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रूस-यूक्रेन युद्ध: अमेरिकी हथियारों के बाद अब यूक्रेन ने ब्रिटिश मिसाइलों से किया हमला।

कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। यूक्रेन ने ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभालने से पहले मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन से विदेश हथियारों से रूस पर हमले की अनुमति लेकर करीब ढाई साल से चल रहे युद्ध को नया स्वरूप दे दिया है। यूक्रेन ने अमेरिकी हथियारों के बाद अब बुधवार को रूस पर ब्रिटिश स्टॉर्म शैडो क्रूज़ मिसाइलों से बड़ा हमला किया है। इससे रूसी राष्ट्रपति पुतिन बौखला गए हैं। यूक्रेन को रूस के खिलाफ पश्चिमी हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति देकर जो बाइडेन ने तीसरे विश्व युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है।

यूक्रेन ने बुधवार को रूस पर ब्रिटिश क्रूज मिसाइलों की बरसात कर दी। हालांकि रूस ने उनमें से ज्यादातर को मार गिराने का दावा कया। अमेरिकी हथियारों के बाद रूस के खिलाफ यह ब्रिटेन का नया पश्चिमी हथियार है। यूक्रेन ने रूस पर यह ताजा हमला मॉस्को पर अमेरिका के एटीएसीएमएस मिसाइलें दागने के 2 दिन बाद ही किया है। क्योंकि अमेरिकी मिसाइल से हमले के एक ही दिन बाद ब्रिटेन ने भी यूक्रेन पर रूसी लक्ष्यों पर अपनी मिसाइलें उपयोग करने की अनुमति दे दी गई है।

युद्ध विकराल होने का अंदेशा बढ़ा

अमेरिका और ब्रिटेन के इस कदम के बाद रूस पर यूक्रेन द्वारा पश्चिमी हथियारों से हमला करने के बाद युद्ध के और अधिक विकराल होने की आशंका बढ़ गई है। टेलीग्राम पर रूसी युद्ध संवाददाताओं द्वारा हमलों की व्यापक रूप से रिपोर्टिंग की गई। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने इस नए हमले की पुष्टि की। हालांकि यूक्रेन के जनरल स्टाफ के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं इस हमले के बाद मॉस्को ने कहा है कि सीमा से दूर रूसी क्षेत्र पर हमला करने के लिए पश्चिमी हथियारों का इस्तेमाल संघर्ष में एक बड़ी वृद्धि को न्यौता दे रहा है। जबकि कीव का कहना है कि उसे युद्ध में अब रूसी ठिकानों पर हमला करके अपनी रक्षा करने की क्षमता की आवश्यकता है, जो इस सप्ताह अपने 1,000वें दिन में प्रवेश कर गया है।

मिसाइल हमले की सुनी गई आवाज

टेलीग्राम पर रूसी युद्ध संवाददाताओं ने वीडियो पोस्ट कर कहा कि कुर्स्क क्षेत्र पर हमला करने वाली मिसाइलों की आवाज़ शामिल है, जो उत्तरपूर्वी यूक्रेन की सीमा पर है।

कम से कम 14 बड़े विस्फोटों को सुना जा सकता था, उनमें से अधिकांश किसी आने वाली मिसाइल की तेज़ सीटी से पहले थे। रिहायशी इलाके में शूट किए गए वीडियो में दूर तक काला धुआं उठता दिख रहा है। टेलीग्राम पर रूस समर्थक टू मेजर्स चैनल ने कहा कि यूक्रेन ने कुर्स्क क्षेत्र में 12 स्टॉर्म शैडोज़ दागे और स्टॉर्म शैडो नाम की मिसाइलों के टुकड़ों की तस्वीरें स्पष्ट रूप से दिखाई दीं।

ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टार्मर के प्रवक्ता का टिप्पणी से इनकार

ब्रिटेन ने पहले यूक्रेन को स्टॉर्म शैडोज़ का उपयोग करने की अनुमति दी थी, जिसकी सीमा यूक्रेनी क्षेत्र के भीतर 250 किमी (155 मील) से अधिक है। कीव सरकार रूस के अंदर लक्ष्यों पर हमला करने के लिए ऐसे हथियारों का उपयोग करने की अनुमति के लिए पश्चिमी साझेदारों पर दबाव डाल रही है। उसने जनवरी 2025 में बाइडेन के कार्यालय छोड़ने से दो महीने पहले इस सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति से एटीएसीएमएस का उपयोग करने के लिए पूरी तरह से मंजूरी प्राप्त कर ली है।

गुयाना में पीएम मोदी ने सूरीनाम के राष्ट्रपति संतोखी और डोमिनिका के प्रधानमंत्री से मुलाकात की।

जॉर्जटाउनः गयाना के कैरिकॉम-शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरीनाम के राष्ट्रपति चान संतोखी और डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट से भी विशेष मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इन नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता की और भारत के संबंधों को मजबूत किया। पीएम मोदी ने सूरीनाम और डोमिनिका के नेताओं से मिलने के बाद एक आत्मिक और भावुक पोस्ट किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताओं के साथ मुलाकात की विशेष तस्वीरें भी शेयर कीं। पीएम मोदी कैरेबियन समुदाय के नेताओं के साथ वार्ता कर भारत के संबंधों को गहरा कर रहे हैं।

सूरीनाम से मजबूत दोस्ती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और सूरीनाम के बीच मजबूत दोस्ती का आधार रखा। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट पर लिखा,  “जॉर्जटाउन में राष्ट्रपति चान संतोखी से मुलाकात की। हमने व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, टेलीमेडिसिन और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। हमने भारत लोगों का लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक संबंधों को और बेहतर बनाने के तरीकों पर भी चर्चा की। भारत सूरीनाम में विकास संबंधी विभिन्न पहलों का समर्थन करता रहेगा। ”

रूजवेल्ट के प्रधानमंत्री ने छुआ पीएम मोदी का दिल

डोमिनिका ने अपने देश का सर्वोच्च पुरस्कार देकर और पीएम मोदी के लिए दिल जीतने वाली बात कहकर सबका ध्यान आकर्षित किया। पीएम मोदी भी डोमिनिका के प्रधानमंत्री के इन शब्दों का जादू महसूस करते रहे। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ” प्रधान मंत्री रूजवेल्ट स्केरिट आपके दयालु शब्दों ने मुझे छू लिया है। गहरी विनम्रता और कृतज्ञता के साथ, मैं ‘डोमिनिका अवॉर्ड ऑफ ऑनर’ स्वीकार करता हूं। मैं इसे अपने साथी भारतीयों को समर्पित करता हूं, जिन्होंने डोमिनिका राष्ट्रमंडल के साथ भारत की दोस्ती को हमेशा महत्व दिया है। आपने COVID-19 के दौरान समर्थन के बारे में बात की। यह देखकर मेरा दिल खुशी से भर जाता है कि कैसे COVID-19 के दौरान हमारी एकजुटता ने सीमाओं और महाद्वीपों के बीच संबंधों को मजबूत किया। हम आने वाले समय में डोमिनिका के साथ मिलकर काम करते रहेंगे। ”

एग्जिट पोल: झारखंड में ‘इंडिया’ का असर, महाराष्ट्र में ‘MVA’ की बढ़त; परिणाम कर रहे हैं चौंकाने वाले।

महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के बाद आए ज्यादातर एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले गठबंधन को बहुमत मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि ‘एक्सिस माई इंडिया’ के एग्जिट पोल में झारखंड में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार की वापसी का अनुमान जताया गया है। ‘एक्सिस माई इंडिया’ के एग्जिट पोल का आकलन है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन को 81 में से 53 सीटें , जबकि भाजपा नीत एनडीए को 25 सीटें मिल सकती हैं।

चौंकाने वाले है रिजल्ट

‘एक्सिस माई इंडिया’ के एग्जिट पोल के साथ ही दैनिक भास्कर के एग्जिट पोल में महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी को बढ़त का अनुमान जताया गया है। इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि महा विकास आघाडी को 288 में से 135 से 150 सीटें और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को 125 से 140 सीटें मिल सकती हैं। बता दें कि महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों पर बुधवार को एक ही चरण में मतदान हुआ। जबकि झारखंड में दो चरण में मतदान हुआ। 81 सीटों में से झारखंड में पहले चरण में 43 सीटों पर 13 नवंबर को मतदान संपन्न हुआ था और दूसरे और अंतिम चरण में 38 सीट के लिए वोट डाले गए थे। दोनों राज्यों में मतगणना 23 नवंबर को होगी।

महाराष्ट्र और झारखंड, दोनों राज्यों में कड़ा है मुकाबला

महाराष्ट्र में भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी अजित गुट) के गठबंधन ‘महायुति’ तथा कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी, शरद गुट) गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) के बीच कड़ा मुकाबला है। वहीं झारखंड में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और ‘इंडिया’ गठबंधन के बीच मुकाबला है। राजग में भाजपा, आजसू, जनता दल (यूनाइटेड) तथा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) शामिल है , जबकि ‘इंडिया’ गठबंधन में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) शामिल हैं।

क्या कहते हैं मैट्रिज के आंकड़े

‘मैट्रिज’ के एग्जिट पोल के अनुसार, महाराष्ट्र में महायुति को 150 से 170 और एमवीए को 110-130 सीट मिल सकती हैं। ‘लोकशाही मराठी-रुद्र’ के सर्वेक्षण में कहा गया है कि महाराष्ट्र में महायुति 128-142 सीट हासिल करके एक बार सत्ता में बरकरार रह सकती है। एमवीए को 125 से 140 सीट तथा अन्य को 18 से 23 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। ‘पी-मार्क’ के एग्जिट पोल में अनुमान लगाया गया है कि महायुति को 137-157 और एमवीए को 126-146 सीटें मिल सकती हैं।

पीपुल्स पल्स और चाणक्य स्ट्रैटजीज का क्या है आकलन

‘पीपुल्स पल्स’ के एग्जिट पोल में सामने आया है कि महायुति 175-195 सीट हासिल करके प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएगी। वहीं, एमवीए को 85-112 सीट मिलने का अनुमान है। “चाणक्य स्ट्रैटजीज” के एग्जिट पोल में एक बार फिर से महाराष्ट्र में महायुति की सरकार बनने का अनुमान लगाया गया है। इसके अनुसार, महायुति को 152 से 160 सीट मिल सकती हैं। महाविकास अघाडी को 130 से 138 सीट मिलने की संभावना है।

झारखंड में क्या होगा

‘मैट्रिज’ के एग्जिट पोल में कहा गया है कि झारखंड में भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 42-47 सीट हासिल करके अपनी सरकार बनाएगा तथा सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को 25-30 सीट से संतोष करना पड़ेगा। ‘पीपुल्स पल्स’ के सर्वेक्षण के अनुसार, झारखंड में राजग को 44-53 सीट तथा ‘इंडिया’ गठबंधन को 25-37 सीट हासिल हो सकती हैं। ‘एक्सिस माई इंडिया’ के सर्वेक्षण में झारखंड में झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन को 53 सीट जबकि भाजपा नीत राजग को 25 सीट मिलने का अनुमान जताया है।

“चाणक्य स्ट्रैटजीज” के एग्जिट पोल में अनुमान जताया गया है कि झारखंड में राजग को 45 से 50 सीट तथा इंडिया गठबंधन को 35 से 38 सीट मिल सकती हैं। दैनिक भास्कर के एग्जिट पोल ने झारखंड में कांटे की टक्कर का अनुमान जताया है। उसका आकलन है कि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को 37 से 40 सीट तथा इंडिया गठबंधन को 36 से 39 सीटें मिल सकती हैं।

सहकारिता ग्रामीण विकास की रीढ़: कालपी में सहकारिता सप्ताह का समापन

sahkari saptah
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  • सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया गया।
  • सहकारी समितियों के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर।
  • छोटे किसानों और महिला उद्यमियों के सशक्तिकरण की संभावनाओं पर चर्चा।
  • सरकार से वित्तीय और तकनीकी सहायता की मांग।
  • सहकारी मूल्यों को आत्मसात करने और ग्रामीण विकास में योगदान का संकल्प।

कालपी- जालौन, 20 नवंबर 2024: देशभर में 14 से 20 नवंबर तक मनाए गए सहकारिता सप्ताह के समापन के अवसर पर कालपी में एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सहकारी समितियों के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करना और ग्रामीण विकास को प्रोत्साहन देना था।

डॉ. प्रवीण सिंह जादौन का संबोधन:
उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ के निदेशक और मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा,

“सहकारिता केवल आर्थिक सशक्तिकरण का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता को मजबूत करने का जरिया भी है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और समरसता का आधार बन सकती है।”

उन्होंने सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए सहकारी समितियों के महत्व को रेखांकित किया।

कौशल किशोर द्विवेदी का दृष्टिकोण:
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला सहकारी विकास फेडरेशन, जालौन के अध्यक्ष कौशल किशोर द्विवेदी ने कहा कि सहकारी समितियां रोजगार बढ़ाने, गरीबी उन्मूलन और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में सहायक हो सकती हैं।

“सहकारिता, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक प्रमुख भूमिका निभा सकती है।”

उदय प्रताप सिंह की बात:
क्रय-विक्रय सहकारी समिति, कालपी के अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सहकारी समितियां छोटे किसानों, महिला उद्यमियों और कारीगरों को सशक्त बना सकती हैं।

“सहकारी समितियां उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच बिचौलियों की भूमिका खत्म कर सकती हैं।”

सहकारी आंदोलन को मजबूत करने की मांग:
संगोष्ठी में प्रद्युम्न सिंह, नितिन सैनी, समर सिंह चौहान, और अर्पित विश्वकर्मा ने सरकार से सहकारी समितियों के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता की मांग की।

कार्यक्रम का समापन और संकल्प:
सभी प्रतिभागियों ने सहकारी मूल्यों को अपनाने और ग्रामीण विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।
संगोष्ठी का संचालन सुभाष परमार ने किया और आभार ज्ञापन शैलेन्द्र सिंह ने व्यक्त किया।

यह संगोष्ठी सहकारिता आंदोलन को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

यादवों की भी नहीं, सिर्फ एक परिवार की पार्टी है सपाः उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

dcm brijesh pathak up
dcm brijesh pathak up
  • करहल में दलित युवती की हत्या पर सपा आलाकमान को लिया आड़े हाथ
  • उप मुख्यमंत्री ने कहा- गुंडे-माफियाओं का समर्थन करती है समाजवादी पार्टी

लखनऊ, 20 नवंबर 2024: समाजवादी पार्टी यादवों की भी पार्टी नहीं है। यह सिर्फ एक परिवार की पार्टी है। यह लोग गुंडे-माफियाओं का समर्थन करते हैं। आमजन और अधिकारियों को डराते-धमकाते हैं। मैनपुरी के करहल में दलित युवती की हत्या के मामले में भी सपा समर्थित गुंडों का नाम सामने आ रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। यह कहना है प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। उन्होंने कहा कि सपा अपराधियों को प्रमोट करने का काम करती है। सपा शासनकाल में कानून व्यवस्था की क्या स्थिति थी, यह किसी से छिपा नहीं है। हर जिले में अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला था। महिलाओं के साथ होने वाले अपराध अपने चरम पर थे। भाजपा पारदर्शिता के साथ काम करती है। हमने पूरे प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि दलित युवती ने सिर्फ सपा को वोट देने से मना किया तो उसकी हत्या कर शव को बोरे में बंद कर फेंक दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित होकर युवती ने भाजपा को वोट देने की बात कही थी, जिस पर सपा समर्थित गुंडों ने उसकी हत्या कर दी। लोकतंत्र में यह कतई स्वीकार्य नहीं है। यह एक जघन्य अपराध है। हम दोषियों को कड़ी सजा दिलाएंगे।

बुर्का पहन कर वोट डालने पहुंचे सपाई

डिप्टी सीएम ने कहा कि सपा को दलितों और पिछड़ों से कुछ लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि उपचुनाव में सपा कार्यकर्ता महिलाओं के भेष में बुर्का पहन कर मतदान करने पहुंचे थे। कई पोलिंग स्टेशनों से शिकायत मिली है। भाजपा द्वारा चुनाव आयोग में इसकी शिकायत की जा रही है। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं ने उप चुनाव की सभी सीटों पर जनता को डराया-धमकाया। अधिकारियों से अभद्र भाषा में बात की। सपा नेताओं ने सिर्फ लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया अधिकारियों को धमकाते हैं। जब-जब सपा की सरकार आई तब-तब अपराध बढ़ा।