशर कंट्रोल न किया जाए तो यह हार्ट, दिमाग, आंख, किडनी और पूरे शरीर को प्रभावित करता है. आइए जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर होने पर शरीर के अंदर क्या-क्या होता है.

1. आर्टरीज को नुकसान

जब खून का दबाव लगातार बढ़ा हुआ रहता है तो यह हमारी आर्टरीज की दीवारों पर ज़्यादा दबाव डालता है. धीरे-धीरे आर्टरीज की दीवारों पर छोटे-छोटे कट या टूट-फूट होने लगती है. इन जगहों पर फैट और कोलेस्ट्रॉल जमने लगता है जिसे प्लाक कहते हैं. इससे धमनियां संकरी हो जाती हैं और खून का प्रवाह कम हो जाता है. यही स्थिति दिल का दौरा (heart attack) और स्ट्रोक (stroke) का खतरा बढ़ा देती है.

2. ब्रेन पर असर और स्ट्रोक का खतरा

हाई ब्लड प्रेशर मस्तिष्क यानी दिमाग की नसों पर भी असर डालता है. लगातार प्रेशर रहने से कोई नस फट सकती है या ब्लॉक हो सकती है. जब दिमाग में खून का प्रवाह रुकता है तो स्ट्रोक हो सकता है. इसके अलावा, लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से दिमाग की छोटी-छोटी नसें कमजोर हो जाती हैं. इससे याददाश्त कम होना, सोचने की क्षमता घट जाना और डिमेंशिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

3. आंखों को नुकसान

हमारी आंखों में बहुत पतली और नाज़ुक रक्त नलिकाएं होती हैं. हाई ब्लड प्रेशर की वजह से इन नलिकाओं पर दबाव बढ़ जाता है. नलिकाएं फट सकती हैं, सूजन आ सकती है या खून का प्रवाह कम हो सकता है. इसका नतीजा धुंधला दिखाई देना, आंखों में सूजन या गंभीर स्थिति में हमेशा के लिए देखने की क्षमता को खो देना हो सकता है.

4. दिल पर असर

हाई ब्लड प्रेशर में दिल को सामान्य से ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है ताकि खून पूरे शरीर में पहुंच सके. इस वजह से दिल की मांसपेशियां मोटी और सख्त होने लगती हैं, जिसे लेफ्ट वेंट्रिकुलर हाइपरट्रॉफी कहते हैं. शुरुआत में दिल ताकतवर लगता है लेकिन धीरे-धीरे वह कमजोर होने लगता है और सही तरीके से खून पंप नहीं कर पाता. इसका नतीजा हार्ट फेलियर (दिल का फेल होना) हो सकता है.

5. किडनी को नुकसान

किडनी का काम शरीर से विषैले तत्व और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालना होता है. लेकिन जब ब्लड प्रेशर लगातार ज्यादा रहता है तो किडनी की ब्लड सेल्स भी खराब होने लगती हैं. इससे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता घट जाती है. लंबे समय में हाई ब्लड प्रेशर किडनी फेलियर तक की वजह बन सकता है.

हाई ब्लड प्रेशर एक “साइलेंट किलर” है क्योंकि यह धीरे-धीरे शरीर के हर हिस्से को नुकसान पहुंचाता है और पता भी नहीं चलता. इसलिए समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर चेक कराते रहना चाहिए. अगर डॉक्टर ने दवा लिखी है तो उसे नियमित रूप से लेना चाहिए. साथ ही, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, कम नमक का सेवन और तनाव कम करना ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए ज़रूरी है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.