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Sports News:जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका कप्तान का बड़ा बयान सामने आया, बोले— “यह मैच हमारे लिए…”

साउथ अफ्रीकी कप्तान टेंबा बावुमा ने भारत के विरुद्ध दूसरे वनडे मैच में 4 विकेट से जीत पर खुशी जताई है. उन्होंने इस मुकाबले को अविश्वसनीय बताते हुए स्वीकारा है कि भारतीय टीम के खिलाफ खेलना मुश्किल होता है.

भारत ने शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में 5 विकेट खोकर 358 रन बनाए. भारतीय टीम के लिए विराट कोहली ने 102 रन बनाए, जबकि ऋतुराज गायकवाड़ ने 105 रन की पारी खेली. इनके अलावा, कप्तान केएल राहुल ने नाबाद 66 रन बनाए.

इसके जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम ने 49.2 ओवरों में जीत हासिल कर ली. इस टीम के लिए सलामी बल्लेबाज एडेन मार्करम ने 110 रन बनाए, जबकि मैथ्यू ब्रीत्जके ने 68 रन की पारी खेली. इनके अलावा, देवाल्ड ब्रेविस ने 54 रन टीम के खाते में जोड़े.

सीरीज में 1-1 से बराबरी के बाद साउथ अफ्रीकी कप्तान टेंबा बावुमा ने कहा, “मैं मुकाबला जीतकर खुश हूं. इस मैच से पहले हम सोच रहे थे कि गेंद से कैसे बेहतर हो सकते हैं. बल्ले से हमें आगे बढ़कर अच्छा खेलना था. एडेन और ब्रीत्जके के साथ पार्टनरशिप शानदार थी. बॉश ने काफी परिपक्वता दिखाते हुए मुकाबले को खत्म किया.”

उन्होंने कहा, “यह मैच अविश्वसनीय था. मुझे लगता है कि यह एक रिकॉर्ड चेज था. इसने दिखाया कि इस भारतीय टीम के खिलाफ खेलना कितना मुश्किल है. मैं एडेन के साथ क्रीज पर आया, वह बॉल को हिट कर रहे थे और मैं उनके साथ साझेदारी की कोशिश कर रहा था.  हम इससे आत्मविश्वास हासिल कर सकते हैं. इसे एक रोमांचक सीरीज बना सकते हैं.”

जब कप्तान से पूछा गया कि क्या यह साउथ अफ्रीका की बेस्ट प्लेइंग इलेवन है, तो इसके जवाब में बावुमा ने कहा, “ये निश्चित रूप से आपके बेस्ट प्लेयर हैं. खिलाड़ियों के बीच हाई लेवल का कॉम्पिटिशन है. इसी तरह गेंदबाजों के लिए भी है. इस तरह के प्रदर्शन हमें बेहतर बनाते हैं.”आरएसजी

पाकिस्तान में दोबारा बम विस्फोट, पुलिस की गाड़ी को बनाया निशाना—तीन की मौत, क्षेत्र में फैली दहशत

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का डेरा इस्माइल खान इलाका बुधवार को धमाके से दहल गया. एक पुलिस वाहन को निशाना बनाया गया, जिसमें असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) समेत तीन पुलिसकर्मी मारे गए. स्थानीय मीडिया ने जिला पुलिस प्रवक्ता याकूब ज़ुल्करनैन के हवाले से बताया कि इस धमाके में असिस्टेंट कमिश्नर की मौत हो गई.

बम धमाके में 3 पुलिस अधिकारी की मौत

याकूब ज़ुल्करनैन ने कहा, “पनियाला इलाके में धमाका करने के लिए एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस का इस्तेमाल किया गया था.” पाकिस्तानी मीडिया डॉन के मुताबिक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि हमले में एएसआई गुल आलम, कांस्टेबल रफीक और मोबाइल वैन के ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद एक और कांस्टेबल को कोई चोट नहीं आई.

सुरक्षा बलों ने वारदात वाली जगह को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा, “पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है.” इसके अलावा, डीआई खान डीपीओ सज्जाद अहमद साहिबजादा के दफ्तर से जारी एक बयान में कहा गया कि यह हमला अज्ञात आतंकवादियों ने किया था.

लगातार दूसरे दिन पुलिस का काफिला बना निशाना

बयान में कहा गया कि डीपीओ ने मीडिया से भी बात की और कहा, “आतंकवादियों ने कायरतापूर्ण हमला किया है, लेकिन ऐसी हरकतें पुलिस का हौसला कम नहीं कर सकतीं.” एक दिन पहले ही खैबर पख्तूनख्वा में नॉर्थ वजीरिस्तान के असिस्टेंट कमिश्नर शाह वली खान के काफिले को निशाना बनाया गया था, जिसमें डीआई खान की मौत हो गई थी.

शाह वली खान अपनी टीम के साथ बन्नू-मीरनशाह रोड पर जा रहे थे, तभी हमलावरों ने मासूमाबाद ममंदखेल के पास उनके काफिले पर हमला किया. उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हमले में उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिस वाले और एक राहगीर भी मारे गए. वारदात में शाह वली खान की सिक्योरिटी स्टाफ के दो सदस्यों और काफिले के ड्राइवर समेत तीन लोग घायल हो गए थे. सभी घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया.

खैबर पख्तूनख्वा में शहबाज सरकार का विरोध

पाकिस्तान में पिछले साल, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में सत्ता विरोधी गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने नवंबर 2022 में सरकार के साथ सीजफायर समझौता खत्म होने के बाद हमले तेज कर दिए हैं. खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत जिले में सोमवार एक सिक्योरिटी गाड़ी को निशाना बनाकर किए गए एक सुसाइड ब्लास्ट में एक पुलिस वाला मारा गया था और तीन अन्य घायल हो गए थे.

इस बीच, इस्लामाबाद के सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (सीआरएसएस) ने अपनी सुरक्षा रिपोर्ट में बताया कि पाकिस्तान में 2025 की तीसरी तिमाही में सिक्योरिटी एरिया में कुल हिंसा में 46 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में इस दौरान 901 मौतें हुईं और 599 लोग घायल हुए. इनमें आम लोग, सुरक्षा कर्मी और अपराधी भी शामिल हैं.

Sports News:विराट और गायकवाड़ के शतक भी न बचा सके मैच, 358 रनों के बावजूद भारत हारा; दक्षिण अफ्रीका ने दर्ज किया अपना सबसे बड़ा रन चेज

दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे वनडे मैच में भारत को 4 विकेट से हरा दिया है. इसी के साथ अफ्रीका ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है. रायपुर में खेले गए इस मैच में टॉस हारने के बाद टीम इंडिया पहले बैटिंग करने आई थी, जिसने विराट कोहली और ऋतुराज गायकवाड़ के शतकों की बदौलत 358 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम ओवर तक चले इस मैच में 4 विकेट शेष रहते जीत दर्ज की.

यह भारतीय सरजमीं पर किसी विदेशी टीम द्वारा ODI में चेज किया गया सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया भी भारत में आकर 359 रनों का रिकॉर्ड चेज कर चुकी है, उसने यह कारनामा 2019 में भारत के खिलाफ किया था. अब दक्षिण अफ्रीका ने भी 359 रनों का रन चेज करके इस मामले में ऑस्ट्रेलिया की बराबरी कर ली है.

खराब फील्डिंग भी इस मुकाबले में भारतीय टीम की हार का कारण बनी. भारतीय खिलाड़ियों ने कैच छोड़े, वहीं वाशिंगटन सुंदर और रवींद्र जडेजा ने कई बार मिसफील्डिंग की. वहीं बल्लेबाजी में भी टीम इंडिया की खामियां उजागर हुईं. टीम इंडिया आसानी से 380-390 के स्कोर तक पहुंच सकती थी, लेकिन आखिरी 10 ओवरों में भारतीय बल्लेबाज सिर्फ 74 रन ही बना पाई थी.

भारत के खिलाफ ODI में सबसे बड़े रन चेज

दक्षिण अफ्रीका – 359 रन (2025)

ऑस्ट्रेलिया – 359 रन (2019)

न्यूजीलैंड – 348 रन (2020)

इंग्लैंड – 337 रन (2021)

विराट-गायकवाड़ का शतक बेकार

इस मैच की दोनों पारियों में कुल 721 रन बने. भारत और दक्षिण अफ्रीका की पारी में मिलाकर 3 शतक लगे. टीम इंडिया के लिए विराट कोहली ने 102 रनों की पारी खेली, जो उनके वनडे करियर का 53वां शतक रहा. वहीं ऋतुराज गायकवाड़ ने मात्र 77 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया था, जो भारत के लिए आए ODI में सबसे तेज शतकों में से एक रहा. उन दोनों की शतकीय पारी बेकार चली गईं, क्योंकि 110 रन बनाने वाले एडन मार्करम अकेले ही कोहली और गायकवाड़ पर भारी पड़े. डेवाल्ड ब्रेविस की 34 गेंद में 54 रन की तेजतर्रार पारी भी भारतीय गेंदबाजों पर भारी पड़ी.

How Blood Is Formed In The Body: मानव शरीर में खून कैसे तैयार होता है, और इस प्रक्रिया में हड्डियों की क्या भूमिका होती है?

हमारे शरीर में ब्लड होता है, यह सबको पता है. लेकिन ये ब्लड हमारे शरीर में कहां बनते हैं या कहां से आते हैं, इसको लेकर काफी लोगों को जानकारी नहीं होती है. हमारे शरीर में खून बनने की शुरुआत हड्डियों के भीतर मौजूद बोन मैरो से होती है. यह बोन मैरो एक तरह का नरम, स्पंजी पदार्थ होता है, जो हड्डियों के बीचों–बीच भरा रहता है. यही वह जगह है जहां शरीर के लगभग 95 प्रतिशत ब्लड के सेल तैयार होते हैं.  बड़े होने के बाद अधिकतर बोन मैरो हमारी कूल्हे की हड्डियों, सीने की हड्डी और रीढ़ की हड्डियों में पाया जाता है.  शरीर के कुछ और अंग भी खून के सेल को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाते हैंय  इनमें लिंफ नोड्स, प्लीहा (स्प्लीन) और लीवर शामिल हैं.  ये अंग मिलकर तय करते हैं कि किस समय खून के सेल कितने बनेंगे, कब टूटेंगे और कब किसी खास प्रकार के सेल में बदलेंगे.

बोन मैरो में बनने वाले सभी  ब्लड सेल्स शुरुआत में एक स्टेम सेल के रूप में होती हैं. यही स्टेम सेल धीरे-धीरे बदलकर अलग-अलग तरह के सेल में विकसित होती हैं.  इनमें रेड ब्लड सेल्स, व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स शामिल हैं.  जब ये अधूरे रूप में होते हैं, तो इन्हें ‘ब्लास्ट’ कहा जाता है. कुछ ब्लास्ट बोन मैरो में ही रहकर आगे विकसित होते हैं, जबकि कुछ शरीर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर पूरे विकसित सेल बन जाते हैं.

खून की हर सेल्स का क्या काम होता है?

रेड ब्लड सेल्स : इनका मुख्य काम है फेफड़ों से ऑक्सीजन पूरे शरीर तक पहुंचाना और शरीर में बनने वाली कार्बन डाइऑक्साइड को वापस फेफड़ों तक लाना. इन सेल्स में मौजूद हीमोग्लोबिन नाम का प्रोटीन इसी प्रक्रिया को आसान बनाता है.

व्हाइट ब्लड सेल्स: इनका काम है शरीर को इंफेक्शन से बचाना. इनमें कई तरह की सेल्स शामिल होती हैं, जैसे न्यूट्रोफिल्स, ईओसिनोफिल्स, लिम्फोसाइट्स, मोनोसाइट्स और बेसोफिल्स.  हर एक प्रकार की कोशिका किसी न किसी खास तरह के इंफेक्शन से लड़ने में माहिर होती है.

इसके अलावा प्लेटलेट्स शरीर में खून जमाने का काम करती हैं, ताकि चोट लगने पर खून बहना रुक सके. शरीर में इन तीनों में से अगर किसी की भी कमी हो जाती है, तो शरीर में इसके लक्षण दिखने लगते हैं.

ब्लड क्या है?
खून वह जीवन को बनाए रखने वाला तरल है जो पूरे शरीर की ब्लड- वेसल्स में लगातार बहता रहता है. ये वेसल्स तीन तरह की होती हैं आर्टरी वेनिस और  लिरिक्स खून इन्हीं रास्तों से पूरे शरीर में घूमकर ऑक्सीजन, पोषक तत्व और जरूरी तत्व पहुंचाता है और बेकार पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Health Tips:सर्दियों में ज्यादा नमकीन और तला-भुना खाने से बढ़ सकती हैं कई परेशानियां, जानें अधिक नमक सेवन से होने वाले नुकसान

सर्दियों के शुरू होते ही लोगों को अक्सर बाहर का खाना खाने का मन करने लगता है, जिसमें नमकीन पकवान जैसे मठरी, चिप्स, समोसे, गर्म गर्म पकोड़े आदि तला-भुना और नमकीन चीजें शामिल हैं. अगर आप भी ज्यादातर दुकानों और होटलों का खाना खाते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है, जिससे आपको कई बीमारियां होने का खतरा रहता है.

आज के समय में लोग स्ट्रीट फूड की तरह-तरह के खाने के बहुत शौकीन हो रहे हैं, जिसमें अक्सर नमकीन और तला हुआ खाना होता है जो आपकी हार्ट हेल्थ और किडनी पर गंभीर असर डाल सकता है. क्योंकि सर्दियों के समय हम शारीरिक काम थोड़ा कम कर देते हैं, जिससे हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है. आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही मानते हैं कि ज्यादा नमकीन खाना खाने से हमारी सेहत पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है.

ज्यादा नमक खाने के नुकसान

हड्डियों की कमजोरी

नमक भारतीय किचन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसे हम रोज खाते हैं, लेकिन आपको पता है ज्यादा नमक खाने से हमारी हड्डियां कमजोर होती हैं क्योंकि ज्यादा नमक की मात्रा से शरीर में कैल्शियम की कमी होती है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए सही नहीं है.

किडनी खराब

खाने में ज्यादा नमक की मात्रा होने से हमारी किडनी पर गंभीर असर देखने को मिलता है, जिससे किडनी के काम करने की क्षमता धीमी हो जाती है. क्योंकि इंसानी किडनी को सोडियम को फिल्टर करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इसलिए अगर आप रोज अपने खाने में ज्यादा नमक डालते हैं, तो ये आपकी किडनी हेल्थ के लिए हानिकारक है.

त्वचा खराब होना

सर्दियों में हमारी त्वचा सूखी और बेजान रहती है. ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ता है और स्किन और ज्यादा ड्राई हो सकती है. इससे चेहरा बेजान लगता है और चेहरे पर झुर्रियां जल्दी दिखने लगती हैं.

ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा

नमक ज्यादा लेने से आपके हार्ट पर असर पड़ता है, जिससे हाई बीपी की समस्या हो सकती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सोडियम खून में पानी की मात्रा बढ़ा देता है, जिससे कोशिकाओं पर दबाव बढ़ता है.

वजन बढ़ना

ठंड में बाहर का तला-भुना खाना जैसे पकोड़े, समोसे, चाट ज्यादा खाया जाता है. इनमें नमक भी अधिक होता है और सर्दियों में शारीरिक मेहनत कम होने के कारण वजन बढ़ सकता है.

पानी रुकने की समस्या

सर्दी के मौसम में प्यास कम लगती है. ऐसे में ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी रुकने लगता है, जिससे चेहरे, हाथों और पैरों पर सूजन दिखाई देने लगती है.