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उत्तरप्रदेश: पीएमश्री विद्यालयों के बच्चों के अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रही योगी सरकार

  • प्रदेश के चिह्नित 724 विद्यालयों के दो लाख 70 हजार विद्यार्थियों के अभिभावकों से हो रहा संपर्क
  • पीएमश्री विद्यालयों में एसएमसी सदस्यों, प्रभावशाली व्यक्तियों, ग्राम प्रधान आदि के साथ हो रही हैं बैठकें
  • यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क में हैं शिक्षक

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के तहत शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत प्रदेश के चिन्हित सभी 724 पीएमश्री विद्यालयों में अध्ययनरत दो लाख 70 हजार से अधिक बच्चों के हित से जुड़े एसएमसी (स्कूल प्रबंध समिति) के सदस्यों, ग्राम प्रधानों, शिक्षकों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना और उनके बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।

इन बैठकों का आयोजन शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों द्वारा किया जा रहा है, जहाँ अभिभावकों को विशेष रूप से उनके बच्चों की पढ़ाई में आने वाली समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की जा रही है।

प्रदेश में चयनित हैं 724 पीएमश्री विद्यालय

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों (प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट) में से 724 विद्यालयों को पीएमश्री विद्यालयों के रूप में चयनित किया है, जिनमें दो लाख 70 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इन दो लाख 70 हजार विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क साधा जाए और उन्हें अपने बच्चों की शिक्षा व उनकी नियमित उपस्थिति के महत्व से अवगत कराया जाए।

बैठकों में ड्रॉपआउट बच्चों के अभिभावको से संपर्क कर वापस स्कूल लाने की रणनीति पर विचार

इन बैठकों में स्कूल छोड़ने वाले (ड्रॉपआउट) बच्चों के अभिभावक से संपर्क कर स्कूल वापस लाने की रणनीति पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही, अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की निगरानी और नियमित रूप से स्कूल आने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने का कार्य भी सक्रिय रूप से चल रहा है।

शिक्षक कर रहे हैं बैठक से पूर्व यह तैयारी

पीएमश्री विद्यालयों के शिक्षक इस कार्य में बेहद संवेदनशीलता के साथ जुटे हुए हैं। वे बैठकों से पहले संभावित ड्रॉपआउट बच्चों, प्रायः अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों और शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चों की सूचियाँ तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा, डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के तहत यूनिफॉर्म और अन्य लाभ प्राप्त कर चुके बच्चों की सूची भी बनाई जा रही है, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति का बेहतर तरीके से आकलन किया जा सके।

अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क में हैं शिक्षक: संदीप सिंह
इस संबंध में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि इन बैठकों में एसएमसी के सदस्यों, ग्राम प्रधानों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य और शिक्षक व्यक्तिगत रूप से अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें इन बैठकों में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।

सपा मिल्कीपुर में नहीं चाहती है चुनाव, जनता को बना रही बेवकूफ: बाबा गोरखनाथ

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अयोध्या: बाबा गोरखनाथ पूर्व विधायक मिल्कीपुर ने सपा सांसद अवधेश प्रसाद पर लगाया गंभीर आरोप, कहा कि जनता को बना रहे बेवकूफ, नहीं करवाना चाहते है मिल्कीपुर में चुनाव। बोले एक दिन पूर्व उन्होंने जब अपनी याचिका उठाने केलिए हाईकोर्ट में गए तो सपा की तरफ से एक दर्जन अधिवक्ता पेश होकर विरोध कर अगली डेट लगवा दिया, जबकि सांसद अवधेश प्रसाद क्षेत्र में झूठ बोलते है कि भाजपा चुनाव नहीं चाहती है। बोले कि अगर मैं चुनाव नहीं चाहता तो कोर्ट से अर्जी उठाने के लिए क्यों जाता ? बोले सपा को मालूम है कि वह उप चुनाव हार जाएगी ऐसे में वह साथ में चुनाव नहीं करवाना चाहती है। बाबा बोले कि आखिर कारण क्या है कि सपा मिल्कीपुर में चुनाव नहीं चाहती है, जनता फैसला करे कि भाजपा नहीं चाहती चुनाव या सपा नहीं चाहती है।

लखनऊ: श्री राम औद्योगिक अनाथालय में 9 नाबालिग लड़कियां संदिग्ध हालात में लापता, पुलिस जांच जारी

लखनऊ: प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित श्रीराम औद्योगिक अनाथालय से 9 नाबालिग लड़कियों के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की घटना ने सनसनी फैला दी है। ये सभी लड़कियां पास्को एक्ट (POCSO Act) की पीड़िता थीं, और उनके गायब होने से अनाथालय प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो लड़कियों को बरामद कर लिया है, जबकि बाकी सात लड़कियों की तलाश जारी है।

घटना का विस्तृत विवरण

अनाथालय से ये 9 लड़कियां जाली और ग्रिल काटकर गायब हुई हैं। प्रशासन का दावा है कि लड़कियां भाग गईं, लेकिन घटनास्थल पर मिले सबूत और हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। शुरुआती जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि लड़कियों को भगाया गया या उनका अपहरण किया गया हो सकता है।

अनाथालय में उत्पीड़न के आरोप

सूत्रों के मुताबिक, इस अनाथालय में बच्चियों को लगातार शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। कुछ बच्चियों ने अधिकारियों पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे, और यह माना जा रहा है कि इन्हीं प्रताड़नाओं से तंग आकर लड़कियों ने भागने का प्रयास किया। इस अनाथालय से पहले भी कई बार बच्चियां गायब हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।

एसीपी वृजनारायण सिंह का महत्वपूर्ण बयान

घटना के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) वृज नारायण सिंह ने बताया

  • “थाना अलीगंज में सुबह 3:45 बजे 9 लड़कियों के भाग जाने की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस ने तुरंत घटना का संज्ञान लिया और त्वरित कार्रवाई शुरू की।”
  • “दो लड़कियों को तुरंत बरामद कर लिया गया है और बाकी सात की तलाश के लिए पुलिस पूरी कोशिश कर रही है।”
  • “लड़कियों की तलाश रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में की जा रही है। पीड़िताओं के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है और हर संभावित कदम उठाए जा रहे हैं।”

श्रीराम औद्योगिक अनाथालय अराजक गतिविधियों का केंद्र

श्रीराम औद्योगिक अनाथालय पहले से ही विवादों में घिरा रहा है। सूत्रों की मानें तो यह संस्थान लंबे समय से अराजक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। कई बार इस संबंध में शिकायतें और खबरें सामने आईं, लेकिन आज तक प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बच्चियों के गायब होने की यह घटना अनाथालय की सुरक्षा और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाई और तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। अब तक दो लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है, जबकि बाकी सात लड़कियों की तलाश के लिए पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है।

प्रशासन और कानून व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने लखनऊ के प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। डीएम और एडीएम जैसे उच्च अधिकारियों की निगरानी में चल रहे अनाथालय से लड़कियों का भागना एक गंभीर सुरक्षा चूक की ओर इशारा करता है। सवाल उठ रहे हैं कि इतने कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद लड़कियां कैसे भागने में सफल हुईं ? यह घटना न केवल लखनऊ बल्कि देशभर के अनाथालयों की सुरक्षा और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस अपनी जांच कर रही है, लेकिन लड़कियों का इस तरह से गायब होना समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक चेतावनी है।

कौशाम्बी: मां आनंदेश्वरी रामलीला सेवा ट्रस्ट ने किया मुकुट पूजन, 19 अक्टूबर से रामलीला का शुभारंभ

कौशांबी/लखनऊ: विकास खंड सरसवा क्षेत्र के ग्राम पंचायत अढौली में गुरुवार को मां आनंदेश्वरी रामलीला सेवा ट्रस्ट द्वारा भव्य मुकुट पूजन समारोह संपन्न हुआ। इस पूजन के साथ ही 19 अक्टूबर से शुरू होने वाली रामलीला की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह रामलीला 23 अक्टूबर तक चलेगी, जिसमें रावण वध और भरत मिलाप जैसे प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मेला कमेटी के अध्यक्ष रामअभिलाष सिंह ने बताया कि इस बार की रामलीला में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों के जाने-माने कलाकार भी भाग लेंगे। हर साल की तरह इस वर्ष भी रामलीला में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में दर्शकों के जुटने की संभावना है।

मुख्य आकर्षण:

1. रामलीला का शुभारंभ: 19 अक्टूबर को श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ रामलीला का शुभारंभ होगा।

2. रावण वध: 23 अक्टूबर को रावण वध का दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा, जो रामलीला का मुख्य आकर्षण होता है।

3. भरत मिलाप: रावण वध के बाद 23 अक्टूबर को ही भरत मिलाप का आयोजन किया जाएगा, जो रामलीला का समापन होगा।

विशेष तैयारियां:

• रामलीला मंचन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिसमें साउंड सिस्टम, लाइटिंग, और सेट डिजाइनिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है।

• सुरक्षा और सुविधा के दृष्टिकोण से मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और स्वयंसेवकों की टीमों को भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए तैनात किया जाएगा।

• रामलीला के दौरान सांस्कृतिक और धार्मिक झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी, जो दर्शकों को आकर्षित करेंगी।

स्थानीय जनता का उत्साह:

ग्राम अढौली और आसपास के क्षेत्रों के लोग हर साल इस रामलीला में बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। मुकुट पूजन के बाद लोगों में रामलीला को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। गांव के बुजुर्गों के अनुसार, मां आनंदेश्वरी रामलीला एक पुरानी परंपरा है, जो हर साल लोगों को रामायण की शिक्षाओं से प्रेरित करती है।

आयोजन से जुड़ी प्रमुख जानकारी:

• आयोजन स्थल: ग्राम पंचायत अढौली, विकास खंड सरसवा, कौशांबी

• तारीख: 19 से 23 अक्टूबर 2024

• कार्यक्रम: रामलीला, रावण वध, भरत मिलाप

यूपी राजभवन: कार्मिकों द्वारा सी.पी.आर. का किया गया व्यवहारिक अभ्यास

  • राजभवन में ‘‘सडन कार्डियक अरेस्ट‘‘ की जागरूगता पर कार्यशाला का हुआ आयोजनकार्डियोलॉजी विभाग एस0जी0पी0जी0आई0 के चिकित्सक एवं टीम द्वारा दिया गया बचाव प्रशिक्षण

लखनऊ: राजभवन में आज ‘‘सडन कार्डियक अरेस्ट‘‘ के सम्बन्ध में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कार्डियोलॉजी विभाग एस0जी0पी0जी0आई0, लखनऊ के डॉ0 आदित्य कपूर एवं उनकी टीम ने राजभवन के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को महत्वपूर्ण जानकारी व प्रशिक्षण प्रदान किया।

कार्यशाला में ‘‘सडन कार्डियक अरेस्ट‘‘ के लक्षण, सी0पी0आर0 एवं आपात स्थिति से निपटने हेतु उपाय व त्वरित उपचार के बारे में बताया गया। इस अवसर पर पी0पी0टी0 एवं वीडियो के माध्यम से एक प्रस्तुतिकरण भी किया गया, जिसमें सी0पी0आर0 की प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से दिखाया गया।
डॉ0 आदित्य कपूर ने सडन कार्डियक अटैक और हार्ट अटैक में अंतर, आपातकालीन स्थिति में सहायता, कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सी0पी0आर0) तकनीक, वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन, ए0ई0डी0 मशीन, शॉक मशीन आदि के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर आपातकालीन परिस्थितियों में पीड़ितों की तत्काल सहायता से सम्बन्धित गुड समैरिटन लॉ व अन्य कानूनी प्रावधानों की भी चर्चा की गई।

डॉ0 कपूर ने अपने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से उपस्थित लोगों को बताया कि समय पर सही जानकारी और त्वरित कार्यवाही कितनी महत्वपूर्ण होती है। कार्यशाला में उपस्थित लोगों ने इस संदर्भ में व्यवहारिक अभ्यास भी किया, जिससे उन्हें आवश्यक कौशल सीखने का अवसर मिला। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ0सुधीर महादेव बोबडे, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ0 पंकज एल0 जानी, विशेष सचिव राज्यपाल श्रीप्रकाश गुप्ता समेत राजभवन के समस्त अधिकारी व कर्मचारीगणों की उपस्थिति रही।