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Tarique Rahman का पहला राष्ट्र संबोधन, जानें बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री ने क्या कहा

17 फरवरी को Bangladesh के 11वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद तारिक रहमान ने राष्ट्र को अपना पहला संबोधन दिया। सरकारी प्रसारक Bangladesh Television (BTV) पर प्रसारित इस भाषण में उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती, कानून का राज और भ्रष्टाचार पर सख्ती को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया।


कानून से चलेगा शासन, किसी दल से नहीं

रहमान ने स्पष्ट कहा कि देश में शासन किसी राजनीतिक दल, प्रभाव या ताकत से नहीं बल्कि कानून के आधार पर चलेगा। उन्होंने कहा कि चाहे किसी ने उनकी पार्टी Bangladesh Nationalist Party (BNP) को वोट दिया हो या नहीं, नई सरकार पर सभी नागरिकों का समान अधिकार है।

उन्होंने जोर देकर कहा:

“मुस्लिम, हिंदू, बौद्ध, ईसाई—किसी भी धर्म या समुदाय से हों, पहाड़ों में रहते हों या मैदानों में—यह देश सबका है और हर नागरिक को समान अधिकार प्राप्त हैं।”


रमजान पर संदेश और व्यापारियों को चेतावनी

प्रधानमंत्री ने रमजान के पवित्र महीने की बधाई देते हुए व्यापारियों से अपील की कि वे जरूरत की वस्तुओं के दाम अनावश्यक रूप से न बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि मुनाफाखोरी से आम लोगों पर बोझ बढ़ता है और सरकार इस पर नजर रखेगी।


भ्रष्टाचार खत्म करने का संकल्प

तारिक रहमान ने कहा कि उनकी सरकार हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर लगाम लगाएगी। उन्होंने देश की बड़ी आबादी को “स्किल वर्कफोर्स” में बदलने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि यदि मानव संसाधन को प्रशिक्षित किया जाए, तो बांग्लादेश वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति बना सकता है।


रेलवे नेटवर्क मजबूत करने की योजना

प्रधानमंत्री ने देश में रेलवे नेटवर्क को अधिक सुलभ, सस्ता और सुरक्षित बनाने की बात कही। उनका मानना है कि मजबूत रेल व्यवस्था से शहरी दबाव कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।


जनता से समर्थन की अपील

अपने संबोधन के अंत में रहमान ने कहा कि चुनाव में जनता ने उन्हें सरकार चलाने का अवसर दिया है, अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे वादों को पूरा करें। उन्होंने आने वाले समय में जनता से निरंतर सहयोग और समर्थन की अपील भी की।

सलीम खान को अस्पताल में क्यों कराया गया एडमिट? सामने आई वजह और ताज़ा हेल्थ अपडेट

दिग्गज स्क्रीनराइटर और सलमान खान के पिता सलीम खान को मंगलवार, 17 फरवरी को मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। सलमान खान को अस्पताल में स्पॉट किया गया, जिसके बाद परिवार के अन्य सदस्य—अलवीरा अग्निहोत्री, आयुष शर्मा समेत कई लोग उनका हाल-चाल लेने पहुंचे। खबर सामने आते ही फैंस उनकी सेहत को लेकर चिंतित हो गए।

अस्पताल में भर्ती होने की वजह क्या है?

परिवार की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सलीम खान को ब्लड क्लॉट की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया। बताया गया कि उन्हें लगातार चक्कर आ रहे थे, जिसके बाद परिवार उन्हें तुरंत लीलावती अस्पताल लेकर पहुंचा। उन्हें एहतियातन ICU में भर्ती किया गया।

डॉक्टर ने क्या दिया हेल्थ अपडेट?

सलीम खान का इलाज कर रहे डॉक्टर जलील पार्कर ने जानकारी दी कि 90 वर्षीय सलीम खान की हालत फिलहाल स्थिर (स्टेबल) है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है। उन्हें इमरजेंसी में लाने के बाद तुरंत इलाज शुरू किया गया और बाद में ICU में शिफ्ट कर दिया गया।

डॉक्टरों की एक टीम—न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन—उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया है कि प्रेस बुलेटिन जारी कर आगे की जानकारी दी जाएगी, जिसमें मरीज की प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा।


सलीम खान की विरासत

सलीम खान हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर के अहम स्तंभ रहे हैं। जावेद अख्तर के साथ उनकी जोड़ी ‘सलीम-जावेद’ के नाम से मशहूर हुई। दोनों ने 70 के दशक में कई यादगार फिल्में दीं, जिनमें—

  • ज़ंजीर
  • दीवार
  • शोले
  • सीता और गीता
  • त्रिशूल
  • डॉन

जैसी आइकॉनिक फिल्में शामिल हैं।

फिलहाल राहत की बात यह है कि उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। फैंस उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।

तेल और डिफेंस से परे भारत-रूस की नई मेगा ट्रेड डील पर तेजी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया दावे के बीच कि भारत रूसी तेल खरीद रोकने पर सहमत हुआ है, भारत ने साफ किया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार फैसले करेगा। इसी बीच भारत और Russia के बीच एक बड़ी ट्रेड डील की दिशा में अहम प्रगति हुई है।


प्रिफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (PTA) पर बातचीत आगे बढ़ी

रूस के उप प्रधानमंत्री Alexey Overchuk ने रूसी समाचार एजेंसी TASS को बताया कि भारत के साथ प्रिफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (PTA) पर बातचीत का पहला दौर पूरा हो चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता जल्द अंतिम रूप ले सकता है।

ओवरचुक के मुताबिक, यह डील रूसी कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा करेगी और समझौता होने पर उन्हें लगभग 2.2 अरब लोगों के विशाल बाजार तक पहुंच मिल सकती है।


EAEU के साथ व्यापक फ्रेमवर्क

भारत Eurasian Economic Union (EAEU) के साथ भी ट्रेड फ्रेमवर्क पर बातचीत कर रहा है। इस समूह में रूस के अलावा आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं। प्रस्तावित समझौते का मकसद:

  • वस्तुओं और सेवाओं पर टैरिफ कम करना
  • बाजार तक पहुंच आसान बनाना
  • व्यापार प्रक्रियाओं को सरल करना

एनर्जी-डिफेंस से आगे बढ़ेगा सहयोग

अब तक भारत-रूस व्यापार मुख्य रूप से ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों तक सीमित रहा है। प्रस्तावित डील के तहत:

  • मैन्युफैक्चरिंग
  • फार्मास्यूटिकल्स
  • कृषि
  • टेक्नोलॉजी

जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना है। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को अधिक विविध और संतुलित बनाना है।


2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

राष्ट्रपति Vladimir Putin और भारतीय नेतृत्व के बीच हालिया बातचीत में 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच दोनों देश अपने व्यापारिक रिश्तों को मजबूत और बहुआयामी बनाने पर जोर दे रहे हैं।

यह संभावित डील भारत के लिए नए बाजार खोल सकती है और रूस के साथ आर्थिक सहयोग को नई दिशा दे सकती है।

Sports News:शिवम दुबे का तूफान, भारत ने 193 रन ठोके

ICC Men’s T20 World Cup में India national cricket team ने Netherlands national cricket team के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 193 रन बनाए। मुकाबला अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेला जा रहा है, जहां भारत ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी।


शुरुआती झटके

भारत की शुरुआत बेहद खराब रही।

  • अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए — इस वर्ल्ड कप में तीसरी बार।
  • ईशान किशन ने 7 गेंद में 18 रन बनाए लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके।
  • तिलक वर्मा ने 31 रन जोड़े।
  • कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 34 रन बनाकर पारी को संभाला।

पहले 11 ओवरों में टीम इंडिया सिर्फ 76 रन ही बना सकी थी।


🔥 शिवम दुबे का विस्फोटक अर्धशतक

9वें ओवर में बल्लेबाजी करने आए शिवम दुबे ने शुरुआत धीमी की — पहली 11 गेंदों में सिर्फ 6 रन।

लेकिन इसके बाद उन्होंने रफ्तार बदली और अगली 14 गेंदों में 44 रन ठोक दिए।

  • 25 गेंदों में अर्धशतक पूरा
  • 31 गेंदों में 66 रन
  • 4 चौके और 6 छक्के
  • स्ट्राइक रेट करीब 220

यह टी20 वर्ल्ड कप में दुबे का पहला अर्धशतक है।


पांड्या के साथ मैच बदलने वाली साझेदारी

हार्दिक पांड्या ने भी 21 गेंदों में 30 रन की अहम पारी खेली।
दुबे और पांड्या के बीच 76 रन की साझेदारी ने मैच का रुख पलट दिया।

आखिरी 9 ओवरों में भारत ने 117 रन जोड़े।
अंतिम 9 गेंदों में 4 छक्के लगे, हालांकि 2 विकेट भी गिरे।


नीदरलैंड्स के गेंदबाजों का प्रदर्शन

नीदरलैंड्स के लिए:

  • लोगन वैन बीक — 3 विकेट
  • आर्यन दत्त — 2 विकेट
  • काइल क्लाइन — 1 विकेट

शुरुआती ओवरों में डच गेंदबाजों ने दबाव बनाया, लेकिन डेथ ओवरों में दुबे के तूफान के आगे उनकी रणनीति बेअसर साबित हुई।

अब मुकाबला पूरी तरह नीदरलैंड्स की बल्लेबाजी पर निर्भर है।

रमजान के दौरान अल-अक्सा में नमाज की मंजूरी, इजरायल ने 10 हजार फिलिस्तीनियों को दी अनुमति, तय की उम्र सीमा

मध्य पूर्व में रमजान की शुरुआत के बीच Israel की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के नेतृत्व में प्रशासन ने पूर्वी यरूशलम स्थित Al-Aqsa Mosque में जुमे की नमाज अदा करने के लिए 10 हजार फिलिस्तीनी मुस्लिमों को अनुमति दी है।

अल-अक्सा मस्जिद को मुस्लिम समुदाय इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल मानता है। रमजान के मौके पर यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालांकि इसके साथ कुछ शर्तें भी जोड़ी गई हैं।


उम्र सीमा की शर्त लागू

इजरायल की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक:

  • पुरुषों के लिए न्यूनतम आयु 55 वर्ष तय की गई है।
  • महिलाओं के लिए आयु सीमा 50 वर्ष रखी गई है।
  • 12 वर्ष तक के बच्चों को भी प्रवेश की अनुमति होगी।

इन शर्तों के तहत ही मस्जिद में नमाज अदा की जा सकेगी।


डेली परमिट अनिवार्य

जुमे की नमाज में शामिल होने के लिए इच्छुक लोगों को पहले से विशेष दैनिक परमिट बनवाना होगा। बिना परमिट किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह जानकारी इजरायल के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में दी गई है।


ऐतिहासिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि

पूर्वी यरूशलम 1967 से इजरायल के नियंत्रण में है। हालांकि अल-अक्सा मस्जिद परिसर का धार्मिक प्रबंधन जॉर्डन के वक्फ बोर्ड के हाथों में है। मुस्लिम समुदाय इसे अपना पवित्र स्थल मानता है, जबकि यहूदी समुदाय इसी परिसर को टेंपल माउंट के रूप में देखता है।

रमजान के दौरान लिए गए इस फैसले को क्षेत्रीय संवेदनशीलता के मद्देनज़र अहम कदम माना जा रहा है।