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Budget Travel Guide: जेब पर हल्का महाबलेश्वर–लोनावला ट्रिप, जानें पूरा खर्च

महाराष्ट्र के दो बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन लोनावला और महाबलेश्वर हैं। यह दोनों हिल स्टेशन हर मौसम में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। गर्मी हो या मानसून आप किसी भी मौसम में लोनावला और महाबलेश्वर घूमने जा सकते हैं। यह दोनों ही हिल स्टेशन प्रकृति की गोद में समाए हैं। यहां पहुंचकर आप सुकून महसूस कर सकते हैं। यह दोनों ही जगहें बजट फ्रेंडली ट्रिप के लिए बेहतरीन है। अगर आप भी प्रकृति के बीच शांति और थोड़ा सा एडवेंचर करना चाहते हैं, तो आपको महाबलेश्वर और लोनावला ट्रिप एकदम परफेक्ट है।

ऐसे में आप भी कुछ दिनों की भागदौड़ से ब्रेक लेकर इन दोनों हिल स्टेशन को एक्सप्लोर कर सकते हैं। साथ ही आप यहां पर शांति और सुकून के पल बिता सकते हैं। अगर आप भी महाबलेश्वर और लोनावला दोनों ही एक ट्रिप में एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस ट्रिप के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

ट्रिप प्लान

अगर आप भी महाबलेश्वर और लोनावला दोनों हिल स्टेशन को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो बता दें कि दोनों जगहों की सैर के लिए चार से पांच दिन की ट्रिप काफी है।

ऐसे पहुंचें

इन हिल स्टेशनों तक जाने के लिए आप मुंबई या पुणे से यात्रा शुरूकर सकते हैं। मुंबई या पुणे से लोनावला सिर्फ 2 घंटे की दूरी पर है। बस, ट्रेन और कार आप तीनों से ही यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। वहीं अगर आप पुणे से महाबलेश्वर की यात्रा कर रहे हैं, तो आप बस या फिर प्राइवेट टैक्सी के करिए 120 किमी का सफर तय कर सकते हैं। वहीं मुंबई से महाबलेश्वर की दूरी करीब 260 किमी है।

लोनावला में घूमने की जगहें

मानसून में लोनावला की गए हैं तो आपको भूशी डैम जरूर जाना चाहिए। वहीं बेहतरीन सनसेट व्यू पॉइंट देखने के लिए टाइगर पॉइंट जा सकते हैं। अगर आप भी ट्रैकिंग लवर्स हैं, तो राजमाची फोर्ट बेहतरीन जगह है। वहीं आप लोनावला की ऐतिहासिक बौद्ध गुफाएं कार्ला और भाजा केव्स स्थित है। इसके साथ ही आप पावना झील और लोहेगढ़ किला देखने जा सकते हैं।

महाबलेश्वर पर्यटन स्थल

महाबलेश्वर की शानदार वादियों का नजारा देखने के लिए आप अरथर सीट पॉइंट को एक्सप्लोर करें। नौकाविहार और खूबसूरत फोटोशूट के लिए वीना लेक जाएं। इसके अलावा महाबलेश्वर मंदिर और एलिफेंट हेड पॉइंट जा सकते हैं। वहीं फिल्मों में दिखने वाले खूबसूरत नजारों का सामने से लुत्फ उठाने के लिए पंचगनीकी टेबललैंड जरूर जाएं।

ट्रिप का खर्च

बता दें कि लोनावला में एक हजार से दो हजार रुपए में प्रति रात के लिए अच्छा होम स्टे या होटल मिल जाएगा। वहीं महाबलेश्वर में लॉज, होटल या रिसॉर्ट्स में स्टे के लिए डेढ़ से ढाई हजार रुपए के करीब खर्चा आ सकता है। कम पैसों में स्टे के लिए आप ऑफ-सीजन में ऑनलाइन बुकिंग से भी सस्ते दामों में रुकने का मौका मिल सकता है।

इन जगहों पर आने के लिए स्थानीय परिवहन पर करीब 2000-3000 रुपए का खर्च आ सकता है। वहीं इस दौरान 3-4 दिन रुकने के लिए आपको करीब 5000 रुपए तक खर्च करने पड़ सकते हैं। वहीं पर्यटन स्थलों के टिकट्स और खानपान पर करीब 2000 रुपए का खर्च आ सकता है। इस ट्रिप के लिए प्रति व्यक्ति कुल अनुमानित खर्च 6000-8000 रुपए हो सकता है।

ट्रंप का ग्रीनलैंड पर बड़ा दांव, समर्थन से इनकार करने वाले देशों पर टैरिफ की चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को उन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी, जो ग्रीनलैंड पर कब्जे करने का समर्थन नहीं करते हैं. इस दौरान ट्रंप ने नाटो के मजबूत होने का क्रेडिट भी खुद को दे दिया. उन्होंने दावा किया कि नाटो की सैन्य ताकत काफी हद तक अमेरिका की ताकत पर निर्भर करती है. अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार उनके कार्यकाल के दौरान अमेरिका सबसे ज्यादा मजबूत हुआ और यही कारण है कि नाटो इतना शक्तिशाली नजर आ रहा है.

ग्रीनलैंड पर साथ नहीं देने वाले देशों को ट्रंप ने दी धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार अगर ग्रीनलैंड अमेरिकी नियंत्रण में होता तो नाटो काफी मजबूत होने के साथ-साथ और अधिक प्रभावी हो जाता. उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था अधूरी साबित होगी. रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस में एक कॉन्फ्रेंस के दैरान ट्रंप ने कहा, ‘अगर देश ग्रीनलैंड के मुद्दे पर सहमत नहीं होते हैं तो मैं उन पर टैरिफ लगा सकता हूं, क्योंकि हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है.

सैन्य ताकत का भी इस्तेमाल कर सकता है अमेरिका

अमेरिका ने ग्रीनलैंड में सैन्य तख्तापलट की संभावना से भी इनकार नहीं किया है. व्हाइट हाउस ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करना संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता है और आर्कटिक क्षेत्र में हमारे दुश्मनों को रोकना बेहद जरूरी है. राष्ट्रपति और उनकी टीम इस महत्वपूर्ण विदेश नीति लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं. निश्चित रूप से अमेरिकी सेना का उपयोग करना कमांडर इन चीफ के पास हमेशा एक विकल्प के रूप में मौजूद है.’

‘मार्च में डेनमार्क क्षेत्र का दौरा करेंगे ट्रंप’

रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के ग्रीनलैंड के विशेष दूत ने कहा कि उनका इरादा मार्च में डेनमार्क क्षेत्र का दौरा करने का है. उन्होंने भरोसा जताया कि इस दौरान किसी समझौते पर सहमति बन सकती है. उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति गंभीर हैं. मुझे लगता है कि उन्होंने अपनी सीमाएं तय कर दी हैं. उन्होंने डेनमार्क को बता दिया है कि वे क्या चाहते हैं.’

ग्रीनलैंड पर हमले की सोचना भी मत: मैक्रों 

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ग्रीनलैंड पर हमले की सोचना भी मत फ्रांस और यूरोपीय लोगों की सुरक्षा और क्षेत्रीय संप्रभुता के सम्मान पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. फ्रांस ने नाटो के साथी सदस्य डेनमार्क, जर्मनी, स्वीडन और नॉर्वे के साथ मिलकर ग्रीनलैंड में सैनिकों और सैन्य संपत्तियों को तैनात किया है.

Sports News:RCB की जीत की हैट्रिक, भारतीय स्टार गेंदबाज़ के पंजे से गुजरात 32 रन से ढेर

महिला प्रीमियर लीग के जारी संस्करण (WPL 2026) के नौवें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात जायंट्स को 32 रनों से हराया. स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली आरसीबी टीम ने लगातार तीसरी जीत दर्ज की. आरसीबी के लिए खेल रही स्पिनर श्रेयंका पाटिल ने 5 विकेट लिए. 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात की टीम 150 रनों पर ढेर हो गई.

आरसीबी द्वारा दिए गए 183 के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात जायंट्स का पहला विकेट 34 के स्कोर पर गिरा था. अरुंधति रेड्डी ने सोफी डिवाइन (8) को अपनी ही गेंद पर कैच कर पवेलियन भेजा था. अगले ही ओवर में बेथ मूनी भी आउट हो गई, उन्होंने 14 गेंदों में 27 रन बनाए. ये श्रेयंका पाटिल का मैच में पहला विकेट था. तीसरा विकेट कप्तान एश गार्डनर के रूप में गिरा, वह सिर्फ 3 रन बना पाई.

श्रेयंका पाटिल ने लिए 5 विकेट

श्रेयंका ने अपना दूसरा विकेट कनिका आहूजा के रूप में लिया, कनिका एलबीडबल्यू आउट हुई. जॉर्जिया वेयरहैम (13) के रूप में गुजरात का पांचवां विकेट 70 के स्कोर पर गिरा था. इसके बाद उन्होंने काशवी गौतम (18), तनूजा कंवर (21) और रेणुका सिंह (2) को अपना शिकार बनाया. उन्होंने 3.5 ओवरों में 23 रन देकर 5 विकेट चटकाए.

पाटिल के आलावा लॉरेन बेल ने 3 विकेट लिए, उन्होंने एश गार्डनर, भारती फुलमाली और शिवानी सिंह को आउट किया. 4 ओवरों में लॉरेन ने 29 रन दिए. गुजरात जायंट्स के लिए भारती ने ही सर्वाधिक रन बनाए, उन्होंने 20 गेंदों में 3 छक्के और 3 चौकों की मदद से 39 रन बनाए.

राधा यादव ने जड़ा अर्धशतक

इससे पहले गुजरात जायंट्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था. आरसीबी का टॉप आर्डर फ्लॉप रहा, ग्रेस हैरिस (17), स्मृति मंधाना (5) के बाद दयालन हेमलता (4) और गौतम नाइक (9) भी सस्ते में आउट हो गईं. 43 पर 4 विकेट गिरने के बाद राधा यादव और ऋचा घोष ने पारी को न सिर्फ संभाला, बल्कि गेंदबाजों की जमकर धुनाई भी की. राधा ने 47 गेंदों में 3 छक्के और 6 चौकों की मदद से 66 रन बनाए. ऋचा ने 28 गेंदों में 44 रन जड़े, इसमें 2 छक्के और इतने ही चौके लगाए. पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने 7 विकेट पर 182 रन बनाए थे.

ये रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की इस संस्करण में लगातार तीसरी जीत है. टीम ने टूर्नामेंट के पहले मैच में मुंबई इंडियंस को 3 विकेट से हराया था. इसके बाद टीम ने यूपी वॉरियर्स को 9 विकेट से हराया. गुजरात को 32 रनों से हराकर आरसीबी अंक तालिका में पहले स्थान पर बरकार है.

एक बार फिर एलन मस्क का X ठप, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म डाउन होने से लाखों यूज़र परेशान

एलन मस्क के  X नाम का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अचानक से दुनियाभर में ठप पड़ गया. इससे लाखों-करोड़ो यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यूजर्स साइट को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं. इनमें यूके, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, तुर्की, संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत और इंडोनेशिया शामिल हैं.

एक्स चार दिनों में दूसरी बार हुआ डाउन

एक्स चार दिनों में दूसरी बार डाउन हुआ है. वेबसाइट में दिक्कतों की खबर डाउन डिटेक्टर ने रात 8 बजे के करीब रिपोर्ट की. यह किसी भी प्लेटफॉर्म के आउटेज को मॉनिटर करता है. ये दिक्कतें रात 8.50 बजे के आसपास 4,500 से ज्यादा दर्ज की गईं.

एलन मस्क ने कई योजनाओं को लागू करने का किया था ऐलान

इससे पहले रविवार को एक्स के मालिक और अरबपति एलन मस्क ने पारदर्शिता बढ़ाने के मकसद से साइट के न्यूज फीड और एडवरटाइजिंग सिस्टम के एल्गोरिदम कोड को पब्लिश करने की योजनाओं का ऐलान किया था. मस्क ने कहा था कि कोड को ओपन सोर्स बनाया जाएगा. रेगुलर अपडेट किया जाएगा. ताकि यूजर्स को समझाया जा सके, कि पोस्ट कैसे रिकमेंड किए जाते हैं.

उन्होंने कहा था कि हमने नया एक्स एल्गोरिदम शामिल किया है. यूजर्स को कौन से ऑर्गेनिक और एडवराटाइजिंग पोस्ट रिकमेंड किए जाते हैं, उसे 7 दिनों में ओपन सोर्स कर देंगे. यह 4 हफ्ते में दोहराया जाएगा. इसमें पूरी डेवलपर नोट्स भी शामिल होंगे. ताकि समझा जा सके, कि क्या बदला है. फिलहाल वैश्विक आउटेज पर एक्स ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

पिछले साल कई आउटेज का सामना कर चुका एक्स 

पिछले साल भी एक्स को कई आउटेज का सामना करना पड़ा है. इसमें इस हफ्ते की शुरुआत में एक आउटेज भी शामिल है. करीबन 28 हजार से ज्यादा यूजर्स ने इस समस्या को रिपोर्ट किया था. मस्क ने पिछले साल कई बड़े ऑपरेशन सुधारों की बात कही थी. मस्क इससे पहले दावा कर चुके हैं कि एक्स को एक बड़े कोऑर्डिनेट ग्रुप ने बड़े साइबर अटैक का निशाना बनाया था.

Causes Of Recurrent Heart Attack After Stenting: स्टेंट डलवाने के बाद भी क्यों दोबारा ब्लॉक हो जाती हैं दिल की नसें? डॉक्टर से समझें कारण

आज के दौर में इंटरनेट पर हार्ट की बीमारी और उसके इलाज को लेकर इतनी जानकारी मौजूद है कि मरीज और उनके परिवार अक्सर भ्रम में पड़ जाते हैं. खासतौर पर कार्डियक स्टेंट को लेकर लोगों के मन में यह सवाल बार-बार उठता है कि अगर स्टेंट लग चुका है तो क्या फिर भी हार्ट अटैक आ सकता है. डॉक्टरों का साफ कहना है कि स्टेंट लगने के बाद भी दिल का दौरा पड़ने की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होती.

कब लगाया जाता है स्टेंट?

स्टेंट तब लगाया जाता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली आर्टरीज में कोलेस्ट्रॉल जमा होकर रास्ता संकरा कर देता है. यह एक धातु की जाली होती है, जिसे ब्लॉकेज वाली नस में डालकर खून के बहाव को सामान्य किया जाता है. आमतौर पर हार्ट अटैक के बाद या गंभीर ब्लॉकेज की स्थिति में स्टेंट डाला जाता है ताकि नस खुली रहे और दिल तक पर्याप्त खून पहुंचता रहे.

हालांकि स्टेंट उस खास नस को खोल देता है, लेकिन यह दिल की सभी धमनियों को सुरक्षित नहीं करता. अगर मरीज स्टेंट लगने के बाद भी अस्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाता है, तला-भुना और ज्यादा फैट वाला खाना खाता है, धूम्रपान करता है या शारीरिक गतिविधि से दूर रहता है, तो दिल की दूसरी नसों में ब्लॉकेज बन सकता है. यही वजह है कि स्टेंट लगने के बावजूद दोबारा हार्ट अटैक हो सकता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

डॉ. संतोष कुमार, हृदय रोग एक्सपर्ट, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, नई दिल्ली बताते हैं कि “स्टेंट किसी प्राकृतिक नस का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ एक अस्थायी सहारा है, जो उस समय जान बचाने में मदद करता है. शरीर में बार-बार स्टेंट डालना न तो सुरक्षित माना जाता है और न ही यह स्थायी समाधान है. अगर दोबारा हार्ट अटैक होता है, तो मरीज की हालत पहले से ज्यादा गंभीर हो सकती है और इलाज भी मुश्किल हो जाता है.”

स्टेंट लगाने के बाद क्या होता है?

स्टेंट लगने के बाद मरीज पहले से ज्यादा संवेदनशील हो जाता है दोबारा दिल का दौरा पड़ने पर जान का खतरा भी बढ़ जाता है और कई मामलों में फिर से एंजियोप्लास्टी या स्टेंट डालने की जरूरत पड़ सकती है. कुछ मामलों में अगर शरीर स्टेंट को स्वीकार नहीं करता या प्रक्रिया में दिक्कत आती है, तो स्थिति जानलेवा भी हो सकती है. इसीलिए डॉक्टर बार-बार सलाह देते हैं कि स्टेंट लगने के बाद लापरवाह नहीं होना चाहिए. संतुलित डाइट, नियमित एक्सरसाइज, डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सही समय पर सेवन, धूम्रपान से दूरी और तनाव नियंत्रण ही स्टेंट के बाद दिल को सुरक्षित रखने का सबसे कारगर तरीका है. स्टेंट इलाज का एक हिस्सा है, पूरा इलाज नहीं, असल इलाज लाइफस्टाइल में सुधार से ही होता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.