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फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में खेलने के लिए शमी को लेकर आया अहम अपडेट।

मोहम्मद शमी को चोटिल होने की वजह से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए नहीं चुना गया है। इसके बाद उन्हें रणजी ट्रॉफी के लिए बंगाल की टीम में चुना गया और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन भी किया। ऐसे में कई मीडिया रिपोर्ट में शमी के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने के लिए भी कयास लगाए जाने लगे। वह वनडे वर्ल्ड कप 2023 के बाद से ही इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हैं और उन्होंने टीम इंडिया के लिए एक भी मैच नहीं खेला है। अब पीटीआई की रिपोर्ट में उनकी वापसी पर बड़ी खबर सामने आई है।

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेल सकते हैं एक से दो मैच

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद शमी की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए वापसी दूसरे हॉफ में हो सकती है। चीजों की जानकारी रखने वालों ने बताया कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की मेडिकल टीम और राष्ट्रीय चयनकर्ता चाहते हैं कि शमी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में कुछ और प्रतिस्पर्धी मैच खेलें जिससे यह देखा जा सके कि कई मैचों के बाद भी उनका शरीर ठीक है या नहीं, फिर भले ही यह सफेद गेंद का टूर्नामेंट हो। मुख्य कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने कहा कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए बंगाल टीम का चयन कल किया जाएगा। अगर शमी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए नहीं जाते हैं तो मेरा मानना ​​है कि वह बंगाल के लिए उपलब्ध रहें।

शमी ने मैच में हासिल किए 7 विकेट

यह समझा जाता है कि सेलेक्शन कमेटी व्यापक रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम पूरा करने के बाद सिर्फ एक रणजी ट्रॉफी मैच के बाद मोहम्मद शमी को जल्दी से जल्दी टीम में शामिल करके कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। हालांकि एक साल बाद प्रतिस्पर्धी मैच में उतरे शमी ने इंदौर में मध्य प्रदेश के खिलाफ बंगाल की ओर से प्रभावशाली प्रदर्शन किया और सात विकेट चटकाकर अपनी टीम को सीजन की पहली जीत दिलाई।

वनडे वर्ल्ड कप 2023 में हासिल किए थे 24 विकेट

मोहम्मद शमी लंबे समय से टीम इंडिया के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने अपने दम पर टीम को कई मैच जिताए हैं। वह अभी तक टीम इंडिया के लिए 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट, 101 टेस्ट मैचों में 195 विकेट और 23 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 24 विकेट अपने नाम किए हैं। पिछले साल हुए वनडे वर्ल्ड कप 2023 में वह टीम के लिए सबसे बड़े हीरो साबित हुए थे। तब उन्होंने कुल 24 विकेट हासिल किए थे।

रूस ने यूक्रेन के पावर ग्रिड पर भीषण हमला किया, 120 मिसाइलों और 90 ड्रोन का किया इस्तेमाल; 7 लोगों की जान गई।

कीवः रूस ने बीते तीन महीनों में यूक्रेन पर रविवार को अपने सबसे बड़े हवाई हमले को अंजाम दिया है। इस दौरान रूसी सेना ने 120 मिसाइलें और 90 ड्रोन दागे, जिसमें कम से कम सात लोग मारे गए और बिजली प्रणाली को “गंभीर क्षति” हुई। यूक्रेनियन को अपने अन्य ऊर्जा संयंत्रों पर भी रूसी हमले से गंभीर क्षति का डर है। क्योंकि सर्दियों के शुरू होते ही लंबे समय तक यह यूक्रेन में ब्लैकआउट का कारण बनेगी। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पहला हमला किया था। अब युद्ध के महत्वपूर्ण क्षण में रूस के ऐसे हमले यूक्रेन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ाएंगे।

इन हमलों के कारण यूक्रेन के कई क्षेत्रों में आपातकालीन बिजली कटौती हुई। रूस ने यह हमला तब किया है, जब इस महीने के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद युद्ध को समाप्त कराने की प्रतिज्ञा करके इसकी संभावना को बढ़ा दिया है। विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने एक्स पर लिखा, “रूस के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक यह भी है। शांतिपूर्ण शहरों, सोते हुए नागरिकों, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के खिलाफ ड्रोन और मिसाइलें रात भर बरसती रहीं।

पावर ग्रिड नष्ट

रूस के इस हमले में यूक्रेन के पावर ग्रिड को बड़ा नुकसान पहुंचा है। पूरी “रात राजधानी कीव के ऊपर हवाई हमलों से यूक्रेनी सुरक्षा बलों को ड्रोन से उलझते हुए सुना जा सकता था। इसके बाद सुबह रूस ने मिसाइल हमला शुरू कर दिया। इससे पूरे शहर के केंद्र में शक्तिशाली विस्फोटों की एक श्रृंखला चल पड़ी। यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा प्रदाता कंपनी डीटीईके के सीईओ मैक्सिम टिमचेंको ने कहा, “यूक्रेन की ऊर्जा प्रणाली को गंभीर नुकसान हुआ है, जिसमें डीटीईके बिजली स्टेशन भी शामिल हैं। ये हमले एक बार फिर यूक्रेन को हमारे सहयोगियों से अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियों की आवश्यकता को उजागर करते हैं।”

अमित शाह ने मणिपुर की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया, जानें अब सरकार कौन से कदम उठाने वाली है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की रविवार को समीक्षा की। शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों को राज्य में शांति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। अमित शाह ने महाराष्ट्र में अपनी चुनावी रैलियां रद्द करके लौटने के तुरंत बाद यह बैठक की।

अब सोमवार को होगी एक और बैठक

सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री ने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और उन्हें शांति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि शाह आगे के कदमों पर सोमवार को शीर्ष अधिकारियों के साथ एक और विस्तृत बैठक करेंगे।

पिछले साल मई महीने से भड़की हुई है हिंसा

सरकार की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब मणिपुर में महिलाओं और बच्चों के शव बरामद होने के बाद विरोध-प्रदर्शन और हिंसा के कारण स्थिति अस्थिर बनी हुई है। मणिपुर पिछले साल मई से ही जातीय संघर्ष से जूझ रहा है।

उपद्रवियों ने BJP विधायक के घर में लगाई आग

अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर में इंफाल घाटी के विभिन्न जिलों में गुस्साई भीड़ ने बीजेपी के तीन और विधायकों तथा कांग्रेस के एक विधायक के आवास को आग लगा दी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के पैतृक आवास पर भी धावा बोलने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

इंफाल में शनिवार को हिंसक प्रदर्शन

जिरीबाम जिले में तीन महिलाओं और तीन बच्चों के शव मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने इंफाल घाटी के विभिन्न हिस्सों में शनिवार को हिंसक प्रदर्शन किया। इसके बाद से यहां अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया। गुस्साई भीड़ ने शनिवार को राज्य के तीन मंत्रियों और छह विधायकों के आवासों पर भी हमला किया था।

इन विधायकों के घर में लगाई गई आग

अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने निंगथौखोंग में लोक निर्माण मंत्री गोविंददास कोंथौजम, लैंगमीडोंग बाजार में हियांगलाम से भाजपा विधायक वाई राधेश्याम, थौबल जिले में वांगजिंग टेंथा के भाजपा विधायक पाओनम ब्रोजेन और इंफाल पूर्वी जिले में खुंद्राक्पम के कांग्रेस विधायक लोकेश्वर के घरों में आग लगा दी।

घर की संपत्ति पर भी की तोड़फोड़

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुस्साई भीड़ ने विधायकों के आवासीय परिसरों पर धावा बोला। संपत्ति में तोड़फोड़ की और घरों में आग लगा दी। हालांकि, इस दौरान विधायक और उनके परिवार के सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे।

सुरक्षा बलों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि मणिपुर में तैनात सभी सुरक्षा बलों को राज्य में व्यवस्था और शांति बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, जहां पिछले कुछ दिनों से स्थिति नाजुक बनी हुई है।

हिंसा में अब तक 200 से अधिक लोग मारे गए

नाजुक स्थिति को देखते हुए केंद्र ने गुरुवार को हिंसा प्रभावित जिरीबाम सहित राज्य के छह पुलिस थाना क्षेत्रों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) को पुनः लागू कर दिया। इंफाल घाटी में बसे मेइती और समीपवर्ती पहाड़ियों में बसे कुकी-जो समुदाय के बीच जातीय हिंसा में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।

नाइजीरिया के राष्ट्रपति अहमद टीनुबू ने अबुजा में प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।

अबुजा: नाइजीरिया नाइजीरिया के राष्ट्रपति अहमद टीनुबू ने अबुजा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। उन्होंने अबुजा में पीएम मोदी की आगवानी की। पीएम मोदी ने नाइजीरिया के दूसरे सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर’ से सम्मानित होने पर राष्ट्रपति अहमद टीनबू का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि यह 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है। पीएम मोदी यह पुरस्कार पाने वाले दूसरे विदेशी गणमान्य व्यक्ति बन गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत नाइजीरिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगा। दोनों देशों के संबंध आने वाले समय में और प्रगाढ़ होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण के तहत रविवार को नाइजीरिया पहुंचे। यह 17 वर्षों में पहली बार है जब भारत के प्रधानमंत्री नाइजीरिया की यात्रा कर रहे हैं। मोदी नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू के निमंत्रण पर यहां पहुंचे हैं। वह ब्राजील और गुयाना भी जाएंगे। भारत सरकार के अधिकारियों ने बताया कि नाइजीरिया प्रधानमंत्री मोदी को ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ नाइजर’ (जीसीओएन) पुरस्कार से सम्मानित करेगा।

ब्रिटेन की महारानी को भी मिल चुका है ये सम्मान

अब तक ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ एकमात्र विदेशी हस्ती रही हैं जिन्हें 1969 में जीसीओएन से सम्मानित किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि यह किसी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाने वाला 17वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार होगा। प्रधानमंत्री के रविवार को नाइजीरिया पहुंचने पर मंत्री न्येसोम एजेनवो वाइक ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को अबुजा शहर की ‘चाबी’ भेंट की। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह ‘चाबी’ प्रधानमंत्री पर नाइजीरिया के लोगों के विश्वास और उनके प्रति सम्मान को प्रदर्शित करती है।

 भारत, नाइजीरिया के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को उच्च प्राथमिकता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू के साथ वार्ता के दौरान कहा कि भारत, नाइजीरिया के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को उच्च प्राथमिकता देता है और वह रक्षा, ऊर्जा व व्यापार समेत विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगा। बैठक में टेलीविजन पर अपने उद्घाटन भाषण में मोदी ने आतंकवाद, अलगाववाद, समुद्री डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी को प्रमुख चुनौतियां बताया और कहा कि दोनों देश इनसे निपटने के लिए साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। मोदी रविवार सुबह अबुजा पहुंचे। यह 17 वर्षों के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नाइजीरिया की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हम नाइजीरिया के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को उच्च प्राथमिकता देते हैं। मुझे विश्वास है कि हमारी वार्ता के बाद हमारे संबंधों में एक नया अध्याय शुरू होगा।”

पीएम मोदी ने नाइजीरिया के लिए किया बड़ा ऐलान

मोदी ने लगभग 60,000 प्रवासी भारतीयों को भारत-नाइजीरिया संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बताया तथा उनका कल्याण सुनिश्चित करने के लिए टिनुबू को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने यह घोषणा भी की कि भारत पिछले महीने बाढ़ से प्रभावित नाइजीरियाई लोगों के लिए 20 टन राहत सामग्री भेज रहा है। उन्होंने पिछले साल भारत की मेजबानी में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ के स्थायी सदस्य बनने का भी उल्लेख किया और इसे एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता से पहले, मोदी और टिनुबू ने राष्ट्रपति भवन में आमने-सामने की बैठक की। प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत भी किया गया।

प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। मोदी तीन देशों की यात्रा के तहत नाइजीरिया में हैं। वह जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अबूजा से ब्राजील जाएंगे। उनका अंतिम गंतव्य गुयाना होगा। अक्टूबर 2007 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नाइजीरिया यात्रा के दौरान भारत-नाइजीरिया संबंधों को “रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा दिया गया था। नाइजीरिया छह दशकों से अधिक समय से भारत का करीबी साझेदार रहा है। भारत ने 1960 में नाइजीरिया के स्वतंत्र होने से दो साल पहले नवंबर 1958 में लागोस में अपना राजनयिक भवन स्थापित किया था।

जी-20 के सोशल इवेंट में ब्राजील की प्रथम महिला ने एलन मस्क का अपमान किया।

ब्राजीलियाः ब्राजील की प्रथम महिला जंजा लूला डी सिल्वा ने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की भारी बेइज्जती कर दी। एक वायरल वीडियो में वह एलन मस्क को अपशब्द कहती हुई दिख रही हैं। वह सबसे बड़े देशों के समूह जी-20 के रियो डी जनेरियो शिखर सम्मेलन से पहले एक कार्यक्रम में बोल रही थीं। इस दौरान उन्होंने अरबपति एलोन मस्क को गलत सूचनाओं पर लगाम लगाने व सोशल मीडिया को विनियमित करने की आवश्यकता के बारे में बातचीत की।

उनके संबोधन के बीच में ही एक जहाज का हार्न बज उठा और मजाक में कहा, “मुझे लगता है कि यह एलन मस्क हैं,” आगे कहा, “मैं तुमसे नहीं डरती, भाड़ में जाओ, एलन मस्क।” सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स के मालिक मस्क ने उनकी टिप्पणियों वाले वीडियो पर जोर से हंसने वाला इमोजी ग्राफिक पोस्ट करके प्रतिक्रिया व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने एक एक अन्य पोस्ट में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा को श्राप दे डाला। मस्क ने डी सिल्वा के लिए कहा, “वे अगला चुनाव हारने जा रहे हैं।”

मस्क पर ब्राजील की प्रथम महिला के क्या हैं आरोप

राष्ट्रपति की पत्नी जंजा ने सोमवार और मंगलवार को रियो डी जनेरियो में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले एक कार्यक्रम में कहा कि देश में एक कानूनी प्रतिनिधि का नाम बताने में विफल रहने, “फर्जी समाचार” और नफरत भरे संदेश फैलाने के आरोपी खातों को ब्लॉक करने के अदालती आदेशों की अनदेखी करने के कारण मस्क के सोशल मैसेजिंग नेटवर्क को इस साल ब्राजील में एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया