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हर घर नल योजना: बुन्देलखण्ड व विंध्य क्षेत्र के हर घर तक 47 दिन के भीतर पहुंचेगा नल से जल

  • 30 सितंबर से पहले बुंदेलखंड, विन्ध्य में 100 प्रतिशत काम पूरा करें – स्वतंत्र देव सिंह
  • झांसी, जालौन में सुस्त रफ़्तार बीजीसीसी कंपनी पर गिरेगी कार्यवाही की गाज ,दोषी जाएंगे जेल
  • निर्देश , पाइपलाइन पड़ने के तुरंत बाद कराई जाए सड़कों की मरम्मत
  • प्रमुख सचिव बोले- जलापूर्ति बाधित हुई तो इंजिनियरों, एजेंसियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
  • जलशक्ति मंत्री ने स्वच्छ गंगा मिशन के नवीन कार्यालय का किया शुभारंभ

लखनऊ: बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के सभी जिलों के ग्रामीण घरों में 47 दिन के भीतर नल से जल पहुंचने लगेगा। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के सभी ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचाने के लिए इंजिनियरों को 47 दिन की मोहलत दी है। सोमवार को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने निर्देश दिया कि 30 सितंबर से पहले बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के सभी जिलों में हर घर नल योजना का काम 100 प्रतिशत पूरा कर लिया जाए। ये निर्देश जलशक्ति मंत्री ने सोमवार राणा प्रताप मार्ग स्थित स्वच्छ गंगा मिशन के नवीन कार्यालय के शुभारंभ के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। इस दौरान राज्यमंत्री रामकेश निषाद, प्रमुख सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुराग श्रीवास्तव, एमडी जल निगम ग्रामीण राजशेखर मौजूद थे।

झांसी, जालौन में धीमा काम कर रही बीजीसीसी पर होगी कार्रवाई, दोषी जाएंगे जेल

झांसी, जालौन में सुस्त रफ़्तार काम कर रही बीजीसीसी कंपनी पर नाराज़गी जताते हुए मंत्री ने जल्द सख़्त कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने झांसी और जालौन के कुछ हिस्सों में काम कर रही बृज गोपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मौके पर प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि एजेंसी की कार्यप्रणाली की जांच होगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा। इसके अलावा सोनभद्र में भी काम की धीमी रफ्तार पर इंजिनियरों और एजेंसियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि परियोजना की गुणवत्ता और गति पर ध्यान दें। वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें। समीक्षा बैठक में सीतापुर, प्रयागराज के अधिशासी अभियंता को भी फटकार लगाई गई। इंजिनियरों को आचरण और कार्य संस्कृति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि अगर किसी भी इंजिनियर के खिलाफ बिल रोके जाने की शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद सड़क खुदी मिली, तो इंजिनियर व एजेंसी दोनों पर होगी कार्रवाई

जलशक्ति मंत्री ने इंजिनियरों और एजेंसियों को निर्देश दिए कि जहां भी पाइपलाइन डालने के लिए खुदाई हो, वहां कार्य समाप्त होने के तुरंत बाद ही सड़कों की मरम्मत का काम पूरा कराएं। मंत्री ने कहा कि जिन जगहों पर एक या डेढ़ साल से काम चल रहा है, अगर वहां गड्ढ़ा मिला तो दोषियों पर कार्रवाई होगी। सड़क मरम्मत में अगर कोई भी एजेंसी हवा बाजी करेगी, तो जेल जाएगी। सड़क मरम्मत में मैन पावर कम नहीं होनी चाहिए।

जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर तत्काल हो कार्यवाही- प्रमुख सचिव

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव ने सभी चीफ इंजिनियरों और अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए जनप्रतिनिधियों को परियोजनाओं की प्रगति की पूरी जानकारी दी जाए। जनप्रतिनिधियों की जो भी शिकायतें आएं, उनपर तत्काल कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन डालने के लिए की गई खुदाई पर जनप्रतिनिधियों की चिंता जायज है। कहीं पर भी पाइपलाइन डालने के बाद सड़क खुदी न मिले।

जलापूर्ति बाधित हुई तो इंजीनियर और एजेंसियों पर होगी कार्रवाई

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा अधिकारियों और एजेंसियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि प्रदेश के जिन-जिन हिस्सों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। अगर वहां किसी भी तरह का कोई व्यवधान आता है या बिना क्लोरीन पानी की आपूर्ति की जाती है, तो उसके लिए संबंधित अधिकारी और एजेंसियां जिम्मेदार होंगी। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति की स्थिति जांचने के लिए समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाएगा। अगर कहीं जलापूर्ति बाधित मिली, तो मौके पर ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव ने कहा कि जिन गांवों में सोलर लग गए हैं। वहां हर हाल में नियमित जलापूर्ति की जाए। समीक्षा बैठक में जिलों में तैनात इंजीनियर, एजेंसयों के प्रतिनिधि और टीपीआई मौजूद थे।

लखनऊ: रुद्र-मय हुई सरोजनीनगर विधानसभा, रोपे गए 200 रुद्राक्ष के पौधे

  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने की रुद्राक्ष वृक्षारोपण महाभियान की शुरुआत, 6 स्थानों पर स्वयं रोपे रुद्राक्ष के पौधे
  • रुद्राक्ष वृक्षारोपण महाभियान सरोजनीनगर: आस्था, विज्ञान और प्रकृति के संरक्षण का अनूठा संगम
  • अगले चरण में सभी 104 आरडब्लूए और 50 सार्वजनिक पार्कों में रोपे जायेंगे रुद्राक्ष के पौधे
  • रुद्राक्ष वृक्षारोपण महाभियान प्रकृति के संरक्षण के साथ धार्मिक, आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और औषधीय महत्व की अद्वितीय पहल

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपनी विधानसभा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की मुहिम को धार्मिक व औषधीय महत्व से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वृक्ष मां के नाम अभियान और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से अपनी मां तारा सिंह और पिता रण बहादुर सिंह की पुण्यस्मृति में रुद्राक्ष पौधों के वृक्षारोपण के महाभियान की शुरुआत की।

सावन महीने के चौथे सोमवार के मौके पर सरोजनीनगर के मंदिरों और दूसरे धार्मिक महत्व के स्थानों पर विधायक द्वारा उपलब्ध कराए 200 रुद्राक्ष के पौधे रोपे गए, इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और स्थानीय भाजपा नेता भी मौजूद रहे। आशियाना सेक्टर के स्थित श्री जगदम्बेश्वर महादेव मंदिर से 200 रुद्राक्ष पौधों के ‘रुद्राक्ष वृक्षारोपण महाभियान’ की शुरुआत करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह एक रुद्राक्ष का पौधा रोपा। उसकी सुरक्षा के लिए पौधे को ट्री गार्ड से घेरा गया, इस मौके पर मौजूद भाजपा पदाधिकारियों को विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने 20 आम के पौधे भी प्रदान किए।

रुद्राक्ष वृक्षारोपण महाभियान को आगे बढ़ाते हुए सरोजनीनगर विधायक ने श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर, वृन्दावन योजना सेक्टर -11, शीतला माता मंदिर के सामने श्री शिव मंदिर बिजनौर, ग्राम कुरौनी स्थित राजकीय हाई स्कूल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रुद्राक्ष का पौधा रोपा। राजकीय हाईस्कूल कुरौनी के एक प्रतिभावान छात्र अविनाश गौतम को विधायक ने लैपटॉप देकर सम्मानित भी किया। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता अर्चना रावत ने विधानसभा चुनाव के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह की जीत के लिए मानी गई घंटा बांधने की मन्नत भी पूरी की। कुरौनी के बाद विधायक ने सरोजनीनगर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बेहटा में रुद्राक्ष के पौधे रोपित। इस दौरान सभी स्थानों पर उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों और स्थानीय जनता को विधायक द्वारा तारा शक्ति केन्द्रों पर बने इको फ्रेंडली बैग्स में आम के पौधे भी उपलब्ध कराए गए। साथ ही हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत उपस्थित क्षेत्रवासियों के बीच राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा वितरित किया गया।

डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा सरोजनीनगर के 60 प्राचीन मंदिरों, पार्कों व अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर अबतक 200 हैण्डपंप लगवाए गये हैं, रुद्राक्ष वृक्षारोपण महा अभियान के अंर्तगत इन सभी जलसंतृप्त स्थलों पर 200 रुद्राक्ष के पौधे रोपे गए ताकि उनकी वृद्धि में जल की कमी बाधक न बनें, इसके अलावा आवश्यकता अनुसार पौधों को ट्री गार्ड से कवर भी किया गया। इस दौरान सरोजनीनगर विधायक ने रुद्राक्ष का महत्व बताते हुए कहा कि रुद्राक्ष शिव का स्वरूप है, शिव तथा रुद्राक्ष एक दूसरे के पूरक हैं, स्वयं रुद्र भी रुद्राक्ष धारण करके ही रुद्रत्व, मुनि सत्यसंकल्प और ब्रह्म ब्रह्मत्व को प्राप्त करते हैं।

शिव पुराण का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने बताया रुद्राक्ष का उत्पत्ति तब हुई जब भगवान शिव ने संसार की पीड़ा को देख कर गहन ध्यान में अश्रु बहाया। उस अश्रु की बूंदें धरती पर गिरकर वृक्षों में परिवर्तित हो गईं, जिनसे रुद्राक्ष फल उत्पन्न हुआ। रुद्राक्ष धारण करने से होने वाले लाभों का उल्लेख करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि रुद्राक्ष बौद्धिक क्षमता और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने में भी कारगर माना जाता है। रुद्राक्ष धारण करने से चिंता और तनाव से संबंधी परेशानियों में कमी आती है, उत्साह और ऊर्जा में वृद्धि होती है। रुद्राक्ष में आयरन, फॉस्फोरस, एल्युमीनियम, कैल्शियम, सोडियम और पोटैशियम तत्त्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। रुद्राक्ष के ये गुण शरीर के नर्वस सिस्टम को दुरुस्त रखते हैं। डॉ. सिंह ने आगे जोड़ा कि रुद्राक्ष वृक्षारोपण महा अभियान प्रकृति के संरक्षण के साथ धार्मिक, आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और औषधीय महत्व की अद्वितीय पहल है, इस पहले के पहले चरण में आज मंदिरों व अन्य सार्वजानिक स्थलों पर 200 रुद्राक्ष के पौधे रोपित किए गये, अगले चरण में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के सभी 104 रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी (आरडब्लूए) और सार्वजनिक पार्कों में रुद्राक्ष के पौधे रोपे जायेंगे।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में पार्षद श्री कौशलेंद्र द्विवेदी एवं के एन सिंह, पार्षद प्रतिनिधि कमलेश सिंह, लवकुश राव, संजीव अवस्थी एवं विमल तिवारी, मंडल अध्यक्ष शिव शंकर विश्वकर्मा, के.के. श्रीवास्तव, विवेक राजपूत एवं मोहित तिवारी, आर डी द्विवेदी, रीना उपाध्याय, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष नीता दीक्षित, करुणा सारस्वत, राजेश्वरी त्रिपाठी, सुनीता तिवारी, निशा सिंह, नीता मल्होत्रा, बबली त्रिवेदी, सुनीता लंबा, पूनम सिंह, मुकेश बाजपेयी, आशियाना रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष आर.के. पाण्डेय, महामंत्री ए.सी.अग्निहोत्री, सचिव अतुल टंडन, विपिन तिवारी, एम.एल.आहूजा,जगजीत सिंह, अखिलेश दीक्षित, संजीव मिश्रा, मनीष शुक्ला, पंकज त्रिपाठी, राहुल मिश्रा, सिद्धांत तिवारी, आनंद पाठक, बस्ती प्रमुख (RSS) नागेंद्र चौधरी, आमोद कुमार, जितेंद्र सिंह, अमरपाल सिंह राठौर, हरि राम गुप्ता, अनु त्रिपाठी, माया त्रिवेदी, खुशबू पाठक, सुशीला तिवारी, बीनू मिश्रा, राजेंद्र सिंह, फूल बदन सिंह, अनिकेत शुक्ला, कर्नल त्रिपाठी, जय मंगल सिंह, रश्मि सिंह, योगेंद्र द्विवेदी, जानकी अधिकारी, विनय सूदान, शेर अली ख़ान, सोनू माली, पवन सिंह, संजय लोधी, प्रियंका सिंह, डॉ इंदिरा सिंहा, सीमा यादव, गीता रावत, रामदुलारी, मुन्नी देवी, अंजली, सुमन, मुकेश द्विवेदी, राजन सिंह, गुडडू तिवारी, अरविंद दीक्षित, सुशील गुप्ता, अरुण द्विवेदी, अनुज शर्मा, सुरेंद्र राजपूत, अनुज पाल, शिवकुमार सिंह चौहान, बिंदादीन, राजन गुप्ता, ओमप्रकाश प्रजापति, अनुज पाल, मधु चौरसिया, सुहागवती चौरसिया, नवनीत वर्मा, रिंकू पाल, हिमांशु रावत, सुनील कुमार प्रजापति, विष्णु रावत, संतोष कुमारी पाल, रीना, सिया दुलारी, अर्चना गौतम, संतोष कुमारी, संगीता, जागेश्वरी, उषा, प्रमिला, सरोज पाल, नीति मौर्या, संजू सिंह, अजीत प्रताप सिंह, साधना गुप्ता, पूजा सिंह, पिंकी सिंह, मंजू, रश्मि सिंह, गीता रावत, सोनी तिवारी, हेमलता, अनीता, शशि गुप्ता, देवेश तिवारी, रजनीश श्रीवास्तव, राकेश तिवारी, लक्ष्मण, राजन गुप्ता, दशरथ यादव, हरिश्चंद्र, प्रदीप सिंह, सद्गुरु प्रसाद ,जितेंद्र कुमार जीतू, सीएचसी बेहटा अधीक्षक डॉ. सुधीर अधीक्षक, डॉ. मलेशिया, डॉ. विक्रम सिंह, सुधीर, राम पाल, शिवबक्श सिंह, नवीन तिवारी, राजेंद्र सिंह राजू, पूजा चौहान, अमृता वर्मा, आशा राजपूत, माया, अमृता सिंह, संतोष वर्मा, सुमन, रामेश्वरी, मीरा, अंजू सिंह, रामशरण प्रजापति, तिवारी लाल रावत, सोनू सिंह, जगन्नाथ लोधी आदि मौजूद रहे।

भारत का स्वतंत्रता दिवस: एक गर्व और स्मरण का दिन

भारत का स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को पूरे देश में गर्व और उमंग के साथ मनाया जाता है। यह दिन भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण दिवसों में से एक है। 15 अगस्त 1947 को भारत ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की थी और यह दिन देश की स्वतंत्रता और स्वाभिमान का प्रतीक बन गया।

स्वतंत्रता की लड़ाई

भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई एक लंबा और कठिन संघर्ष था, जो कई दशकों तक चला। 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुए अहिंसक आंदोलन तक, भारतीयों ने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संगठित रूप से संघर्ष किया। स्वतंत्रता संग्राम में अनेक महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, बाल गंगाधर तिलक और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेताओं ने इस संघर्ष को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की।

स्वतंत्रता दिवस का महत्व

स्वतंत्रता दिवस न केवल देश की आजादी का जश्न मनाने का दिन है, बल्कि यह हमें उस बलिदान की याद दिलाता है जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने किया था। यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक है और यह हमें एकजुट होकर राष्ट्र की सेवा करने की प्रेरणा देता है।

इस दिन, प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और पूरे देश को संबोधित करते हैं। इसके बाद, राष्ट्रगान गाया जाता है और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में भी स्वतंत्रता दिवस को धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग तिरंगा फहराते हैं और देशभक्ति गीत गाते हैं।

राष्ट्रीय एकता और विकास

स्वतंत्रता दिवस का महत्व केवल स्वतंत्रता प्राप्ति तक सीमित नहीं है। यह दिन राष्ट्रीय एकता, अखंडता और विकास का प्रतीक भी है। भारत, जो एक विविधता में एकता का उदाहरण है, इस दिन अपनी सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषाई विविधताओं को भी गर्व से मनाता है। स्वतंत्रता दिवस हमें याद दिलाता है कि हम सभी एक ही राष्ट्र के नागरिक हैं और हमें अपने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना है।

भविष्य की दिशा

स्वतंत्रता दिवस हमें यह सोचने का अवसर भी प्रदान करता है कि हम अपने देश के भविष्य को कैसे और बेहतर बना सकते हैं। स्वतंत्रता के बाद से, भारत ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। यह दिन हमें यह संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है कि हम अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक जिम्मेदारियों को समझें और देश की उन्नति में अपना योगदान दें।

संकल्प लें, मिलकर देश बढ़ाएंगे

भारत का स्वतंत्रता दिवस केवल एक सरकारी अवकाश नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय के लिए गर्व, सम्मान और प्रेरणा का स्रोत है। यह दिन हमें हमारी स्वतंत्रता की कीमत और इसके पीछे की कुर्बानियों को याद दिलाता है। 15 अगस्त को हम सबको यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने देश की उन्नति और समृद्धि के लिए मिलकर काम करेंगे और इसे एक महान राष्ट्र बनाएंगे।

जय हिंद!

आमजन के बेहतर इलाज के लिए यूपी में स्वास्थ्य सेवाएं और भी उत्कृष्ट बनाने में जुटे सीएम योगी आदित्यनाथ

  • निजी तौर और सरकार के रूप में भी स्वास्थ्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने में जुटे हैं सीएम योगी
  • गोरक्षपीठ से मिला सेवा का अनुभव अब प्रदेश स्तर पर हो रहा प्रभावी
  • स्वास्थ्य सबका अधिकार, योगी के लिए नारा नहीं संकल्प

लखनऊ: स्वास्थ्य हर किसी का अधिकार है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए सिर्फ नारा नहीं, संकल्प है। इस संकल्प को वह एक बार नहीं, न जाने कितनी बार दोहरा चुके हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए भी और उसके पूर्व बतौर सांसद भी। इस संबंध में वे सरकार की सीमाओं से भी वाकिफ हैं। इसलिए, शुरू से उनका जोर रहा है कि इस क्षेत्र में निजी लोगों, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं को भी अच्छे इरादे और जरूरतमंदों के सेवा भाव से प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए।

इसके लिए वे लगातार प्रयासरत भी हैं। निजी रूप से भी और सरकार के मुखिया के रूप में भी। आरोग्य मेले इसमें प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। बतौर सांसद, गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी और पीठाधीश्वर के रूप में पीठ से जुड़े गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय द्वारा आयोजित ऐसे स्वास्थ्य मेलों के आयोजन से उनको इसका असर भी पता है।

आरोग्य मेले साकार करेंगे सबके स्वास्थ्य का सपना

सरकार ने प्रदेश में 3388 प्राथमिक स्वास्थ्य केंदों पर 1 लाख 72 हजार आरोग्य मेलों के आयोजन की घोषणा की है। इन मेलों से करोड़ों लोगों को लाभ होगा। बुनियादी जांचों से उनको अपने रोग का पता चल जाएगा। रोग गंभीर हुआ तो वह पास के रेफरल केंद्र पर इलाज के लिए जा सकते हैं।

नए मेडिकल कॉलेज खुले, उपलब्ध चिकित्सा संस्थानों की गुणवत्ता बेहतर हुई

मरीज का समय और संसाधन बचे, इसके लिए योगी सरकार ने पहले से मौजूद जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया है। सरकार की एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज की धारणा भी इन्हीं प्रयासों की कड़ी है। पैसे के बिना किसी का इलाज न रुके, इसके लिए 5.11 करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। घर बैठे लोगों को एक्सपर्ट चिकित्सकों की सलाह मिल सके, इसके लिए सरकार ई संजवानी योजना के जरिये टेली मेडिसिन सेवा का लगातार विस्तार कर रही है। उपलब्ध अद्यतन आंकड़ों के अनुसार अब तक दो करोड़ से अधिक लोग इस सेवा का लाभ ले चुके हैं। यही नहीं गंभीर रोगों के इलाज के लिए भी योगी सरकार बेहद उदारता से मदद करती है। अपने हर जनता दरबार में मुख्यमंत्री अधिकारियों को इस बाबत निर्देश भी देते हैं। अब तक मुख्यमंत्री सहायता कोष से 1 लाख 88 हजार लोग लाभान्वित कराए जा चुके हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है।

प्रति व्यक्ति चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने पर जोर

सरकार की मंशा प्रति व्यक्ति चिकित्सकों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ बढ़ाकर प्रदेश की चिकित्सा को और बेहतर बनाने की है। इसीलिए मौजूदा मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, एमडी, एमएस और अन्य स्पेशलाइज उच्च पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इस क्रम में मौजूदा समय में प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की क्रमशः 4550 और 5600 सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा पीपीपी मोड की एमबीबीएस की सीटों की संख्या 350 है। नए मेडिकल कॉलेजों के बनने और इनको मान्यता मिलने पर इन सीटों की संख्या और बढ़ जाएगी। इसी तरह एमडी, एमएस और डिप्लोमा सीटों की संख्या 900 से बढ़कर 1543 हो गईं। निजी सेक्टर में 1775 सीटें इसके अलावा हैं।

नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ की संख्या बढ़ने से मरीजों को राहत

चिकित्सक द्वारा इलाज के बाद सर्वाधिक अहम होती है मरीजों को मिलने वाली नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की सुविधाएं। हर मरीज को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ की सुविधाएं मिलें, इसके लिए सात साल में योगी सरकार नर्सिंग और पैरा मेडिकल स्टॉफ की सीटों में क्रमशः 7000 और 2000 सीटों की वृद्धि कर चुकी है।

हेल्थ पैरामीटर के जरूरी मानक बताकर लोगों को जागरूक कर रहे हेल्थ एटीएम

जगह-जगह स्थापित हेल्थ एटीएम भी चंद मिनट में लोगों को उनके स्वास्थ्य संबंधी कई जरूरी पैरामीटर बताकर उनको उनके स्वास्थ्य के बारे में जागरूक कर रहे हैं। सरकार की मंशा हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हेल्थ एटीएम स्थापित करने की है।

हर जिले में उपलब्ध हुई डायलिसिस की सुविधा

हर जिले में डायलसिस की सुविधा, करीब 23000 आरोग्य मंदिरों की स्थापना, मिशन निरामया के तहत 300 संस्थाओं में नर्सिंग और पैरामेडिकल के पाठ्यक्रम शुरू करना भी ‘स्वास्थ्य हर किसी का अधिकार’ नारे को चरितार्थ करने की ही कड़ी है।

इलाज के साथ आरोग्य पर भी फोकस

सिर्फ इलाज ही नहीं, लोग निरोग रहें इसके लिए भी योगी सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। पौधरोपण में पोषण तत्वों का पावरहाउस कहे जाने वाले सहजन पर जोर, किचन गार्डन में आरोग्य वाटिका लगाने को प्रोत्साहित करना, जैविक और प्राकृतिक खेती, मोटे पर पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाजों (मिलेट्स) की खेती का प्रोत्साहन भी लोगों को निरोग रखने के प्रयासों का हिस्सा है।

सुभासपा: चारबाग स्थित रवींद्रालय में सुभासपा की महत्वपूर्ण बैठक आज

  • चारबाग स्थित रवीन्द्रालय में होगी सुभासपा की महत्वपूर्ण बैठक
  • ⁠बैठक में होगी राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा
  • ⁠प्रदेश पदाधिकारियों समेत कई जिलाध्यक्षों की भी होगी घोषणा
  • ⁠सुभासपा के चुनाव चिन्ह बदलने का भी होगा फ़ैसला, उपचुनाव पर बनेगी रणनीति
  • ⁠सदस्यता अभियान की होगी समीक्षा, जिला सदस्यता प्रभारियों की होगी घोषणा
  • ⁠वर्तमान में सुभासपा की कार्यकारिणी भंग चल रही है, आज नई कार्यक़ारिणी का भी होगा गठन