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Health News:क्या सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना सही है? जानें एक्सपर्ट्स की राय

हल्दी वाला दूध भारतीय घरों में सर्दियों का एक अहम पेय माना जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, अक्सर सोने से पहले हल्दी दूध पीने की सलाह दी जाती है। दूध में हल्दी, काली मिर्च, अदरक और दालचीनी मिलाकर बनाया गया यह ड्रिंक न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।

हल्दी दूध के फायदे

  • इम्यूनिटी बूस्ट: हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।
  • सर्दी-खांसी में राहत: यह सर्दियों में सर्दी, खांसी और फ्लू से बचाने में मदद करता है।
  • जोड़ों और मांसपेशियों के लिए: बुजुर्गों के लिए यह गठिया और मांसपेशियों के दर्द में राहत देता है।
  • बेहतर नींद और गले की देखभाल: हल्दी दूध गले की खराश को कम करने और नींद को बेहतर बनाने में सहायक है।

सोने से पहले पीना सही है या नहीं?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, हल्दी वाला दूध सोने से ठीक पहले पीना सही नहीं है। रात के खाने और दूध पीने के बीच कम से कम 1-2 घंटे का अंतर होना चाहिए। हल्दी दूध कैलोरी और पाचन पर असर डाल सकता है। डायटीशियन चारू सदाना के अनुसार हल्दी में करक्यूमिन एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण देता है और पाचन में मदद करता है, लेकिन भारी भोजन के तुरंत बाद या सोने से पहले पीने से एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स की समस्या हो सकती है।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए

  • गॉलब्लैडर की समस्या वाले: हल्दी पित्त के स्राव को बढ़ा सकती है।
  • ब्लड थिनर लेने वाले: हल्दी खून के थक्के बनने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है, जिससे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
  • आयरन की कमी वाले: हल्दी शरीर में आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकती है।
  • गर्भवती, लिवर की बीमारी या सर्जरी की योजना वाले: हल्दी दूध लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूरी।

नोट: यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नई आदत या डाइट को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

जान्हवी कपूर का साड़ी अंदाज: ट्रेडिशनल से लेकर ग्लैमरस तक हर लुक में दिखती हैं स्टाइल और नजाकत

बॉलीवुड एक्ट्रेस जान्हवी कपूर कल यानी 6 मार्च को अपना 29वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं। 2018 में फिल्म ‘धड़क’ से करियर की शुरुआत करने के बाद जान्हवी ने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई। एक्टिंग के साथ-साथ उनका फैशन सेंस भी फैंस के बीच चर्चित है, खासकर उनके साड़ी लुक्स। आइए उनके जन्मदिन पर जान्हवी के कुछ ट्रेडिशनल और ग्लैमरस साड़ी लुक्स पर नजर डालते हैं।

ट्रेडिशनल एलिगेंस

जान्हवी ने साड़ी को क्लासिक अंदाज में कैरी किया। हल्का मेकअप, सॉफ्ट हेयरस्टाइल और मिनिमल ज्वेलरी ने लुक को बेहद ग्रेसफुल बना दिया। यह दिखाता है कि सादगी भी कितनी खूबसूरत हो सकती है।

मॉडर्न ग्लैमर

इस लुक में साड़ी को मॉडर्न ट्विस्ट के साथ स्टाइल किया गया। स्टाइलिश ब्लाउज और ग्लैम मेकअप ने लुक को और आकर्षक बना दिया। यह पारंपरिक और मॉडर्न फैशन का बेहतरीन मिश्रण है।

पेस्टल साड़ी में सॉफ्ट एलिगेंस

पेस्टल रंग की साड़ियां जान्हवी पर हमेशा शानदार लगती हैं। सॉफ्ट मेकअप और स्टेटमेंट ईयररिंग्स के साथ यह लुक एलिगेंट और नाजुक नजर आता है।

क्लासिक देसी दीवा

ट्रेडिशनल ड्रेप और कॉन्फिडेंट स्टाइल के साथ जान्हवी इस लुक में परफेक्ट देसी दीवा लगती हैं। यह दिखाता है कि क्लासिक अंदाज कभी पुराना नहीं होता।

रॉयल एथनिक ग्लैमर

खूबसूरत कढ़ाई वाली साड़ी और ग्लैमरस मेकअप ने जान्हवी के इस लुक को फेस्टिव और रॉयल बना दिया।

होली केवल उत्सव नहीं, मजबूत राष्ट्र निर्माण का संकल्प भी है : डॉ. राजेश्वर सिंह

आशियाना स्थित विधायक आवास पर भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन
हजारों क्षेत्रवासियों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने लिया हिस्सा
करीब तीन घंटे तक लोगों के साथ रंग-गुलाल में रमे डॉ. राजेश्वर सिंह
भारत को विश्व की अग्रणी महाशक्ति बनाने का लिया संकल्प
सरोजनीनगर की एकता, विश्वास और अपनापन हमारी सबसे बड़ी ताकत : विधायक

लखनऊ (आशियाना)। सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के आशियाना स्थित आवास पर आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में क्षेत्रवासियों, भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों का उत्साहपूर्ण और स्नेहपूर्ण आगमन हुआ। समारोह में हजारों लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।

इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह स्वयं कार्यक्रम में उपस्थित रहे और करीब तीन घंटे तक क्षेत्रवासियों के साथ होली के रंगों में सराबोर रहे। उन्होंने सभी आगंतुकों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि होली का पर्व समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि सरोजनीनगर परिवार आपसी विश्वास और प्रेम की मजबूत डोर से जुड़ा हुआ है। यही सामाजिक एकता इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

होली हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

डॉ. राजेश्वर सिंह ने होली के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और विविधता में एकता का प्रतीक है। जिस प्रकार अलग-अलग रंग मिलकर होली के उत्सव को सुंदर बनाते हैं, उसी प्रकार भारत की विविधता ही इसकी असली शक्ति है।
उन्होंने कहा कि भारत की यही सांस्कृतिक शक्ति और सामाजिक एकता देश को विश्व में विशिष्ट पहचान दिलाती है।

विश्व में शांति और सौहार्द का संदेश देता भारत

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और असुरक्षा का वातावरण दिखाई देता है, लेकिन भारत में उत्सव, सामाजिक समरसता और आपसी प्रेम का माहौल हमारे मजबूत सामाजिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को दर्शाता है।
उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशियों के नए रंग लेकर आए और देश निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।

राष्ट्र निर्माण का संकल्प भी है होली

कार्यक्रम के दौरान विधायक ने कहा कि होली का यह पावन पर्व केवल उत्सव का ही नहीं बल्कि संकल्प का भी दिन है। हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम सभी मिलकर अपने राष्ट्र को और अधिक मजबूत बनाएंगे और भारत को विश्व की अग्रणी महाशक्ति बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर क्षेत्र के लोगों का आपसी अपनापन, विश्वास और मुस्कुराहट ही इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो समाज को जोड़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

“भारत माता की जय” के जयघोष से गूंजा समारोह

कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में “भारत माता की जय” और “हर हर महादेव” के जयघोष लगाए और राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

Pushkar Holi Celebration 2026: परंपरा, संगीत और मॉडर्न पार्टी कल्चर का रंगीन संगम, ऐसे मनाएं खास त्योहार

भारत में होली का त्योहार रंग, संगीत और उत्साह के लिए जाना जाता है, लेकिन Pushkar की होली इस उत्सव को एक अलग ही अनुभव में बदल देती है। Rajasthan के इस धार्मिक शहर में पारंपरिक संस्कृति, लोक संगीत और मॉडर्न पार्टी कल्चर का शानदार मेल देखने को मिलता है। यहां की होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक मेलजोल, प्रेम और भाईचारे का उत्सव भी है।

कब मनाई जाएगी पुष्कर की होली 2026

फाल्गुन पूर्णिमा के अनुसार पुष्कर में होली का पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में यहां मुख्य रंगोत्सव 4 मार्च 2026 (धुलंडी) को मनाया गया, जबकि 2 या 3 मार्च को होलिका दहन हुआ। आमतौर पर पुष्कर में होली का जश्न 2 से 3 दिनों तक चलता है, जिसमें रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम और दिन में रंगों की होली खेली जाती है।

क्यों खास है पुष्कर की होली

1. रंग, संगीत और उत्सव का जबरदस्त माहौल
पुष्कर की होली सिर्फ गुलाल तक सीमित नहीं रहती। यहां सुबह से ही DJ म्यूजिक, पारंपरिक ढोल-नगाड़े और ड्रम सर्किल के साथ रंगों की बारिश होती है।

2. अंतरराष्ट्रीय माहौल
पुष्कर की होली में देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर से हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। यह त्योहार एक तरह से ग्लोबल कल्चर फेस्टिवल बन जाता है।

3. धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
होली के दिन सुबह पूजा-अर्चना Brahma Temple के आसपास होती है। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ रंगों का उत्सव शुरू हो जाता है।

4. प्राकृतिक और ऐतिहासिक सुंदरता
Pushkar Lake के किनारे, Aravalli Range की पृष्ठभूमि और रंगों से भरा माहौल इस उत्सव को बेहद खूबसूरत बना देता है।

कैसे पहुंचें पुष्कर

  • हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी एयरपोर्ट Jaipur International Airport है।
  • रेल मार्ग: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन Ajmer Junction railway station है, जहां से बस या टैक्सी से पुष्कर पहुंच सकते हैं।
  • सड़क मार्ग: राजस्थान के प्रमुख शहरों से पुष्कर तक सड़क यात्रा भी आसान और रोमांचक है।

यात्रा के लिए खास टिप्स

  • होली से 2-3 दिन पहले पहुंचें ताकि सभी कार्यक्रमों का आनंद ले सकें।
  • गुलाल और पानी से खेलने के लिए सनस्क्रीन, चश्मा और आरामदायक कपड़े पहनें।
  • भीड़ को देखते हुए होटल और यात्रा की बुकिंग पहले ही कर लें।
  • यहां की पारंपरिक मिठाइयां Gujiya और Thandai का स्वाद लेना न भूलें।

पुष्कर की होली रंगों, संगीत और संस्कृति का ऐसा उत्सव है, जहां परंपरा और आधुनिकता एक साथ दिखाई देती है। यही वजह है कि हर साल हजारों पर्यटक यहां इस अनोखे अनुभव का हिस्सा बनने पहुंचते हैं।

Strait of Hormuz पर ईरान की धमकी के बीच अमेरिका अलर्ट: तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए उठाए बड़े कदम

Israel और Iran के बीच जारी तनाव के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ गई है। संघर्ष शुरू होने के तुरंत बाद ईरान ने Strait of Hormuz को बंद करने की धमकी दी थी, जिससे तेल और गैस के निर्यात-आयात पर असर पड़ने की आशंका पैदा हो गई। इस बीच United States ने एक बड़ा कदम उठाते हुए जरूरत पड़ने पर तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक बल तैनात करने की तैयारी जताई है।

टैंकरों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी योजना

व्हाइट हाउस के अनुसार यदि स्थिति बिगड़ती है तो अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा प्रदान कर सकती है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा गलियारों में से एक है, जहां से रोजाना करीब 1.5 से 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल और गैस का निर्यात होता है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन के दौरान अमेरिका तेल बाजारों और समुद्री यातायात पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति Donald Trump ने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले ही कई कदम उठाए हैं।

जहाजों को मिलेगा जोखिम बीमा

अमेरिका की वित्तीय संस्था U.S. International Development Finance Corporation खाड़ी क्षेत्र में संचालित तेल और मालवाहक जहाजों के लिए राजनीतिक जोखिम बीमा उपलब्ध कराएगी। यदि समुद्री सुरक्षा पर खतरा बढ़ता है तो अमेरिकी नौसेना सीधे हस्तक्षेप कर टैंकरों को एस्कॉर्ट भी कर सकती है।

वैश्विक तेल आपूर्ति में अहम भूमिका

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का परिवहन इसी मार्ग से होता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और आपूर्ति पर सीधा असर डाल सकता है।

तेल कीमतों को लेकर चिंता

संघर्ष शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे कई आयातक देशों में महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है कि वह इस तरह के अस्थायी झटकों को सहन कर सकती है।

व्हाइट हाउस का मानना है कि हालिया कदमों से क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा मजबूत होगी और रणनीतिक समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान का प्रभाव कम हो सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि मध्य-पूर्व में जारी तनाव आगे किस दिशा में बढ़ता है।