लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के मद्य निषेध विभाग ने मंगलवार को बख्शी का तालाब के महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज, अस्ती में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत पोस्टर और निबंध प्रतियोगिताओं के साथ हुई, जिसमें छात्रों ने नशा मुक्ति विषय पर अपनी रचनात्मकता और विचारों को प्रस्तुत किया। इसके बाद छात्रों ने दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमें उन्होंने जोश और उत्साह के साथ सहभागिता की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कठपुतली शो रहा, जिसमें नशे से होने वाली गंभीर बीमारियों और इसके दुष्परिणामों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया। कठपुतली शो के माध्यम से बच्चों को यह समझाया गया कि नशा किस प्रकार उनके स्वास्थ्य और समाज को प्रभावित करता है। इस अवसर पर सभी छात्रों और उपस्थित लोगों ने नशा न करने की शपथ ली।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस आयोजन में लगभग 300 छात्रों ने भाग लिया, जिन्होंने नशामुक्ति का समर्थन किया।
कार्यक्रम के समापन में वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। क्षेत्रीय मद्य निषेध अधिकारी ब्रजमोहन, जिला मद्य निषेध अधिकारी नीतू वर्मा, पर्यावरणविद कृष्णानंद राय और विद्यालय के प्रबंधक एवं कुकरेल नदी के भागीरथ अनिल कुमार सिंह ने विद्यालय परिसर में केला और अशोक के पौधे लगाए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक, और अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहे।
इस कार्यशाला ने न केवल बच्चों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी समझाया। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाएंगे।
नवरात्र से छठ तक 24×7 अलर्ट रहे पुलिस और प्रशासन: मुख्यमंत्री
बीते वर्षों से सबक लेकर बनाएं कार्ययोजना, बढ़ानी होगी पुलिस पेट्रोलिंग: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री का निर्देश, अगले दो दिन में दुर्गा पूजा कमेटियों से संवाद करें, आस्था को आहत करने वाली न हो कोई घटना
मुख्यमंत्री का निर्देश, सड़क खोद कर पंडाल न बनाया जाए, पंडाल बनाते समय यातायात की सुगमता का रखें ध्यान
दीपावली से पहले उज्ज्वला योजना के हर लाभार्थी के घर पर होगा निःशुल्क रसोई गैस सिलेंडर: मुख्यमंत्री
त्योहारों में होंगे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, मुख्यमंत्री का निर्देश, बीट सिपाही-हल्का इंचार्ज से लेकर वरिष्ठ अधिकारी सड़कों पर उतरे, आम जन को हो सुरक्षा का अहसास
वरासत, नामांतरण, पारिवारिक बंटवारा, पैमाइश से जुड़े मामलों के निस्तार में न हो देरी, तत्काल हो समाधान
मुख्यमंत्री का निर्देश, पर्व-त्योहारों पर ग्रामीण रूट पर बढ़ाएं बसें, सड़क पर न दिखें डग्गामार, खस्ताहाल बसें
रेलवे ट्रैक को बाधित करने के प्रयासों में बड़ी साजिश की आशंका, चौकीदार जैसे इंटेलिजेंस सिस्टम को सक्रिय बनाना जरूरी: मुख्यमंत्री
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्व-त्योहारों के अवसर पर पुलिस और प्रशासन को 24×7 अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी जिले विगत वर्षों में त्योहारों के समय प्रदेश में घटी हर छोटी-बड़ी घटना का आंकलन करें और ऐसी व्यवस्था बनाएं कि इस वर्ष शारदीय नवरात्र से छठ तक के पूरे त्योहारी माहौल में कहीं भी एक भी अप्रिय घटना न घटे। उल्लास और उमंग का यह समय शांति और सौहार्द पूर्ण माहौल में बीते, इसके लिए बीट सिपाही से लेकर चौकी, थाना, जिला, रेंज, ज़ोन, मंडल में तैनात हर अधिकारी को प्रयास करना होगा।
मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी व पुलिस कप्तानों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने त्योहारी माहौल में जिला स्तर पर बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गए प्रमुख दिशा-निर्देश
● अगले दो दिनों में सभी दुर्गा पूजा कमेटियों से थाना, सर्किल और जनपद स्तर पर संवाद कर लिया जाए। कहीं भी सड़क खोद कर पंडाल न बनाया जाए। पंडाल बनाते समय यातायात की सुगमता का पूरा ध्यान रखा जाए। प्रतिमा की ऊंचाई एक सीमा से अधिक न हो। कमेटियों से बातचीत कर यह सुनिश्चित कराएं कि उनके परिसर में ऐसा कोई कृत्य नहीं होगा, जिससे किसी अन्य की आस्था आहत हो। फूहड़ अथवा कानफोड़ू गीत-संगीत-नृत्य नहीं होना चाहिए। कमेटी द्वारा पंडाल व आस-पास साफ-सफाई का माहौल बना कर रखना होगा।
● प्रतिमा विसर्जन का रूट पहले से स्पष्ट होना चाहिए। यह सुनिश्चित कर लें कि प्रतिमा विसर्जन रूट पर कहीं हाईटेंशन लाइन न हो। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। पंडालों में फायर सेफ्टी के संबंध में आवश्यक प्रबन्ध होने चाहिए।
● बीट सिपाही से लेकर हल्का इंचार्ज और पुलिस कप्तान सहित हर अधिकारी सड़क पर उतरे। त्योहार के दिनों में कुछ अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में पुलिस को अलर्ट रहना होगा। आम आदमी को उसकी सुनिश्चित सुरक्षा के लिए पूरा भरोसा दिलाना होगा।
● शारदीय नवरात्र के समय यद्यपि सभी देवी स्थानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। इसका ध्यान रखते हुए आवश्यक पुलिस बल की तैनाती की जानी चाहिए। मीरजापुर में माँ विंध्यवासिनी धाम, सहारनपुर में मां शाकुम्भरी मंदिर, वाराणसी में विशालाक्षी मंदिर और बलरामपुर में माँ पाटेश्वरी धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के दृष्टिगत बेहतर प्रबंध होने चाहिए। प्रत्येक मंदिर परिसर में साफ-सफाई होनी चाहिए।
● पर्व-त्योहार के समय बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। परिवहन निगम को ग्रामीण रूट पर बसों को बढ़ाने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित कराएं की पुलिस हो या बस ड्राइवर/कंडक्टर, लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करें। डग्गामार, खस्ताहाल बसों का उपयोग नहीं होना चाहिए। नगरीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बस सेवा को बढ़ाना होगा।
● दीपावली के अवसर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को निःशुल्क रसोई गैस सिलेंडर वितरित किया जाना है। इसके संबंध में समय से सारी औपचारिकताएँ पूरी कर ली जाएं। प्रत्येक दशा में दीपावली से पहले सभी लाभार्थियों के घर रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध हो जाना चाहिए।
● हाल के दिनों में रेलवे ट्रैक पर गैस सिलेंडर, पत्थर रखने जैसी सूचनाएं मिली हैं। इसमें रेल यातायात को बाधित करने और रेल दुर्घटना की साजिश की आशंका है। कुछ स्थानों पर ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं भी देखने को मिली हैं। रेलवे के साथ मिलकर इंटेलिजेंस को बेहतर बनाएं। हमें अपने ग्राम चौकिदारों के तंत्र को और सक्रिय करना होगा।
● खुले में मांस की बिक्री अथवा अवैध स्लाटर हाउस का संचालन कहीं भी न हो। इस पर यथोचित कड़ाई की जाए। धार्मिक स्थलों के आस-पास मांस-मदिरा की दुकानें न हों। मदिरा की दुकानें तय अवधि में ही खुलें। अवैध/जहरीली शराब के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखें।
● सभी अस्पतालों में 24×7 चिकित्सकों की उपलब्धता हो। इमरजेंसी में उपयोगी दवाओं की कमी न हो। खान-पान की चीजों में मिलावटखोरी के खिलाफ सघन अभियान जारी रखें।
● गरीबों, धात्री महिलाओं और कुपोषित बच्चों के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा राशन तथा पौष्टिक आहार पात्र लोगों को जरूर मिले। राशन माफिया जैसे तत्वों को पनपने न दें। यदि कहीं भी ऐसी कोई सूचना मिले तो कठोर कार्रवाई की जाए।
● महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित ‘मिशन शक्ति’ का पांचवां चरण अतिशीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है। अभियान के लिए हर विभाग की कार्ययोजना पूर्व से ही तय है, तदनुसार हर विभाग अपनी कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।
● मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत ग्राम सचिवालय पर महिला बीट अधिकारी, आशा, एएनएम, बीसी सखी, पंचायत सचिव आदि द्वारा महिलाओं को एकत्रित कर उन्हें महिला हित संबंधी योजनाओं की जानकारी दी जानी चाहिए।
● नामांतरण, वरासत, पारिवारिक बंटवारे, पैमाइश जैसे आमजन से जुड़े राजस्व वादों के निस्तारण में लेटलतीफी न हो। एक समय सीमा के भीतर इनका निस्तारण किया जाए।
सरोजनीनगर विधायक ने ट्वीट कर गिनाई प्रगतिशील भारत की उपलब्धियां, कहा बदलाव की इस विरासत के सहभागी बनें युवा पीढ़ी
सरोजनीनगर विधायक ने ट्वीट कर गिनाई प्रगतिशील भारत की उपलब्धियां, कहा बदलाव की इस विरासत के सहभागी बनें युवा पीढ़ी
डॉ०सिंह ने कहा- पिछले 10 सालों में भारत का सड़क नेटवर्क दोगुना होकर 1.5 लाख किमी पहुंचा
उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल लेनदेन में शीर्ष पर है, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क, तीसरा सबसे बड़ा ई कॉमर्स बाजार, चौथा सबसे बड़ा ऑटोमेटिव बाजार – डॉ. राजेश्वर सिंह
लखनऊ: आज के युवा असीमित संभावनाओं के दहलीज पर खड़े हैं, भविष्य उनके साहसिक प्रयासों और नवीन विचारों का प्रतीक्षा कर रहा है, युवाओं को प्रेरित करते हुए ये विचार व्यक्त किए हैं, सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने।
सरोजनीनगर विधायक ने मंगलवार को ट्वीट कर युवाओं को प्रेरित करते हुए लिखा पिछली पीढ़ियां जिन संसाधनों और अवसरों का केवल सपना देखती थी, वे आज के युवाओं के लिए सुलभ हैं, आज के युवा उन संसाधनों का उपयोग कर अपना भविष्य बना सकते हैं और बदलाव की विरासत के हिस्सेदार बन सकते हैं।
डॉ. सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) पर इंफ्रास्ट्रक्चर बूम का उल्लेख करते हुए आगे लिखा, भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पिछले दशक में दोगुना से अधिक हो गया है, जो 1.5 लाख किमी तक पहुंच गया है – सड़क की लंबाई के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद भारत वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है।
आवागमन में सुगमता का उल्लेख करते हुए सरोजनीनगर विधायक ने आगे लिखा, आज मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना और वंदे भारत एक्सप्रेस बदलते भारत के प्रतीक हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस दुनिया की सबसे तेज़ ट्रेनों में से एक है, जो 160 किमी/घंटा तक की गति से चलती है।
मॉडर्न लग्जरी और कंफर्ट का उल्लेख कर डॉ. राजेश्वर सिंह ने आगे लिखा ई-कॉमर्स का बाजार तेजी से विकसित हुआ है, 2023 में 61.8 बिलियन डॉलर की ऑनलाइन खुदरा बिक्री के साथ, भारत संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बाद वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा ई-कॉमर्स बाजार बन गया है।
बैलगाड़ी से लेकर लक्जरी कारों तक के सफर का उल्लेख कर डॉ. सिंह ने आगे लिखा भारत दुनिया के चौथे सबसे बड़े ऑटोमोटिव बाजार में तब्दील हो गया है, जो जर्मनी और यूके जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए सालाना 4 करोड़ से अधिक यात्री वाहन बेच रहा है।
वित्तीय समावेशन का उल्लेख कर डॉ. सिंह ने अपनी बात पूर्ण करते हुए आगे लिखा 50 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले जाने और 2023 में मासिक रूप से 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक के यूपीआई-आधारित डिजिटल लेनदेन के साथ, भारत डिजिटल भुगतान के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में पहले स्थान पर है।
बता दें की सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह निरंतर युवाओं को प्रेरित करते रहते हैं और अपनी विधानसभा में युवाओं को प्रगति के संसाधन उपलब्ध कराने वाली योजनाएं संचालित कराने के लिए जाने जाते हैं।
लखनऊ, 01 अक्टूबर 2024: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आज आयोजित 8वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने 58,161 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की। इस समारोह में 36 कुलाधिपति स्वर्ण पदक, 9 डोनर स्वर्ण पदक और 30 पीएचडी उपाधियां शामिल थीं। इसके साथ ही सभी उपाधियों और 187,108 अंक-पत्रों को डिजीलॉकर में भी अपलोड किया गया। राज्यपाल ने इस दौरान 220 आंगनबाड़ी किटों का भी वितरण किया और राष्ट्र निर्माण में युवाओं के योगदान पर जोर दिया।
राज्यपाल ने डिजिटल शिक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अवसरों पर दिया जोर
उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए, और कुछ अंकों की कमी से हार मानने की जरूरत नहीं है। राज्यपाल ने विशेष रूप से इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि उपाधि और मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या अधिक थी। उन्होंने छात्रों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि सभी मिलकर राष्ट्र की उन्नति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से अपील की कि वे अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू (सहयोग समझौता) करें, ताकि अभावग्रस्त परिवारों के बच्चों को भी अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके। इसके साथ ही, उन्होंने युवाओं से न केवल रोजगार के लिए, बल्कि समाज के उत्थान के लिए भी समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
उच्च शिक्षा और कौशल विकास के लिए सरकारी प्रयास
राज्यपाल ने उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में शिक्षा हेतु 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के लिए 19,025 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत छात्रों के लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जैसे प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना और मॉडल कौशल ऋण योजना।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के विकास के लिए दिशानिर्देश
राज्यपाल ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय को अगले 10 वर्षों के लिए एक स्पष्ट योजना तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार हो और इसे अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हो सके। उन्होंने विश्वविद्यालय में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये पांडुलिपियां हमारी धरोहर हैं और उनका संरक्षण किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कृषि शिक्षा पर विशेष ध्यान
राज्यपाल ने सिद्धार्थनगर क्षेत्र के कृषि प्रधान होने के कारण कृषि शिक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि यहां के छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करेंगे, तो उन्हें रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। कृषि को आज के परिवेश में एक महत्वपूर्ण रोजगार क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है, और छात्रों को इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए।
मुख्य अतिथि और अन्य वक्ताओं के विचार
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर वांगचुक दोरजी नेगी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र और समाज के विकास के लिए युवाओं को व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने छात्रों से एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया, जिससे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार हो सके।
आंगनबाड़ी किट और स्मारिका विमोचन
समारोह में राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केन्द्रों को सशक्त बनाने के लिए 220 आंगनबाड़ी किटों का वितरण किया। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय की स्मारिका ‘उत्कर्ष’ का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर डॉ. राजा गणपति आर, जिलाधिकारी श्रावस्ती अजय कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी जयेन्द्र कुमार और कई अन्य अधिकारी व विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
के0जी0एम0यू0, लखनऊ के छात्र-छात्राओं ने दी प्रभावी प्रस्तुति
डेंगू, मलेरिया से बचाव एवं स्वच्छता हेतु किया जागरूक
लखनऊ: 01 अक्टूबर, 2024: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा और मार्गदर्शन में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2024 के अंतर्गत जारी कार्यक्रमों के क्रम में आज राजभवन में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के छात्र-छात्राओं ने डेंगू और मलेरिया से बचाव विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने सफाई का संदेश दिया और यह भी बताया कि कैसे मच्छरों से बचाव किया जा सकता है। नाटक में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया के खतरों को दर्शाते हुए जागरूकता फैलाई गई। नाटक में विशेष रूप से स्वच्छता बनाए रखने, पानी के ठहराव को रोकने और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने पर जोर दिया गया।
छात्र-छात्राओं ने यह भी स्पष्ट किया कि मच्छरों के काटने से किस प्रकार डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियां फैलती हैं और इनसे बचने के लिए क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं। इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता के महत्व और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक किया, इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ0 पंकज एल0जानी, राजभवन के अधिकारी, कर्मचारीगण एवं प्रतिभागी बच्चे व अन्य उपस्थित रहे।