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सुबह-सुबह 7.4 तीव्रता का भूकंप कहां आया? सुनामी का अलर्ट जारी।

फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया है. इस भूकंप के बाद अधिकारियों ने सुनामी की चेतावनी जारी की है और आफ्टरशॉक (भूकंप के झटके) की संभावना भी जताई है. यूरोपीय-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, भूकंप की गहराई 62 किलोमीटर (38.53 मील) थी.  स्थानीय प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को उच्च स्थानों पर जाने की सलाह दी है. आपातकालीन सेवाएं सतर्क हैं और नागरिकों से सरकारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.

Philippine Institute of Volcanology and Seismology (Phivolcs) ने बताया कि पहली सुनामी लहरें 10 अक्टूबर 2025 को सुबह 09:43:54 से 11:43:54 (PST) के बीच आ सकती हैं और ये लहरें कई घंटों तक जारी रह सकती हैं.

TSUNAMI WARNING 🚨

Phivolcs released a tsunami warning following the magnitude 7.6 earthquake in Davao Oriental at 9:43 AM on Friday.

“Based on the local tsunami scenario database, it is expected to experience wave heights of more than one meter above the normal tides and may… pic.twitter.com/gspovDAKbm

— The Philippine Star (@PhilippineStar) October 10, 2025

Phivolcs के अनुसार, स्थानीय सुनामी परिदृश्य डेटाबेस के अनुसार लहरें सामान्य ज्वारीय स्तर से एक मीटर या उससे अधिक ऊंचाई तक पहुंच सकती हैं और बंद खाड़ी या संकीर्ण जल मार्गों में और अधिक ऊंचाई भी हो सकती है.

भूकंप Davao Oriental के Manay टाउन के पास समुद्री इलाके में आया, जिससे Phivolcs ने संभावित आफ्टरशॉक्स और नुकसान के लिए चेतावनी दी है. फिलहाल कोई तत्काल नुकसान की रिपोर्ट नहीं मिली है.

पिछले हफ्ते की भूकंप त्रासदी

इससे ठीक पहले, फिलीपींस के सेबू प्रांत में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें कम से कम 74 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए थे. इस भूकंप ने ऐतिहासिक Parish of Saint Peter the Apostle, Bantayan को भी पूरी तरह तबाह कर दिया था.

क्या ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिलेगा? ऐलान से पहले समिति इस बात को लेकर परेशान है।

इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खुद को इसका उम्मीदवार बताया है. व्हाइट हाउस में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि इतिहास में किसी ने भी वो उपलब्धि हासिल नहीं की, जो उन्होंने हासिल की है. एक नहीं, दो नहीं, बल्कि 8 युद्ध सिर्फ़ नौ महीनों में समाप्त हो गए. ट्रंप के इस बड़े दावे के बीच ओस्लो में नॉर्वेजियन नोबेल समिति के सदस्य कथित तौर खुद को इस बात के लिए तैयार कर रहे हैं कि अगर ट्रंप को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया तो क्या होगा.

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने पहले ही अपना निर्णय ले लिया है और 10 अक्टूबर 2025 को पुरस्कार विजेता की घोषणा की जाएगी. ये घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति के इजरायल-हमास युद्ध विराम के ऐलान के बाद होगी.

‘इतिहास में किसी ने भी 9 महीनों में 8 युद्ध नहीं रुकवाए’ 
व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “मैं जानता हूं कि इतिहास में किसी ने भी 9 महीनों में 8 युद्ध नहीं रुकवाए हैं और मैंने 8 युद्ध रोके हैं, इसलिए ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. उन्हें वही करना होगा जो वे करते हैं, वे जो भी करते हैं, ठीक है. मैंने ऐसा इसलिए नहीं किया. मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैंने बहुत सी जानें बचाईं.” उन्होंने यूक्रेन में चल रहे संघर्ष पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हर सप्ताह 7,000 सैनिक मारे जाते हैं. ट्रंप ने वादा किया कि वह इस समस्या का भी समाधान निकाल लेंगे.

कौन से हैं वो 8 देश, जिन्हें लेकर ट्रंप कर रहे दावा
ट्रंप के अनुसार दुनिया उनकी कर्जदार है, क्योंकि उन्होंने अपने दम 8 युद्ध रुकवाए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति की इस लिस्ट में इज़राइल-ईरान, भारत और पाकिस्तान, कांगो और रवांडा, कंबोडिया-थाईलैंड, आर्मेनिया और अज़रबैजान इसके अलावा नील नदी पर बांध को लेकर मिस्र और इथियोपिया का विवाद और सर्बिया-कोसोवो से जुड़े विवाद या युद्धविराम के प्रयास शामिल हैं. उनका दावा है कि आठवां संघर्ष गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष विराम है, जिसे उन्होंने चिरस्थायी शांति के रूप में पेश किया है.

ट्रंप की पीस लिस्ट में शामिल देशों में से एक भारत ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच मध्यस्थता के उनके दावे को बार-बार खारिज किया है. भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दे पूरी तरह से द्विपक्षीय हैं और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कभी आवश्यकता नहीं है.

Health Tips:कफ सिरप से अब तक कितने बच्चों की हुई मौत? जानिए, किन-किन राज्यों में फैला इसका खौफ

कई राज्यों में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत हो गई है. दरअसल, राजस्थान और मध्य प्रदेश में सबसे पहले यह मामला सामने आया, जिसमें कफ सिरप पीने से छोटे बच्चों की किडनी फेल हो गई और उनकी जान चली गई. अब धीरे-धीरे इससे होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है. इसके बाद से ही सरकारें और पुलिस दोनों इस मामले को लेकर गंभीर हो गए हैं. आइए जानते हैं कि इस जहरीले कफ सिरप ने किन राज्यों में कितने मासूमों की जान ली ह

अब तक कितने बच्चों ने गंवाई जान?

कोल्ड्रिफ कंपनी का कफ सिरप पीने से कई राज्यों में बच्चों की मौतें हुई हैं. मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला का कहना है कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा जिलों में 7 सितंबर से लेकर अब तक 20 बच्चों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है. इसमें सबसे ज्यादा 17 मौतें अकेले छिंदवाड़ा में हुई हैं. इसके बाद यहां बीते 24 घंटों में मौत के 4 नए मामले भी सामने आए हैं. दूसरी ओर राजस्थान में 3 बच्चों को इस जहरीले कफ सिरप का खमियाजा भुगतना पड़ा.

किन राज्यों में कफ सिरप का खौफ?

सिरप के इस्तेमाल से गई जानों के बाद अब सभी राज्यों की स्वास्थ्य व्यवस्था अलर्ट मोड में आ चुकी है. मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलावा बाकी राज्यों में भी इसका खौफ देखने को मिल रहा है. इसके चलते केरल, तमिलनाडु और पंजाब में कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. इसके अलावा सिरप बनाने वाली इस कंपनी पर सख्ती दिखाई है और दवाइयों की जांच के आदेश भी दिए हैं.

कफ सिरप से क्यों जा रही जान?

छोटे बच्चों को दिए जाने वाले इस कफ सिरप में मौजूद डायएथिलीन ग्लायकॉल नाम के खतरनाक केमिकल ने बच्चों की जान ली है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह केमिकल सीधे किडनी को डैमेज करता है . यह ऐसा केमिकल है, जिसका इस्तेमाल पेंट इंडस्ट्री में किया जाता है. इसको पीने से उल्टी, दस्त और कुछ दिन बाद पेशाब बंद होने जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं, जिसके बाद किडनी फेल के चलते इंसान की मौत हो जाती है.

सरकार ने दिए जांच के आदेश 

कोल्ड्रिफ कंपनी के इस जानलेवा कफ सिरप के सभी प्लांट्स पर राज्य सरकारों ने भी एक्शन लिया है, जिसके बाद इसकी बिक्री पर रोक लगाने के साथ-साथ बाजार में मौजूद इसके एक्स्ट्रा स्टॉक्स को भी हटवा लिया गया है. साथ ही, इसके सभी प्लांट्स पर बनने वाली दवाओं की जांच के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.

Health News :ये 5 संकेत बताते हैं कि आपको एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ सकती है, ऐसे में देर न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

आज की खराब लाइफस्टाइल में लोग अक्सर अपने शरीर की खासकर हार्ट की देखभाल करना भूल जाते हैं. स्ट्रेस , गलत खानपान, धूम्रपान, कम नींद और व्यायाम की कमी ये सभी चीजें हमारे हार्ट की सेहत को धीरे-धीरे खराब करती हैं. यही वजह है कि दुनिया भर में हर साल लाखों लोग हार्ट संबंधी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं. हार्ट डिजीज न सिर्फ जानलेवा होती हैं, बल्कि ये आपकी लाइफ की क्वालिटी को भी प्रभावित करती हैं.

हालांकि, अच्छी बात यह है कि आज के समय में मेडिकल साइंस ने काफी तरक्की कर ली है और दिल की बीमारियों के इलाज के लिए कई मॉडर्न तकनीक मौजूद हैं. इन्हीं में से एक एंजियोप्लास्टी है. यह एक बेहद कारगर प्रक्रिया, जिसने लाखों लोगों को नई लाइफ दी है. अगर समय रहते सही लक्षणों को पहचाना जाए तो एंजियोप्लास्टी के जरिए दिल की कई गंभीर परेशानियों से बचा जा सकता है. चलिए जानते हैं कि कौन से 5 लक्षण दिखें तो समझ जाएं आपको एंजियोप्लास्टी कराने की जरूरत है?

ये 5 लक्षण दिखें तो समझ जाएं आपको एंजियोप्लास्टी की जरूरत

1. सीने में दर्द या एनजाइना: अगर आपको अक्सर या चलने-फिरने पर सीने में जलन, दबाव या दर्द महसूस होता है तो यह एनजाइना हो सकता है. यह तब होता है, जब दिल की मांसपेशियों तक पूरा खून नहीं पहुंचता. यह एक प्रमुख संकेत है कि आपकी दिल की धमनियों में रुकावट है. एंजियोप्लास्टी ऐसे मामलों में बेहद फायदेमंद होती है. इससे धमनियों में जमा प्लाक हटाया जाता है और खून का फ्लो नॉर्मल होता है, जिससे सीने का दर्द खत्म हो सकता है.

2. पैरों में दर्द या ऐंठन: अगर आपको चलने या सीढ़ियां चढ़ने के दौरान पैरों में दर्द, ऐंठन या भारीपन महसूस होता है तो इसे नजरअंदाज न करें. यह परिधीय धमनी रोग यानी Peripheral Artery Disease का संकेत हो सकता है. जब आपके पैरों की धमनियों में भी रुकावट आ जाती है, तो मांसपेशियों तक खून नहीं पहुंच पाता, जिससे दर्द होता है. डॉक्टरों का मानना है कि PAD होने का मतलब है कि आपकी दिल की धमनियां भी प्रभावित हो सकती हैं, और आपको जल्द ही एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ सकती है.

3. लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना: अगर आपको हर वक्त थकान लगती है, कोई काम करने में दिल नहीं लगता, सांस चढ़ती है, या लेटने पर बेचैनी होती है तो इसे मामूली कमजोरी समझ कर भूल ना करें. यह संकेत हो सकता है कि आपका दिल ठीक से काम नहीं कर रहा है. ऐसे में एंजियोप्लास्टी से हार्ट की ब्लॉकेज हटती है, जिससे खून और ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर होती है और आपको एनर्जी महसूस होती है.

4. ब्लड प्रेशर लगातार हाई रहना: अगर आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं आ रहा, तो यह भी दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है. ब्लड प्रेशर बढ़ने से दिल की धमनियां सख्त और मोटी हो जाती हैं, जिससे ब्लॉकेज की संभावना बढ़ जाती है. इससे दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे मामलों में एंजियोप्लास्टी एक जरूरी कदम हो सकता है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर हो और दिल पर दबाव कम हो.

5. मसूड़ों से खून आना या सूजन होना:  मसूड़ों की बीमारी और हार्ट रोग के बीच गहरा संबंध हो सकता है. अगर आपके मसूड़े बार-बार सूजते हैं, दर्द करते हैं या खून निकलता है, तो यह शरीर में किसी संक्रमण या सूजन का संकेत हो सकता है, जो दिल तक भी असर डाल सकता है. रिसर्च के अनुसार, मसूड़ों से होने वाले संक्रमण का असर दिल की धमनियों पर भी पड़ता है, जिससे दिल की बीमारी और ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है.

One Day Trip From Mirzapur: मिर्जापुर से बनाएं यादगार वन-डे ट्रिप, जहां प्रकृति और अध्यात्म के अनोखे नज़ारे देखने को मिलेंगे

मिर्जापुर का नाम सुनते ही अधिकतर लोगों के जहन में सबसे पहले मिर्जापुर वेब सीरीज का ही ध्यान आता है। हालांकि इस वेब सीरीज से अलग हटकर मिर्जापुर का जिक्र किया जाता है, तो यह शहर हाथों द्वारा निर्मित कालीन और दरियों का सबसे बड़ा उत्पादन भी करता है। उत्तर प्रदेश में स्थित मिर्जापुर एक ऐसा शहर है, जोकि पहाड़ियों से घिरा है। वहीं इस शहर में बहुत कम ऐसी जगहें हैं, जहां पर लोग घूमने के लिए जाते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मिर्जापुर के आसपास स्थित कुछ ऐसी खूबसूरत और शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको आप एक दिन की ट्रिप में एक्सप्लोर कर सकते हैं। वहीं आप इन जगहों पर वीकेंड पर पिकनिक मनाने के लिए भी पहुंच सकते हैं।

वाराणसी

जब भी मिर्जापुर के आसपास में किसी शानदार और चर्चित जगह घूमने की बात की जाती है, तो कई लोग सबसे पहले वाराणसी का नाम लेते हैं। यह यूपी का एक चर्चित धार्मिक स्थल है।

गंगा नदी के तट पर स्थित वाराणसी में आप काशी विश्वनाथ मंदिर, मणिकर्णिका घाट, अस्सी घाट, दशाश्वमेध यज्ञ और भारत माता मंदिर जैसे कई विश्व प्रसिद्ध धार्मिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इसलिए वाराणसी में दूर-दूर से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। आप यहां पर बोटिंग का भी मजा उठा सकते हैं। मिर्जापुर से वाराणसी की दूरी लगभग 60 किमी है।

सारनाथ

काशी से करीब 10 किमी दूर स्थित सारनाथ यूपी के साथ पूरे भारत का प्रसिद्ध और प्राचीन बौद्ध स्थल के लिए जाना जाता है। सारनाथ को आध्यात्मिक स्थानों में से एक माना जाता है।

सारनाथ में आप धमेख स्तूप से लेकर चौखंडी स्तूप, अशोक स्तंभ और थाई मंदिरों जैसे बौद्ध स्थलों को देख सकते हैं। वहीं सारनाथ में स्थित मूलगंध कुटी विहार और हिरण उद्यान को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं। मिर्जापुर से सारनाथ की दूरी लगभग 75 किमी है।

प्रयागराज

प्रयागराज यूपी का एक बेहद खूबसूरत और प्रमुख शहर है। इस शहर को कई लोग इलाहाबाद के नाम से भी जानते हैं। यह हिंदुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। क्योंकि प्रयागराज एक ऐसा शहर है, जो गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम पर स्थित है। प्रयागराज महाकुंभ मेले के लिए भी जाना जाता है।

यहां पर कई ऐतिहासिक और खूबसूरत जगहें मौजूद हैं, जिनको आप एक्सप्लोर कर सकते हैं। यहां पर आप प्रयागराज फोर्ट, खुसरो बाग, त्रिवेणी संगम और चन्द्रशेखर आजाद पार्क को एक्सप्लोर कर सकते हैं। मिर्जापुर से प्रयागराज की दूरी 88 किमी है।

नौगढ़ डैम

यूपी के चंदौली जिले में स्थित नौगढ़ डैम राज्य का खूबसूरत डैम है। यह डैम चंद्रप्रभा वन्यजीव अभ्यारण में स्थित है, इस डैम का निर्माण 1956 में किया गया था।

नौगढ़ डैम का पानी सिंचाई के तौर पर इस्तेमाल होता है। इसको पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है। नौगढ़ डैम प्राकृतिक सौंदर्य के साथ आसपास के वन्यजीवों के लिए भी फेमस है। कई लोग वीकेंड में नौगढ़ डैम के किनारे पिकनिक मनाने के लिए पहुंचते रहते हैं। मानसून में नौगढ़ डैम की खूबसूरती देखने लायक होती है। मिर्जापुर से नौगढ़ डैम की दूरी लगभग 113 किमी दूर है।