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Health Update:आयरन की कमी को न करें नजरअंदाज, बढ़ सकता है Alzheimer’s disease का खतरा

शरीर में आयरन की कमी को अक्सर लोग सामान्य थकान या कमजोरी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन नई रिसर्च इस सोच को बदल रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार, कम हीमोग्लोबिन का असर सिर्फ शरीर की ऊर्जा पर ही नहीं, बल्कि दिमाग पर भी पड़ सकता है और यह आगे चलकर Dementia जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है।

17 अप्रैल 2026 को JAMA Network Open में प्रकाशित एक अध्ययन में Karolinska Institute और Stockholm University के शोधकर्ताओं ने 2200 से अधिक बुजुर्गों पर लंबे समय तक अध्ययन किया।

रिसर्च में क्या सामने आया?
अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों को Anemia था, उनके खून में अल्जाइमर से जुड़े बायोमार्कर पहले से अधिक थे। ऐसे लोगों में समय के साथ डिमेंशिया विकसित होने का खतरा भी ज्यादा देखा गया। खासतौर पर जिन व्यक्तियों में कम हीमोग्लोबिन और p-tau217 जैसे प्रोटीन दोनों मौजूद थे, उनमें जोखिम सबसे अधिक पाया गया।

दिमाग पर कैसे पड़ता है असर?
आयरन की कमी से शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होती है। जब दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो उसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती है। यही कारण है कि अब Anemia को केवल शारीरिक नहीं, बल्कि न्यूरोलॉजिकल समस्या के रूप में भी देखा जा रहा है।

रिसर्च में यह भी सामने आया कि पुरुषों में एनीमिया होने पर डिमेंशिया का खतरा महिलाओं की तुलना में ज्यादा बढ़ सकता है, जबकि महिलाओं में आयरन की कमी अधिक सामान्य होती है।

कितने लोग प्रभावित हैं?
आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में करीब 1.2 अरब लोग Anemia से प्रभावित हैं। वहीं United Kingdom में ही लगभग 1 करोड़ लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे यह एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन गई है।

क्या बचाव संभव है?
विशेषज्ञों के अनुसार, आयरन की कमी को संतुलित आहार से काफी हद तक रोका जा सकता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, अनाज, दालें और रेड मीट जैसे आयरन-समृद्ध खाद्य पदार्थ इसके लिए फायदेमंद हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है।

समय पर जांच और सही इलाज से Dementia के खतरे को कम किया जा सकता है। अनुमान है कि लगभग 45% मामलों में सही जीवनशैली और समय पर हस्तक्षेप से इस बीमारी की रफ्तार को धीमा या टाला जा सकता है।

डिस्क्लेमर:
यह जानकारी शोध और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सा सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

“शुरुआत में कर दिया था इनकार…”: Rakesh Bedi ने रिजेक्ट की थी Aditya Dhar की फिल्म

इन दिनों Rakesh Bedi अपनी फिल्म Dhurandhar में निभाए गए किरदार को लेकर काफी चर्चा में हैं। फिल्म में उनके “जमीम जमाली” रोल और क्लाइमैक्स ट्विस्ट को दर्शकों ने खूब पसंद किया है।

इसी बीच एक बातचीत के दौरान राकेश बेदी ने एक दिलचस्प खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी Aditya Dhar की फिल्म करने से इनकार कर दिया था, जो बाद में बड़ी हिट साबित हुई।

यह किस्सा उस समय का है जब आदित्य धर बतौर डायरेक्टर अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे। वे अपनी फिल्म Uri: The Surgical Strike लेकर राकेश बेदी के पास पहुंचे थे। लेकिन शुरुआत में एक्टर इस प्रोजेक्ट के लिए तैयार नहीं हुए।

राकेश बेदी ने बताया कि फिल्म में उनका हिस्सा सीमित था और शूटिंग का एक सीन सर्बिया में होना था, इसलिए उन्होंने इसे ठुकरा दिया। हालांकि, बाद में उनके परिवार—खासतौर पर बेटी और पत्नी—ने उन्हें इस फिल्म के लिए हामी भरने के लिए मनाया।

उनकी बेटी ने कहा कि नए डायरेक्टर को मौका देना चाहिए, जबकि पत्नी ने भी यही सलाह दी कि नए टैलेंट के साथ काम करना जरूरी है। परिवार के कहने पर आखिरकार उन्होंने फिल्म करने का फैसला किया।

बाद में Uri: The Surgical Strike बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई और इसने शानदार कमाई की। वहीं उनकी हालिया फिल्म Dhurandhar 2 भी कमाई के मामले में शानदार प्रदर्शन कर रही है और 1000 करोड़ से ज्यादा का आंकड़ा पार कर चुकी है।

इस तरह राकेश बेदी का यह अनुभव दिखाता है कि कभी-कभी नए टैलेंट पर भरोसा करना बड़े मौके में बदल सकता है।

शांति और सुकून की तलाश? समर वेकेशन में एक्सप्लोर करें Uttarakhand की ये 5 ऑफबीट डेस्टिनेशन

गर्मियों की छुट्टियों में पहाड़ों का रुख करना आम बात है, लेकिन Shimla, Mussoorie और Kullu जैसी जगहों पर अब भीड़ काफी बढ़ गई है। ऐसे में अगर आप शांति और सुकून की तलाश में हैं, तो Uttarakhand की ये ऑफबीट डेस्टिनेशन आपके लिए शानदार विकल्प हो सकती हैं।


🌄 1. Peora Village

नैनीताल से आगे Mukteshwar के पास स्थित यह छोटा सा गांव अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां शांति, हरियाली और पहाड़ों के शानदार नजारे देखने को मिलते हैं। पास में स्थित Kapileshwar Mahadev Temple भी आकर्षण का केंद्र है। यहां होटल के साथ कई अच्छे होमस्टे विकल्प भी मिल जाते हैं।


🌲 2. Khirsu

यह छोटा सा हिल स्टेशन अभी भी भीड़-भाड़ से दूर है। घने जंगल, पुराने मंदिर और शांत माहौल इसे खास बनाते हैं। Pauri Garhwal से करीब 15 किमी दूर स्थित यह जगह कैंपिंग और नेचर लवर्स के लिए बेहतरीन है।


🏞️ 3. Gwaldam

अगर आप शांत और ठंडे मौसम में पहाड़ों का असली मजा लेना चाहते हैं, तो यह जगह परफेक्ट है। यह Baijnath और Bageshwar के बीच स्थित है। यहां से खूबसूरत झीलें और हिमालय के शानदार दृश्य देखने को मिलते हैं।


⛰️ 4. Darma Valley

यह घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ट्रेकिंग रूट्स के लिए जानी जाती है। यहां के Dantu Village और दुग्तू गांव पर्यटकों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। यहां से Panchachuli Peaks के शानदार नजारे देखने को मिलते हैं।


🕉️ 5. Kasar Devi

Almora के पास स्थित यह जगह अपने आध्यात्मिक महत्व और शांत माहौल के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि यहां का वातावरण खास तरह के मैग्नेटिक फील्ड से प्रभावित है, जो मानसिक शांति का अनुभव कराता है।


✨ क्यों चुनें ये ऑफबीट जगहें?

  • भीड़-भाड़ से दूर सुकून
  • प्राकृतिक सुंदरता और ठंडा मौसम
  • ट्रैकिंग, कैंपिंग और डिजिटल डिटॉक्स का मौका

अगर आप इस समर वेकेशन में सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि खुद के साथ समय बिताना चाहते हैं, तो ये जगहें आपके लिए परफेक्ट हैं।

संडे बॉक्स ऑफिस पर छाया Bhoot Bangla, Dhurandhar 2 समेत बाकी फिल्मों का प्रदर्शन फीका

रविवार को बॉक्स ऑफिस पर नई और पुरानी फिल्मों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला, लेकिन इस रेस में Bhoot Bangla ने सबसे ज्यादा बाजी मारी। Akshay Kumar की इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है और इसकी कमाई लगातार मजबूत बनी हुई है।

‘भूत बंगला’ की कमाई
रिलीज के तीसरे दिन यानी रविवार को फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर करीब 23 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही तीन दिनों में फिल्म की कुल कमाई भारत में 58 करोड़ रुपये (नेट) और 69.37 करोड़ रुपये (ग्रॉस) पहुंच गई है। विदेशों में भी फिल्म अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक इसका कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 95.87 करोड़ रुपये हो चुका है।

‘धुरंधर 2’ का जलवा बरकरार
Dhurandhar 2 ने रिलीज के पांचवें हफ्ते में भी अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। पांचवें रविवार को फिल्म ने करीब 5.20 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके साथ ही इसका कुल भारत में नेट कलेक्शन 1115.67 करोड़ और वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1756.64 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो इसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल करता है।

‘डकैत’ की धीमी रफ्तार
Dakuat (डकैत) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। फिल्म ने दूसरे रविवार को लगभग 1.46 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। अब तक इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 50.60 करोड़ रुपये के आसपास पहुंचा है।

‘वाझा 2’ की स्थिर कमाई
मलयालम फिल्म Vaazha 2: Biopic of a Billion Brothers भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। तीसरे हफ्ते में फिल्म ने भारत में 4.30 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया और इसकी कुल वर्ल्डवाइड कमाई 205 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।

कुल मिलाकर, रविवार को बॉक्स ऑफिस पर Bhoot Bangla का दबदबा रहा, जबकि Dhurandhar 2 लंबे समय बाद भी मजबूती से टिकी हुई है। वहीं अन्य फिल्मों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

Health Update:पेन किलर लेते ही क्यों मिलती है दर्द से राहत? जानिए दवा शरीर में कैसे काम करती है

जब शरीर में दर्द होता है, तो लोग अक्सर तुरंत पेन किलर का सहारा लेते हैं। खास बात यह है कि दवा लेने के कुछ ही समय बाद दर्द कम होने लगता है। इसके पीछे शरीर के अंदर होने वाली एक वैज्ञानिक प्रक्रिया जिम्मेदार होती है।

जब शरीर में चोट, सूजन या कोई समस्या होती है, तो शरीर में Prostaglandins नाम के केमिकल बनते हैं। ये नसों के जरिए दिमाग को संकेत देते हैं कि शरीर के किस हिस्से में दर्द है।

पेन किलर कैसे काम करती है?
अधिकांश पेन किलर जैसे Paracetamol और Ibuprofen इन केमिकल्स के बनने की प्रक्रिया को कम कर देती हैं। जब Prostaglandins कम बनते हैं, तो दिमाग तक दर्द का सिग्नल भी कम पहुंचता है और हमें राहत महसूस होती है।

दवा का असर जल्दी क्यों होता है?
पेन किलर पेट में जाकर जल्दी घुल जाती हैं और खून में मिलकर पूरे शरीर में फैल जाती हैं। ये दिमाग और प्रभावित हिस्से तक तेजी से पहुंचकर असर दिखाती हैं। आमतौर पर 20–30 मिनट के अंदर इनका असर शुरू हो जाता है।

पेन किलर के प्रकार

  • Analgesics: जैसे Paracetamol – दर्द और बुखार कम करती हैं
  • NSAIDs: जैसे Ibuprofen – दर्द के साथ सूजन भी कम करती हैं
  • Opioids: गंभीर दर्द में दी जाती हैं, ये सीधे दिमाग पर असर डालती हैं (डॉक्टर की सलाह जरूरी)

ध्यान रखने वाली बातें
पेन किलर का इस्तेमाल हमेशा सावधानी से करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा या बार-बार लेने से पेट में जलन, अल्सर, किडनी और लिवर पर असर, या ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

  • हमेशा तय मात्रा में ही दवा लें
  • खाली पेट दवा लेने से बचें
  • लंबे समय तक दर्द रहने पर डॉक्टर से सलाह लें
  • बच्चों और बुजुर्गों को दवा देते समय खास ध्यान रखें

कुल मिलाकर, पेन किलर दर्द को सिर्फ दबाती नहीं, बल्कि उसके पीछे के केमिकल कारण को कम करके राहत देती है—इसी वजह से इसका असर जल्दी महसूस होता है।