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नवरात्रि के प्रथम दिवस पर एमएलसी पवन सिंह चौहान ने किया सामूहिक व्रत प्रसाद वितरण, कई गणमान्य हस्तियां रहीं मौजूद

लखनऊ: नवरात्रि के पावन अवसर पर, एमएलसी और एस आर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन पवन सिंह चौहान ने अपने जानकीपुरम स्थित आवास पर सामूहिक व्रत प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन नवरात्रि के प्रथम दिवस पर किया गया, जहां समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ीं कई प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं।

अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर, सांसद बृजलाल, चिन्मय मिशन लखनऊ के महंत कौशिक चैतन्य जी, पूर्व एडिशनल कमिश्नर अशोक सिंह, टीसीएस ज़ोनल हेड अजय सिंह, युवा बीजेपी नेता नीरज सिंह, बीकेटी विधायक योगेश शुक्ल, एमएलसी विजय बहादुर पाठक, संतोष सिंह (एमएलसी), प्रदेश महामंत्री संजय राय, विधायक ज्ञान तिवारी, लोकभारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बृजेंद्र जी, और पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया उपस्थित रहे।

व्रत प्रसाद और सम्मान समारोह

कार्यक्रम की शुरुआत पवन सिंह चौहान और उनके बेटे पीयूष सिंह चौहान द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत और सम्मान के साथ की गई। अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक और सामाजिक समरसता को प्रोत्साहित करना था, जिसमें सामूहिक रूप से प्रसाद का वितरण किया गया।

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

नवरात्रि के प्रथम दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। पवन सिंह चौहान ने कहा कि नवरात्रि समाज में एकता और शांति का संदेश लेकर आती है। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने सभी को एकजुट होकर समाज के उत्थान में योगदान देने का संदेश दिया।

सम्मानित व्यक्तित्वों का योगदान

इस अवसर पर मौजूद सभी गणमान्य व्यक्तियों ने पवन सिंह चौहान के इस आयोजन की सराहना की और इसे समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाला बताया। जयवीर सिंह, राकेश राठौर गुरु और अन्य अतिथियों ने अपने वक्तव्य में इस प्रकार के आयोजनों के महत्व को रेखांकित किया।

नवरात्रि उत्सव और सामूहिक आयोजन

लखनऊ के इस विशेष आयोजन ने नवरात्रि के दौरान सामूहिकता और आपसी सद्भाव को और भी प्रबल किया है। पवन सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से एक नई पहल की शुरुआत की है।इस कार्यक्रम ने लखनऊ में धार्मिक और सामाजिक एकता का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया।

अपराध रोकने के लिए दंड ही नहीं जागरूकता भी जरुरी- डॉ.राजेश्वर सिंह

  • सरोजनीनगर तहसील परिसर में 10 लाख से बनेगा नया कक्ष, विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने दी सौगात
  • सरोजनीनगर बार एसोसिएशन पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे डॉ. राजेश्वर सिंह, कहा कानून का ज्ञान हो सबके लिए अनिवार्य
  • उन्होंने कहा- लॉ की पढाई को इंटरमीडिएट पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए SC में डाली है PIL
  • डॉ.राजेश्वर सिंह ने भागीरथी एन्क्लेव में जीरो वेस्ट सिटीजन बैंक का शुभारम्भ किया, कहा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल
  • डॉ०राजेश्वर सिंह ने बताया कि प्लास्टिक उपयोग के कारण हर साल एक क्रेडिट कार्ड जितने माइक्रोप्लास्टिक हमारे शरीर में जा रहे

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने वृहस्पतिवार को सरोजनीनगर बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत की। इस दौरान डॉ. सिंह ने सरोजनीनगर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं और वादकारियों की सुविधा के लिए एक कक्ष के निर्माण के लिए विधायक निधि से 10 लाख की राशि प्रदान करने और वाटर कूलर तथा आरओ लगवाने की घोषणा की। इस अवसर पर सरोजनी नगर विधायक ने कहा यह कक्ष स्टेट ऑफ़ आर्ट के रूप में स्थापित हो, इसके लिए कक्ष में कंप्यूटर और इन्टरनेट कनेक्शन उपलब्ध करवाकर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की जायेगी।

शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि वकालत एक पेशा नहीं बल्कि सेवा भाव है, समाज को सुदृढ़ करने और संविधान की रक्षा करने का मिशन है। जब कोई राज्य भी आतातायी हो जाता है तब एक व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य के विरुद्ध अधिवक्ता ही खड़ा होता है। डॉ. सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एवं सरोजनीनगर के जनप्रतिनिधि के रूप में शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन सरोजनीनगर बार एसोसिएशन पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बनने पर ख़ुशी व्यक्त की।

विधायक ने आगे जोड़ा अपराध पर नियंत्रण के लिए दंड सर्वोयुक्त समाधान नहीं है, नागरिकों को मोटर वेहिकल एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, कॉपीराईट एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता के सामान्य प्रावधानों का ज्ञान होने से भी अपराध पर नियंत्रण संभव है। डॉ. सिंह ने आगे कहा इंटरमीडिएट स्तर पर प्रत्येक छात्र के लिए कानून की पढ़ाई को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल की है, राज्य सरकार एवं केन्द्रीय कानून मंत्री को पत्र भी लिखा है। डॉ. सिंह ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा विगत वर्ष सरोजनीनगर बार एसोसिएशन में सड़क निर्माण व अन्य सुविधाओं हेतु 10 लाख की राशि उपलब्ध कराई गयी थी, सरोजनीनगर परिवार के अधिवक्ताओं के लिए, उन्हें हर सुविधा – संसाधन उपलब्ध कराने के लिए वे स्वयं और उनका कार्यालय 24 घंटे सक्रिय हैं।

कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य सुरेन्द्र चौधरी, राकेश कुमार सिंह, जी. एन. शुक्ला, जानकी शरण पाण्डेय, रमेश तिवारी, बृजभान सिंह ‘भानू’, राजेश सिंह, शंकरी सिंह, कृष्ण प्रताप शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख सुनील रावत, टुन्नू शुक्ला, मोहनलालगंज बार एसोसिएशन अध्यक्ष कौशलेन्द्र शुक्ला, महामंत्री राम लखन यादव तथा सरोजनीनगर बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, महामंत्री गोविन्द प्रताप शुक्ला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष ओ. पी. सिंह, संजय तिवारी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, संयुक्त मंत्री समरसेन, खुर्शीद अहमद, विवेक कुमार सिंह, रोहित कुमार सिंह, अविनाश ओझा, धर्मेन्द्र तिवारी, ललित नारायण, संजीव कुमार, गुलवीर, ललित मोहन, अनिल कुमार, सुरेश कुमार व अन्य मौजूद रहे।

डॉ.राजेश्वर सिंह ने भागीरथी एन्क्लेव में जीरो वेस्ट सिटीजन बैंक का शुभारम्भ किया

सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने वृहस्पतिवार को भागीरथी एन्क्लेव में जीरो वेस्ट सिटीजन बैंक का शुभारम्भ किया, यह बैंक ZWC Solutions Pvt Ltd. द्वारा शुरू किया गया एक स्टार्ट अप है, जो पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में प्रधानमंत्री के ‘मिशन लाइफ’ कार्यक्रम और वर्ष 2070 तक भारत के कार्बन न्यूट्रल राष्ट्र के लक्ष्य के अनुरूप काम कर रहा है। इस बैंक में प्रत्येक निवासी का अपना खाता होगा ताकि वे अपना सूखा कचरा अपने संबंधित खाते में जमा कर सकें।

इस अभिनव पहल का स्वागत करते हुए डॉ. सिंह ने कहा हजारों मील की यात्रा एक कदम से शुरू होती है। शून्य-अपशिष्ट नागरिक बैंक, पहियों पर प्लास्टिक संग्रह बिंदु स्थापित करने के लिए भागीरथी एन्क्लेव के निवासियों को बधाई। यह शून्य अपशिष्ट नागरिक बैंक पहल भागीरथी को एक शून्य-अपशिष्ट समाज और प्रत्येक निवासी को एक शून्य-अपशिष्ट नागरिक बनाएगी। डॉ. सिंह ने पर्यावरण के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए आगे कहा हम प्लास्टिक उपयोग के कारण हर साल 50,000 माइक्रोप्लास्टिक खा रहे है कर रहे हैं, जो एक क्रेडिट कार्ड के बराबर है। आज प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर है, जिसमें प्लास्टिक का योगदान अहम है। दुनिया भर में 3.5% ग्रीनहाउस गैसें प्लास्टिक जलाने के कारण होती हैं। एक प्लास्टिक की बोतल को नष्ट होने में 300-500 साल लगते हैं, और भारत की प्लास्टिक रीसाइक्लिंग दर वर्तमान में 8-13% है। सरकार ने 2030 तक 67% प्लास्टिक कचरे को रीसाइक्लिंग करने का लक्ष्य रखा है।

इस अवसर पर आरडब्लूए अध्यक्ष डॉ. पूजा सिंह, उपाध्यक्ष विद्या सिंह, सचिव अशोक कुमार, कोषाध्यक्ष रेनू वर्मा, सुनील कुमार गांधी, प्रद्युम्न त्रिपाठी, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, नवीन पांचाल, रंजना मिश्रा, वंदना मिश्रा, ज्योति पाठक, परिणिति पटनायक, पूनम सिंह, रेनू राय, कंचन शुक्ला जी व अन्य आरडब्लूए सदस्य मौजूद रहे।

रामलीला महोत्सव में की सहभागिता

डॉ. राजेश्वर सिंह ने वृहस्पतिवार को संस्कार चेरीटेबल ट्रस्ट के तत्वाधान में फिनिक्स मॉल के निकट सेक्टर बी कानपुर रोड रामलीला में सहभागिता की। इस दौरान विधायक ने रामलीला मंचन की गौरवशाली परंपरा को पिछले 5 सालों से श्रद्ध्पूर्वक निर्वहन करने के लिए संस्कार चेरीटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों को बधाई दी। राम लीला में प्रभु श्रीराम जन्म का मंचन किया गया।

रामलीला कार्यक्रम में लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल, पार्षद सौरभ सिंह, संजय कुमार मिश्रा, मोनू, संरक्षक जालिम सिंह एवं मधुकर द्विवेदी, अध्यक्ष वी के सिंह, उपाध्यक्ष विकास सिंह एवं सरस मिश्र, महासचिव संदीप सिंह, संयुक्त सचिव आशीष शुक्ला, दिनेश मिश्रा और नरेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष आर डी वर्मा, संगठन सचिव आशीष वर्मा, अमित अग्रवाल, पिंटू सिंह, पवन वर्मा, राकेश कुमार शास्त्री, सोहन लाल यादव, आशीष श्रीवास्तव, मन्नत गुप्ता, मोहित बब्बर, गोविन्द अग्रवाल, संजय गुप्ता, गुड्डू पंडित, अंकुर मिश्रा, अमरेन्द्र कुशवाहा व अन्य मौजूद रहे।

श्री हनुमान टेकरी धाम: भूमाफ़िया अमरेन्द्र यादव ने आयोजन के लिए संगठनों का सहारा लिया, आयोजन पर विवाद की आशंका

लखनऊ, बख्शी का तालाब (बीकेटी): पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के उत्तरी ज़ोन के बीकेटी तहसील के अन्तर्गत विकास खण्ड चिनहट के फ़र्रुख़ाबाद ग्राम पंचायत के सैदापुर गाँव में हाल ही में बड़ा विवाद उत्पन्न होने की आशंका है, अब भूमाफ़िया अमरेन्द्र यादव पैसों के दम पर विभिन्न संगठनों का सहारा लेकर “श्री हनुमान टेकरी धाम” में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन करने की फ़िराक़ में है, दरअसल इसके आयोजन के पीछे की जो वजह है वो पूर्णतया मंदिर परिसर में क़ाबिज़ होने की नीयत है, जो कि इसने पिछले भंडारे के वक्त सार्वजनिक रूप से ज़बरदस्ती महंत रामेश्वर दास जी से मंदिर का महंत बनाने के रूप में ज़ाहिर करने के बाद सार्वजनिक रूप से ही एक पत्रकार को भी देख लेने की धमकी दी थी।

उसके बाद मंदिर परिसर में डेरा डाल लिया था, जिस उच्च स्तरीय शिकायत होने के बाद लगभग 10 दिन बाद इस भूमाफ़िया अमरेन्द्र यादव को एसएचओ सैरपुर जितेन्द्र कुमार गुप्ता ने मौक़े पर पहुँचकर इसे इसकी फॉर्च्यूनर कार समेत मंदिर से बाहर का रास्ता दिखाते हुए दोबारा मंदिर में दख़लंदाज़ी न करने के लिए कहा था।

बीती जनवरी में अमरेन्द्र व उसके गुर्गों को मंदिर परिसर से हटाए जाने की खबर

अब एक बार फिर से श्री हनुमान टेकरी धाम में क़ब्ज़े की नीयत से यह भूमाफ़िया सक्रिय हो गया है, फ़िलहाल खबर लिखे जाने तक इस भूमाफ़िया को किसी भी आयोजन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी।

धार्मिक आयोजन और विवाद की शुरुआत

यह विवाद तब शुरू हुआ जब भूमाफ़िया प्रवृत्ति के अमरेन्द्र यादव ने श्री हनुमान टेकरी धाम में पुनः एक आयोजन का ऐलान किया। जब इसकी विवादित छवि को मद्देनज़र रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा इसको आयोजन के संबंध में अनुमति नहीं दी गई तो इसने हिन्दू धर्म के अनुयायियों का समर्थन जुटाने के लिए कई संगठनों से मदद माँगी। भूमाफ़िया अमरेन्द्र यादव ने पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए इस आयोजन को धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर प्रचारित किया और पुलिस पर आरोप लगाया कि वे धार्मिक आयोजन को रोकने के लिए दबाव डाल रहे हैं। इसके साथ ही इसने पुलिस पर हिन्दू धर्म के अनुयायियों के अधिकारों का हनन करने जैसा बेबुनियादी आरोप भी लगाया।

श्री हनुमान टेकरी धाम के नाम पर आयोजन के संबंध में पुलिस और प्रशासन का पक्ष

पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अमरेन्द्र यादव के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अमरेन्द्र यादव के खिलाफ पहले से ही लोगों के पैसे हड़पने, अवैध जमीन कब्जे और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के कई मामले लंबित हैं। अधिकारियों का कहना है कि यादव धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में अपनी अवैध गतिविधियों को ढकने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, यादव पर पहले से ही सरकारी जमीनों पर कब्जा करने, तालाबों और चकमार्गों की जमीन बेचने के गंभीर आरोप हैं। मुंबई के जिस कंपनी में यह कोई कार्य करता था उनसे भी ज़मीन के नाम पर 10 लाख रुपये हड़प लिया और आज तक वो लखनऊ के चक्कर काट रहे हैं, इस माफिया प्रवृत्ति के युवक ने आजतक उन्हें उनका पैसा वापस नहीं लौटाया, अब आप ही बताइए कि इस प्रवृत्ति का गृहस्थ में रहने वाला एक अर्द्ध साधु वेशधारी क्या वाक़ई में साधु हो सकता है, इस पर गंभीर जाँच कर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।

स्थानीयों समेत पुलिस का भी मानना है कि श्री हनुमान टेकरी धाम के आयोजन के पीछे अमरेन्द्र यादव की मंशा मंदिर पर कब्जा करने की है। यह स्थिति तब और भी गंभीर हो गई है जब बीती जनवरी में मंदिर परिसर में हुए भंडारे के दौरान अमरेन्द्र यादव ने मंदिर के महंत रामेश्वर दास जी से बदसलूकी की। अमरेन्द्र ने महंत जी को ख़ुद को मंदिर का महंत बनने के लिए न सिर्फ़ दबाव बनाया बल्कि सार्वजनिक रूप से मंदिर परिसर में ही अपमानित भी किया था। जब महंत जिनके कहने पर भंडारे में मौजूद एक स्थानीय पत्रकार ने महंत जी के समर्थन में आवाज उठाई, तो यादव और उसके गुर्गों ने उस पत्रकार को धमकियाँ दीं और उसके साथ बवाल किया। पत्रकार ने इस धमकी के खिलाफ स्थानीय सैरपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद अमरेन्द्र के ख़िलाफ़ एक के बाद एक कार्रवाई हो रही हैं जिसका विवरण स्थानीय पुलिस प्रशासन से प्राप्त किया जा सकता है।

अमरेन्द्र द्वारा महंत और स्थानीय समाज का विरोध

महंत रामेश्वर दास जी और स्थानीय समाज ने अमरेन्द्र यादव के इन कृत्यों का कड़ा विरोध किया है। महंत जी का कहना है कि अमरेन्द्र यादव का उद्देश्य धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मंदिर परिसर पर अवैध कब्जा करना है। अमरेन्द्र ने धार्मिक आयोजन की आड़ में मंदिर की संपत्तियों पर अपना नियंत्रण जमाने की कोशिश की, जो कि पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस घटना से स्थानीय समाज में भी गहरा आक्रोश है, और लोगों ने पुलिस और प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

आपराधिक पृष्ठभूमि और साधु वेश का सहारा

अमरेन्द्र यादव की आपराधिक गतिविधियाँ नई नहीं हैं। वह हाल ही में एक मामले में जेल जाकर भी आया है और उसके खिलाफ पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के जॉइंट पुलिस कमिश्नर के न्यायालय में गुंडा एक्ट का मामला भी लंबित है। उसकी भूमाफ़िया प्रवृत्ति और आपराधिक मानसिकता का प्रमाण यह भी है कि उसने अपने गाँव उमरभारी के पास स्थित पल्हरी गाँव में स्थित अपनी प्लानिंग में सरकारी तालाब, चकमार्ग, और अन्य सरकारी जमीनों को भी बेच दिया है। जिसकी विस्तृत जाँच हुई तो इस धन से अर्जित अकूत संपत्तियों को कुर्क होना तय है। इसके कारण स्थानीय लोगों में भी गहरा आक्रोश है, लेकिन अमरेन्द्र यादव की आपराधिक छवि और उसके गुर्गों के डर के कारण लोग खुलकर इस भूमाफ़िया का विरोध नहीं कर पा रहे हैं।

भूमाफ़िया अमरेन्द्र यादव अपने आपराधिक कृत्यों को ढकने के लिए गृहस्थ होने के बावजूद समय-समय पर साधु वेश भी धारण कर लेता है। उसने अपनी गतिविधियों को धार्मिकता का आवरण देने की कोशिश की है ताकि लोगों का ध्यान उसके अवैध कार्यों से हट सके। हालाँकि, स्थानीय प्रशासन और पुलिस को उसकी यह चाल समझ में आ चुकी है। इसी कारण से पुलिस ने “श्री हनुमान टेकरी धाम” के आसपास किसी भी प्रकार के धार्मिक या अन्य आयोजन की अनुमति नहीं दी है।

जनवरी में भंडारे के दिन की घटना और पत्रकार पर हमले की कोशिस

बीती जनवरी में मंदिर परिसर में हुए भंडारे के दौरान अमरेन्द्र यादव ने महंत रामेश्वर दास जी को जबरन मंदिर का महंत बनाने के लिए अपमानित किया। जब इस पर एक स्थानीय पत्रकार ने विरोध किया, तो यादव और उसके गुर्गों ने पत्रकार को धमकी दी और उसे देख लेने की बात कही। यह घटना भंडारे के दौरान सार्वजनिक रूप से हुई, जिससे आयोजन में मौजूद लोगों में खलबली मच गई। पत्रकार ने इस घटना की शिकायत स्थानीय सैरपुर थाने में की और मामले में सख्त कार्रवाई की माँग की। इस घटना के बाद से स्थानीय समाज में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

श्री हनुमान टेकरी धाम पर कब्जे की साजिश

अमरेन्द्र यादव ने श्री हनुमान टेकरी धाम के आयोजन के माध्यम से मंदिर पर कब्जे की योजना बनाई है। उसकी मंशा है कि वह हिन्दू संगठनों के समर्थन का इस्तेमाल कर मंदिर की संपत्तियों को अपने कब्जे में ले ले। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के कारण उसकी यह योजना विफल होती दिख रही है और प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि अमरेन्द्र यादव को श्री हनुमान टेकरी धाम और उसके आसपास की किसी भी सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।उसको अगर आयोजन ही करना है तो पास में ही उसका घर है वहाँ कर ले या फिर किसी निजी भूमि में कर ले, तब उसको कोई मदद चाहिए तो बताए लेकिन इस प्रकार से विवाद उत्पन्न करने के बाद मंदिर परिसर या फिर आसपास की सार्वजनिक भूमि में आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

समाज में बढ़ता आक्रोश

अमरेन्द्र यादव की इन गतिविधियों के खिलाफ स्थानीय लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कई लोग प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि यादव के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और उसकी अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाई जाए। लोगों का कहना है कि यादव जैसे अपराधियों को धार्मिक आयोजनों का सहारा लेकर अपनी आपराधिक गतिविधियों को छुपाने का अवसर नहीं मिलना चाहिए। भूमाफिया अमरेन्द्र यादव की आपराधिक गतिविधियों और श्री हनुमान टेकरी धाम में धार्मिक आयोजन के बहाने मंदिर पर कब्जे की साजिश ने स्थानीय समाज में गंभीर तनाव पैदा कर दिया है। पुलिस और प्रशासन ने यादव के आरोपों को खारिज करते हुए उसकी अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की दिशा में काम किया है। इस पूरे मामले से यह स्पष्ट होता है कि धार्मिकता का सहारा लेकर अपराधी अपनी गतिविधियों को ढकने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन सतर्क प्रशासन और समाज इसे रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भूमाफ़िया अमरेन्द्र यादव के किसी भी आयोजन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है कि कानून का पालन हर हाल में किया जाएगा, चाहे व्यक्ति कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।

शारदीय नवरात्रि: आस्था, परंपरा और वैज्ञानिक महत्व

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शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म में सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे भारतवर्ष में अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह पर्व देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना के लिए समर्पित है और खासतौर पर अश्विन महीने में आता है, जिसे अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार सितंबर-अक्टूबर के बीच मनाया जाता है। इस त्योहार का नाम “नवरात्रि” दो शब्दों ‘नव’ और ‘रात्रि’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है ‘नौ रातें’। इन नौ रातों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है।

शारदीय नवरात्रि में माता दुर्गा को शक्ति, धैर्य और साहस की देवी माना जाता है, और उनकी पूजा से भक्त जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और समृद्धि प्राप्त करने की कामना करते हैं। इस लेख में हम शारदीय नवरात्रि के धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

शारदीय नवरात्रि का इतिहास और पौराणिक कथा

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शारदीय नवरात्रि के पीछे कई पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं। सबसे प्रमुख कथा महिषासुर और देवी दुर्गा की है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, महिषासुर नामक एक अत्याचारी राक्षस ने भगवान शिव से वरदान प्राप्त किया था कि उसे कोई देवता नहीं मार सकेगा। इस वरदान के कारण महिषासुर अत्यंत शक्तिशाली हो गया और देवताओं को हराकर स्वर्ग पर अपना अधिकार जमा लिया।

देवताओं की प्रार्थना पर देवी दुर्गा प्रकट हुईं और नौ दिनों तक महिषासुर के साथ युद्ध करने के बाद दसवें दिन उसे मार दिया। यह दिन विजयादशमी या दशहरा के रूप में मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस तरह, शारदीय नवरात्रि में देवी दुर्गा की महिमा और शक्ति की पूजा की जाती है।

नवरात्रि का धार्मिक महत्व

शारदीय नवरात्रि का धार्मिक महत्व बहुत गहरा है। इसे धर्म, शक्ति और अध्यात्म का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है:

  1. शैलपुत्री: प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है, जो पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं और नारी शक्ति का प्रतीक हैं।
  2. ब्रह्मचारिणी: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है, जो तपस्या और भक्ति की देवी मानी जाती हैं।
  3. चंद्रघंटा: तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है, जो साहस और धैर्य का प्रतीक हैं।
  4. कूष्मांडा: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है, जो ब्रह्मांड की रचना करने वाली मानी जाती हैं।
  5. स्कंदमाता: पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है, जो भगवान कार्तिकेय की माता हैं और मोक्ष का प्रतीक हैं।
  6. कात्यायनी: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है, जो ज्ञान और विवेक का प्रतीक मानी जाती हैं।
  7. कालरात्रि: सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है, जो नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं।
  8. महागौरी: आठवें दिन मां महागौरी की पूजा होती है, जो पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक हैं।
  9. सिद्धिदात्री: नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो आठ सिद्धियों की दाता मानी जाती हैं।

नवरात्रि का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व

शारदीय नवरात्रि का सांस्कृतिक महत्व भी अत्यधिक है। यह पर्व देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा में दुर्गा पूजा के रूप में इसे अत्यंत भव्यता के साथ मनाया जाता है। यहां भव्य पंडाल सजाए जाते हैं, जिसमें मां दुर्गा की मूर्तियों की स्थापना की जाती है और नौ दिनों तक विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं।

गुजरात में नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया का आयोजन किया जाता है। इस दौरान लोग पारंपरिक पोशाक में रंग-बिरंगे कपड़े पहनते हैं और नृत्य करते हैं। दक्षिण भारत में लोग घरों में गोलू का आयोजन करते हैं, जिसमें देवी-देवताओं की मूर्तियों का प्रदर्शन किया जाता है।

उत्तर भारत में, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में रामलीला का आयोजन किया जाता है, जिसमें भगवान राम के जीवन और रावण के साथ उनके युद्ध को नाटकीय रूप से प्रस्तुत किया जाता है। दशहरे के दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

नवरात्रि व्रत और पूजा विधि

नवरात्रि के दौरान व्रत रखने का विशेष महत्व है। भक्त लोग इस दौरान सात्विक भोजन करते हैं और भगवान की भक्ति में लीन रहते हैं। व्रत रखने से शरीर और मन की शुद्धि होती है और आत्मा को परमात्मा के निकट लाने का प्रयास किया जाता है। व्रत के दौरान लोग फल, दूध और सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजनों का सेवन करते हैं।

नवरात्रि के दौरान घरों और मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। देवी दुर्गा की मूर्ति या चित्र स्थापित कर उनकी पूजा की जाती है। मां को फूल, नारियल, चुनरी और श्रृंगार का सामान अर्पित किया जाता है। नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाने और दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का भी विशेष महत्व है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नवरात्रि

शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक और सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह पर्व मौसम परिवर्तन के समय आता है, जब वर्षा ऋतु से शरद ऋतु का आगमन होता है। इस समय शरीर में विभिन्न प्रकार के संक्रमण और बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है।

नवरात्रि के दौरान उपवास करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर के भीतर शुद्धिकरण की प्रक्रिया होती है। व्रत के दौरान हल्का और सात्विक भोजन करने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और पाचन तंत्र भी दुरुस्त रहता है। इस समय उपवास को आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से भी लाभकारी माना गया है।

इसके अलावा, नवरात्रि के दौरान ध्यान और प्रार्थना करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है। अध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह समय आत्मचिंतन और आत्मनिरीक्षण का भी होता है, जब व्यक्ति अपने भीतर की शक्तियों को पहचानने का प्रयास करता है।

नवरात्रि और अर्थव्यवस्था

शारदीय नवरात्रि का प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। इस दौरान व्यापार में तेजी देखी जाती है। लोग नए वस्त्र, आभूषण, पूजा सामग्री, और घर की सजावट के सामान खरीदते हैं। साथ ही, दुर्गा पूजा और रामलीला के आयोजन से जुड़े क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।

मेला, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होने से पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलता है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल, गुजरात, और उत्तर भारत में इस समय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

शारदीय नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय समाज के जीवन में आस्था, संस्कृति, अध्यात्म और वैज्ञानिक सोच का प्रतीक है। यह त्योहार हमें न केवल देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर देता है, बल्कि हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश भी देता है।

यह पर्व आत्मचिंतन, मन की शुद्धि और शरीर को रोगों से दूर रखने का समय है। शारदीय नवरात्रि हमें अपने जीवन में सदाचार, धर्म और न्याय के पथ पर चलने की प्रेरणा देती है। इस त्योहार का वैज्ञानिक महत्व हमें बताता है कि कैसे पुरानी परंपराएं हमारे स्वास्थ्य और समाज के लिए भी लाभकारी हैं।

इस नवरात्रि, आइए हम सभी मां दुर्गा से प्रार्थना करें कि वह हमें शक्ति, साहस और धैर्य प्रदान करें ताकि हम जीवन की हर चुनौती का सामना कर सकें और सच्चाई के पथ पर अग्रसर रहें।

लखनऊ: गांधी जयंती पर डॉ.राजेश्वर सिंह ने लगवाए 100 से अधिक भाजपा सदस्यता शिविर

डॉ.राजेश्वर के सदस्यता शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में भाजपा से जुड़े युवा, लिया राष्ट्र प्रथम की विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह द्वारा बुधवार को गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर शक्ति केंद्र स्तरीय सदस्यता अभियान संचालित किया गया। सदस्यता अभियान के अंतर्गत सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के सभी 6 मंडलों सरोजनीनगर दक्षिण प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सरोजनीनगर, अर्जुनगंज और खुशहालगंज में 100 से अधिक सदस्यता शिविर आयोजित किए गए।

सदस्यता शिविरों पर पार्टी द्वारा उपलब्ध कराए गए नंबर पर मिसकॉल और नरेंद्र मोदी डॉट ओआरजी वेबसाइट पर क्लिक के माध्यम से बड़ी संख्या में उत्साहित युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और राष्ट्र प्रथम की विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

बता दें कि सरोजनीनगर विधायक द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर 25 सितंबर को सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तरीय सदस्यता अभियान संचालित कर 550 से अधिक सदस्यता शिविर लगवाए गए थे।