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Republic Day 2026: दिल्ली में ट्रैफिक पर क्या असर, किन रास्तों पर रहेगा बंद और Metro शेड्यूल क्या होगा?

दिल्ली प्रशासन की तरफ से 26 जनवरी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली के आस-पास के शहरों के साथ-साथ दिल्ली वाले भी शहर में घूमने निकलते हैं। इस दौरान ट्रैफिक बहुत ज्यादा हो जाता है और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान रखना मुश्किल हो जाता। इसी कारण हर वर्ष प्रशासन कई सड़कों को अस्थायी रूप से बंद करता है और कुछ मार्गों पर यातायात को अन्य रास्तों से मोड़ दिया जाता है। इसके साथ ही, गणतंत्र दिवस के अवसर पर डीएमआरसी यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेट्रो सेवाओं के समय में भी बदलाव करती है। यदि आप दिल्ली में रह रहे हैं या 26 जनवरी को बाहर जाने की योजना बना रही हैं, तो इन सभी व्यवस्थाओं की जानकारी पहले से होना आपके लिए बेहद जरूरी है।

26 जनवरी को कहां-क्या बंद रहेगा

– रिहर्सल के दौरान बंद रहेंगे ये रास्ते- शिकोह रोड, कृष्णा मेनन मार्ग और सुनहरी मस्जिद गोलचक्कर से विजय चौक की तरफ जाने वाले रास्ते दिल्ली में रिहर्सल के समय बंद रहेंगे। इन रास्तों पर भूलकर भी नहीं जाएं। इन मार्ग पर भारी वाहनों और माल ढोने वाले वाहनों के जाने की अनुमति नहीं है।

– 22 जनवरी को शाम 4 बजे से ही परेड की रिहर्सल के चलते इसे बंद रखा गया था।

– वहीं, कर्तव्य पथ और रफी मार्ग बीच का हिस्सा भी बंद रहेगा।

– विजय चौक पूरी तरह से बंद रहने वाला है।

इन रास्तों पर आज जाने से करें परहेज

– कृषि भवन स्थित गोल चक्कर से विजय चौक की ओर जाने वाली रायसीना रोड पर आवागमन न करें। इस मार्ग पर सामान्य वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

– विजय चौक से रफी मार्ग जाने की योजना बना रहे हैं, तो ध्यान रखे कि इन रास्तों के बीच कर्तव्य पथ चौराहे की ओर जाने वाला रास्ता भी बंद रहेगा।

किन रास्तों से जाना सही होगा

– इस मार्ग से नहीं जा पाने वाले यात्री ट्रैफिक से बचने के लिए सफदरजंग रोड, रानी झांसी रोड, मिंटो रोड, रिंग रोड, रिज रोड, अरबिंदो मार्ग और मदरसा टी-प्वाइंट जैसे वैकल्पिक रास्तों का उपयोग कर सकते हैं जिससे आपकी यात्रा सुगम बनी रहेगी।

– वहीं, ट्रकों के लिए अलग रास्ते तय किए गए हैं, जयपुर की तरफ से आने वाले ट्रक को पचगांव चौक से KMP एक्सप्रेसवे की ओर जाने के लिए कहा गया है।

– इसके अलावा, जो ट्रक गुरुग्राम के अंदर चलते हैं वह हीरो होंडा चौक, शंकर चौक, महरौली बॉर्डर, सोहना, पटौदी और फरुखनगर जैसे इलाकों से निकाल दिए जाएंगे।

– एयरपोर्ट जाने वाले वाहन या दूसरे शहर या राज्य जाने वाले ट्रक, पचगांव चौक से KMP एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इन गाड़ियों पर कोई रोक नहीं

–  दूध, सब्जी और फल लाने वाली गाड़ियों के साथ ही,  एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों पर कोई रोक नहीं है।

 परेड देखने जा रहे लोग कहां करें पार्किंग?

– इस बार प्रशासन की तरफ से QR कोड वाली पार्किंग की सुविधा दी गई है।

– वहीं, कुल 22 पार्किंग वाली जगहें तय की गई है, यहां वाहन पार्क किए जा सकते हैं।

– इन सभी जगहों पर लगभग 8 हजार गाड़ियां खड़ी हो सकती हैं।

– आपको इन QR कोड स्कैन की खासियत बताते हैं कि, जैसे ही आप स्कैन करेंगी, आपको आपकी सीट के पास वाली पार्किंग की जानकारी मिल जाएगी।

– इससे न ही आपकी गाड़ी ज्यादा दूर पार्क होगी और न ही आप परेड देखने में लेट होगी।

दिल्ली पुलिस की सलाह

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है कि आप 26 जनवरी के दिन अपनी गाड़ी से कम यात्रा करें। इससे फायदा यह होगा कि आप ट्रैफिक में नहीं फंसे रहेंगे। दूसरा फायदा यह होगा कि हर रोज आप अपनी गाड़ी से ही सफर करते हैं, तो कभी-कभी आपको इस तरह भी यात्रा करनी चाहिए। इसकी जगह आप 26 जनवरी को मेट्रो या बस से यात्रा करें।

कौन-से मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे?

– 26 जनवरी को Central Secretariat (गेट 3 और 4) सुबह 3 बजे से ही बंद रहेंगे। कोई भी यात्री इन गेट से अंदर और बाहर नहीं जा पाएंगे।

– इसके अतिरिक्त,  Udyog Bhawan (गेट 1) का भी एंट्री-एग्जिट आम लोगों के लिए पूरी तरह बंद रहने वाला है।

– यदि आप लाल किला जाने का प्लान बना रहे हैं, तो ध्यान रखें कि लाल किला गेट नंबर 3 और 4 और Jama Masjid का गेट नंबर 3 और 4 पर भी इसी तरह की रोक रहेगी।

– जो यात्री दिल्ली जा रहे हें, वह भी Delhi Gate Metro पर गेट 1, 4 और 5 से आ-जा नहीं पाएंगे।

– इसके साथ ही ITO Metro स्टेशन का गेट 3,4 और 6 भी बंद रहेगा।

– 26 जनवरी को दिल्ली मेट्रो से जुड़े अपडेट को पढ़ते रहें।

Sports News: एक ओवर ने बदली मैच की तस्वीर, इन 6 गेंदों में कैसे पलटा पूरा खेल—जानिए

IND vs NZ: भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में जबरदस्त अंदाज में अपना दबदबा कायम कर लिया है. वनडे सीरीज में मिली निराशा के बाद भारत ने टी20 फॉर्मेट में न्यूजीलैंड से पूरा हिसाब बराबर कर लिया. रविवार 25 जनवरी को खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने तीसरी बार लगातार शानदार जीत दर्ज की. इसी के साथ 5 मैचों की सीरीज में भारत ने अजेय बढ़त बना ली है. इस जीत से यह भी साफ हो गया कि अब न्यूजीलैंड बाकी दोनों मैच जीत भी जाए, तब भी ट्रॉफी भारत के पास ही रहेगी.

भारत की शानदार गेंदबाज़ी, न्यूजीलैंड 153 पर सिमटा

टॉस जीतकर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ. शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों ने कीवी बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया. हर्षित राणा और हार्दिक पंड्या ने शुरुआती दो ओवरों में विकेट निकालकर न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया. इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने आते ही पहली ही गेंद पर विकेट झटक लिया.

कुछ ही देर में न्यूजीलैंड की हालत खराब हो गई और स्कोर 112 रन पर 6 विकेट पर पहुंच गया. कप्तान मिचेल सैंटनर ने आखिर में थोड़ा संघर्ष दिखाया और टीम को 153 रन तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर भारतीय बल्लेबाजी को देखते हुए काफी नहीं लग रहा था.

भारत को मिले शुरुआती झटके

153 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को पहले ओवर में ही झटका लगा, जब संजू सैमसन मैट हेनरी की गेंद पर आउट हो गए. इसके बाद ईशान किशन ने कुछ आकर्षक शॉट खेले, लेकिन वह भी 28 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. एक समय तक मुकाबला बराबरी का लग रहा था और न्यूजीलैंड को वापसी की उम्मीद नजर आ रही थी.

सिर्फ 6 गेंदों ने बदला मैच

यहीं से मैच का असली टर्निंग पॉइंट आया. पारी का छठा ओवर, यानी पावरप्ले का आखिरी ओवर, पूरी तरह भारत के नाम रहा. अभिषेक शर्मा ने इस ओवर में गेंदबाज जैकब डफी पर कहर बरपाया. उन्होंने सिर्फ 6 गेंदों में 22 रन ठोक दिए, जिसमें दो छक्के और दो चौके शामिल थे.

भारत का स्कोर जो 5 ओवर के बाद 72 रन था, वह अचानक 94 रन तक पहुंच गया. इन छह गेंदों ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि न्यूजीलैंड के हौसले भी तोड़ दिए.

6 दिन पहले ही तय हो गया सीरीज का नतीजा

न्यूजीलैंड की टीम यह मुकाबला जीतकर सीरीज में बने रहने की उम्मीद कर रही थी, लेकिन अभिषेक शर्मा और सूर्यकुमार यादव की आक्रामक बल्लेबाजी ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया. भारत ने इस जीत के साथ सीरीज में 3-0 की बढ़त बना ली है.

अब जबकि सीरीज का आखिरी मुकाबला 31 जनवरी को खेला जाना है, उससे पहले ही यह साफ हो चुका है कि टी20 सीरीज भारत की झोली में जा चुकी है.

भारत में शेख हसीना के पहले भाषण के बाद यूनुस सरकार की सख्त प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा गया

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के दिल्ली में दिए सार्वजनिक रूप से दिए संबोधन पर ढाका ने हैरानी जताई है. बांग्लादेश सरकार ने कहा कि उसे इस बात पर हैरानी हुई है कि भारत ने फरार पूर्व पीएम शेख हसीना को राजधानी नई दिल्ली में सार्वजनिक रूप से संबोधन देने की अनुमति दी.

78 वर्षीय शेख हसीना अगस्त, 2024 में तब अपना देश छोड़कर भारत आ गई थीं, जब बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के दौरान भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद उनका 15 साल का शासन खत्म हो गया था. इसके बाद शुक्रवार (23 जनवरी, 2026) को शेख हसीना ने खचाखच भरे राजधानी दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में ऑडियो संदेश के जरिए अपना पहला सार्वजनिक भाषण दिया

शेख हसीना के भाषण पर ढाका की प्रतिक्रिया

शेख हसीना के दिल्ली में दिए भाषण पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर हैरानी जताई. मंत्रालय ने कहा, ‘बांग्लादेश की सरकार और जनता इस बात से हैरान और स्तब्ध है कि फरार शेख हसीना को शुक्रवार (23 जनवरी) को नई दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बयान देने की अनुमति दी गई, जिन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) की ओर से दोषी ठहराया जा चुका है.’

मंत्रालय ने कहा कि हसीना को भाषण देने की इजाजत देना एक खतरनाक मिसाल कायम करता है, जो द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है. बयान में कहा गया, ‘भारतीय राजधानी में इस कार्यक्रम को आयोजित होने और सामूहिक हत्या की अपराधी शेख हसीना को खुले तौर पर घृणा से भरे भाषण देने की अनुमति देना बांग्लादेश की जनता और सरकार का सीधे तौर पर अपमान है.’

भारत ने अब तक अपनी जिम्मेदारियों पर कार्रवाई नहीं की- बांग्लादेश

बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने बयान में आगे कहा, ‘बांग्लादेश को गहरा दुख है कि भारत अब तक द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौते के तहत शेख हसीना को सौंपने की अपनी जिम्मेदारियों पर कार्रवाई नहीं कर पाया है. बांग्लादेश सरकार के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, हसीना को भड़काऊ भाषण देने की अनुमति दी गई. यह बांग्लादेश के लोकतांत्रिक ट्रांजिशन, शांति और सुरक्षा के लिए स्पष्ट रूप रूप से खतरा है.’

मोहम्मद यूनुस को लेकर क्या बोलीं शेख हसीना?

अपने ऑनलाइन प्रसारित हुए ऑडियो संबोधन में शेख हसीना ने कहा कि अंतरिम नेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश में कभी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता है.

‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने मिलेट्स को बताया अहम, जानिए सेहत के लिए इसके बड़े फायदे

पीएम नरेंद्र मोदी ने 25 जनवरी (रविवार) को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के साल 2026 के पहले एपिसोड में एक बार फिर मिलेट्स (मोटे अनाज) का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मिलेट्स देश की परंपरा का हिस्सा हैं और आज पूरी दुनिया इन्हें सुपरफूड मान रही है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी थाली में मिलेट्स को जगह दें, क्योंकि ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं. आइए जानते हैं ये सेहत के लिए कितने अच्छे होते हैं?

पीएम मोदी ने क्या कहा? 

पीएम मोदी ने मिलेट्स को न सिर्फ सेहत का खजाना बताया, बल्कि कहा कि ये न सिर्फ पौष्टिक हैं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करते हैं. मिलेट्स खाने से शरीर मजबूत होता है और बीमारियां दूर रहती हैं. ये ग्लूटेन फ्री हैं और डायबिटीज-मोटापा जैसी समस्याओं में बहुत मदद करते हैं.

क्या है डॉक्टर की राय?

दिल्ली एम्स के न्यूट्रिशन विभाग के प्रमुख डॉ. अनूप मिश्रा के मुताबिक, मिलेट्स में फाइबर काफी ज्यादा होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और कब्ज की समस्या दूर करते हैं. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी मिलेट्स बहुत अच्छे हैं, क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है. इन्हें खाने से ब्लड शुगर जल्दी नहीं बढ़ता. लोगों को रोजाना रागी, ज्वार या बाजरा की रोटी खानी चाहिए, जो उनकी सेहत के लिए काफी अच्छे हैं.

महिलाओं और बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद

डॉ. मिश्रा ने बताया कि मिलेट्स में भरपूर आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम होते हैं. एनीमिया की समस्या वाले लोगों के लिए ये रामबाण हैं. खासकर महिलाओं और बच्चों को मिलेट्स जरूर खाने चाहिए. ये हड्डियां मजबूत करते हैं और इम्यूनिटी बढ़ाते हैं.

दिल की बीमारियों के लिए भी बेहतरीन

एक्सर्ट्स के मुताबिक, दिल की बीमारियां आजकल बहुत कॉमन हैं. मिलेट्स में गुड फैट और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं और दिल को हेल्दी रखते हैं. बाजरा और ज्वार खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. मिलेट्स ग्लूटेन फ्री हैं, इसलिए सीलियक डिजीज वाले लोगों के लिए परफेक्ट हैं. इनमें प्रोटीन भी अच्छा होता है. इसके अलावा वजन घटाने वालों के लिए मिलेट्स बेस्ट हैं, क्योंकि ये लंबे वक्त तक पेट भरा रखते हैं.

कैंसर जैसी बीमारियों में भी मददगार

डॉ. मिश्रा ने बताया कि मिलेट्स में एंटीऑक्सीडेंट काफी ज्यादा होते हैं, जो कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं. ये लिवर और किडनी को भी हेल्दी रखते हैं. बच्चों के लिए रागी पोरिज बहुत अच्छा है, जो दिमाग के विकास में मदद करता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

शेख हसीना सरकार के पतन में अमेरिका की भूमिका? अमेरिकी राजनयिक की लीक रिकॉर्डिंग से सियासी तूफान

बांग्लादेश में 2024 की राजनीतिक उथल-पुथल और शेख हसीना सरकार को गिराए जाने से जुड़ी डिप्लोमैटिक रिकॉर्डिंग अमेरिका से लीक होने के बाद नया बखेड़ा खड़ा हो गया है. रिकॉर्डिंग लीक होने के बाद अवामी लीग ने अमेरिका की भूमिका को लेकर सवाल उठाया है.

बांग्लादेश के पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने हाल ही में एक इवेंट में कहा कि यह ऑडियो अवामी लीग की लंबे समय से चली आ रही बात को सही साबित करता है कि शेख हसीना सरकार का गिरना पूरी तरह से एक ऑर्गेनिक प्रक्रिया नहीं थी.

नेपाल-बांग्लादेश में गिराई गईं सरकारें

बीते कुछ वर्षों में बांग्लादेश हो या फिर नेपाल हो, सरकार गिरने की घटना सामने आई. फ्रांस में भी ऐसी कोशिशें जोर पकड़ रही थीं, लेकिन नाकामयाब रहीं. इन सभी देशों के सत्ता परिवर्तन में एक नाम का जिक्र कॉमन रहा, वह है अमेरिका. जिन देशों में सरकार गिराई गई और उससे पहले भारी हिंसा या क्रांति देखी गई. ऐसा लगातार कहा जा रहा है कि इसे अमेरिका के इशारे पर किया गया. हालांकि इसका आधिकारिक तौर पर कोई सबूत नहीं है.

लीक हुई US डिप्लोमैट की बातचीत

अब बांग्लादेश को लेकर लीक हुई यूएस डिप्लोमैटिक रिकॉर्डिंग ने वॉशिंगटन को नए आरोपों के केंद्र में ला दिया है. एक बड़े डेली, स्ट्रैटन्यूज ग्लोबल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में इस रिकॉर्डिंग का जिक्र किया गया है. इसके मुताबिक इस रिकॉर्डिंग में एक सीनियर अमेरिकी डिप्लोमैट की बातचीत है, जिसमें वे बांग्लादेश की इस्लामी राजनीतिक ताकतों से जुड़ने और हसीना के बाद के दौर में देश की चाल का अंदाजा लगाने के बारे में बात कर रहे हैं.

इससे बांग्लादेश में अमेरिका की भूमिका की जांच की मांग तेज हो गई है और अवामी लीग के नेताओं को यूनुस सरकार पर तीखे हमले करने का मौका भी मिल गया है.

बांग्लादेश के पूर्व मंत्री क्या बोले?

शेख हसीना को 5 अगस्त, 2024 को अपने देश से भागने पर मजबूर होना पड़ा था. बांग्लादेश छोड़ने के बाद से वह दिल्ली में रह रही हैं. हसन चौधरी ने आगे बताया कि अमेरिकी डिप्लोमैट की लीक हुई ऑडियो बातचीत बांग्लादेश में चुनाव के बाद की सरकारों को मैनेज करने की ‘खुली साजिश’ दिखाती है और ऐसी स्थिति से होने वाले गंभीर नतीजों के बारे में चेतावनी दी.

अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोकने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि अवामी लीग जैसी प्रमुख राजनीतिक ताकतों को बाहर करने से मतदाताओं के बड़े हिस्से को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया जाएगा, जिससे बिना लोकप्रिय जनादेश के एक अवैध सरकार बनेगी.