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Health News: लिवर में जमा फैट है खतरे का संकेत! जानिए क्यों होता है Fatty Liver Disease और कैसे करें बचाव

अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में “फैटी लिवर” लिखा देखना कई लोगों को घबरा देता है। मेडिकल भाषा में इसे Metabolic Associated Steatotic Liver Disease कहा जाता है। यह तब होता है जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है।

यह समस्या सिर्फ मोटापे से जुड़े लोगों तक सीमित नहीं है—युवा, बुजुर्ग, डायबिटीज के मरीज या सामान्य वजन वाले लोग भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। खास बात यह है कि इसके लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते और जांच के दौरान ही इसका पता चलता है।

अच्छी बात यह है कि शुरुआती स्टेज में यह बीमारी रिवर्स (ठीक) भी हो सकती है, अगर समय रहते सही कदम उठाए जाएं।

क्यों होती है फैटी लिवर की समस्या?

मेडिकल तौर पर जब लिवर में 5% से ज्यादा फैट जमा हो जाता है, तो उसे फैटी लिवर कहा जाता है। इसके पीछे मुख्य कारण होते हैं:

  • मोटापा और बढ़ा हुआ वजन
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस
  • हाई कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड
  • अनहेल्दी डाइट और फिजिकल एक्टिविटी की कमी
  • अत्यधिक शराब का सेवन

अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह आगे चलकर सूजन, फाइब्रोसिस और लिवर की कार्यक्षमता में कमी का कारण बन सकता है।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार फैटी लिवर की रिपोर्ट आने पर घबराने की जरूरत नहीं है। ज्यादातर मामलों में इसे कंट्रोल और रिवर्स किया जा सकता है।

फैटी लिवर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है:

  • नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर
  • अल्कोहलिक फैटी लिवर

डॉक्टर सलाह देते हैं कि रिपोर्ट मिलने के बाद ये जांच जरूर करानी चाहिए:

  • लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)
  • फाइब्रोसिस स्कोर
  • ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल

कैसे ठीक करें ‘लिवर फैक्ट्री’?

लिवर को शरीर की “फैक्ट्री” कहा जाता है, और इसकी सेहत सुधारने का सबसे असरदार तरीका है लाइफस्टाइल में बदलाव।

✔ वजन कम करें

  • 5% वजन कम करने से फैट कम हो सकता है
  • 7–10% वजन घटाने से सूजन और फाइब्रोसिस में सुधार

✔ संतुलित आहार अपनाएं

  • हरी सब्जियां, फल, फाइबर और प्रोटीन लें
  • जंक फूड और मीठा कम करें

✔ नियमित व्यायाम करें

  • रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज

✔ ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखें

✔ शराब से दूरी बनाएं

ध्यान रखें

फैटी लिवर एक साइलेंट लेकिन गंभीर समस्या हो सकती है। सही समय पर पहचान और लाइफस्टाइल सुधार से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।

Disclaimer: यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी उपचार या बदलाव से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Travel Tips: Kolkata में मां दुर्गा का अनोखा म्यूजियम, Chaitra Navratri में उमड़ती है भारी भीड़

इस साल Chaitra Navratri की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। नवरात्रि का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, लेकिन Kolkata में इसकी अलग ही धूम देखने को मिलती है। यहां का माहौल इन दिनों पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है और दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है, जिसकी शुरुआत घटस्थापना (कलश स्थापना) से होती है। अगर आप भी इस दौरान कोलकाता जाने का प्लान बना रहे हैं, तो एक खास जगह जरूर घूमने जाएं।

मां दुर्गा का अनोखा म्यूजियम

साउथ कोलकाता के Rabindra Sarobar में स्थित Maa Phire Elo Museum एक बेहद खास जगह है। यहां विभिन्न पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की खूबसूरत मूर्तियों को सहेजकर रखा जाता है।

इस म्यूजियम की स्थापना साल 2012 में हुई थी और यहां आपको कोलकाता के प्रसिद्ध पंडालों की अद्भुत कलाकृतियां देखने को मिलेंगी। खास बात यह है कि इन मूर्तियों की नियमित देखभाल की जाती है, जिससे ये आज भी नई जैसी दिखती हैं।

कैसे पहुंचे कोलकाता?

Kolkata पहुंचना काफी आसान है:

  • हवाई मार्ग: Netaji Subhas Chandra Bose International Airport देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।
  • रेल मार्ग: Howrah Junction railway station और Sealdah railway station प्रमुख स्टेशन हैं।
  • सड़क मार्ग: दिल्ली से आप NH-2 और NH-6 हाईवे के जरिए यहां पहुंच सकते हैं।

अगर आप इस Chaitra Navratri पर कोलकाता जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इस अनोखे म्यूजियम को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें। यहां आपको आस्था, कला और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

मिडिल ईस्ट संकट पर पाकिस्तान एक्टिव, Ataullah Tarar बोले- शांति बहाली को तैयार

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने क्षेत्र में शांति बहाल करने की इच्छा जताई है। मौजूदा हालात में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच टकराव तेज होता जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

पाकिस्तान का रुख

Ataullah Tarar ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उनका देश कूटनीतिक प्रयासों के जरिए हालात को शांत करने की दिशा में काम करना चाहता है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के विभिन्न देशों के साथ पुराने और संतुलित संबंध हैं, जिनकी बदौलत वह मध्यस्थ की भूमिका निभाने में सक्षम है।

कूटनीतिक प्रयासों पर जोर

तरार ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अलग-अलग साझेदार देशों के साथ बातचीत कर रहा है और क्षेत्र में शांति कायम करने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है। उनका कहना है कि मौजूदा हालात में संवाद और संतुलन बेहद जरूरी है।

बढ़ता क्षेत्रीय तनाव

मिडिल ईस्ट में हालात उस समय और गंभीर हो गए जब Iran ने जवाबी कार्रवाई में कई देशों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, United Arab Emirates और Saudi Arabia पर भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं।

हाल ही में Shehbaz Sharif ने सऊदी अरब का दौरा किया था, जहां उनकी मुलाकात Mohammed bin Salman से हुई। इस दौरान सऊदी अरब ने ईरान से जुड़े हमलों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी।

शांति की कोशिश

ऐसे हालात में पाकिस्तान ने खुद को एक मध्यस्थ के रूप में पेश करते हुए क्षेत्र में तनाव कम करने की पेशकश की है। अब देखना होगा कि क्या यह कूटनीतिक पहल मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष को कम करने में कोई भूमिका निभा पाती है या नहीं।

Sports News:सनराइजर्स में चयन के बाद विवाद, क्या दबाव में हैं अबरार अहमद? सामने आई अंदर की बात

Abrar Ahmed को The Hundred की टीम Sunrisers Leeds द्वारा खरीदे जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। खासकर भारतीय फैंस इस फैसले से नाराज नजर आ रहे हैं, क्योंकि इस फ्रेंचाइजी का मालिकाना Sun Group के पास है।

गावस्कर की आलोचना से बढ़ा विवाद

भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर Sunil Gavaskar ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि इस तरह के सौदों से जाने वाला पैसा पाकिस्तान तक पहुंच सकता है, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई।

क्या कह रहे हैं अंदरूनी सूत्र

हालांकि इस पूरे मामले पर Pakistan Cricket Board और खुद अबरार अहमद ने आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार खिलाड़ी इस विवाद को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं।

बताया जा रहा है कि अबरार इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद पहले से ही कर रहे थे, इसलिए वह इस विवाद से प्रभावित नहीं हैं। उनका फोकस अपने प्रदर्शन पर है।

चयन को लेकर क्या है तर्क

सूत्रों के मुताबिक, अबरार अहमद ने द हंड्रेड में हिस्सा लेने के लिए अपना नाम इसलिए दर्ज कराया था ताकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकें। वह टी20 फॉर्मेट में टॉप गेंदबाजों में गिने जाते हैं, इसी वजह से फ्रेंचाइजी ने उन्हें टीम में शामिल किया।

कोच का समर्थन

टीम के कोच Daniel Vettori ने भी ऑक्शन के बाद अबरार से बातचीत की और उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने बताया कि टीम की पहली पसंद Adil Rashid थे, लेकिन उनके न मिलने के बाद अबरार को टीम में शामिल किया गया।

ECB की चेतावनी

इससे पहले England and Wales Cricket Board ने सभी फ्रेंचाइजियों को चेतावनी दी थी कि किसी खिलाड़ी को उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर नजरअंदाज करना गलत होगा। अगर ऐसा साबित हुआ तो संबंधित टीम पर कार्रवाई की जा सकती है।

Health News:16–18 करोड़ का इंजेक्शन: जानिए किस बीमारी में होता है इस्तेमाल

आज के दौर में ज्यादातर बीमारियों का इलाज दवाइयों या सर्जरी से संभव है, लेकिन कुछ अनुवांशिक (जेनेटिक) बीमारियां ऐसी होती हैं जिनका इलाज बेहद महंगा और जटिल होता है। खासकर बच्चों में होने वाली दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए उन्नत तकनीक की जरूरत पड़ती है। ऐसी ही एक बीमारी है Spinal Muscular Atrophy (SMA), जिसके इलाज के लिए एक बेहद महंगा इंजेक्शन इस्तेमाल किया जाता है।

कौन सा है यह महंगा इंजेक्शन

इस बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन Zolgensma है, जिसकी कीमत करीब 16 से 18 करोड़ रुपये तक होती है। इसे दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में गिना जाता है।

यह एक जीन थेरेपी इंजेक्शन है, जिसे आमतौर पर 2 साल से कम उम्र के बच्चों को दिया जाता है। खास बात यह है कि इसे केवल एक बार ही दिया जाता है।

किस बीमारी में होता है इस्तेमाल

Zolgensma का उपयोग Spinal Muscular Atrophy (SMA) के इलाज में किया जाता है। यह एक दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी है, जो शरीर की नसों और मांसपेशियों को प्रभावित करती है।

इस बीमारी में SMN1 जीन सही तरीके से काम नहीं करता, जिसके कारण शरीर में जरूरी प्रोटीन नहीं बन पाता। इससे मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और बच्चे को बैठने, खड़े होने या चलने में परेशानी होती है। गंभीर स्थिति में सांस लेने और निगलने में भी दिक्कत हो सकती है।

यह इंजेक्शन शरीर में खराब जीन की जगह सही जीन की कॉपी पहुंचाने का काम करता है, जिससे मांसपेशियों की कार्यक्षमता में सुधार हो सकता है।

इसके लक्षण क्या हैं

SMA के कुछ आम लक्षण इस प्रकार हैं:

  • बच्चा समय पर बैठना या चलना नहीं सीख पाता
  • हाथ-पैरों में कमजोरी
  • सिर संभालने में कठिनाई
  • जल्दी थकान महसूस होना
  • सांस लेने या निगलने में परेशानी

अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

जरूरी जानकारी

यह उपचार बेहद महंगा होने के कारण हर किसी के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं है, लेकिन मेडिकल साइंस में इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है क्योंकि यह बीमारी के मूल कारण यानी जीन पर काम करता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी तरह की चिकित्सा सलाह के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।