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सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी से की शिष्टाचार भेंट

  • ओम बिरला जी के नेतृत्व में लोकसभा ने स्थापित किए विधायी उत्पादकता के नए कीर्तिमान – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • गहन संसदीय ज्ञान, अटल नैतिकता, लोकतंत्र के प्रति अटूट निष्ठा के प्रतीक हैं लोस अध्यक्ष ओम बिरला – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ : सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को राजभवन, लखनऊ में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। यह मुलाक़ात उस अवसर पर हुई जब लोकसभा अध्यक्ष 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) में भाग लेने के लिए लखनऊ में हैं।

इस मुलाकात की जानकारी देते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि ओम बिरला जी के नेतृत्व में लोकसभा ने विधायी उत्पादकता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सदन में समय का कुशल प्रबंधन, विधेयकों का त्वरित एवं सुव्यवस्थित पारित होना तथा बहसों में गहनता और संतुलन ये सभी उनके सर्वसमावेशी, नियम-आधारित और परिणामोन्मुख नेतृत्व के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

डॉ. सिंह ने आगे उल्लेख किया कि लोकसभा अध्यक्ष के कार्यकाल में डिजिटल संसद की अवधारणा को साकार करते हुए ई-पार्लियामेंट, पेपरलेस कार्यप्रणाली, AI-सक्षम बहुभाषी अनुवाद, वास्तविक समय में ट्रांसक्रिप्शन तथा समेकित डिजिटल डेटाबेस जैसी क्रांतिकारी पहलें लागू की गईं, जिनसे संसद अधिक पारदर्शी, समावेशी, सुलभ और जवाबदेह बनी है।

ओम बिरला की प्रसंशा करते हुए डॉ. सिंह ने आगे जोड़ा, आपका गहन संसदीय ज्ञान, अटल नैतिकता, लोकतंत्र के प्रति अटूट निष्ठा तथा सर्वोपरि राष्ट्रहित की दृढ़ प्रतिबद्धता प्रत्येक सांसद एवं नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है। अंत में, डॉ. राजेश्वर सिंह ने कामना व्यक्त की कि ओम बिरला जी के नेतृत्व में लोकसभा लोकतांत्रिक मूल्यों, विधायी गुणवत्ता और संस्थागत विश्वसनीयता की नित नई ऊँचाइयों को स्पर्श करती रहे, और भारतीय लोकतंत्र और अधिक सुदृढ़ बने।

संकट में सिर्फ सांत्वना नहीं, समाधान लेकर पहुँचे सरोजनीनगर विधायक: शोक में डूबे परिवारों के संबल बने डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ : सरोजनीनगर में हाल के दिनों में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, यह केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं थी, बल्कि पूरे समाज के लिए पीड़ा का समय था। ऐसे क्षणों में जब शब्द कम पड़ जाते हैं और भविष्य धुंधला दिखता है, तब आवश्यकता होती है सिर्फ संवेदना नहीं, ठोस संबल और भरोसे की।

इसी भावना के साथ सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उन परिवारों का हाथ थामा, जिनकी ज़िंदगी अचानक ठहर-सी गई थी। मंगलवार को उन परिवारों के बीच पहुंचना, किसी औपचारिकता के लिए नहीं थे, बल्कि उस विश्वास का विस्तार थे कि “आप अकेले नहीं हैं।” डॉ. सिंह ने हर घर में जाकर सिर्फ सांत्वना नहीं दी, बल्कि बच्चों की शिक्षा, रोज़गार, न्याय और आर्थिक स्थिरता, इन चार स्तंभों पर परिवारों को खड़ा करने का संकल्प दोहराया।

पिपरसंड निवासी धीरज शुक्ला जिन्होंने अपने 19 वर्षीय पुत्र को खोया, उनके परिवार के बच्चों के लिए शुल्क प्रतिपूर्ति सुनिश्चित की गई। शिवरी निवासी राम सिंह लोधी जी के दोनों बच्चों शगुन और लकी की शिक्षा निर्बाध रहे, इसके लिए विद्यालय शुल्क प्रतिपूर्ति और आवश्यक सुनिश्चित किया गया। विधायक ने न केवल उस परिवार को अपना मोबाइल नंबर दिया, बल्कि स्वयं परिवार के मोबाइल में अपना नंबर सेव कराते हुए कहा, “ज़रूरत पड़े तो बिना संकोच फोन कीजिए।”

शिवरी में एक ही परिवार से माँ और पुत्र दोनों को सड़क दुर्घटना में खो देने के बाद, पीछे बचे तीन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु शिक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति, नगद सहायता और दीर्घकालिक सहयोग का आश्वासन दिया गया।

सहिजनपुर में काजल रावत की असामयिक मृत्यु के पश्चात, उनकी बहन को निजी क्षेत्र में रोज़गार तथा छोटे भाई की दो वर्षों की विद्यालय फीस जमा कराए जाने का निर्णय लिया गया। लतीफनगर में अर्पित त्रिवेदी ‘अन्ना’ के निधन के बाद, उनके भाई के लिए रोज़गार की व्यवस्था और दोषियों को कठोर दंड दिलाने हेतु हर संभव कानूनी प्रयास का आश्वासन दिया गया।

रहीमनगर पड़ियाना में विवेक पांडेय के निधन के बाद उनकी पत्नी के लिए निजी क्षेत्र में रोज़गार, बच्चों के एडमिशन और फीस प्रतिपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। खसरवारा में फूलचंद रावत जी के निधन पर, उनकी बहू नीतू जी के बच्चों को रोज़गारपरक शिक्षा और भविष्य की तैयारी के लिए संसाधन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया। बंथरा बाजार में सचिन गुप्ता के परिवार के लिए पत्नी को पेंशन, बच्चों को बाल सेवा योजना का लाभ शीघ्र दिलाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

इतना ही नहीं, कुरौनी निवासी गुड़िया गौतम जी के पुत्र की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के पश्चात, परिवार पर आए बैंक ऋण को जमा कराने का संकल्प भी विधायक द्वारा लिया गया, ताकि शोक के साथ कर्ज़ का बोझ न जुड़े। डॉ. राजेश्वर सिंह का यह प्रयास बताता है कि राजनीति केवल घोषणाओं का मंच नहीं, बल्कि संकट में साथ खड़े होने की प्रतिबद्धता है। सरोजनीनगर में आज लोग यह महसूस कर रहे हैं कि उनका विधायक केवल प्रतिनिधि नहीं, बल्कि संवेदनशील संरक्षक की भूमिका निभा रहा है।

सातवें सोमवार ‘धुरंधर’ की कमाई में आई गिरावट, क्या 850 करोड़ तक पहुंच पाएगी फिल्म?

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ रिलीज के बाद से ही भारतीय बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा चर्चा में रही है. शानदार ओपनिंग के बाद, फिल्म ने सातवें वीकेंड तक बमफाड़ कमाई की है. इस दौरान बल्कि बॉलीवुड की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का रिकॉर्ड अपने नाम कर इसने इतिहास रच दिया है. वहीं अब ये सातवें हफ्ते में पहुंच चुकी है. चलिए यहां जानते हैं इस फिल्म ने रिलीज के 46वें दिन यानी 7वें मंडे को कितनी कमाई की है?

‘धुरंधर’ ने 46वें दिन कितनी की कमाई?
आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और 46 दिन पुरानी हो चुकी ये फिल्म अब भी दर्शकों की फेवरेट बनी हुई है. इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि ये नई रिलीज फिल्मों पर अपना दबदबा बनाए हुए है. दिलचस्प बात ये है कि रिलीज के डेढ़ महीने बाद भी रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर माधवन और अर्जुन रामपाल स्टारर इस फिल्म की कमाई का सिलसिला रुक ही नहीं रहा है और ये करोड़ो में ही कमाई कर रही है. सातवें वीकेंड पर इस फिल्म ने धमाकेदार कमाई की थी. हालांकि सातवें मंडे यानी 46वें दिन इसके कलेक्शन में गिरावट दर्ज की गई है.

  • फिल्म की कमाई की बात करें तो ‘धुरंधर’ ने सातवें सोमवार यानी 46वें दिन 1.40 करोड़ कमाए हैं.
  • जिसके बाद इस फिल्म की भारत में कुल नेट कमाई अब 826.50 करोड़ रुपये हो गई है.

‘धुरंधर’ क्या बन पाएगी 850 करोड़ी?
‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल किया हुआ है. रिलीज के डेढ़ महीने बाद भी ये फिल्म डंके की चोट पर नोट पीट रही है और हर दिन अपने कलेक्शन रजिस्टर में नंबर्स को आगे बढ़ाती जा रही है. इसी के साथ इस फिल्म ने 46 दिनों में 826 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है और अब ये 850 करोड़ी बनने की ओर बढ़ रही है.

हालांकि इसके लिए इसे अभी 20 करोड़ से ज्यादा का केलक्शन करना होगा और ये अब इसके लिए इतना आसान नहीं हैं क्योंकि ‘धुरंधर’ अब 3 करोड़ से कम ही कमाई कर रही है. वहीं अब सिनेमाघरों में 23 जनवरी से सनी देओल की बॉर्डर 2 रिलीज होने वाली है. जिसके आने के बाद ‘धुरंधर’ के शोज तो घटेंगे ही वहीं इसकी कमाई पर भी काफी असर पड़ेगा. ऐसे में देखने वाली बात होगी कि ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर 850 करोड़ी बन पाती है या नहीं.

Health News:सिर्फ वजन उठाने से नहीं बनती बॉडी, मसल्स के लिए जरूरी हैं ये 7 पावरफुल फूड्स

जिम में घंटों पसीना बहाने के बाद भी अगर मसल्स ग्रोथ नहीं हो रही, तो इसकी सबसे बड़ी वजह गलत या अधूरी डाइट हो सकती है। सिर्फ वजन उठाना ही काफी नहीं, मसल्स बनाने और उन्हें मजबूत रखने के लिए शरीर को सही पोषण चाहिए। आइए जानते हैं ऐसे 7 पावरफुल फूड्स, जो मसल्स ग्रोथ में अहम भूमिका निभाते हैं।


1. अंडे (Eggs)

अंडा हाई-क्वालिटी प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। इसमें मौजूद अमीनो एसिड मसल्स रिपेयर और ग्रोथ में मदद करते हैं। अंडे की जर्दी में विटामिन D भी होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है।


2. चिकन ब्रेस्ट (Chicken Breast)

लो फैट और हाई प्रोटीन वाला चिकन ब्रेस्ट बॉडीबिल्डर्स की पहली पसंद है। यह मसल्स मास बढ़ाने और रिकवरी में मदद करता है।


3. पनीर (Cottage Cheese)

पनीर में केसिन प्रोटीन होता है, जो धीरे-धीरे पचता है। इससे लंबे समय तक मसल्स को प्रोटीन मिलता रहता है, खासकर रात में।


4. दाल और चना (Lentils & Chickpeas)

शाकाहारी लोगों के लिए दाल और चना प्रोटीन, फाइबर और आयरन का अच्छा स्रोत हैं। ये मसल्स को एनर्जी देने के साथ स्टैमिना भी बढ़ाते हैं।


5. ओट्स (Oats)

ओट्स में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो वर्कआउट के लिए जरूरी एनर्जी देते हैं। इसके साथ ही यह मसल्स को फ्यूल देने में मदद करता है।


6. केला (Banana)

केले में पोटैशियम भरपूर होता है, जो मसल्स क्रैम्प से बचाता है। वर्कआउट से पहले या बाद में केला खाने से एनर्जी लेवल बना रहता है।


7. मूंगफली और बादाम (Peanuts & Almonds)

इनमें हेल्दी फैट, प्रोटीन और मैग्नीशियम होता है, जो मसल्स रिकवरी और हार्मोन बैलेंस के लिए जरूरी है।


अगर आप मजबूत और फिट बॉडी बनाना चाहते हैं, तो सिर्फ वजन उठाने पर नहीं, बल्कि संतुलित डाइट पर भी ध्यान देना जरूरी है। सही एक्सरसाइज के साथ इन 7 पावरफुल फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें और मसल्स ग्रोथ का फर्क खुद महसूस करें।

Under-19 World Cup: विमथ दिनसारा की दमदार कप्तानी पारी, आयरलैंड को हराकर ग्रुप-A में टॉप पर श्रीलंका

श्रीलंका ने आयरलैंड के विरुद्ध नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड पर सोमवार को खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के 13वें मुकाबले को 106 रन से अपने नाम किया. लगातार दूसरी जीत के साथ श्रीलंका ने ग्रुप-ए में शीर्ष पायदान हासिल कर लिया है.

श्रीलंका ने अपने पहले मुकाबले में जापान के विरुद्ध 203 रन से जीत दर्ज की थी. वहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 8 विकेट से मैच गंवाने के बाद श्रीलंका के खिलाफ शिकस्त झेलनी वाली आयरलैंड की टीम तीसरे स्थान पर है.

सोमवार को टॉस जीतकर बल्लेबाजी के लिए उतरी श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित ओवरों में 5 विकेट खोकर 267 रन बनाए. इस टीम ने 17 के स्कोर तक अपने 2 विकेट गंवा दिए थे. यहां से दुलनिथ सिगेरा ने कप्तान विमथ दिनसारा के साथ तीसरे विकेट के लिए 42 रन की साझेदारी करते हुए टीम को संभाला.

दुलनिथ 22 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद कविजा गमागे ने विमथ के साथ 111 गेंदों में 79 रन जोड़ते हुए टीम को 139 के स्कोर तक पहुंचा दिया. कविजा 6 चौकों के साथ 49 रन बनाकर पवेलियन लौटे.

विमथ ने चमिका हेनातिगाला के साथ पांचवें विकेट के लिए 100 रन की साझेदारी की. कप्तान विमथ 102 गेंदों में 1 छक्के और 6 चौकों के साथ 95 रन बनाकर आउट हुए, जबकि चमिका ने नाबाद 51 रन का योगदान टीम के खाते में दिया.

विपक्षी खेमे से ओलिवर रिले ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि रूबेन विल्सन और ल्यूक मरे ने 1-1 विकेट निकाला.

इसके जवाब में आयरलैंड की टीम 40.1 ओवरों में 161 रन पर सिमट गई. इस टीम के लिए कैलम आर्मस्ट्रांग ने 3 चौकों के साथ सर्वाधिक 39 रन बनाए, जबकि रूबेन विल्सन ने 32 रन जुटाए. इनके अलावा, कप्तान ओलिवर रिले ने 35 गेंदों में 2 छक्कों और 1 चौके के साथ नाबाद 31 रन की पारी खेली. दुलनिथ सिगेरा ने 19 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि रसिथ निमसार ने 3 विकेट निकाले.