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प्रभास की ‘द राजा साब’ का बॉक्स ऑफिस पर दम निकला, दूसरे संडे का कलेक्शन हैरान करने वाला

प्रभास की फिल्म ‘द राजा साब’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल है. मारुति द्वारा निर्देशित इस तेलुगु हॉरर-कॉमेडी फिल्म ने सिनेमाघरों में अच्छी शुरुआत की थी लेकिन फिर पहले हफ्ते से इसकी कमाई ऐसी घटनी शुरू हुई कि इसके लिए चंद करोड़ कमाना भी मुश्किल हो गया. अब ये फिल्म दूसरे हफ्ते में एंट्री कर चुकी है और दूसरे वीकेंड पर भी ये बॉक्स ऑफिस पर ठंडी ही साबित हुई है. चलिए यहां जानते हैं ‘द राजा साब’ ने रिलीज के दूसरे संडे यानी 10वें दिन कितनी कमाई की है?

‘द राजा साब’ ने 10वें दिन कितना किया कलेक्शन?
‘द राजा साब’ साल 2026 की मच अवेटेड तेलुगु फिल्मों में से एक थी. मारुति द्वारा निर्देशित और प्रभास स्टारर ये फिल्म 9 जनवरी 2026 को वर्ल्डवाइड रिलीज की गई थी. ‘द राजा साब’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त शुरुआत की थी और पहले दिन ही दुनियाभर में 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी. पहले दिन के इस कलेक्शन ने इस फिल्म को तेलुगु सिनेमा के लिए टॉप ओपनिंग डे कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल कर दिया और यह छठी बार था जब प्रभास की किसी फिल्म ने दुनियाभर में 100 करोड़ का आंकड़ा पार किया था. हालांकि इसके बाद फिल्म निगेटिव रिव्यू का शिकार हो गई और फिर इसकी कमाई में तेजी नहीं आई उल्टा ये हर दिन मंदी की मार झेल रही है. वहीं अब दूसरे वीकेंड पर भी इसकी कमाई बढ़ने की बजाय घटी है.

  • इन सबके बीच फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो ‘द राजा साब’ ने पहले हफ्ते में 130.25 करोड़ की कमाई की थी.
  • इसके बाद 8वें दिन यानी दूसरे शुक्रवार फिल्म ने 3.5 करोड़ कमाए थे और फिर 9वें दिन इसका कलेक्शन 3 करोड़ रुपये रहा.
  • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘द राजा साब’ ने रिलीज के 10वें दिन यानी दूसरे संडे को 2.50 करोड़ की कमाई की है.
  • इसी के साथ ‘द राजा साब’ का 10 दिनों का कुल कलेक्शन अब 139.25 करोड़ रुपये हो गया है.

बॉक्स ऑफिस पर ‘द राजा साब’ ने 10 दिन में तोड़ा दम
‘द राजा साब’ की बॉक्स ऑफिस पर बेहद बुरी हालत है. बड़े बजट में बनी य़े फिल्म रिलीज के 10 दिन बाद भी 150 करोड़ रुपये नहीं कमा पाई है. शॉकिंग बात ये है कि इस फिल्म का बजट 400 करोड़ रुपये है. ऐसे में ये फिल्म मेकर्स को कंगाल कर चुकी है. वैसे अब 23 जनवरी से सिनेमाघरों में सनी देओल की बॉर्डर 2 रिलीज हो रही है. इस फिल्म के आने के बाद तो ‘द राजा साब’ का पैकअप पूरी तरह तय है. यानी प्रभास स्टारर ये फिल्म अब बॉक्स ऑफिस पर चंद दिनों की मेहमान है.

Health News:कोल्ड ड्रिंक और च्यूइंग गम का सेवन करते हैं तो हो जाएं सतर्क, माइग्रेन और ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कोल्ड ड्रिंक और च्यूइंग गम आम आदत बन चुकी है। गर्मी हो या थकान, लोग तुरंत राहत के लिए कोल्ड ड्रिंक का सहारा लेते हैं, वहीं फ्रेशनेस के नाम पर च्यूइंग गम चबाना भी काफी प्रचलित है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये छोटी-सी लगने वाली आदतें आपकी सेहत के लिए बड़ी परेशानी बन सकती हैं?

माइग्रेन के मरीजों के लिए खतरा

कोल्ड ड्रिंक में मौजूद कैफीन, आर्टिफिशियल स्वीटनर (जैसे एस्पार्टेम) और ठंडा तापमान माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। अचानक ठंडी चीज पीने से दिमाग की नसों पर असर पड़ता है, जिससे सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है।
वहीं, कई च्यूइंग गम में मौजूद आर्टिफिशियल फ्लेवर और स्वीटनर भी माइग्रेन अटैक को बढ़ाने का काम कर सकते हैं।

ब्लड शुगर पर असर

कोल्ड ड्रिंक में शुगर की मात्रा बेहद ज्यादा होती है। इसे पीने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए खासतौर पर खतरनाक है। लगातार सेवन करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा भी बढ़ सकता है।
शुगर-फ्री च्यूइंग गम को भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता, क्योंकि इनमें मौजूद आर्टिफिशियल स्वीटनर लंबे समय में मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकते हैं।

दांत और पेट की समस्याएं

कोल्ड ड्रिंक एसिडिक होती है, जो दांतों की एनामेल को कमजोर कर सकती है। इससे कैविटी और सेंसिटिविटी की समस्या बढ़ती है।
वहीं, च्यूइंग गम ज्यादा चबाने से पेट में गैस, एसिडिटी और जबड़े के दर्द की परेशानी हो सकती है।

कितनी मात्रा है सुरक्षित?

  • कभी-कभार सीमित मात्रा में सेवन करें
  • रोजाना कोल्ड ड्रिंक पीने से बचें
  • च्यूइंग गम चुनते समय सामग्री जरूर पढ़ें
  • माइग्रेन या डायबिटीज की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह लें

बेहतर विकल्प क्या हैं?

कोल्ड ड्रिंक की जगह नींबू पानी, नारियल पानी या सादा पानी बेहतर विकल्प हैं।
च्यूइंग गम की जगह सौंफ, इलायची या माउथ फ्रेशनर का सीमित इस्तेमाल किया जा सकता है।

निष्कर्ष:
कोल्ड ड्रिंक और च्यूइंग गम तुरंत राहत तो देते हैं, लेकिन लंबे समय में ये माइग्रेन, ब्लड शुगर और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि इनका सेवन सोच-समझकर और सीमित मात्रा में ही किया जाए।

Board of Peace: ट्रंप का गाजा के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ क्या है? भारत को मिला न्योता, देने होंगे 1 बिलियन डॉलर—जानें पूरा मामला

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा के लिए गठित किए जा रहे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का हिस्सा बनने का न्योता दिया है. ‘बोर्ड ऑफ पीस’ अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और हमास के बीच हुए सीजफायर समझौते के दूसरे चरण का अहम हिस्सा है. इस बोर्ड की जिम्मेदारी गाजा में पुनर्निर्माण, शासन व्यवस्था, निवेश और पूंजी जुटाने की निगरानी करना होगा.

क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’ 

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड की अध्यक्षता खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे. शुरुआत में यह संस्था गाजा संघर्ष पर केंद्रित रहेगी, लेकिन बाद में इसे अन्य वैश्विक संघर्षों से निपटने के लिए भी विस्तारित किया जाएगा. यह जानकारी अमेरिकी पत्र और ड्राफ्ट चार्टर के हवाले से दी गई है. यदि भारत इस निमंत्रण को स्वीकार करता है, तो वह अन्य सदस्य देशों की तरह तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए बोर्ड का हिस्सा बनेगा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि कोई देश तीन साल के बाद भी बोर्ड की सदस्यता जारी रखना चाहता है, तो उसे 1 अरब डॉलर (लगभग ₹8,300 करोड़) का योगदान देना होगा. इसके बदले उस देश को बोर्ड की स्थायी सदस्यता मिलेगी. यह राशि बोर्ड की गतिविधियों और संचालन के लिए इस्तेमाल की जाएगी. फिलहाल, शुरुआती तीन साल की सदस्यता के लिए किसी भी तरह के वित्तीय योगदान की आवश्यकता नहीं होगी.

गाजा में आगे क्या होगा?

एपी (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड के सदस्य देश ट्रंप के सीजफायर प्रस्ताव के दूसरे चरण के तहत गाजा में अगले कदमों की निगरानी करेंगे. इस चरण में शामिल हैं:

  • गाजा में एक नई फ़िलिस्तीनी समिति का गठन
  • एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती
  • हमास का निरस्त्रीकरण
  • गाजा का पुनर्निर्माण और दोबारा बसावट
  • ‘फाउंडिंग मेंबर्स’ होंगे शामिल देश

ट्रंप द्वारा दुनिया भर के नेताओं को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इस बोर्ड में शामिल देश इसके फाउंडिंग मेंबर्स होंगे और वे वैश्विक संघर्षों को सुलझाने के लिए एक साहसिक और नए दृष्टिकोण की शुरुआत करेंगे.

वर्ल्ड बैंक प्रमुख अजय बंगा भी बोर्ड में शामिल

भारतीय मूल के अजय बंगा, जो वर्तमान में वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष हैं, को भी ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल किया गया है. वे उन तकनीकी विशेषज्ञों (टेक्नोक्रैट्स) में शामिल होंगे, जो राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा पेश किए गए 20 सूत्रीय रोडमैप के केंद्र में होंगे.

भारत में अमेरिकी राजदूत ने X पर साझा किया पत्र

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए इस निमंत्रण पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया. उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बोर्ड ऑफ पीस में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति (POTUS) का निमंत्रण सौंपते हुए सम्मानित महसूस कर रहा हूं. यह बोर्ड गाजा में स्थायी शांति लाने की दिशा में काम करेगा और स्थिरता व समृद्धि के लिए प्रभावी शासन व्यवस्था का समर्थन करेगा.”

Harshit Rana Scored First Half-Century Against New Zealand: हर्षित राणा ने तूफानी अंदाज में ठोका अपना पहला अर्धशतक, रोहित-गंभीर का रिएक्शन हुआ वायरल

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार यानी 18 जनवरी, 2026 को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला गया. भले ही टीम इंडिया ने इस निर्णायक मुकाबले में हार गई हो, लेकिन हर्षित राणा ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी का शो दिखाया. भारत के लिए नंबर-8 पर आकर हर्षित ने चौके-छक्कों की झड़ी लगाते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना पहला अर्धशतक जड़ा. हर्षित उस समय क्रीज पर आए, जब भारतीय टीम का एक छोर संभालते हुए विराट कोहली के साथ एक अच्छी साझेदारी की दरकार थी. हर्षित ने न सिर्फ उनका साथ दिया, बल्कि चौके-छक्कों से तूफानी अर्धशतक जड़कर कीवी गेंदबाजों के होश उड़ा दिए. जब हर्षित ने अर्धशतक जड़ा, तब डग आउट में बैठे हेड कोच गौतम गंभीर और रोहित शर्मा का रिएक्शन देखने लायक था. 

हर्षित राणा ने खेली ताबड़तोड़ पारी

न्यूजीलैंड के द्वारा दिए 338 रनों के लक्ष्य कर रही भारत को रवींद्र जडेजा के रूप में 178 रन के स्कोर पर छठा झटका लगा. इसके बाद लगा कि भारतीय पारी जल्द ही सिमट जाएगी, क्योंकि बल्लेबाज के रूप में एक छोर पर सिर्फ विराट कोहली ही खड़े थे, लेकिन हर्षित राणा ने अपनी बल्लेबाजी से सबको हैरान कर दिया. शुरुआत में संभलकर खेलने के बाद, हर्षित ने हाथ खोले और कीवी गेंदबाजों की गेंद पर चौके-छक्के की झड़ी लगा दी. उन्होंने 44वें ओवर की शुरुआत में लगातार दो छक्के लगाकर वनडे और इंटरनेशनल करियर का अपना पहला अर्धशतक पूरा किया. जिसके बाद हर्षित को जैकरी फोक्स ने हेनरी निकोल्स के हाथों कैच आउट कराया. हर्षित की पारी के 43 गेंदों में 52 रन पर खत्म हुई. जिसमें उन्होंने चार चौके और इतने ही छक्के लगाए.

🚨 41 BALLS FIFTY FOR HARSHIT RANA 🚨

– What a fifty by Harshit Rana, he scored a majestic fifty Vs New Zealand in decider. pic.twitter.com/2qY2SZkwaV

— Tanuj (@ImTanujSingh) January 18, 2026

Gautam Gambhir was signalling Harshit Rana to remain focused after his half century, but bro was not ready for a surprise full toss😭 pic.twitter.com/1KtPYxBHfG

— कट्टर INDIA समर्थक 🦁🇮🇳 ™ (@KKRWeRule) January 18, 2026

Fifty for Harshit Rana.

Rohit Sharma’s reaction on Harshit Rana’s six. pic.twitter.com/82D1eIMfrN

— The sports (@the_sports_x) January 18, 2026

रोहित-गंभीर का रिएक्शन हुआ वायरल

जब हर्षित राणा ने 41 गेंदों में अर्धशतक जड़ा, तब रोहित शर्मा और गौतम गंभीर का रिएक्शन देखने लायक था. जिसके बाद रिएक्शन का फोटेज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. गौतम गंभीर ने जहां हर्षित को अर्धशतक को सेलिब्रेट करने के बजाय बल्लेबाजी पर फोकस करने को कहा. वहीं, रोहित शर्मा को उनके द्वारा लगाए लंबे छक्के पर हंसते हुए देखा गया.

अपने ही देश के राज्यों में सेना की तैनाती क्यों कर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप? क्या है इसकी बड़ी वजह

अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने अलास्का में तैनात करीब 1,500 सक्रिय ड्यूटी सैनिकों को मिनेसोटा में संभावित तैनाती के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है. दरअसल, मिनेसोटा में सरकार की डिपोर्टेशन ड्राइव के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अपने ही देश के राज्य में सेना को तैनात कर रहे है.

अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रॉयटर्स ने रविवार (18 जनवरी, 2026) को बताया कि सेना ने इन यूनिटों को तैनात करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है, ताकि मिडवेस्टर्न राज्य में हालात के हिंसक होने की स्थिति में उन्हें तुरंत भेजा जा सके. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में किसी सैनिक को भेजा जाएगा या नहीं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने राज्य के अधिकारियों को दी थी धमकी

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (15 जनवरी, 2026) को चेतावनी दी थी कि अगर राज्य के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को इमिग्रेशन अधिकारियों को निशाना बनाने से नहीं रोकते हैं, तो वह इंसरेक्शन एक्ट के तहत सैन्य बलों की तैनाती कर सकते हैं. यह धमकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) एजेंटों की संख्या में बढ़ोत्तरी के बाद दी गई.

हालांकि, अगर सैनिकों को तैनात किया जाता है, तो यह साफ नहीं है कि ट्रंप प्रशासन इंसरेक्शन एक्ट को औपचारिक रूप से लागू करेगा या नहीं. इस कानून को लागू किए बिना भी राष्ट्रपति कुछ घरेलू उद्देश्यों के लिए सक्रिय ड्यूटी बलों को तैनात कर सकता है. ट्रंप ने पिछले साल लॉस एंजेलिस में मरीन सैनिकों को भेजने के लिए इसी तर्क का हवाला दिया था.

इमिग्रेशन एजेंटों की बढ़ोतरी के बाद सैनिकों की धमकी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, ‘अगर मिनेसोटा के भ्रष्ट राजनेता कानून का पालन नहीं करते और प्रोफेशनल उपद्रवियों व विद्रोहियों को ICE के देशभक्त अधिकारियों पर हमला करने से नहीं रोकते, जो सिर्फ अपना काम कर रहे हैं, तो मैं इंसरेक्शन एक्ट लागू करूंगा.’