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ऑपरेशन यूपी एसटीएफ: अवैध असलहो का तस्कर शाकिब अहमद मेरठ में पकड़ा गया, 10 पिस्टल व मैगजीन बरामद

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  • एसटीएफ ने अवैध असलहों के तस्कर शाकिब को मेरठ से गिरफ्तार किया
  • ⁠आरोपी के पास से 10 अवैध पिस्टल और बड़ी मात्रा में मैग्जीन बरामद
  • ⁠मेरठ के जनपद कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है साकिब
  • ⁠महाराष्ट्र के जलगांव से पाजी नाम के युवक से 10 से 15000 रुपए में खरीदता था पिस्टल
  • ⁠दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और यूपी के मेरठ में सटी सीमाओं पर लोगों को 30 से 35000 में बेचता था ये अवैध पिस्टल

कौशाम्बी: रात में खुलेआम हो रहे अवैध खनन पर एसडीएम ने की छापेमारी, 29 गाड़ियां सीज, नहीं हुई पट्टेधारक व घाट संचालकों पर कार्रवाई

  • सोमवार 10 जून को रात में पुनः महेवाघाट थानांतर्गत जमुनापुर घाट में यमुना का सीना चीरकर बालू निकालते वायरल हुआ था वीडियो
  • करवरिया बन्धुओं के जमुनापुर बालू घाट में गरज रही पोकलैंड मशीनों व ट्रकों के आवागमन के शोर से ग्रामीण परेशान
  • ⁠सदर एसडीएम आकाश सिंह ने एआरटीओ व खनिज अधिकारी को बुलाकर छापेमारी में 29 ओवरलोड गाड़ियों का 29 लाख का चालान किया
  • गाड़ी मालिकों पर कार्रवाई हुई ⁠लेकिन अभी भी पट्टेधारक व घाट संचालकों के खिलाफ नहीं हुई कोई कार्रवाई

कौशाम्बी: योगी सरकार के मंसूबों पर खुलेआम पानी फेरने वाले और सरकार का नुमाइंदा बनने वाले हत्यारे करवरिया बन्धुओं ने योगी सरकार की किरकिरी करवाने का जैसे ठेका ले रखा हो, तभी तो कौशाम्बी जनपद के महेवा घाट थानांतर्गत जमुनापुर बालू घाट में रात के अंधेरे में भी लगातार हो रहा अवैध खनन बन्द होने का नाम नहीं ले रहा है। चर्चा तो यहां तक है कि खबर के हाई लाइट होने पर जिम्मेदारों से सांठगांठ होने के बाद पहले से भी दोगुनी गति से अवैध खनन किया जा रहा है।

करवरिया बन्धु हमेशा से अपने गुर्गे के नाम घाट का पट्टा करवाकर करते हैं जीतोड़ अवैध खनन

गौरतलब है कि यूपी के कौशाम्बी जिले के महेवाघाट थानांतर्गत रामनगर/जमुनापुर बालूघाट में हो रहे अवैध खनन की चर्चा जनपद मुख्यालय से लेकर प्रदेश मुख्यालय की गलियारों तक है, चर्चा की मुख्य वजह घाट में जघन्य हत्याकांड में उम्रकैद की सजा में नैनी जेल में बंद कुख्यात माफिया करवरिया बन्धुओं द्वारा अपने गुर्गे के नाम पर लिए गए पट्टा में अवैध खनन करते हैं और सरकारी राजस्व की क्षति करते हैं इसके साथ ही कपिल मुनि करवरिया ने रामनगर में अवैध कब्जा कर यमुना नदी के किनारे बड़ा सा ऑफिस भी बना रखा है। वहीं से घाट में लोडिंग की जाने वाली गाड़ियों की पर्चियां भी कटती हैं, रामनगर/जमुनापुर के इसी बालू घाट का सोमवार रात को स्वदेश के विशेष संवाददाता शिवसागर सिंह ने पुनः यमुना नदी का सीना चीरकर अवैध खनन करते वीडियो वायरल किया। जिसके बाद वीडियो की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से एसडीएम सदर ने घाट में छापेमारी की।

एसडीएम मंझनपुर आकाश सिंह ने दो थानों की फोर्स के साथ रात में की छापेमारी, टास्क फोर्स को सौंपी गई जांच

सोशल मीडिया में अवैध खनन का वीडियो वायरल होने के बाद मंझनपुर तहसील के एसडीएम आकाश सिंह ने रात में ही महेवाघाट व पश्चिम शरीरा थाने की पुलिस के साथ घाट में छापेमारी की, उसके बाद एआरटीओ व खनिज अधिकारी को भी बुलाकर कार्रवाई की, मौके पर खनन करते घाट के अंदर से 9 ओवरलोड गाड़ियां पकड़ी गई व टोटल 29 गाड़ियों में 2 गाड़ी मंझनपुर कोतवाली के टेंवा चौकी क्षेत्र में, 18 ओवरलोड गाड़ियों को माफिया करवरिया के ही कोल्ड स्टोर के पास और 9 ओवरलोड गाड़ियों को रामनगर खनन क्षेत्र के बाहर कुल 29 (8 ट्रैक्टर व 21 डंफर) पकड़ी गई थी उन्हें सीज कर महेवाघाट थाने के सुपुर्द किया गया, पकड़ी गई गाड़ियों में तो 29 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है लेकिन घाट संचालकों के खिलाफ खबर लिखे जाने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि रात के अंधेरे में जमुनापुर घाट में खनन माफियाओं के द्वारा अवैध खनन करते पकड़े जाने पर पट्टाधारक समेत सभी हिस्सेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही घाट सीज किए जाने की भी कार्रवाई की जानी चाहिए लेकिन बड़ा सवाल तो यह भी है कि जब जिले के जिलाधिकारी का ही खनन माफिया के ऊपर हांथ है तो कैसे होगी कार्यवाही। अवैध खनन का वीडियो पत्रकार शिवसागर सिंह द्वारा Tweet करने के बाद कौशाम्बी पुलिस के ट्विटर हैंडल से tweet का रिप्लाई करते हुए बताया गया कि मामले के सम्बन्ध में टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जांच के मुताबिक उचित कार्रवाई की जाएगी।

नहीं खत्म हुआ खनिज अधिकारी का माफिया प्रेम

सोशल मीडिया में अवैध खनन का वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम सदर आकाश सिंह ने मोर्चा संभालते हुए दो थानों की फोर्स के साथ घाट में छापेमारी की। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक घाट में एसडीएम द्वारा छापेमारी करने के बाद लगभग 2 घंटे बाद जिले का भ्रष्ट खनिज अधिकारी भी जमुनापुर बालू घाट पहुंचा और उस वक्त भी वो वहां पर घाट संचालकों की पैरवी करते नजर आया। लेकिन फिलहाल एसडीएम आकाश सिंह की छापेमारी के बाद से माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ था लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिलाधिकारी से मैनेज होने की भी बात चल रही है।

लखनऊ: जनसेवा में लगे विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने 13 नए ताराशक्ति केन्द्रों का किया लोकार्पण

  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने 13 नए ताराशक्ति केंद्रों का किया लोकार्पण, अब तक स्थापित हो चुके हैं 114 केंद्र, विधायक ने कहा अब 100 नहीं 200 केंद्रों की स्थापना का है लक्ष्य
  • मातृशक्ति के स्वावलंबन, संवेदनशीलता, साहस, समर्पण को चरितार्थ कर रहे ताराशक्ति केंद्र
  • डॉ०राजेश्वर सिंह ने कहा- 37 दल मिलकर भी नहीं पहुंच पाए 240 सीट पर, भाजपा की विजय हर मायने में ऐतिहासिक
  • उन्होंने गारंटी देते हुए कहा कि भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा है सरोजनीनगर, पूरे लखनऊ मंडल में दिलाई सबसे बड़ी बढ़त

लखनऊ: शुक्रवार का दिन सरोजनीनगर की महिलाओं के लिए बहुत विशेष था क्योंकि विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मातृ शक्ति को स्वावलंबी, आर्थिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गयी तारा शक्ति केंद्र सिलाई सेंटरों की स्थापना के क्रम में 13 नए सेंटरों का लोकार्पण कर स्वयं सहायता समूह से जुड़ी उद्यमी महिलाओं को समर्पित किया।

दोपहर से ही विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं, विशेष रूप से ताराशक्ति केन्द्रों से जुड़ीं महिलाओं का पराग चौराहा, आशियाना स्थित कार्यालय पर आना शुरू हो गया था। विधायक डॉ. सिंह ने फीता काट कर फतेहगंज, ख़ुशहालगंज, गढ़ी, मेड़ाईखेड़ा, बनी, मखदूमपुर कैथी, खाण्डेदेव, एसजीपीजीआई, अशरफ़नगर, तेजकिशन खेड़ा, पुरेना, रसूलपुर और तपोवन नगर में स्थापित तारा शक्ति केन्द्रों का लोकार्पण किया। इन नए 13 केन्द्रों की स्थापना के साथ सरोजनीनगर में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा स्थापित ताराशक्ति सिलाई सेंटरों की संख्या 114 हो गयी है, जिनके माध्यम से करीब 4,500 महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं कौशल प्रशिक्षण के अवसर मिल रहे हैं। इन सिलाई सेंटरों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बन रही हैं। इस अवसर पर सरोजनीनगर विधायक ने कहा की सीएसआर फंड के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों से जुडी महिलाओं को ऑटोमैटिक एवं मैन्युअल सिलाई मशीन, पीको एवं इंटरलॉकिंग मशीने प्रदान कर तारा शक्ति केन्द्रों की स्थापना की जाती है। विधायक ने कहा कि मेरा लक्ष्य सरोजनीनगर में पहले चरण में 200 सिलाई सेंटरों की स्थापना करना है, जहाँ महिलाओं को सिलाई, कढाई प्रशिक्षण के साथ-साथ सेंटरों को टेक्सटाइल सेक्टर से काम भी दिलाया जायेगा।

लोकसभा चुनाव परिणाम के बारे में बोलते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरु के बाद, नरेन्द्र मोदी देश के दूसरे ऐसे नेता हैं जो लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। 2019 में भाजपा को 22.9 करोड़ यानी 37.3% वोट मिले थे, इस बार 36.56% मत प्रतिशत के साथ 23.59 करोड़ वोट मिले हैं वोट मिले हैं, इस बार 2019 की तुलना में 69 हजार अधिक वोट मिले हैं। विधायक ने आगे जोड़ा देश भर में 33 सीटें ऐसी थी जहाँ भाजपा बड़े कम अंतर से हारी है, अगर इन सभी सीटों पर मिलाकर 6 लाख वोट अधिक वोट मिले होते तो भाजपा की जीती होती। भाजपा ने पहली बार ओडिशा में सरकार बनाई, अरुणाचल में एतिहासिक बहुमत से सत्ता वापस आई, आंध्र प्रदेश में भाजपा के गठबंधन को जीत मिली। दक्षिण भारत में भाजपा को 3 करोड़ 94 लाख वोट मिले जबकि कांग्रेस को केवल 3 करोड़ 91 लाख वोट मिले। मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र का विश्लेषण करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पूरे लखनऊ मंडल में भाजपा को सबसे ज्यादा वोट सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र से मिले हैं, मोहनलालगंज की सभी 5 विधानसभा क्षेत्रों की तुलना में सर्वाधिक वोट और मार्जिन भी सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र ने प्रदान की। 2019 की तुलना में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 27,033 अधिक वोट पड़े है। सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की बढ़त को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए कहा कि ताराशक्ति केन्द्रों से मातृशक्ति लाभान्वित हो रही है, सरोजनी नगर स्पोर्ट्स लीग के 5 टूर्नामेंटों के माध्यम से 3500 युवाओं को खेल के अवसर मिले, 121 बॉयज एवं 19 गर्ल्स यूथ क्लबों की स्थापना कर स्पोर्ट्स किट प्रदान की गयी। 1000 से अधिक मेधावियों को टेबलेट्स एवं साइकिल प्रदान की गयी, 10 कॉलेज में स्मार्ट क्लास रूम और 25 में डिजिटल लैब स्थापित की गयी, निरंतर 4000 जरुरतमंदों को सुबह, शाम ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरोजनी नगर में ये बढ़त महिलाओं, युवाओं और आमजनों के अटूट भरोसे का परिणाम है।

कार्यक्रम के दौरान फतेहगंज केंद्र की संचालिका पूजा गुप्ता, खुशहाल गंज केंद्र से शरमी, गढ़ी से ममता, असराफ़नगर से आरती, मेड़ायीखेड़ा से संगीता, एसजीपीजीआई से भावना, बनी से किरण चौरसिया, मकदूमपुर कैथी से गुड़िया शर्मा, खण्डेदेव से बीना, तपोवननगर से कमला, तेजकिशनखेड़ा से संध्या, पुरेना से अनीता तथा रसूलपुर केंद्र की संचालिका शशि उपस्थित रही। साथ ही भाजपा नेत्री नेहा सिंह, शिविता गोयल, रीना त्रिपाठी, रंजना मिश्रा, प्रियंका सिंह, मधु चौरसिया, आरती मौर्या, रेखा, सुमन एवं भाजपा नेता शंकरी सिंह, गंगा राम भारती, रमा शंकर त्रिपाठी, कृपा शंकर शुक्ला उपस्थित रहे।

2019 के पहले खुलेआम और अब प्रयागराज की नैनी जेल से चलता है माफिया करवरिया बन्धुओं का साम्राज्य, जेल ट्रांसफर न हुआ तो हो सकती है बड़ी घटना

  • शराब, यूपी के कई जनपदों में चल रहे बालू/मोरंग के घाटों पर अवैध खनन, कई सरकारी ज़मीनों पर अवैध कब्जे समेत अघोषित आय के तमाम अवैध कारोबार में लिप्त हैं करवरिया बन्धु
  • प्रयागराज लोकसभा सीट से टिकट न मिलने पर भाज़पा से बगावत
  • ⁠जवाहर पंडित उर्फ जवाहर यादव हत्याकांड में उम्रकैद की सजा में इलाज के बहाने पेरोल में लगातार जेल से बाहर रहने करवरिया बन्धुओं को पेरोल न मिलने पर बेटों ने संभाली कमान, जेल से मिले कमांड पर करते हैं काम
  • ⁠कौशाम्बी के महेवाघाट थानाक्षेत्र के जमुनापुर बालू घाट में भी मानक को ताक में रखकर अवैध खनन करने के मामले में दी गई धमकी मामले में राजधानी लखनऊ में कार्यरत पत्रकार शिवसागर सिंह ने बीती 25 मई को महेवाघाट थाने में दर्ज करवाई एफआईआर, अपने व परिवार को इन लोगों से बताया खतरा

लखनऊ: तत्कालीन विधायक जवाहर पण्डित उर्फ जवाहर यादव हत्याकांड में प्रयोग हुई AK-47 से दहशत फैलाने में कामयाब हुए करवरिया बन्धुओं ने लगभग 3-4 दशक से आतंक फैला रखा है। गौरतलब है कि सपा विधायक विजमा यादव के पति जवाहर यादव उर्फ जवाहर पंडित की अगस्त 1996 में सिविल लाइंस में काफी हाउस के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। किसी भी कत्ल में पहली बार एके-47 इस्तेमाल हुई थी। जिस पर प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में मुकदमा लिखा गया था, जिसकी जांच सीबीसीआइडी को सौंपी गई थी। इस हत्याकांड में इन माफिया भाइयों के प्रभाव के चलते कोर्ट में ट्रायल ही लंबे समय तक रुका रहा। अंततः कार्यवाही शुरू होने पर तीनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पिछले कई वर्षों से तीनों करवरिया बंधु जेल में हैं। इस बीच पैरोल पर वे दो या तीन बार रिहा भी हुए थे।

2019 में करवरिया बन्धुओं को जवाहर यादव उर्फ जवाहर पंडित हत्याकांड में हुई उम्रकैद की सजा के बावजूद इलाज के लिए एक महीने की ली गई पेरोल पर एक लंबे समय तक जेल से बाहर ही रहे। लेकिन मृत जवाहर पंडित की पत्नी और हत्याकांड की मुख्य पैरोकार सपा विधायक विजमा यादव ने बीते साल 2023 में हुए नगर निगम/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत चुनाव में पेरोल में रहते हुए प्रयागराज शहर समेत शंकरगढ़, कौशाम्बी के मंझनपुर, चित्रकूट के राजापुर समेत तमाम चर्चित जगहों में चुनाव प्रचार की शिकायत करते हुए साक्ष्य के तौर पर फोटो व वीडियो कोर्ट में पेश किए और इन लोगों से खतरा बताया, जिसके बाद चुनाव के ही दौरान आनन-फानन में कोर्ट ने मामले की संवेदशीलता को समझते हुए इनकी पेरोल निरस्त की और इनके इलाज की सारी व्यवस्था जेल के अंदर ही करवाने को कहा और किसी भी स्थिति में इन्हें पेरोल देने से मना किया।

लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने पर भाजपा का किया आंतरिक विरोध

इन लोगों ने हाल ही में हो रहे लोकसभा चुनाव में प्रयागराज से टिकट न मिलने पर पार्टी से भी बगावत किया।करवरिया बन्धुओं के सगे रिश्तेदार कुख्यात माफिया विजय मिश्रा ने भी बगावती तेवर दिखाए थे। भाजपा सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक उम्रकैद की सजा होने के कारण लगातार जमानत व पेरोल के लिए बेताब करवरिया बन्धुओं ने चुनाव में जमानत व पेरोल न मिलने पर भाजपा के प्रयागराज, फूलपुर, कौशाम्बी और बांदा-चित्रकूट के प्रत्याशियों का विरोध भी किया। राजनीतिक फायदे के लिए ये तीनों भाई अलग अलग राजनीतिक दलों को साधते चले आ रहे हैं और कभी भी किसी भी राजनैतिक दल में स्थिर नहीं रहे हैं, इस बार का लोकसभा चुनाव इसका जीता जागता प्रमाण है।

गौरतलब है कि पेशेवर माफिया और प्रयागराज की जघन्य हत्याकांड के आरोपी कपिलमुनि करवरिया, उदयभान करवरिया, सूरजभान करवरिया के अलावा उनके रिश्तेदार रामचंद्र तिवारी उर्फ कल्लू को जवाहर पंडित हत्याकांड में उम्रकैद की सजा में एक माह की पेरोल मंजूर हुई थी लेकिन जवाहर यादव की पत्नी और विधायक विजमा यादव की अर्जी पर कोर्ट ने इनके मंसूबों में पानी फेर दिया और तब से लेकर आज तक लगातार ये अपने बच्चों को उसी जरायम की दुनिया में भेजकर जेल से ही उनकी मॉनिटरिंग करते हैं और अवैध खनन जैसे सारे काले कारोबार ये जेल से ही चलाते हैं। इनसे जेल में मिलने वालों की संख्या, उनकी प्रवृत्ति और बिजनेस मॉडल पर अगर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो ये शहर में रहते किसी भी बड़ी घटना को जेल से ही अंजाम तक पहुंचा सकते हैं। पांच साल से लगातार एक ही जेल में रहने से कहीं न कहीं जेल में भी इन्होंने गहरी पैठ बना ली है क्योंकि अगर जेल के अंदर मुलाकात करने पहुंचे लोगों को VIP ट्रीटमेंट मिलता है तो सोचने वाली बात है कि इनको जेल के अंदर कितना VVIP ट्रीटमेंट न मिलता होगा।

कौशाम्बी: अवैध खनन की खबर से बौखलाए खनन माफिया की नई चाल, पत्रकार पर लगा रहा निराधार आरोप

  • खनन माफिया के ही कौशाम्बी के समदा स्थित वशिष्ठ इंपीरियल होटल में माफिया के गुर्गे अरुण त्रिपाठी आदि ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी
  • ⁠पत्रकार ने बताया कि मेरे खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने और प्रयागराज के जवाहर पंडित हत्याकांड में उम्रकैद की सजा में जमानत पाने के लिए बालू घाट से खुद का नाम अलग करने के लिए की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस
  • ⁠इतना सब कुछ लिखने-दिखाने के बावजूद घाट में रातों दिन चल रहा अवैध खनन बन्द होने का नाम नहीं ले रहा
मानक को ताक में रखकर रात के अंधेरे में हो रहा अवैध खनन

कौशाम्बी: जिले के महेवाघाट थानांतर्गत जमुनापुर बालू घाट में प्रयागराज के तिलकनगर, अल्लापुर निवासी पट्टेधारक अरुण कुमार त्रिपाठी पुत्र भोलनाथ त्रिपाठी जो कि जवाहर पंडित हत्याकांड में उम्रकैद की सजा में जेल में बंद पेशेवर माफिया कपिल मुनि करवरिया का गुर्गा है। कौशाम्बी के समदा स्थित खनन माफिया के ही होटल में माफिया के ही गुर्गे पट्टेधारक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निराधार आरोप लगाए हैं।

इस मामले में पत्रकार शिवसागर सिंह ने बताया कि बीती 15 मई 2024 को मेरे द्वारा दैनिक स्वदेश में खबर लिखने के बाद पेशेवर माफिया कपिल मुनि करवरिया के बेटे वैभव करवरिया व उसके गुर्गों ने हमारे पिता जी के माध्यम से हमें देख लेने की धमकी दी थी। जिसके बाद हमने तहरीर दिया था लेकिन उस मामले में इन लोगों के द्वारा गलती मानने पर हमने अपने हस्तलिखित पत्र में किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने के लिए सम्बन्धित जिम्मेदारों को लिख कर दिया था। लेकिन उस पक्ष के लोग सुलह के लिए जो पत्र टाइप करवाकर भेजे थे उसमें हमसे कह रहे थे कि आप यह कह दो कि धमकी ही नहीं दी गई है, इसलिए वो बात मैंने लिखा नहीं और उसके बाद अधिकारियों ने संज्ञान लिया और महेवाघाट थाने में एफआईआर दर्ज कर दी गई। जिसकी विवेचना लंबित है, इसी मामले में सुलह के लिए माफिया तरह तरह के प्रयोग कर रहा है। वरना सभी जानते हैं कि प्रयागराज में जवाहर हत्याकांड जैसी जघन्य वारदात में जेल में बन्द माफिया ब्रदर्स से हम जैसा व्यक्ति रंगदारी वसूलने की कितनी क्षमता रखता है।

“स्वदेश” में लिखी इस खबर से बौखलाए खनन माफिया

अब उस खबर के मामले में बिना किसी तथ्य के हमारे खिलाफ इन लोगों ने जनपद के डीएम व एसपी के यहां शिकायती पत्र दिया है। जिसकी जानकारी हमें पिताजी ने दिया तो हमने उन्हें बताया कि जिम्मेदार अधिकारियों से कहिए कि अपने स्तर से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवा लें और अगर मैं कहीं भी गलत पाया जाता हूं तो मेरे खिलाफ कोई भी कार्रवाई मैं सहर्ष स्वीकार करूंगा लेकिन सिर्फ अवैध खनन करने व कार्रवाई से बचने के लिए इस प्रकार के निराधार आरोप लगाने वालों के खिलाफ पुनः एप्लीकेशन दूंगा और जनपद से लेकर शासन स्तर तक उचित कार्रवाई की मांग करूंगा।

मैं अपने सभी पत्रकार साथियों को यह भी अवगत करवाना चाह रहा हूं कि मेरी खबर को ये लोग मेरे भाई से भी जोड़ रहे हैं जबकि हमारे निजी मामलों के कारण बीते 6-7 महीने से भाई से मैं बात भी नहीं करता हूं।इस बात को मेरे गांव से लेकर पूरा क्षेत्र भी जानता है।मेरा भाई से बात न होने का प्रमाण जिम्मेदारों को मेरे नंबर की सीडीआर रिपोर्ट निकलवाकर भी मिल जाएगा। आपराधिक इतिहास के सम्बन्ध में बताना चाहता हूं कि मेरे भाई के ऊपर छुटपुट मामले जरूर दर्ज हैं लेकिन वर्तमान में उनकी पत्नी ग्राम पंचायत जमुनापुर से ग्राम प्रधान हैं और विकास खंड सरसवा के प्रधान संघ की अध्यक्ष भी हैं, जिनके प्रतिनिधि हमारे भाई ही हैं और एक जनप्रतिनिधि की भूमिका में लोगों के बीच मौजूद रहते हैं। खनन माफिया के लोग अवैध खनन लगातार जारी रखने के लिए ये नए-नए सगूफा छोड़ रहे हैं। ग्राम पंचायत जमुनापुर के स्थानीय लोग भी घाट में पार्टनर हैं जोकि राजनीतिक लाभ के लिए भी तमाम आरोप लगवा रहे हैं। जमुनापुर बालू घाट मामले में पट्टाधारक द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के जवाब में कहना चाहता हूं कि खनन माफिया और विधायक जवाहर पंडित के हत्यारे करवरिया बन्धुओं ने अपने गुर्गे पट्टेधारक से मेरे खिलाफ जहर भले ही उगलवाया हो लेकिन इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस को ध्यान से सुनिए और इनके मंसूबों को समझिए, प्रेस कॉन्फ्रेंस का मतलब सिर्फ इतना है कि मेरे और परिवार के ऊपर मनगढ़ंत आरोप लगाए जाएं और करवरिया बन्धुओं का नाम घाट से अलग किया जाए, जिससे जवाहर पंडित हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा में प्रयागराज की नैनी जेल में बंद तीनों भाइयों सूरजभान करवरिया, उदयभान करवरिया और कपिल मुनि करवरिया समेत साथ में बन्द लोगों को जमानत मिल जाए, जिससे ये लोग पुनः जरायम की दुनिया में आकर अपना साम्राज्य स्थापित कर सकें।

जमुनापुर घाट में नहीं बन्द हो रहा रात्रि का अवैध खनन

15 दिन से भी ज्यादा का समय हो गया, कौशाम्बी के महेवाघाट थानाक्षेत्र के जमुनापुर बालू घाट में खुलेआम मानक के विपरीत हो रहे अवैध खनन की खबर स्वदेश में लिखने के बाद लगातार एनजीटी से लेकर जिले के जिम्मेदार घाट तक तो पहुंचे लेकिन कार्यवाही सिर्फ खानापूर्ति तक ही रह गई क्योंकि उल्टा पट्टेधारक खुद ही पत्रकार के ऊपर आरोप भी लगाने लगा लेकिन जिम्मेदारों द्वारा जमुनापुर बालू घाट में खुलेआम रात-दिन हो रहे अवैध खनन को बन्द कराकर घाट संचालक के खिलाफ मामले की एफआईआर दर्ज करवा मामले की हाई लेवल जांच करवाकर कार्यवाही करने की कोशिश नहीं की गई।