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“विंटर ट्रिप पर घना कोहरा बिगाड़ सकता है प्लान? सुरक्षित ड्राइविंग के लिए अपनाएं ये प्रो टिप्स”

सर्दियों के दौरान रोड ट्रिप बेहद शानदार होती है। एक अलग ही जादू होता है, ताजी हवा, खूबसूरत नजारे और रास्ते में आरामदायक जगहों पर रुकने का वादा इसे कई लोगों का पसंदीदा बना देता है। लेकिन सर्दियों में ड्राइवरों के लिए बड़ी चुनौतियों में एक होती घना कोहरा। यदि आप तैयार नहीं, तो कम विजिबिलिटी आपकी सुखद यात्रा को जोखिम भरी बना सकती हैं। कोहरे की स्थितियों में आपको और अपने यात्री साथी को को सुरक्षित रखने के लिए ज्यादा सावधानी और स्मार्ट ड्राइविंग तकनीकों की जरुरत होती है। अब चाहे आप पहाड़ों पर जा रहे हों या गांव की सड़कों पर घूम रहे हों, कोहरे में गाड़ी चलाने का तरीका समझना बहुत जरूरी है। इस लेख में हम आपको कुछ जरूरी सुरक्षा टिप्स बताने जा रहे हैं जो आपको बिना किसी चिंता के अपनी सर्दियों की रोड ट्रिप का आनंद लेने में मदद करेंगे।

सर्दियों की रोड ट्रिप के लिए फॉग सेफ्टी के 6 जरुरी टिप्स

सफेद पट्टी का पालन करें

जब विजिबिलिटी कम हो जाती है, तो सड़क के बाएं किनारे पर बनी सफेद लाइन आपकी सबसे अच्छी गाइड बन जाती है। सेंटर पर फोकस करने के बजाय, जो आपको सामने से आ रहे ट्रैफिक की तरफ ले जा सकता है, अपनी नजरें इस लाइन पर रखें। यह आपको अपनी लेन में बने रहने और भटकने से बचने में मदद करती है, खासकर घुमावदार सड़कों पर। तेज मोड़ों पर ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा के लिए इसे कम स्पीड के साथ इस्तेमाल करें।

खिड़कियों को अंदर और बाहर से साफ रखें

रात के समय बाहर कोहरा होना तो आम बात है, लेकिन आपकी कार के अंदर नमी भी उतनी ही खतरनाक हो सकती है। खिड़कियों को साफ रखने के लिए अपनी कार के डिफॉगर और एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल करें। साफ विंडशील्ड और शीशे विजिबिलिटी को बहुत बेहतर बनाते हैं। जरूरत पड़ने पर तुरंत पोंछने के लिए एक माइक्रोफाइबर कपड़ा साथ रखें, क्योंकि हल्की धुंध भी आपकी नजर को धुंधला कर सकती है। लंबी ड्राइव के दौरान धब्बे पड़ने से बचने के लिए वाइपर फ्लूइड का लेवल रेगुलर चेक करते रहें।

देखने से ज्यादा सुनें

घने कोहरे में आपके कान आपकी आंखों सतर्क रहे ये जरूरी होता हैं। कार का म्यूजिक धीमा रखें और विंडों थोड़ी खुली रखें ताकि पास आती गाड़ियों या हॉर्न की आवाज सुन सकें। कोहरे में आवाज अलग तरह से ट्रैवल करती है, इसलिए ध्यान देने से आप खतरों को देखने से पहले ही उनके बारे में अलर्ट हो सकते हैं। यह खासकर पतली या पहाड़ी सड़कों पर बहुत काम आता है। शुरुआती चेतावनियों के लिए इंजन की आवाज या टायर के शोर में हल्के बदलावों को नोटिस करने की आदत डालें।

GPS के साथ ओवरकॉन्फिडेंस से बचें

नेविगेशन ऐप्स मददगार होते हैं, लेकिन कोहरे वाली स्थितियों में उन पर आंख बंद करके भरोसा न करें। GPS आपको अचानक आने वाले मोड़ों, गड्ढों या आगे खराब पड़ी गाड़ियों के बारे में चेतावनी नहीं दे सकता। इसका इस्तेमाल सामान्य दिशा जानने के लिए करें, लेकिन अपनी स्पीड और ध्यान सड़क पर रखें। टेक्नोलॉजी एक टूल है, सावधानी का विकल्प नहीं। कम विजिबिलिटी में गलत मोड़ से बचने के लिए हमेशा फिजिकल रोड साइन से क्रॉस-चेक करें।

एक विजिबिलिटी बफर बनाएं

यदि कोहरा घना है, तो किसी सुरक्षित जगह जैसे ले-बाय या पेट्रोल स्टेशन पर गाड़ी रोक लें। सड़क पर ही न रुकें, क्योंकि दूसरे ड्राइवर आपको समय पर नहीं देख पाएंगे। हैजर्ड लाइट्स चालू करें और हालात बेहतर होने का इंतजार करें। ब्रेक के दौरान आराम के लिए चाय या कॉफी का थर्मस साथ रखें। दुर्घटना का जोखिम उठाने से बेहतर है कि थोड़ा समय लग जाए। यदि आपके पास रिफ्लेक्टिव ट्रायंगल या कोन हैं, तो उन्हें ज्यादा विजिबिलिटी के लिए इस्तेमाल करें। 

अचानक लेन बदलने से बचें

कोहरे में अचानक से लेन बदलने से दूसरे ड्राइवर कन्फ्यूज हो सकते हैं और इसलिए एक्सीडेंट खतरा बढ़ सकता है। अपनी लेन में ही रहें और कोई भी जरुरी बदलाव धीरे-धीरे और साफ इंडिकेटर देकर करें। यदि विजिबिलिटी बहुत खराब है, तो खतरनाक पैंतरेबाजी का जोखिम उठाने के बजाय किसी सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोककर हालात बेहतर होने का इंतजार करना ठीक होता है। अपने शीशे और ब्लाइंड स्पॉट को ध्यान से देखें, क्योंकि कोहरे में गाड़ियां अचानक सामने आ सकती हैं।

Common Health Problems In Adolescent Girls:“लड़कियों के लिए खतरनाक हो सकती है यह लापरवाही, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण और जरूरी बदलाव”

 माता-पिता अक्सर अपने बच्चों को लेकर कहते हैं कि “अभी तो बच्ची है, अपने आप ठीक हो जाएगी.” यह सोच स्वाभाविक लग सकती है, लेकिन हकीकत यह है कि बचपन और किशोरावस्था सेहत के लिहाज से बेहद अहम दौर होते हैं. इसी उम्र में शरीर और दिमाग में होने वाले बदलाव आगे की पूरी जिंदगी को प्रभावित करते हैं. दुनिया में सबसे ज्यादा किशोर भारत में हैं. दुनियाभर में किशोर आबादी कुल जनसंख्या का करीब 16 प्रतिशत है, यानी लगभग 1.2 अरब लोग. भारत में ही 25.3 करोड़ किशोर रहते हैं, जो देश की आबादी का करीब 20.9 प्रतिशत हैं.

बचपन में हो सकती है तमाम दिक्कत

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, बचपन से वयस्कता में जाने का यह दौर शारीरिक, मानसिक, हार्मोनल और सामाजिक स्तर पर बड़े बदलावों से भरा होता है. जहां यह उम्र विकास के कई मौके देती है, वहीं सेहत से जुड़े जोखिम भी इसी दौरान बढ़ते हैं. आम धारणा के विपरीत, किशोरावस्था कोई “बीमारी-मुक्त” उम्र नहीं है. इस दौरान पोषण की कमी, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, कम उम्र में गर्भधारण, एचआईवी और यौन संचारित रोग, अन्य इंफेक्शन, हिंसा, दुर्घटनाएं और नशे जैसी कई स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं.

एक रिपोर्ट के अनुसार, कई गंभीर बीमारियों की जड़ें किशोरावस्था में ही होती हैं. इस उम्र में होने वाली कई मौतें रोकी जा सकती हैं या उनका इलाज संभव होता है. बावजूद इसके, कई किशोर जीवनभर चलने वाली बीमारियों या विकलांगता से जूझते रह जाते हैं. डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक, हर साल करीब 13 लाख किशोर ऐसी बीमारियों से जान गंवाते हैं, जिनका इलाज या बचाव संभव है.

लड़कियों में बढ़ रही तेजी से समस्या

लड़कियों की सेहत को आज गंभीरता से लेने का मतलब है, आने वाले कल की कई परेशानियों को रोकना.  TOI से बात करते हुए डॉ. नीरज के. दीपक ने बताया कि, आज की किशोर लड़कियों में मोटापा, कुपोषण, कम उम्र में मेटाबॉलिक बीमारियां और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. बैठकर रहने वाली जीवनशैली, अनहेल्दी खान-पान, पढ़ाई का दबाव और जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम इसके बड़े कारण हैं. डॉक्टरों को अब कम उम्र में प्यूबर्टी शुरू होने और हार्मोनल गड़बड़ियों के मामले भी देखने को मिल रहे हैं, जो आगे चलकर गंभीर समस्याओं का रूप ले सकते हैं.

सही डाइट की कमी बीमारी की सबसे बड़ी वजह

पोषण को लेकर डॉक्टर बताते हैं कि सही डाइट की कमी इस समस्या की बड़ी वजह है. ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, शक्कर और कार्बोहाइड्रेट, जबकि फल-सब्जियों और प्रोटीन की कमी से मोटापा, एनीमिया और कमजोर इम्युनिटी जैसी दिक्कतें होती हैं. समय पर भोजन न करना और अनियमित खान-पान शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोन पर भी असर डालता है. डॉक्टरों का कहना है कि बचपन में शारीरिक गतिविधियों की कमी आगे चलकर मोटापा, कमजोर हड्डियां, दिल और किडनी से जुड़ी बीमारियों, डायबिटीज और आर्थराइटिस जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है. इसलिए बच्चों के लिए रोजाना एक्सरसाइज और खेलकूद बेहद जरूरी है.

एक्सपर्ट बताते हैं   कि अगर बचपन से ही सही खान-पान, पर्याप्त नींद, नियमित एक्सरसाइज और सीमित स्क्रीन टाइम जैसी आदतें अपनाई जाएं, तो लड़कियों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है. शुरुआती सावधानियां ही आगे की जिंदगी को बेहतर और सुरक्षित बना सकती हैं.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

“ब्रेकअप की अफवाहों के बीच तारा सुतारिया के हाथ में दिखी डायमंड रिंग, चर्चाओं का बाजार गरम”

बॉलीवुड एक्ट्रेस तारा सुतारिया इन दिनों काफी लाइम लाइट में बनी हुई हैं. कुछ दिन पहले ही एक्ट्रेस के ब्रेकअप की खबरें सामने आईं थीं. जिससे उनके फैंस काफी हैरान रह गए थे. हालांकि इन खबरों पर वीर और तारा की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई थी. इसी बीच कारा सुतारिया हाल ही में एक नया पोस्ट शेयर किया है. जिसमें उनके फैंस ने कुछ ऐसा देखा कि वो खुद को सवालों की झड़ी लगाने से रोक नहीं पाए.

तारा का पोस्ट
दरअसल हाल ही में तारा सुतारिया ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए एक फोटो शेयर की है. इस फोटो में तारा बेहद खूबसूरत लग रही हैं. फोटो में तारा के हाथ में एक ब्लैक कलर का मग है, जिससे वो कॉफी पी रही हैं. लेकिन लोगों की नजर उनकी खूबसूरती या मग पर नहीं गई बल्कि उनकी हाथ ही अंगूठी पर गई. तारा ने इस फोटो में अपने उल्टे हाथ की फिंगर रिंग में एक बिग डायमंड रिंग पहनी है. ये रिंग वाकई में बहुत खूबसूरत है, जिसे देख उनके फैंस भी उनसे तरह- तरह के सवाल पूछ रहे हैं.

क्या बोले फैंस?
तारा की इस पोस्ट और इसमें रिंग को देखकर उन्हें लग रहा है कि तारा की सगाई हो गई है. सोशल मीडिया यूजर्स ने तारा के पोस्ट पर ऐसे कमेंट्स की भी झड़ी लगा दी है. सबसे पहले तो तारा के दोस्त औरी ने रिंग को हाई लाइट करते हुए कमेंट किया. इस पर कई सोशल मीडिया यूजर्स कमेंट कर पूछ रहे हैं कि क्या तारा ने सगाई कर ली है. एक यूजर ने कमेंट किया, ‘ये कौन सी रिंग है’. एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘प्रपोजल रिंग है’. तो वहीं एक और यूजर ने बड़ा सा कमेंट किया है और उसमें लिखा है कि हमें इंगेजमेंट वीडियो देखना है, इसलिए दोनों सोशल मीडिया से दूर है.

बता दें कि कुछ दिन पहले ही वीर पहाड़िया और तारा सुतारिया एपी ढिल्लन के कॉन्सर्ट में पहुंचे थे. जहां से तारा का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसे देख लग रहा था कि तारा और एपी काफी नजदीक थे. इसी के साथ वीर का भीएक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो काफी हैरान दिख रहे थे. ऐसे में इनके ब्रेकअप के कयास लगाए गए. हालांकि पहले तो दोनों ने इन खबरों को अपने- अपने तरीके से खारिज कर दिया. लेकिन कुछ दिन बाद खबरें आईं कि दोनों का ब्रेकअप हो गया है. अब सच क्या है ये तो तारा और वीर ही बता सकते हैं.

Wasim Akram World Record In Batting: “बल्लेबाजी में वसीम अकरम का वो कौन-सा रिकॉर्ड है जिसे सचिन तेंदुलकर भी नहीं तोड़ सके? जानिए”

पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाज वासिम अकरम को स्विंग का सुल्तान कहा जाता है. उन्होंने अपनी घातक गेंदबाजी से दुनिया के हर एक बल्लेबाज को परेशान किया. वसीम के गेंदबाजी के रिकॉर्ड तो हर किसी को याद है. लेकिन उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है जिसे मॉडर्न डे क्रिकेट में तोड़ना नामुमकिन लगता है. यहां तक कि ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी अकरम के इस रिकॉर्ड के आस-पास भी नहीं पहुंच पाए. 

साल 1996 में वसीम अकरम ने बनाया था रिकॉर्ड

वसीम अकरम ने अपने शानदार करियर में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए. लेकिन 20 अक्टूबर 1996 उनके लिए खास है, क्योंकि इस दिन एक निचले क्रम के बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे यादगार पारियों में से एक देखने को मिली. अकरम उस दिन वे संकट की स्थिति में बल्लेबाजी करने आए. जब पाकिस्तान के छह विकेट 183 रन पर गिर चुके थे, और उन्होंने शेखपुरा में नाबाद 257 रन की ऐतिहासिक पारी खेली.

अकरम का रिकॉर्ड तोड़ना क्यों नामुमकिन!

जिम्बाब्वे के खिलाफ वसीम अकरम की खेली गई पारी आज तक वर्ल्ड रिकॉर्ड है और इसे तोड़ना नामुमकिन जैसा लगता है. क्योंकि टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में नंबर 8 बल्लेबाज द्वारा (257* रन) सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है. इससे पहले ये रिकॉर्ड 209 रन का था, जो उनके ही देश के इम्तियाज अहमद ने साल 1955 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था. अकरम ने अपनी पारी के दौरान 12 छक्के जड़े थे, जो एक पारी में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड बन गया. इससे पहले वॉली हैमंड ने ऑकलैंड में 336 रन की पारी में 10 छक्के लगाए थे.  उन्होंने 22 चौके भी लगाए और सकलैन मुश्ताक के साथ 323 रन की साझेदारी की.

सचिन तेंदुलकर भी नहीं कर पाए ये कारनामा 

वसीम अकरम ने नंबर 8 बल्लेबाज करते हुए टेस्ट मैच की एक पारी में नाबाद 257 रन बनाए. जिसे भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर तक कभी टेस्ट क्रिकेट में इस स्कोर तक नहीं पहुंच पाए. मास्टर ब्लास्टर ने अपने 24 साल के इंटरनेशनल करियर में 200 टेस्ट मैच खेले और उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 248 रन का रहा.

ICC Gives Deadline to Bangladesh Cricket Board:टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड की एंट्री? खबर पर क्रिकेट बोर्ड की आई प्रतिक्रिया

 आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत में अपनी टीम नहीं भेजने के फैसले पर बांग्लादेश अड़ा हुआ है और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने एक बार फिर अपनी बात दोहराई है. हालांकि रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) बांग्लादेश के अड़े रहने पर उसे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर सकती है. ऐसे में मौजूदा वर्ल्ड रैंकिंग के लिहाज से स्कॉटलैंड को बांग्लादेश के रिप्लेसमेंट के तौर पर चुना जा सकता है. ये खबर सामने आने के बाद स्कॉटलैंड क्रिकेट का बड़ा रिएक्शन सामने आया है. स्कॉटलैंड ने कहा है कि उन्हें अब तक आईसीसी से ऐसा कोई न्योता नहीं मिला है. लेकिन स्कॉटलैंड ने ये भी संकेत दिए हैं कि यदि उन्हें ऑफर मिलता है तो वे उसे स्वीकार करने को तैयार हैं. 

आईसीसी से खुद बात नहीं करेगा स्कॉटलैंड

बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को आईसीसी के द्वारा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने का मौका देने की संभावना कई मीडिया रिपोर्ट में जताई जा चुकी है. यदि आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप से बांग्लादेश को बहिष्कृत करती है, तो सबसे ऊंची रैंकिंग वाले देश को ही मौका मिलेगा. ऐसे में इस समय स्कॉटलैंड वर्ल्ड रैंकिंग में 14वें नंबर पर है. इसलिए बांग्लादेश के बाहर होने की स्थिति में स्कॉटलैंड ही दावेदार है. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कॉटलैंड क्रिकेट के अधिकारियों ने रिप्लेसमेंट के तौर पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में मौका मिलने की संभावना को लेकर कहा कि अभी तक आईसीसी ने उनसे इस पर संपर्क नहीं किया है. वे अपने समकक्ष बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का सम्मान करते हुए अपनी तरफ से आईसीसी से इस मुद्दे पर कोई बात नहीं करेंगे.

बांग्लादेश को आईसीसी ने दी डेडलाइन

सोमवार यानी 19 जनवरी को कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच शनिवार यानी 10 जनवरी को इस मुद्दे पर बैठक हुई. ढाका में हुई इस बैठक में आईसीसी अधिकारियों ने बांग्लादेश को स्पष्ट बताया है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आयोजन में महज 3 सप्ताह ही बचे हैं. ऐसे में ना तो उसके मैच श्रीलंका शिफ्ट हो सकते हैं और ना ही उसका ग्रुप बदला जा सकता है. रिपोर्ट में दावा था कि आईसीसी ने भारत में बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं को खारिज कर दिया है. साथ ही उसे फैसला लेने के लिए 21 जनवरी की डेडलाइन भी दे दी है. हालांकि, सोमवार शाम को बांग्लादेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस दावे को खारिज कर दिया था. साथ ही फिर से दोहराया था कि वो भारत में खेलने के लिए नहीं जा रहा है.