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ट्रंप का दावा: ‘भारत साल के अंत तक रहेगा चीन पर निर्भर’, रूस के तेल को लेकर दिया चौंकाने वाला बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को लेकर बड़ा दावा किया है. वे रूस से तेल की खरीद को लेकर काफी परेशान लग रहे हैं. ट्रंप ने कहा है कि भारत इस साल के अंत तक धीरे-धीरे रूस से तेल खरीदना कम कर देगा और बाद में पूरी तरह बंद हो जाएगा. अहम बात यह भी है कि ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात भी होने वाली है. ट्रंप ने चीन पर भी प्रतिक्रिया दी है.

ट्रंप ने कहा, ”जैसा कि आप जानते हैं, भारत ने मुझसे कहा है कि वह रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा. यह एक प्रक्रिया है, इस अचानक नहीं रोका जा सकता. वे तेल खरीद को साल के अंत तक लगभग जीरो पर ले आएंगे. लगभग 40 प्रतिशत तेल की खरीद ही रह जाएगी. कल ही प्रधानमंत्री मोदी से बात हुई, वे बेहतरीन इंसान हैं.”

चीन को लेकर क्या बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ”चीन का मामला थोड़ा अलग है. उनका रूस के साथ रिश्ता कुछ अलग तरह का है. यह रिश्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन बाइडेन और ओबामा की नीतियों की वजह से दोनों को एक साथ आना पड़ा. वे दोस्त नहीं हो सकते, मैं चाहता हूं कि दोस्ती बनी रहे, लेकिन यह हो नहीं सकता.” ट्रंप ने चीन और रूस का रिश्ता मजबूरी भरा बताया.

#WATCH | Washington DC | Regarding his upcoming meetign with Chinese President Xi, US President Donald Trump says, “India, as you know, has told me they are going to stop…it’s a process. You can’t just stop (buying oil from Russia). By the end of the year, they’ll be down to… pic.twitter.com/XXdL1ETOZf

— ANI (@ANI) October 22, 2025

डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर क्या किया दावा

ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को टैरिफ की वजह से काफी फायदा हुआ है. उन्होंने कहा, ”हम एक देश के तौर पर इस समय बहुत अच्छा कर रहे हैं और यह सब टैरिफ की वजह से हुआ है. कई दशकों तक टैरिफ का इस्तेमाल हमारे खिलाफ किया गया. यही वजह है कि हमारे ऊपर 37 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है, लेकिन अब हम एक अमीर देश हैं. मैंने आठ युद्ध रुकवाए. इनमें 5-6 युद्ध तो टैरिफ की वजह से रुके.”

Travel Tips: वीकेंड पर बिजनौर के पास सुकून और रोमांच दोनों का आनंद लेने के लिए जरूर एक्सप्लोर करें ये शानदार जगहें।

मेरठ से करीब 65 किमी दूर स्थित बिजनौर यूपी का एक खूबसूरत और प्रमुख जिला है। बिजनौर को पहले नगीना जिला के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो बिजनौर अपनी लकड़ी की नक्काशी यानी कि वुड क्राफ्ट और गन्ना उत्पादन के लिए जाना जाता है। लेकिन यहां बहुत कम ऐसी जगहें मौजूद हैं, जहां पर लोग घूमने के लिए पहुंचते हैं। हालांकि बिजनौर वाले आसपास में स्थित खूबसूरत और शांत जगहों की तलाश करते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बिजनौर से करीब 200 किमी के आसपास स्थित कुछ शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप भी वीकेंड पर फैमिली, पार्टनर और दोस्तों के साथ घूमने के लिए पहुंच सकते हैं।

शिवपुरी

अगर आप भी ऋषिकेश में भीड़ देखकर हर बार वीकेंड ट्रिप कैंसिल कर देते हैं, तो आपको शिवपुरी जाना चाहिए। शिवपुरी ऋषिकेश से सिर्फ 16 किमी की दूरी पर स्थित है। यह एक शांत और शुद्ध वातावरण वाली जगह है।

गंगा नदी के तट पर बसे शिवपुरी में आपको घने जंगल, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और खूबसूरत दृश्य देखने को मिलेंगे। यहां पर आप नीर वॉटरफॉल से लेकर वशिष्ठ गुफा घूम सकते हैं। ऋषिकेश की तरह शिवपुरी में आप कैंपिंग, रिवर राफ्टिंग और ट्रैकिंग का लुत्फ उठा सकते हैं।

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क

अगर आप भी शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर प्रकृति और पशुओं के बीच कुछ सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो आपको जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जाना चाहिए। यह भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है। इस पार्क में प्राकृतिक सुंदरता के साथ हाथी, बाघ, तेंदुआ, भालू, हिरण, जंगली सुअऱ और लंगूर आदि कई जानवर देखने को मिलेंगे। आप जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में जंगल सफारी का भी लुत्फ उठा सकते हैं। बता दें कि जंगल सफारी के लिए 3-4 हजार रुपए टिकट होता है।

घनसाली

समुद्र तल से करीब 3 हजार से ज्यादा फीट की ऊंचाई पर स्थित घनसाली उत्तराखंड का एक छिपा हुआ खजाना है। यहां पर बादलों से ढके ऊंचे-ऊंचे पहाड़, झील-झरने और घने जंगल इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं।

घनसाली प्राकृतिक सुंदरता के साथ शांत और शुद्ध वातावरण के लिए भी जाना जाता है। यहां पर आप अपनी फैमिली या फिर पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं। यहां पर आप भिलांगना नदी, गर्कोट गांव और ग्वील जैसी शानदार जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।

नैनीताल

अगर आप भी हिमालय की हसीन वादियों में सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो आपको नैनीताल घूमने पहुंचना चाहिए। यह उत्तराखंड का सबसे खूबसूरत और फेमस हिल स्टेशन में से एक है। यहां पर देश के हर कोने से पर्यटक पहुंचते हैं।

बादलों से ढके ऊंचे पहाड़ और पहाड़ों के बीच में स्थित नैनी झील आपकी ट्रिप को शानदार बना देगी। नैनीताल में नैनी झील के अलावा नैनीताल चिड़ियाघर, केक गार्डन, स्नो व्यू पॉइंट, टिफिन टॉप और नैना पीक जैसी बेहतरीन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इसके अलावा आप यहां पर एडवेंचर एक्टिविटी भी कर सकते हैं।

Sports News: क्या दूसरे वनडे से बाहर रहेंगे रोहित शर्मा? एडिलेड में इन 11 खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतर सकती है टीम इंडिया

कल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा वनडे मैच एडिलेड में खेला जाएगा. बारिश से प्रभावित पहले वनडे मैच में भारतीय टीम 7 विकेट से हार गई थी. अब टीम इंडिया के पास सीरीज में एक-एक से बराबरी करने का मौका होगा. पहले मैच में भारत का टॉप ऑर्डर फिसड्डी साबित हुआ था, जो टीम के लिए चिंता का सबब बना हुआ है. इसी बीच खबर सामने आई है कि दूसरे वनडे मैच में रोहित शर्मा को बाहर बैठाया जा सकता है. यहां जान लीजिए कि एडिलेड वनडे मैच में भारत की प्लेइंग इलेवन कैसी हो सकती है.

क्या रोहित शर्मा होंगे बाहर?

दूसरे मैच से पहले रोहित शर्मा ने घंटों नेट्स में पसीना बहाया, लेकिन एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जब रोहित शर्मा अभ्यास सत्र के बाद होटल वापस लौटे तब उनके हाव-भाव ऐसे नहीं थे जैसे सामान्यतः होते हैं. यह भी अपडेट सामने आया है कि हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को काफी देर तक यशस्वी जायसवाल से बात करते देखा गया. जायसवाल, जो दूसरे ओपनिंग स्लॉट के लिए रोहित शर्मा के साथ टक्कर में हैं. यह भी गौर करने वाली बात है कि रोहित को कोई चोट नहीं आई है, इसलिए शायद ही उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा जाए.

रोहित शर्मा (8), विराट कोहली (0) और शुभमन गिल (10) चाहे पहले वनडे में फ्लॉप रहे हों, लेकिन उन्हें खुद को साबित करने के अभी कई मौके मिल सकते हैं. वहीं उपकप्तान श्रेयस अय्यर का स्थान भी पक्का लग रहा है. केएल राहुल और अक्षर पटेल ने पर्थ की कठिन परिस्थितियों में क्रमशः 38 और 31 रनों की पारी खेली थी.

कुलदीप यादव की हो सकती है एंट्री

एडिलेड वनडे मैच में कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है, लेकिन सवाल होगा कि उन्हें किससे रिप्लेस किया जाएगा? कुलदीप के आने का नितीश कुमार रेड्डी या हर्षित राणा को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है, क्योंकि बाकी सब खिलाड़ियों का स्थान लगभग पक्का लग रहा है.

भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन: रोहित शर्मा, शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, केएल राहुल, नितीश कुमार रेड्डी/हर्षित राणा, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज

Heart Attack in Young Adults:40 साल से कम उम्र में हार्ट अटैक से मर रहे हैं 25% लोग, जानिए युवाओं में क्यों बढ़ रहा है यह खतरा

बॉलीवुड इस समय चुनौतियों से गुजर रहा है, मानों किसी ने उसपर नजर लगा दी हो. पंकज धीर, गोवर्धन असरानी के बाद अब दिवाली के दो दिन बाद एक्टर और सिंगर ऋषभ टंडन का निधन हो गया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऋषभ दिवाली मनाने दिल्ली आए हुए थे और यहीं उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वे घर पर थे, उसी दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया. उनकी उम्र महज 35 साल थी. आपको बताते हैं कि हार्ट अटैक से मरने वाले 25 प्रतिशत लोगों की उम्र 40 साल से कम क्यों होती है. आखिर युवा इसकी चपेट में क्यों आ रहे हैं?

यंग लोग क्यों चपेट में?

Indian Heart Association के अनुसार, भारत में लगभग 25 प्रतिशत हार्ट अटैक 40 साल से कम उम्र के लोगों में हो रहे हैं. IHA के अनुसार, दुनियाभर में 20 प्रतिशत आबादी की हिस्सेदारी के साथ भारत दुनिया के 60 प्रतिशत हार्ट डिजीज के मामले को झेल रहा है. भारत में हार्ट डिजीज मौत का नंबर वन कारण है और इसे भारतीयों के बीच एक साइलेंट एपिडेमिक माना जा रहा है.

भारत दुनिया में डायबिटीज कैपिटल के तौर पर जाना जाता है. इसका कारण यह है कि भारतीयों में डायबिटीज, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, हाई ब्लड प्रेशर और स्मोकिंग की दर काफी अधिक है, जो हार्ट डिजीज के रिस्क को बढ़ा देते हैं. अमेरिकी संस्था American College of Cardiology (ACC) की रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका में हर 5 में से 1 हार्ट अटैक मरीज की उम्र 40 साल या उससे कम है.

यंग लोगों में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट के मामले?

एक्सपर्ट बताते हैं कि युवाओं में हार्ट अटैक की बढ़ती दर कई कारणों से जुड़ी है. इसमें पहला कारण है कि आजकल लाइफस्टाइल में काफी बदलाव हुआ है. लोग ज्यादा जंक फूड खाते हैं, कम फिजिकल एक्टिविटी करते हैं और लंबे समय तक स्क्रीन पर रहना पसंद करते हैं.

इसके अलावा दूसरा कारण यह है कि आजकल यंग जनरेशन काफी डिप्रेशन और तनाव का सामना कर रही है. नौकरी, प्यार और परिवार का स्ट्रेस युवाओं के हार्ट पर सीधा असर डालता है. इसके अलावा इसके कई जेनेटिक लक्षण भी होते हैं, जिसके चलते कई लोग इसका शिकार हो जाते हैं.

कैसे करें बचाव?

अब बात करते हैं कि इससे बचाव कैसे करें. इससे बचाव करने के लिए सबसे पहले अगर सीने में हल्का दर्द या दबाव हो रहा है, तो डॉक्टर से जाकर जरूर मिलें. इसके अलावा इसके कुछ दूसरे लक्षण भी हैं, जैसे कि ज्यादा थकान, सांस फूलना और चक्कर आना, इनको नजरअंदाज मत करें.

इसके साथ ही अपनी लाइफस्टाइल को बदलें. जैसे कि संतुलित आहार लें और जंक फूड कम करें, रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें और धूम्रपान और अल्कोहल से काफी दूरी बनाकर रखें.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

अमेरिका में सनसनी, चीन ने उड़ाया B-21 से भी बड़ा स्टेल्थ ड्रोन — क्या यह नया बॉम्बर है?

चीन और अमेरिका के बीच लगातार युद्ध हथियारों को लेकर प्रतिस्पर्धा बनी रहती है. इसी बीच जहां एक तरफ अमेरिका ने बी-21 बॉम्बर स्टील्थ विमान बनाया है तो वहीं चीन ने अपने दुश्मनों को परास्त करने के लिए स्टील्थ फ्लाइंग-विंग ड्रोन तैयार किया है, जो अगली पीढ़ी का बॉम्बर माना जा रहा है.

इस बड़े स्टील्थ ‘क्रैंक्ड काइट’ ड्रोन का एक वीडियो जिसे अनौपचारिक रूप से GJ-X कहा जा रहा है, 19 अक्टूबर से चीनी सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहा है. द वॉर जोन की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हफ्ते की शुरुआत में नजर आने वाला यह वही एयरक्राफ्ट लग रहा है, जो अगस्त में झिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में चीन के मालन एयरबेस पर ली गई उपग्रह तस्वीरों में कैद हुआ था.

अमेरिकी बॉम्बर बल की रीढ़ बनेगा B-21 रायडर

मलान बेस विमान के पंखों की लंबाई लगभग 42 मीटर (138 फीट) अनुमानित की गई थी, जो इसे स्टेल्थ (गुप्त) अनमैन एयरक्राफ्ट के लिए एक बहुत ही दुर्लभ श्रेणी में डालता है, जैसा कि एक पूर्व रिपोर्ट में बताया गया था.

इस आकार के कारण यह अमेरिका के नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन B-21 रायडर के बराबर है, जो एक अमेरिकी स्टेल्थ स्ट्रेटेजिक बॉम्बर है, जिसकी पंखों की लंबाई 40-42 मीटर है. B-21, जो वर्तमान में बनकर तैयार हो रहा है, अपेक्षाकृत पारंपरिक और परमाणु पेलोड (लदान) दोनों को देने में सक्षम होगा और भविष्य में अमेरिकी बॉम्बर बल की रीढ़ बनेगा, जो B-52 के साथ काम करेगा.

अनमैन्ड स्टेल्थ बॉम्बर की संभावना

हालांकि अभी तक नई चीनी ड्रोन का उद्देश्य स्पष्ट नहीं है. कुछ सैन्य मिलिट्री विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक बहुत बड़ा अनमैन्ड कॉम्बैट एयर व्हीकल (युद्धक विमान) हो सकता है, जो काइनेटिक ऑपरेशन्स (शक्ति संचालित कार्यों) पर केंद्रित है, जबकि अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि यह एक अनमैन्ड स्टेल्थ बॉम्बर हो सकता है.

पिछले महीने ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में एक चीनी सैन्य पर्यवेक्षक और टिप्पणीकार चेन शी ने कहा कि मलान बेस पर देखा गया ड्रोन एक मध्यम दूरी का स्ट्रेटेजिक बॉम्बर था. चेन ने कहा, ‘अगली पीढ़ी का H-20 बॉम्बर अभी तक जारी नहीं हुआ है, लेकिन अब हमारे पास एक रणनीतिक स्तर का मध्यम दूरी का बॉम्बर है, जो B-21 के आकार के बराबर है.’