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Braj Holi 2026: Mathura–Vrindavan यात्रा से पहले जान लें लट्ठमार से हुरंगा तक सभी खास तारीखें

ब्रज की होली सिर्फ एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि करीब 40 दिनों तक चलने वाला रंग, भक्ति और उल्लास का महापर्व है। राधा–कृष्ण की लीलाओं, फाग गीतों और पारंपरिक आयोजनों के साथ पूरा ब्रज क्षेत्र रंगों में डूब जाता है।

यह उत्सव मुख्य रूप से Mathura, Vrindavan, Barsana, Nandgaon और Gokul में मनाया जाता है। बसंत पंचमी से इसकी शुरुआत हो जाती है और अलग-अलग स्थानों पर पूरे महीने विविध कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

साल 2026 में ब्रज की होली 23 जनवरी से आरंभ हो चुकी है, जबकि फरवरी और मार्च में प्रमुख आयोजन होंगे। अगर आप इस बार ब्रज की होली का अनुभव लेना चाहते हैं, तो यहां पूरा कार्यक्रम जान लीजिए।


📅 ब्रज होली 2026 का विस्तृत कार्यक्रम

🔸 25 फरवरी – बरसाना में लड्डू मार होली
🔸 26 फरवरी – बरसाना में लट्ठमार होली
🔸 27 फरवरी – नंदगांव में लट्ठमार होली
🔸 28 फरवरी – वृंदावन में फूलों की होली
🔸 01 मार्च – गोकुल में छड़ी मार होली
🔸 02 मार्च – गोकुल में पारंपरिक होली उत्सव
🔸 03 मार्च – होलिका दहन
🔸 04 मार्च – रंगों की होली
🔸 05 मार्च – Dauji Temple में हुरंगा होली


🎨 ब्रज की होली क्यों है खास?

  • लट्ठमार होली (बरसाना–नंदगांव): इस अनोखी परंपरा में महिलाएं पुरुषों पर प्रतीकात्मक लाठियां बरसाती हैं और पुरुष ढाल से बचाव करते हैं।
  • फूलों की होली (वृंदावन): यहां रंगों के बजाय फूलों की वर्षा के साथ होली खेली जाती है, जो बेहद आकर्षक और आध्यात्मिक अनुभव देती है।
  • हुरंगा होली (दाऊजी मंदिर): बलदेव क्षेत्र में मनाया जाने वाला यह उत्सव अपनी ऊर्जा और उत्साह के लिए प्रसिद्ध है।

⚠️ यात्रा के दौरान रखें ये सावधानियां

✔️ ऐसे कपड़े पहनें जो खराब होने का डर न हो।
✔️ आंखों और चेहरे की सुरक्षा का ध्यान रखें।
✔️ भीड़ में सतर्क रहें और अपने सामान की देखभाल करें।
✔️ गर्मी और धूप से बचने के लिए पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं।
✔️ स्थानीय परंपराओं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें।
✔️ यात्रा और ठहरने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर लें।


ब्रज की होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और प्रेम का उत्सव है। अगर आप इस अद्भुत अनुभव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो सही तारीख और स्थान की जानकारी लेकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

दुबई में आधिकारिक अमेरिकी सैन्य बेस नहीं, फिर भी ईरानी मिसाइलों के निशाने पर क्यों आया शहर?

ईरान पर हालिया हमलों के बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र के कई शहरों को निशाना बनाया। रिपोर्टों के मुताबिक 1 मार्च 2026 को ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई, बहरीन की राजधानी मनामा और कतर की राजधानी दोहा की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार लगभग 165 मिसाइलें छोड़ी गईं, जिनमें से अधिकांश को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया, जबकि कुछ समुद्र में गिरीं।

दुबई पर हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा क्योंकि वहां अमेरिका का कोई घोषित सैन्य अड्डा नहीं है। हालांकि, रणनीतिक दृष्टि से दुबई का महत्व काफी बड़ा है। यूएई की राजधानी अबू धाबी में स्थित Al Dhafra Air Base का इस्तेमाल अमेरिकी और यूएई वायु सेनाएं संयुक्त रूप से करती हैं। यह बेस क्षेत्रीय अभियानों के लिए अहम माना जाता है।

दुबई में मौजूद Jebel Ali Port अमेरिकी नौसेना के लिए एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब की भूमिका निभाता है। भले ही यह औपचारिक अमेरिकी सैन्य अड्डा नहीं है, लेकिन अमेरिकी युद्धपोत और विमानवाहक पोत यहां नियमित रूप से आते-जाते हैं। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों के लिहाज से यह बंदरगाह बेहद रणनीतिक माना जाता है।

मिडिल ईस्ट में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी
खाड़ी क्षेत्र और आसपास के देशों में अमेरिका के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय है। कतर की राजधानी दोहा के पास स्थित Al Udeid Air Base अमेरिकी सेंट्रल कमांड का अग्रिम मुख्यालय है और इसे क्षेत्र में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा माना जाता है।

कुवैत में Camp Arifjan अमेरिकी आर्मी सेंट्रल का अग्रिम मुख्यालय है। सऊदी अरब में रियाद के पास स्थित Prince Sultan Air Base पर अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो एयर और मिसाइल डिफेंस में सहयोग करते हैं।

इन सभी ठिकानों का उपयोग क्षेत्रीय सैन्य अभियानों, निगरानी और लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए किया जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान ने उन स्थानों को निशाना बनाया, जो किसी न किसी रूप में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से जुड़े हैं या रणनीतिक रूप से अहम हैं। दुबई भले ही आधिकारिक सैन्य अड्डा न हो, लेकिन उसकी बंदरगाह और लॉजिस्टिक भूमिका उसे इस समीकरण में महत्वपूर्ण बनाती है।

ईरानी नौसेना पर अमेरिकी स्ट्राइक, Donald Trump का दावा—9 युद्धपोत नष्ट

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान की नौसेना पर बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरान के 9 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर समुद्र में डुबो दिया है। उनके अनुसार, अभियान अभी जारी है और शेष जहाजों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर बताया कि नष्ट किए गए जहाजों में कुछ बड़े और रणनीतिक रूप से अहम पोत भी शामिल थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक अलग हमले में ईरान के नौसेना मुख्यालय को गंभीर क्षति पहुंचाई गई है।

दूसरी ओर, ईरान की सरकारी एजेंसी Islamic Republic News Agency (IRNA) ने रिवोल्यूशनरी गार्ड के हवाले से कहा कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln को निशाना बनाया गया। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी मिसाइल अपने लक्ष्य के करीब नहीं पहुंची।

ट्रंप ने एक इंटरव्यू में यह भी दावा किया कि अभियान के दौरान ईरान के 48 शीर्ष नेताओं और सैन्य अधिकारियों की मौत हुई है। उनका कहना है कि ईरान के नए नेतृत्व की ओर से बातचीत के संकेत मिले हैं और अमेरिका ने वार्ता के लिए सहमति दे दी है।

ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद देश में नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। अमेरिकी सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन Tom Cotton ने संकेत दिया है कि ईरान की मिसाइल क्षमता और सैन्य ढांचे को निशाना बनाने की कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है।

जहां वॉशिंगटन सैन्य दबाव बनाए रखने की बात कर रहा है, वहीं तेहरान इन हमलों को अवैध करार दे रहा है। दोनों देशों के दावों और प्रतिदावों के बीच क्षेत्रीय स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर वैश्विक निगाहें टिकी हैं।

Health Tips:डायरिया और कब्ज से राहत दिला सकते हैं ये 5 फूड्स, पाचन सुधारने के लिए डाइट में करें शामिल

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान का सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे डायरिया, कब्ज, गैस और पेट दर्द अक्सर इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) से जुड़ी हो सकती हैं। इस स्थिति में आंतें सामान्य रूप से काम नहीं कर पातीं, जिससे ऐंठन, सूजन और मल त्याग में गड़बड़ी होती है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि संतुलित आहार, आयुर्वेदिक उपाय और सही लाइफस्टाइल अपनाकर इन समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे 5 फूड्स के बारे में जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मददगार हो सकते हैं:

1. पुराने चावल
पुराने चावल अपेक्षाकृत हल्के और सुपाच्य माने जाते हैं। ये वात और पित्त को संतुलित करने में सहायक होते हैं, जिससे ब्लोटिंग और दस्त की समस्या कम हो सकती है। मूंग दाल के साथ खिचड़ी बनाकर, उसमें थोड़ा घी मिलाकर सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। नए चावल की तुलना में पुराने चावल पचाने में आसान होते हैं।

2. बेल
बेल का फल दस्त और आंतों की सूजन में राहत देने के लिए जाना जाता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और आंतों की मांसपेशियों को मजबूती देता है। बिना चीनी का बेल शर्बत या बेल पाउडर को गुनगुने पानी के साथ लेना लाभकारी हो सकता है।

3. छाछ
छाछ पाचन के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती है। यह आंतों में अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को बनाए रखने में मदद करती है और गैस व पेट फूलने की समस्या कम करती है। भोजन के बाद भुना जीरा और काला नमक मिलाकर छाछ पीना लाभदायक हो सकता है।

4. मूंग दाल
मूंग दाल हल्की और आसानी से पचने वाली दाल है। यह शरीर में जमा अपशिष्ट को बाहर निकालने में मदद करती है और पेट की सूजन कम करती है। पतली दाल या सूप के रूप में, हींग और जीरे का तड़का लगाकर सेवन करना बेहतर विकल्प है।

5. अनार
अनार आंतों को मजबूत बनाने और दस्त नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है। यह भूख बढ़ाने और शरीर की कमजोरी दूर करने में भी मदद करता है। सुबह के समय अनार का सेवन पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है।

नोट:
यदि पेट की समस्या लंबे समय तक बनी रहे या लक्षण गंभीर हों, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना उचित नहीं है।

Sports News:छठी बार टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंचा भारत, West Indies cricket team को 5 विकेट से हराया

टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सुपर-8 के आखिरी मुकाबले में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से मात दी और सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बाद भारत अंतिम चार में पहुंचने वाली चौथी टीम बना। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में छठा मौका है जब भारत ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया है।

कोलकाता के Eden Gardens में खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 195 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम ने 196 रनों का लक्ष्य 4 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। इसके साथ ही ईडन गार्डन्स में टी20 प्रारूप का सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज हो गया। इससे पहले यहां 158 रन का लक्ष्य सबसे बड़ा सफल पीछा था।

शुरुआत में सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई। ऐसे में संजू सैमसन ने मोर्चा संभाला और 97 रनों की बेहतरीन पारी खेली। अपनी इस यादगार पारी में उन्होंने 12 चौके और 4 छक्के लगाए और अंत तक क्रीज पर टिके रहे।

कप्तान सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने भी उपयोगी योगदान दिया, लेकिन मैच का रुख सैमसन की पारी ने ही तय किया। आखिरी दो ओवरों में भारत को 17 रन चाहिए थे। 19वें ओवर में हार्दिक पांड्या के आउट होने से मुकाबला रोमांचक हो गया, लेकिन शिवम दुबे ने आते ही तीन गेंदों में दो चौके जड़कर दबाव कम कर दिया। इन अहम शॉट्स ने वेस्टइंडीज की वापसी की उम्मीदों को तोड़ दिया।

इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ सेमीफाइनल का टिकट कटाया, बल्कि बड़े लक्ष्यों का सफल पीछा करने की अपनी क्षमता भी साबित कर दी। अब टीम इंडिया की नजर खिताब पर टिकी है।