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सीएम योगी बता रहे एक-एक वोट की कीमत तो आयोग मतदाताओं को कर रहा प्रोत्साहित

  • अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग दे रहा वोटर्स को तमाम सहूलियतें
  • मतदाताओं और मतदान कर्मियों को हीटवेव और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए मतदान केंद्र पर मिलेगी मेडिकल किट
  • गर्मी के प्रकोप से निपटने के लिए मतदान केंद्रों पर लगाये जा रहे टेंट, कैनोपी और छतरियां
  • मतदाताओं और मतदान कर्मियों के लिए पंखे, मिस्टिंग पंखे, कूलिंग डिवाइस और पेयजल की भी व्यवस्था

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी जनसभाओं में मतदाताओं से मतदान करने की अपील कर रहे हैं। वह एक-एक वोट की अहमियत को भी बता रहे हैं, ताकि देश में मजबूत और सशक्त सरकार बन सके। वहीं, निर्वाचन आयोग भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदाताओं को प्रोत्साहित कर रहा है। इसके लिए वह मतदाताओं को विभिन्न तरह की सहूलियतें भी दे रहा है। इसके तहत आयोग की ओर से गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम किये जा रहे हैं। साथ ही हीटवेव और हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए मेडिकल किट भी व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं हर बार की तरह इस बार भी मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र न होने पर 12 अन्य वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों के जरिये मतदान करने की छूट दी गई है।

हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए उपलब्ध करायी गयी मेडिकल किट

निर्वाचन आयोग की ओर से मौसम विभाग (आईएमडी) की भविष्यवाणी और स्थानीय क्लाइमेट पैटर्न के आधार पर हीटवेव की स्थिति वाले क्षेत्रों में स्थित मतदान केंद्रों की पहचान की गई है। यहां मतदाताओं को सीधी धूप से बचाने के लिए मतदान केंद्र को पर्याप्त छायादार बनाने की व्यवस्था की गई है। मतदान केंद्रों पर टेंट, कैनोपी और छतरियों के साथ-साथ कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। मतदाताओं और मतदान कर्मियों के लिए पंखे, मिस्टिंग पंखे जैसे कूलिंग डिवाइस स्थापित किये जा रहे हैं। वहीं सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। यही नहीं, मतदान केंद्रों पर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को विशेष सहायता दी जाएगी। सभी मतदान केंद्रों पर पेयजल की व्यवस्था की गयी है। मतदान केंद्र के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण के दौरान हीटवेव से संबंधित बीमारियों के लक्षणों को पहचानने और इसके उचित इलाज के भी प्रबंध किए गए हैं। 19 अप्रैल को प्रथम चरण के लोकसभा चुनावों के लिए पोलिंग पार्टियों के रवाना होने से पहले सभी मतदान कर्मियों को हीट स्ट्रोक से बचने और स्वास्थ्य के दृष्टिगत मेडिकल किट उपलब्ध करायी गई, जिसे आवश्यकता पड़ने पर उपयोग किया जा सके।

मतदाता पहचान पत्र के अलावा 12 अन्य वैकल्पिक पहचान पत्र से कर सकेंगे वोटिंग

आयोग ने वोटर मतदाता पहचान पत्र के अलावा 12 अन्य वैकल्पिक पहचान पत्रों जिनमें आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेन्स, पैन कार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केन्द्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत कार्ड पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की पहचान के लिए अनुमन्य किये गये हैं। इसके अलावा प्रवासी वोटरों को केवल उनके मूल पासपोर्ट के आधार पर ही पहचाना जाएगा। वहीं वोटर मतदाता सूची में अपना नाम चेक करने एवं पोलिंग बूथ जानने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in तथा https://voterportal.eci.gov.in अथवा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट https://ceouttarpradesh.nic.in के साथ वोटर हेल्पलाइन एप का उपयोग कर सकते हैं।

अमेठी: स्मृति ईरानी ने कांग्रेस में की एक और सेंधमारी

  • कांग्रेस के प्रदेश सह समन्वयक ने स्मृति ईरानी के सामने थामा भाजपा का दामन
  • कांग्रेस के प्रदेश सह समन्वयक विकास अग्रहरि गुरुवार को भाजपा में शामिल हुए
  • भाजपा जिलाध्यक्ष राम प्रसाद मिश्र ने विकास अग्रहरि को पार्टी में शामिल किया
  • अमेठी जनपद के जगदीशपुर के रहने वाले हैं विकास अग्रहरि
  • विकास अग्रहरि को कांग्रेस ने बनाया था प्रदेश सह समन्वयक
  • विकास को भाजपा ज़िलाध्यक्ष राम प्रसाद मिश्रा ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के समक्ष जॉइन करवाई बीजेपी
  • राहुल गांधी का चुनाव प्रचार संभालते थे विकास
  • राहुल गांधी के करीबी थे विकास अग्रहरि, अब पाला बदल भाजपा में शामिल हुए

POPULATION: देश की जनसंख्या 144 करोड़ पार हुई

  • भारत की जनसंख्या 144 करोड़ पार, 77 वर्षो में देश की जनसंख्या दोगुना हो गई
  • UNFPA की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक भारत की जनसंख्या बीते 77 सालों में हुई दोगुनी
  • वर्तमान में भारत की जनसंख्या 144.17 करोड़ हुई

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र की हेल्थ एजेंसी यूनाइटेड नेशन्स पॉपुलेशन फंड (UNFPA) की नवीनतम रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत की जनसंख्या पिछले 77 सालों में दोगुनी हो चुकी है. यह 144.17 करोड़ पहुंच चुकी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2006-2023 के बीच 23 फीसदी बाल विवाह हुए हैं, साथ ही डिलीवरी के समय होने वाली महिलाओं की मौतों की संख्या में कमी आई है. भारत ने इस साल की शुरुआत में सबसे ज्यादा 142.5 करोड़ आबादी वाले देश चीन को पीछे छोड़ा था, 2011 की जनगणना के मुताबिक, देश की कुल आबादी 121 करोड़ दर्ज की गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत की 144.17 करोड़ आबादी में 24 फीसदी आबादी 0-14 साल की है, जबकि 17 फीसदी आबादी 10-19 साल के अंदर है। इतना ही नहीं, 10-24 साल वाले भी भारत में 26 फीसदी हैं, जबकि 15-64 आयु वर्ग के सबसे ज्यादा 68 फीसदी हैं, इसके अलावा भारत की सात फीसदी जनसंख्या 65 साल और उससे ज्यादा उम्र की है, पुरुषों की औसत आयु 71 और महिलाओं की 74 साल है।

भाजपा: यूपी मुख्यालय में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के नेतृत्व में दूसरे दलों के नेताओं ने सदस्यता ग्रहण की

  • डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में कन्नौज के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजीव कटियार ने समर्थकों के साथ ज्वाइन की भाजपा
  • ज्वाइनिंग कार्यक्रम में पाठक ने कहा राम भक्तों पर गोली चलवाने वाली पार्टी के नेता पूजा-पाठ करने वालों को पाखंडी बोल रहे
  • पाठक ने कहा जनता को ऐसे लोगों का बायकॉट करना चाहिए, इनका हुक्का पानी भी बंद कर देना चाहिए

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की उपस्थिति में भाजपा प्रदेश मुख्यालय में गुरुवार को कन्नौज के पूर्व ज़िला पंचायत अध्यक्ष संजीव कटियार ने बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सनातन और सनातनियों का विरोध करना इंडी गठबंधन के नेताओं की सोची समझी नीति है। वे वोट बैंक की राजनीति में तुष्टिकरण के लिए किसी भी सीमा तक जा सकते हैं। जनता को ऐसे लोगों का बायकॉट करना चाहिए, इनका हुक्का पानी भी बंद कर देना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री शिवभूषण सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित और डॉ.अंकुश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।

श्री पाठक ने कहा कि जब रामनवमी के दिन अयोध्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा था, लाखों धर्मावलंबी पहली बार अपने प्रभु बालकराम के जन्मोत्सव पर उनके भव्य मंदिर में दर्शन पूजन को आये थे। इस अवसर पर अपने पापों का प्रायश्चित करने की बजाय राम भक्तों पर गोली चलवाने वाली पार्टी के नेता पूजा-पाठ करने वालों को पाखंडी बोल रहे थे।

दरअसल लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ देखकर इनके सीने पर साँप लोट गया। ये प्रभु बालकराम का भव्य सूर्य तिलक देखकर बदहवास हो गये और अनर्गल बयानबाजी कर सनातन को गाली देने लगे। इनकी गलतजुबानी का चेन्नई से लेकर श्रीनगर तक एक भी इंडी अलायंस के नेता ने इसका विरोध नहीं किया। इनका मूल एजेंडा भी सनातन की साख पर चोट करना है, आस्था पर कुठाराघात करना है। लेकिन 2014 से सनातनियों ने अपमान का बदला लेना सीख लिया है और देश एवं प्रदेश में सनातन को मानने वाली सरकार संस्कृति की पुनर्प्रतिष्ठा करने का काम भी कर रही है। जो 14 में हारे थे उनकी वापसी सनातनी 24 में भी नहीं होने देंगे।

विश्व के 100 सबसे प्रदूषित शहरों में 63 भारत के, यह समय प्रदूषण के खिलाफ एकजुट होने का – डॉ. राजेश्वर सिंह

  • सरोजनीनगर विधायक ने जताई पर्यावरण प्रदूषण पर चिंता, कहा समाधान के लिए साथ आने की जरूरत
  • सरोजनीनगर विधायक ने ट्विटर पर लिखा पोस्ट: प्रदूषण को लेकर प्रस्तुत किए डराने वाले आंकड़े
  • डॉ०राजेश्वर सिंह ने कहा आने वाली पीढ़ी को दें रहने लायक धरती
  • साथ ही उन्होंने कहा कि झीलों, तालाबों को गोद लेकर उनके संरक्षण को आरडब्लूए आएं आगे

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह को देश और समाज के हित से जुड़े ज्वलंत विषयों को मजबूत आंकड़ों के रखने और प्रभावशाली समाधान प्रस्तुत करने के लिए जाना जाता है। मंगलवार को डॉ. सिंह ने पर्यावरणीय प्रदूषण की तरफ सभी का ध्यान आकृष्ट किया। विधायक ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) एकाउंट से आंकड़ों के साथ प्राकृतिक प्रदूषण के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए प्राकृतिक संतुलन को बचाने के लिए सभी को साथ आने और मजबूत पहल करने की अपील की।

विधायक ने वायु प्रदूषण की गंभीरता को आंकड़ों के साथ प्रस्तुत करते हुए अपने ट्विटर पर लिखा कि दुनिया के 100 सबसे प्रदूषित शहरों में से 63 शहर भारत में स्थित हैं, जिनमें देश की राजधानी नई दिल्ली भी शामिल है।

जल प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. सिंह ने लिखा कि जल प्रदूषण गंभीर चिंता का विषय है, जिसके कारण धरती के ऊपरी हिस्से में स्थित 70% जल किसी भी रूप में उपयोग योग्य नहीं रह गया है। 2030 तक भारत के 21 प्रमुख शहरों को भूजल की कमी का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए देश में स्थायी जल प्रबंधन के लिए रणनीति बनाने की तत्काल आवश्यकता है।

सरोजनीनगर विधायक ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर चिंता व्यक्त करते हुए लिखा कि शहरों में ठोस अपशिष्ट उत्पादन बढ़ रहा है, जो वर्तमान में प्रतिवर्ष 277 मिलियन टन तक पहुंच गया है। इसी तरह, प्लास्टिक कचरा एक बड़ा ख़तरा है, प्रतिदिन नदियों में 25,000 टन प्लास्टिक कचरा बहाया जा रहा है, जिसने पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती प्रस्तुत की है।

जैव विविधता को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने लिखा कि जैव विविधता वाले 90% हॉटस्पॉट अपने अस्तित्व को बचाने का संघर्ष कर रहे हैं, जहां की करीब 12% प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है, डॉ. सिंह ने आशा व्यक्त करते हुए लिखा कि इन पारिस्थितिक तंत्रों को संरक्षित और संरक्षित करने के प्रयासों से महत्वपूर्ण सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। वनीकरण और टिकाऊ वन प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार द्वारा किए गए ठोस प्रयास इन नुकसानों को कम करने और हमारे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने में मदद कर सकते हैं।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने इन तमाम चुनौतियों के बाद भी सकारात्मक बदलाव को लेकर आशान्वित हैं, उन्होंने सरकार की नीतियों पर भरोसा व्यक्त करते हुए आगे लिखा कि सरकार की पहल, जैसे सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध और 100 शहरों में अपशिष्ट प्रबंधन को स्मार्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रणालियों में परिवर्तित करना, पर्यावरण संबंधित चुनौतियों सामना करने की दिशा में सराहनीय पहल हैं।

पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों से आह्वान करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने आगे लिखा कि आइए हम अपनी सरकार का समर्थन करें और इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई के लिए एक राष्ट्र और वैश्विक नागरिक के रूप में एकजुट हों। नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश करके और प्रकृति संरक्षण प्रयासों को प्राथमिकता देकर, हम अपने लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल एवं समावेशी भविष्य का निर्माण सकते हैं।

पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में आमजन की भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए, डॉ. राजेश्वर सिंह ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों से तालाबों और झीलों को संरक्षित करने के लिए उन्हें गोद लेने और वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। हाल ही में, डॉ. सिंह ने सरोजनीनगर के आरडब्ल्यूए को पुस्तकालय दान करने की पहल भी शुरू की, जिसकी शुरुआत भागीरथी एन्क्लेव से हुई। उन्होंने कहा, “अच्छी किताब से बेहतर, दूसरा कोई दोस्त कोई नहीं है। सभी आरडब्ल्यूए के पास एक अच्छी लाइब्रेरी होनी चाहिए और मैं सरोजनीनगर के सभी 104 आरडब्ल्यूएस में लाइब्रेरी स्थापित कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं, जिनमें विवेकानंद द्वारा लिखित चिंतन करो चिंता नहीं जैसी किताबें, आरके नारायण द्वारा नानी की कहानी, अमीश त्रिपाठी द्वारा राम – स्कोन ऑफ़ इक्ष्वाकु, सचिन तेंदुलकर द्वारा प्लेइंग इट माई वे, आदि और भी बहुत कुछ रहेगा जो सोने से भी अधिक मूल्यवान हैं”।