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“आखिरी बार बात न कर पाई…”: मुमताज ने आशा भोसले के अंतिम पलों को किया याद

बॉलीवुड की दिग्गज गायिका Asha Bhosle के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उनके अंतिम संस्कार में परिवार, फैंस और कई सेलेब्रिटीज की आंखें नम नजर आईं। इसी बीच 70-80 के दशक की मशहूर अदाकारा Mumtaz ने उनके साथ जुड़े आखिरी पलों को याद करते हुए भावुक बातें साझा कीं।

मुमताज ने बताया कि जैसे ही उन्हें आशा भोसले के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिली, वह तुरंत उनसे मिलने Breach Candy Hospital पहुंचीं। उनका मन था कि वह उनसे बातचीत करें, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत का हवाला देते हुए मिलने की अनुमति नहीं दी।

उन्होंने कहा कि अस्पताल से लौटने के कुछ ही समय बाद उन्हें परिवार की ओर से उनके निधन की सूचना मिल गई। इस बात का उन्हें गहरा मलाल है कि वह आखिरी बार उनसे बात नहीं कर सकीं।

अगले दिन मुमताज उनके घर अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उस समय भी आशा भोसले के चेहरे पर एक अलग ही शांति और नूर नजर आ रहा था।

मुमताज ने इस दौरान एक पुराना किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि आशा भोसले अक्सर कहती थीं कि “आजा ओ मेरे राजा” गाना उनके करियर का सबसे कठिन गीत था, क्योंकि इसमें आवाज के कई उतार-चढ़ाव थे।

दोनों ने साथ में कई यादगार गानों में काम किया, जिनमें Koi Sehri Babu और Duniya Mein Logon Ko जैसे हिट गाने शामिल हैं।

इसके अलावा, हाल के वर्षों में दोनों का एक डांस वीडियो भी खूब वायरल हुआ था, जिसमें वे साथ में झूमती नजर आई थीं। मुमताज ने बताया कि वह पल बेहद खास था और उन्हें हमेशा याद रहेगा।

इस तरह मुमताज ने Asha Bhosle के साथ अपनी यादों को साझा करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

होर्मुज में US की नाकेबंदी लागू, जहाजों की सख्त जांच; दुनिया में बढ़ा तनाव

United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz में अमेरिका ने जहाजों की नाकेबंदी शुरू कर दी है। शांति वार्ता विफल होने के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे क्षेत्र में टकराव का खतरा और बढ़ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की चेतावनी के बाद तय समयसीमा खत्म होते ही अमेरिकी नौसेना ने कार्रवाई शुरू कर दी। अब ईरान से जुड़े जहाजों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और बिना अनुमति गुजरने वाले जहाजों को रोका या जब्त किया जा सकता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नाकेबंदी Gulf of Oman और Arabian Sea के उस हिस्से में लागू की गई है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी क्षेत्र में आता है। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगा।

इससे पहले Islamabad में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक चली बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिससे हालात और बिगड़ गए। इसके बाद United States Central Command ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लागू करने की घोषणा की।

अमेरिकी सेना ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर जहाजों की तलाशी ली जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई प्रतिबंधित सामान तो नहीं ले जाया जा रहा है। हालांकि, गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा करने वाले जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

मानवीय सहायता जैसे खाद्य सामग्री और दवाइयों से जुड़े जहाजों को जांच के बाद आगे बढ़ने की इजाजत दी जाएगी। इसके बावजूद, इस कदम से वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

कुल मिलाकर, Strait of Hormuz में बढ़ती सैन्य गतिविधियां दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गई हैं और इससे बड़े टकराव की आशंका लगातार गहराती जा रही है।

पाकिस्तान-ईरान ट्रांजिट कॉरिडोर की शुरुआत, उज्बेकिस्तान को पहली शिपमेंट भेजी गई

Pakistan ने Iran के साथ नए ट्रांजिट कॉरिडोर के जरिए व्यापार की औपचारिक शुरुआत कर दी है। इस पहल के तहत Uzbekistan के लिए पहली शिपमेंट भी रवाना कर दी गई है, जिसे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।

पाकिस्तान के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रांजिट ट्रेड के अनुसार, पहली खेप में फ्रोजन बीफ शामिल था, जिसे Karachi से ट्रकों के जरिए भेजा गया। यह शिपमेंट Gabd-Rimdan Border Crossing से होते हुए ईरान में दाखिल होगी और आगे Tashkent तक पहुंचेगी।

दरअसल, Pakistan ने इस नए कॉरिडोर को इसलिए विकसित किया है क्योंकि Afghanistan के रास्ते पारंपरिक व्यापार मार्ग अक्सर बाधित होते रहे हैं। हालिया महीनों में सीमा तनाव और झड़पों के कारण कई बॉर्डर क्रॉसिंग बंद करनी पड़ीं, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ और मध्य एशिया तक पहुंच सीमित हो गई।

नई व्यवस्था से पाकिस्तान के Karachi और Gwadar बंदरगाहों को ईरान और मध्य एशियाई देशों से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।

इसके साथ ही, पाकिस्तान कस्टम्स और वाणिज्य मंत्रालय बंदरगाहों की क्षमता बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। ऑफ-डॉक टर्मिनलों पर अंतरराष्ट्रीय कार्गो के लिए स्टोरेज सुविधा देने से माल ढुलाई और हैंडलिंग बेहतर होगी।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत International Road Transport Union ने तफ्तान, रिमदान, सोस्त और ग्वादर जैसे कस्टम्स पॉइंट्स को सक्षम बनाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सड़क परिवहन को आसान बनाया जा सके।

यह नया ट्रांजिट कॉरिडोर न केवल पाकिस्तान के बंदरगाहों पर गतिविधियां बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को भी मजबूती देगा।

होर्मुज नाकेबंदी के बीच रूस-चीन की हलचल तेज, तेल संकट की आशंका बढ़ी

United States के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा Strait of Hormuz में नाकेबंदी के ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। इस कदम से वैश्विक तेल सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका के बीच अब Russia और China भी सक्रिय हो गए हैं।

रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बीजिंग का दौरा कर रहे हैं। वे Wang Yi के निमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा पर चीन पहुंचेंगे, जहां दोनों देश होर्मुज की स्थिति, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बातचीत करेंगे।

यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह उन जहाजों को रोक सकता है, जो ईरान को शुल्क देकर इस जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं। इस फैसले का असर खास तौर पर चीन पर पड़ सकता है, जो लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद Iran से बड़े पैमाने पर तेल आयात करता रहा है।

China ने इस पूरे घटनाक्रम पर संतुलित प्रतिक्रिया दी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने कहा कि रूस और चीन के बीच इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

इससे पहले Islamabad में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत विफल रही, जिसके बाद Donald Trump ने होर्मुज में नाकेबंदी लागू करने की घोषणा की। वहीं ईरान ने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों को खतरा हुआ, तो फारस की खाड़ी और Gulf of Oman क्षेत्र में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं रहेगी।

चीन ने हालांकि उम्मीद जताई है कि दोनों पक्ष सीजफायर को बनाए रखेंगे और विवाद को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की कोशिश करेंगे।

कुल मिलाकर, Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता तनाव अब वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित कर रहा है और इससे आने वाले समय में तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

लगातार हार के बीच Kolkata Knight Riders को बड़ी राहत, 18 करोड़ के Matheesha Pathirana की वापसी तय

आईपीएल 2026 में खराब शुरुआत से जूझ रही कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए राहत की खबर सामने आई है। टीम को अब अपने स्टार तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना का साथ मिलने वाला है, जिससे गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सीजन के शुरुआती चार मुकाबलों में केकेआर को तीन हार का सामना करना पड़ा, जबकि एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। ऐसे में टीम को एक मजबूत गेंदबाज की जरूरत थी, जो अब पथिराना के रूप में पूरी हो सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोट से उबर चुके पथिराना को Sri Lanka Cricket से आईपीएल खेलने के लिए एनओसी मिल गई है। फ्रेंचाइजी ने उन्हें इस सीजन के लिए 18 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा था।

बताया जा रहा है कि पथिराना 14 अप्रैल को Chennai Super Kings के खिलाफ मुकाबले से टीम में शामिल हो सकते हैं। यह मैच चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium में खेला जाएगा।

केकेआर इस समय अपने गेंदबाजी विभाग में कमी से जूझ रही है। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज हर्षित राणा पहले से ही बाहर हैं, जबकि आकाश दीप भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में पथिराना की वापसी टीम के लिए बड़ा बूस्ट मानी जा रही है।

गौरतलब है कि पथिराना टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान चोटिल हो गए थे, जिसके कारण उन्हें कुछ समय तक मैदान से दूर रहना पड़ा। अब वे पूरी तरह फिट होकर वापसी के लिए तैयार हैं।

आईपीएल करियर की बात करें तो पथिराना अब तक 32 मैचों में 47 विकेट ले चुके हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4/28 रहा है। उनकी वापसी से केकेआर की गेंदबाजी में नई धार आने की उम्मीद है।