लोक संस्कृति शोध संस्थान की मासिक श्रृंखला के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रम
जानकीपुरम के सेक्टर- एच में बच्चों ने जानी हीरे की प्रकृति
लखनऊ: कहानियों के माध्यम से बच्चों को नैतिक शिक्षा देने के उद्देश्य से होने वाले “दादी नानी की कहानी-जीतेश की ज़ुबानी” कार्यक्रम में शनिवार को हीरे की पहचान कहानी सुनायी गयी। लोक संस्कृति शोध संस्थान की मासिक श्रृंखला के तहत इस बार जानकीपुरम सेक्टर एच में बाल सभा के बच्चों ने कहानी सुनी और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर भी दिये।
कार्यक्रम का शुभारम्भ स्टोरीमैन जीतेश श्रीवास्तव ने कठिन वाक्यों के उच्चारण अभ्यास के साथ किया। कथा सत्र में एक जैसा दिखने वाले हीरे और कांच के टुकड़े में अंतर बताने की कहानी रोचक ढंग से सुनाई गई। कल्पना के सागर में डूबते उतराते बच्चों ने वर्तमान को अच्छा बनाने, परिश्रम करने, परिस्थितियों का सामना करने, सच बोलने जैसे नैतिक मूल्यों की प्रेरणा ली। इस अवसर पर लोक संस्कृति शोध संस्थान की सचिव सुधा द्विवेदी, ऋचा श्रीवास्तव, नीलम वर्मा, राजनारायण वर्मा, अपराजिता आदि उपस्थित रहे।
लखनऊ: सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच कीमांग की है।
अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा है कि सरकार जिस रास्ते को अपना रही है, वो गैरकानूनी है। यूपी में कानून व्यवस्था का शून्य काल है। मौजूदा सरकार को सत्ता में बने रहने का हक नहीं है। जीवन की रक्षा करना सरकार का पहला दायित्व होता है। ऐसे में न्यायिक प्रक्रिया से लोगों का विश्वास उठ जाएगा। ऐसे सभी संदिग्ध मौत मामलों की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए क्योंकि जिस तरह से सरकार न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर जिस तरह दूसरे रास्ते अपनाती है वो पूरी तरह गैर कानूनी है।
मुलायम राज में एलएमजी खरीदने के लिए मुख्तार ने की थी 1 करोड़ की डील
मुख्तार पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, धोखाधड़ी, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट जैसे 61 से ज्यादा मामले दर्ज थे. इनमें कई में उसे सजा भी हो गई थी
विधायक कृष्णानंद राय को बेरहमी से सरेआम गोलियों से भुनवाया था
जरायम के अखाड़े में मुख्तार चार दशकों तक पुलिस के लिए ऐसी चुनौती बना रहा कि कोई गवाह, कोई साक्ष्य उसे सजा नहीं कर सका
लखनऊ: मुख्तार अंसारी की गुरुवार (28 मार्च 2024) को मौत हो गई। मुख्तार बांदा जेल में बंद था, वहां उसे दिल का दौड़ा पड़ा। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अब बांदा में पोस्टमार्टम होने के बाद उसके शव को गाजीपुर ले जाया जा रहा है, जहां अपनों के बीच शव को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बारे में
बात 2004 की है, जब शैलेंद्र सिंह वाराणसी में एसटीएफ चीफ थे, उन्हें वहां कृष्णानंद राय और मुख्तार के बीच गैंगवार पर नजर रखने के लिए भेजा गया था, शैलेंद्र सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे फोन टैपिंग कर रहे थे। एक दिन उन्होंने सुना कि मुख्तार किसी से फोन पर लाइट मशीन गन खरीदने की बात कह रहा है, वह फोन पर कह रहा था कि उसे यह किसी भी कीमत में चाहिए। शैलेंद्र सिंह के मुताबिक, इस एलएमजी का इस्तेमाल वह कृष्णानंद राय की हत्या में करना चाहता था। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के साथ मुख्तार पर पोटा लगा दिया, लेकिन उस वक्त मुख्तार बाहुबली नेता था, उसने मायावती की पार्टी को तोड़कर सपा की सरकार बनवाई थी, ऐसे में मुलायम सिंह सरकार ने इस केस को रद्द करा दिया, शैलेंद्र सिंह के मुताबिक, इस केस के चलते तत्कालीन मुलायम सरकार ने आईजी बनारस, डीआईजी, एसपी समेत तमाम बडे़ अधिकारियों के तबादले कर दिए।
वाराणसी में मौजूद एसटीएफ यूनिट को भी लखनऊ बुला लिया गया, शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उनके ऊपर भी केस खत्म करने का दबाव बनाया जाने लगा। इसके बाद उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा. शैलेंद्र सिंह के मुताबिक, मुलायम सिंह उनसे काफी नाराज थे. आखिर में सिस्टम से परेशान होकर शैलेंद्र सिंह ने इस्तीफा दे दिया। प्रदेश में सूचीबद्ध माफिया पर जब अभियान के तहत पैरवी शुरू हुई तब जाकर वह कमजोर पड़ा और चालीस वर्षाें के बाद उसे पहली बार 21 सितंबर 2022 को सजा सुनाई गई थी। इसके बाद डेढ़ वर्ष में एक के बाद एक आठ मुकदमों में उसे सजा सुनाई गई। बांदा में उसकी मौत के बाद कई राज दफन हो गए। मुख्तार ने अपने व कुनबे के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने के लिए हर दांव चला। बसपा का दामन थामकर 1996 में पहली बार विधानसभा पहुंचा तो बाद में सपा का भी इस्तेमाल अपने ढ़ंग से किया। मुख्तार पांच बार विधायक बना और बसपा के टिकट पर 2009 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट से भी किस्मत आजमाई, हालांकि वह हार गया था। मुख्तार के विरुद्ध हत्या का पहला मुकदमा 1986 में दर्ज हुआ था, तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। मुख्तार पर तत्कालीन कांग्रेस नेताओं का भी हाथ रहा। मुख्तार के विरुद्ध हत्या का पहला मुकदमा 1986 में दर्ज हुआ था, तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। मुख्तार पर तत्कालीन कांग्रेस नेताओं का भी हाथ रहा। प्रदेश में सरकारें तो बदलती रहीं, पर किसी ने बाहुबली मुख्तार के विरुद्ध कार्रवाई की इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। कानूनी विशेषज्ञ कहते हैं कि मुख्तार उसके विरुद्ध दर्ज मुकदमों में कानूनी दांवपेंच के सहारे कोर्ट में आरोप तय कराने की प्रक्रिया को लटकवाने में माहिर रहा।
मुख्तार के विधायक पुत्र अब्बास अंसारी के विरुद्ध आठ मुकदमे दर्ज हैं। अब्बास की पत्नी निखत को बीते दिनों चित्रकूट पुलिस ने पकड़ा था। चित्रकूट जेल में वह अब्बास से गैरकानूनी ढ़ंग से मिलने जाती थी। अफजाल अंसारी के विरुद्ध सात मुकदमे दर्ज हैं। मुख्तार के बड़े भाई पूर्व विधायक सिबगतुल्ला अंसारी के विरुद्ध तीन मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान सरकार ने वर्ष 2017 में विशेषकर बड़े अपराधियों के विरुद्ध कोर्ट में प्रभावी पैरवी का निर्देश दिया था। इसके बाद ही अभियोजन विभाग ने मुख्तार के विरुद्ध दर्ज मुकदमों में भी पैरवी तेज की थी।काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे पीयूष राय और अलका राय काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचे पूर्व विधायक कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय और पत्नी अलका राय. मुख्तार अंसारी पर विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का आरोप था. अब मुख्तार अंसारी की गुरुवार की मौत के बाद कृष्णानंद राय का परिवार मंदिर पहुंचा है।
साल 2005 में मुख्तार अंसारी जेल में बंद था। इसी दौरान बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय को उनके 7 साथियों सहित सरेआम गोलीमार हत्या कर दी गई थी। मुख्तार पर आरोप था कि उन्होंने शार्प शूटर मुन्ना बजरंगी और अतिकुर्रहमान उर्फ बाबू की मदद से 5 साथियों सहित कृष्णानंद राय की हत्या करवा दी थी।
मुख्तार के साथ इन माफिया पर भी कसा शिकंजा
माफिया के विरुद्ध अभियान के तहत हुई कार्रवाई में मुख्तार अंसारी के अलावा विजय मिश्रा, अतीक अहमद (मृत), योगेश भदौड़ा, मुनीर, सलीम, रुस्तम, सोहराब, अजीत सिंह उर्फ हप्पू, आकाश जाट, सिंहराज भाटी, सुंदर भाटी, मुलायम यादव, ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह, अमित कसाना, एजाज, अनिल दुजाना, याकूब कुरैशी, बच्चू यादव, रणदीप भाटी, संजय सिंह सिंघला, अनुपम दुबे, ऊधम सिंह व अन्य को कोर्ट से सजा सुनिश्चित कराई गई।
माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की गुरुवार को तबियत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई है और इसके बाद बांदा, मऊ, गाज़ीपुर जिलों में धारा 144 लगा दी गयी है। आपको बता दें कि बांदा जेल में बेहोश होने के बाद मुख्तार अंसारी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद नौ डॉक्टरों की टीम लगातार मुख्तार की सेहत पर नजर बनाए हुई थी लेकिन इलाज के दौरान मुख्तार अंसारी की मौत हो गई।
तो वहीं मुख़्तार के परिजनों ने मौत का कारण जहर देना बताया है। हालत गंभीर होने के बाद उसे पहले आईसीयू में फिर सीसीयू में भर्ती कराया गया था। मुख्तार अंसारी की मौत से जुड़ी खबर आने के बाद मऊ और गाज़ीपुर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बता दें कि जेल में बेहोश होने के बाद मुख्तार अंसारी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नौ डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी सेहत पर नजर बनाए हुई थी लेकिन उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। बता दें कि मुख्तार अंसारी को रात करीब नौ बजे दिल का दौरा पड़ा था और वो बेहोश हो गया था। इसके बाद उसे आनन-फानन में तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। ये खबर आने के बाद मुख्तार का परिवार गाजीपुर से बांदा के लिए निकल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बांदा जेल की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी मुख्तार अंसारी का डेथ सर्टिफिकेट
मुख्तार अंसारी के वकील रणधीर सिंह ने कहा की कि मुख्तार अंसारी से किसी को भी मिलने नहीं दिया जा रहा था। इससे पहले मंगलवार को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उसे स्टूल सिस्टम की परेशानी रही थी। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में उसे 14 घंटे तक आईसीयू में रखकर इलाज किया गया था। बता दें कि मुख्तार ने कुछ दिन पहले ही कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसे धीमा जहर दिया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी ने किया Tweet
मुख्तार अंसारी की मौत पर एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर दुख़ व्यक्त किया है तो वहीं आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए सीटिंग जज से मामले की जांच करवाने की मांग की है।
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर
तो वहीं कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने भी आरोप लगाते हुए कहा, “जिस तरीके से आरोपी मुख्तार अंसारी की जेल में मौत हुई है वो उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है, इस घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और हाई कोर्ट के जज की सुपरविजन में यह जांच होनी चाहिए।”
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत ने आरोप लगाते हुए जांच की मांग की
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुख़्तार के पारिवारिक सदस्य भी बांदा पहुँच रहे हैं। जिसके बाद वीडियो कैमरे के सामने पोस्टमार्टम होगा और उसके बाद मुख़्तार की बाड़ी को परिवार को सौंपी जाएगी और परिवार के लोग अंतिम संस्कार करेंगे।
मुख्तार अंसारी की मौत के बाद गाजीपुर स्थित घर में बढ़ रही भीड़, मौजूद भीड़ जिन्दाबाद के लगा रही नारे
मुख्तार अंसारी के घर के बाहर भीड़ बढ़ती जा रही है। मुख्तार के लिए नौजवानों की भीड़ जिंदाबाद के नारे बुलंद कर रही है। ये वीडियो गाजीपुर फाटक का है। इस शहर में फाटक का मतलब हर कोई जानता है। फाटक, मुख्तार अंसारी और उनके परिवार वालों का घर है। फाटक इसलिए कहा जाता है क्योंकि एंट्री पर बहुत बड़ा दरवाजा है जिसे फाटक कहते हैं।
गाजीपुर स्थित मुख्तार अंसारी का घर
तो वहीं घर में बढ़ती हुई भीड़ को देखते हुए मुख्तार अंसारी के भतीजे सपा विधायक ने चिंता जताते हुए लोगों से अपील की है। पुलिस के एक बड़े अफसर भी उन्हें बता रहे हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए। विधायक ने माइक से अपील जारी की और कहा कि अगर आप हमारे अपने समर्थक हैं तो प्लीज वापस घर लौट जाएं।