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लखनऊ विवि और पुलिस ने पिंक स्कूटी रैली निकाल दिया महिला सुरक्षा का संदेश

pink scooty rally
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  • योगी सरकार के मिशन शक्ति फेज-5 अभियान के तहत विवि के गेट नं. 3 से निकाली गयी पिंक स्कूटी रैली
  • रैली से सीएम योगी के महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का दिया गया संदेश
  • विवि वीसी और मिशन शक्ति नोडल अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर किया रैली को रवाना
  • हनुमान मंदिर, हजरतगंज चौराहा, गवर्नर हाउस, लोरेटो चौराहा होते हुए 1090 चौराहे पर समाप्त हुई रैली
  • रैली में शामिल हुईं 250 से अधिक पिंक स्कूटी, छात्राओं में दिखा खासा उत्साह

लखनऊ, 25 नवंबर2024 : योगी सरकार प्रदेशभर में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम चला रही है। सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेशभर में लगातार मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में मिशन शक्ति फेज-5 के तहत सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्राओं और लखनऊ पुलिस की ओर से पिंक स्कूटी रैली निकाली गयी। रैली के माध्यम से प्रदेशभर में महिला सुरक्षा के प्रति जागरुकता फैलाने का संदेश दिया गया। रैली को वीसी और मिशन शक्ति नोडल अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में 250 से अधिक पिंक स्कूटी शामिल हुईं।

महिला सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना है उद्देश्य

लखनऊ विश्वविद्यालय के वीसी आलोक राय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के संस्थापक दिवस पर मिशन शक्ति फेज-5 के तहत विवि के गेट नंबर 3 से लखनऊ पुलिस के सहयोग से 250 से अधिक पिंक स्कूटी रैली को रवाना किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में बेटियां और महिला आरक्षी शामिल हुईं। इसका मुख्य उद्​देश्य प्रदेशभर में महिला सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना है। विवि मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी डॉ. मानिनी श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘मिशन शक्ति’ अभियान से आज प्रदेश की महिलाएं स्वयं को सशक्त और सुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि रैली को सुबह 9 बजे रवाना किया गया, जो हनुमान सेतु स्थित हनुमान मंदिर, हजरतगंज चौराहा, गवर्नर हाउस, लोरेटो चौराहा होते हुए 1090 चौराहे पर 10:30 बजे समाप्त हुई। वीसी ने कहा कि पिंक स्कूटी रैली मिशन शक्ति अभियान का हिस्सा है, जो महिलाओं की सुरक्षा (Safety),सम्मान (Dignity)और स्वावलंबन (Self-Reliance)को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। वीसी ने महिला सशक्तिकरण के लिए शैक्षणिक संस्थानों, पुलिस विभाग और समुदाय के बीच सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

रैली से दिया गया मिशन शक्ति के उद्​देश्यों को सशक्त करने का संदेश

मिशन शक्ति पिंक स्कूटी रैली में बड़ी संख्या में छात्रों, डीन, विभागाध्यक्षों और संकाय सदस्यों ने बाइक और कार से भाग लिया। महिला पुलिसकर्मियों ने पिंक स्कूटी और एसयूवी पर भागीदारी निभायी। सभी ने मिलकर जागरूकता बढ़ाने और मिशन शक्ति के उद्देश्यों को सशक्त करने का संदेश दिया। प्रो-वाइस चांसलर प्रो. मनुका खन्ना ने शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, जो महिलाओं के अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता फैलाने पर आधारित रहा। विवि की मिशन शक्ति नोडल अधिकारी डॉ. मानिनी श्रीवास्तव ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकलकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। साथ ही लखनऊ पुलिस के साथ मिलकर यह संदेश फैला रहा है कि मिशन शक्ति आंदोलन को आगे ले जाने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। यह रैली भी उसी का हिस्सा है।

उपचुनाव जीतने के बाद काल भैरव व बाबा विश्वनाथ का आशीष लेने पहुंचे सीएम

up cm at baba vishvanath
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  • 10 दिन के भीतर दूसरी बार काशी पहुंचकर मुख्यमंत्री ने लगाई हाजिरी
  • मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से किया स्वागत
  • सीएम ने की देश-प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना

वाराणसी, 25 नवंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद सोमवार को काशी कोतवाल काल भैरव व बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने पहुंचे। दस दिन के भीतर सीएम योगी ने दूसरी बार बाबा के चरणों में श्रद्धा निवेदित की। मुख्यमंत्री इसके पहले 15 नवंबर को देव दीपावली पर वाराणसी आए थे। इस दौरान उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने काशी कोतवाल बाबा काल भैरव के दर्शन-पूजन कर आरती उतारी। उन्होंने यहां विधि विधान से पूजा की।

इसके बाद उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। बाबा के गर्भगृह में जाकर षोडशोपचार पूजन कर उन्होंने लोक कल्य़ाण की कामना की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से उनका स्वागत किया तो मुख्यमंत्री ने भी हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकारा।

बाबा विश्वनाथ के दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ द्वार से जल मार्ग के जरिये डोमरी में चल रहे सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा में शामिल हुए।

शिक्षा जगत का सितारा है यूपी कॉलेज : सीएम योगी आदित्यनाथ

शिक्षा जगत का सितारा है यूपी कॉलेज: सीएम योगी
शिक्षा जगत का सितारा है यूपी कॉलेज: सीएम योगी
  • वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज के 115वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित
  • प्रत्येक क्षेत्र में मिलते हैं उदय प्रताप कॉलेज के विद्यार्थीः सीएम
  • पहले आर्टिकल बनाने में लगते थे घंटों, आज चैट जीपीटी में जाकर तीन से चार मिनट में मिलती है ढेर सारी सामग्रीः योगी
  • काल का चक्र बड़ा विचित्र होता है, जो उस प्रवाह के साथ चल पड़ता है, वही आगे बढ़ता हैः मुख्यमंत्री
  • योगी ने बच्चों का किया मार्गदर्शन- “एआई, रोबोटिक, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एग्रीकल्चरल में जीन एडिटिंग तक पहुंच चुके हैं, इससे भागिए मत, बल्कि इसके अनुरूप तैयारी कीजिए”

वाराणसी/लखनऊ, 25 नवंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी कॉलेज शिक्षा जगत का सितारा है। कॉलेज ने एक सदी में शिक्षा और जीवन के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में जो कार्य किए, उसके प्रति केवल वाराणसी, पूर्वी यूपी व बिहार ही नहीं, बल्कि यूपी व देश विनम्र भाव से कृतज्ञता ज्ञापित करता है। राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव ने 1909 में बाबा विश्वनाथ की पावन स्थली पर जो नींव रखी थी, वह उनके विराट व्यक्तित्व को प्रदर्शित करता है। उनके मन में यह भाव रहा होगा कि राष्ट्रीयता से ओतप्रोत भावी भारत के निर्माण के लिए ऐसा शिक्षण-प्रशिक्षण संस्था देना है, जो आजादी के आंदोलन को गति और आवश्यकता पड़ने पर प्रत्येक क्षेत्र में देश को योग्य नागरिक भी दे सके। यहां से शिक्षित-प्रशिक्षित स्नातक, परास्नातक, खिलाड़ी, कृषि, डेयरी समेत प्रत्येक क्षेत्र में मिलते हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उदय प्रताप कॉलेज के 115वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया। सीएम ने राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव की प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया। कॉलेज के बच्चों ने कुलगीत व स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सीएम ने आश्वासन दिया कि सचिव से मिले प्रतिवेदन को बढ़ाने में सरकार मदद करेगी।

युवा शक्ति की भावना को कैद करके नहीं रख सकते

सीएम योगी ने कहा कि युवा शक्ति की उपेक्षा कर कोई देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता। हमें उनकी भावनाओं को सम्मान और उचित अवसर देना होगा। जिस देश की युवाशक्ति कुंठित, अपराधबोध से ग्रसित और दिग्भ्रमित हो, वह देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता। जब भी परिवर्तन हुआ या होगा, युवा शक्ति ही करेगी। युवा शक्ति को केंद्र बिंदु के रूप में रखकर संस्थानों को खुद को तैयार करना होगा।

सीएम योगी ने युवावस्था में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, भगवान बुद्ध, आदि शंकराचार्य, श्रीकृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, उनके चार-चार साहिबजादों , स्वामी विवेकानंद, वीर सावरकर, राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखऱ आजाद, अशफाक उल्ला खां, राजेंद्र प्रसाद लाहिड़ी के कृतित्व व व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए कहा कि युवाओं की लंबी फौज ने जब भी अंगड़ाई ली है, भारत ने नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय व उदय कॉलेज ने देश व समाज के लिए बहुत कुछ किया

सीएम योगी ने कहा कि राजर्षि की 175वीं वर्षगांठ के कारण यह वर्ष उदय प्रताप कॉलेज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजर्षि उदय प्रताप सिंह भिनगा स्टेट (श्रावस्ती) के राजा थे, लेकिन विद्या का केंद्र होने के कारण उन्होंने काशी को ही सबसे उपयुक्त माना। 1909 में यूपी कॉलेज और 1916 में मदन मोहन मालवीय द्वारा काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। इन संस्थानों ने देश व समाज के लिए बहुत कुछ किया।

काल का चक्र किसी का इंतजार नहीं करता

सीएम ने कहा कि जीवन में कार्य की सुगमता हो। उन्होंने आह्वान किया कि व्यवस्था ऑनलाइन व सरलीकरण होने चाहिए। किसी भी शिक्षण संस्थान को मान्यता के लिए मोटे पोथे की बजाय एक पेज का कागज भरकर एफिडेविट लगा देना चाहिए। उदय प्रताप कॉलेज के पास क्षमता है कि ऑटोनमस सेंटर-कैंपस बने। इस संस्था ने चेतनारायण सिंह जैसे अच्छे शिक्षक भी दिए हैं। यह संस्था निजी विश्वविद्यालय के रूप में भी आवेदन करता है तो किसी भी शिक्षक की सेवा पर विपरीत असर नहीं पड़ेगा। नए पाठ्यक्रम के साथ खुद को जोड़कर कैंपस को बढ़ाने का अवसर प्राप्त होगा। आप सेंटर ऑफ एक्सीलेंस दे पाएंगे। सीएम ने कहा कि काल का चक्र बड़ा विचित्र होता है, वह किसी का इंतजार नहीं करता। जो उस प्रवाह के साथ चल पड़ता है, वह आगे बढ़ता है और जो रूक जाता है, वह पिछड़ जाता है।

पहले आर्टिकल बनाने में लगते थे घंटों, आज चैटजीपीटी में जाकर तीन से चार मिनट में मिलती है ढेर सारी सामग्री

सीएम योगी ने कहा कि टेक्नोलॉजी बहुत आगे बढ़ चुकी है। एक समय था, जब एक ऑर्टिकल बनाने में चार, छह, दस-20 घंटे लगते थे। आज चैट जीपीटी में जाकर तीन से चार मिनट में ढेर सारी सामग्री मिल जाएगी। यह ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सॉफ्टवेयर है। अपनी रूचि के अनुसार शब्दों का स्वरूप देकर इसे बढ़ा सकते हैं। सीएम ने बच्चों से कहा कि एआई, रोबोटिक, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एग्रीकल्चरल में जीन एडिटिंग तक पहुंच चुके हैं। भागिए मत, इससे समस्या का समाधान नहीं होने वाला है, बल्कि उसके अनुरूप तैयारी कीजिए। टेक्नोलॉजी, विज्ञान व नए ज्ञान से भागेंगे तो ठिकाना नहीं मिलेगा। उससे दस कदम आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

संस्था से निकला छात्र योग्य नागरिक बनकर दिलाएगा पहचान

सीएम योगी ने कहा कि विज्ञापन स्थायी रूप से पहचान नहीं बन सकते, बल्कि संस्था से निकला छात्र योग्य नागरिक बनकर पहचान दिलाएगा। सीएम ने कॉलेज प्रशासन से कहा कि लॉ के पांच वर्षीय कोर्स, शिक्षा संकाय में भी नए-नए सुधार कर आगे बढ़िए, रोबोटिक, ड्रोन टेक्नोलॉजी, एआई, चैट जीपीटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मेडिकल फील्ड में हो रहे नए कार्यों को लेकर कार्यक्रम बढ़ाइए। सीएम ने क्वालिटी पर जोर देते हुए कहा कि आज का समय उत्कृष्टता का है। हम दूसरों के पीछे न जाएं, बल्कि हमारे कार्यों से लोग हमें फॉलो करें। परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। शॉर्टकट का रास्ता कभी मंजिल तक नहीं पहुंचा सकता। नियमों का पालन कीजिए। शासन के नियम, सुशासन की स्थापना और सर्वसमावेशी समाज के निर्माण के लिए होते हैं। उसका पालन कर रहे हैं तो कानून संरक्षण व सम्मान देगा।

प्रो. यूपी सिंह व ललित उपाध्याय भी यहीं के छात्र, दिया सुझाव- पुरातन छात्रों को जोड़िए

सीएम ने बताया कि गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर द्वारा संचालित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. उदय प्रताप सिंह हैं। वे गोरखपुर में रहते हैं, गणित के विद्वान हैं। गोरखपुर विश्वविद्यालय के गणित विभाग के विभागाध्यक्ष, प्रति कुलपति और बाद में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। उन्होंने आज सुबह मुझे बताया कि मैं भी यूपी कॉलेज में पांच वर्ष रहकर पढ़ा हूं। उन्होंने बताया कि यूपी कॉलेज में घुड़सवारी, खेल, संध्या वंदन के कार्यक्रम होते थे। ऊंचाई प्राप्त करने के बाद 95 वर्ष की आयु में भी वे पुरातन संस्था को स्मरण करते हैं। गत वर्ष ओलंपिक में भारत को मेडल प्रदान करने वाले हॉकी खिलाड़ी ललित कुमार उपाध्याय को सरकार ने डिप्टी एसपी पद से नवाजा है। वे भी यूपी कॉलेज से पढ़े हैं। सीएम ने सुझाव दिया कि अपने पुरातन छात्रों को जोड़िए। डिजिटली सबकी जानकारी रखिए। हर वर्ष प्रोग्रेस रिपोर्ट में जोड़िए कि पुरातन छात्र कहां-कहां कार्य कर रहे हैं।

समारोह में उदय प्रताप शिक्षा समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डीपी सिंह, सचिव न्यायमूर्ति एसके सिंह, प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी, विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, सुशील सिंह, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, महापौर अशोक तिवारी, प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

लखनऊ से दुधवा हवाई सेवा संग “लखीमपुर महोत्सव-24” का आगाज

lakheempur mahotsav
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  • योगी सरकार के ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्​देश्य से शुरू की गई हवाई सेवा, अब 45 मिनट में पहुंचेंगे दुधवा
  • पयर्टन एवं वन मंत्री ने लखनऊ से दुधवा का हवाई सफर कर किया सेवा का शुभारंभ
  • मंत्री ने दुधवा में तराई की मिट्टी का उत्सव, लखीमपुर महोत्सव-24 का किया शुभारंभ
  • डीएम की पहल पर पहली बार आयोजित किया जा रहा है लखीमपुर महोत्सव

लखनऊ / लखीमपुर खीरी, 25 नवंबर 2024: योगी सरकार ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं प्रदेश के प्रमुख ईको पर्यटन क्षेत्रों में एयर कनेक्टिविटी सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को लखनऊ से दुधवा राष्ट्रीय उद्यान लखीमपुर खीरी के लिए ईको टूरिज्म के तहत हवाई सेवा शुरू हुई। सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन एवं वन मंत्री ने हवाई सेवा से लखनऊ से दुधवा राष्ट्रीय उद्यान पहुंचकर सेवा का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने खीरी की अनूठी पहल ‘तराई की मिट्टी का उत्सव, लखीमपुर महोत्सव-24’ का उद्धाटन किया। इसी के साथ महोत्सव का आगाज हो गया, जो 28 नवंबर तक विभिन्न जगहों पर चलेगा।

अब पर्यटक हवाई सेवा से 45 मिनट में पहुंच सकेंगे दुधवा

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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ईको टूरिज्म एवं पर्यटकों को एयर कनेक्टिविटी की सुविधा प्रदान करने के लिए लखनऊ से दुधवा हेलीकाप्टर सुविधा का शुभारंभ किया गया। यह सुविधा पर्यटकों को महज प्रति पर्यटक 5 हजार रुपये में उपलब्ध होगी। इससे पर्यटकों का काफी समय बचेगा। उन्होंने बताया कि अभी लखनऊ से दुधवा राष्ट्रीय उद्यान सड़क मार्ग से पहुंचने में 4:30 घंटे का समय लगता है। वहीं हवाई सेवा के जरिये पर्यटक 45 मिनट में दुधवा पहुंच सकेंगे। योगी सरकार की पहल से दुधवा में पयर्टकों की संख्या में खासा इजाफा होगा। पयर्टन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना सोमवार को हवाई सेवा से पलिया हवाई पट्टी पर पहुंचे। यहां पर डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद दाेनों मंत्री दुधवा राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे, जहां पर ‘तराई की मिट्टी का उत्सव, लखीमपुर महोत्सव-24’ का उद्धाटन किया। यह सुविधा पर्यटकों को सप्ताह में चार दिन मिलेगी। इसमें हर शनिवार और रविवार को विशेष रूप से हवाई सेवा की सुविधा मिलेगी। वहीं जल्द अन्य दो दिन हवाई सेवा के निर्धारित कर दिये जाएंगे। उन्होंने बताया कि हवाई सेवा के सफल परिणाम को देखते हुए आने वाले दिनों में सेवा सातें दिन मिलेगी।

तराई की मिट्टी का उत्सव, लखीमपुर महोत्सव में थारू नृत्य ने सभी को मोहा

पर्यटन एवं वन मंत्री ने दीप जलाकर खीरी के पहले महोत्सव ‘तराई की मिट्टी का उत्सव, लखीमपुर महोत्सव-24’ का उद्धाटन किया। इस दौरान ईको विकास समिति की महिला कलाकारों ने थारू संस्कृति के रंग बिखेर सभी का मन मोह लिया। उन्हाेंने पारंपरिक थारू नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मंत्रमुग्ध कर दिया। डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के हर जिले की विरासत, संस्कृति और पैराणिक धरोहर का प्रचार प्रसार और संरक्षित करने पर जोर देते हैं। इसी क्रम में पहली बार खीरी में लखीमपुर महोत्सव-24 का आयोजन किया गया। इसी थीम ‘तराई की मिट्टी का उत्सव, लखीमपुर महोत्सव-24’ रखी गयी है। उन्होंने बताया कि महोत्सव 28 नवंबर तक विभिन्न पैराणिक स्थानों पर रोजाना होगा। डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल ने बताया कि 25 नवंबर को दुधवा राष्ट्रीय उद्यान में ‘प्रकृति एवं परमात्मा की भूमि’ शीर्षक पर महोत्सव का आगाज किया गया। इसी तरह शाम को लखीमपुर उत्सव- रंग, तरंग, मनोरंजन मंच, 26 को कोटवारा ग्राम में लोक कला का संगम, 27 को छोटी काशी में आध्यात्मिक शांति का केंद्र और 28 नवंबर को मेंढक मंदिर में हमारी विरासत शीर्षक पर आधारित महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।

महाकुम्भ 2025: प्रयागराज के रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन में उपलब्ध होगा त्रिवेणी का पावन जल

mahakumbh moonj & gangajal
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  • नारी सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा प्रयागराज महाकुम्भ, श्रद्धालुओं को बोतल बंद गंगाजल उपलब्ध कराएंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
  • राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की 1000 महिलाओं को दी गई जिम्मेदारी
  • मूंज की इकोफ्रेंडली डलियों में की जा रही है गंगा जल की पैकिंग
  • महाकुम्भ में भीड़ के चलते यात्रियों को गंगा जल उपलब्ध कराने के लिए शुरू हो रहा है स्टार्ट अप

प्रयागराज/लखनऊ, 25 नवंबर 2024: प्रयागराज महाकुम्भ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का प्रशासन का अनुमान है। त्रिवेणी के तट पर आने आने वाले हर श्रद्धालु की ख्वाहिश होती है कि वह यहां के त्रिवेणी का पावन जल लेकर वापस घर जाएं। महाकुम्भ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की इस ख्वाहिश को देखते हुए प्रदेश की योगी सरकार अब रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन में ही त्रिवेणी का जल उपलब्ध कराएगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की इसकी जिम्मेदारी दी गई है।

इकोफ्रेंडली मूंज से बनी डलियों में होगी पैकिंग

त्रिवेणी का जल धातु से बने कलश और बोतलों में होगा जिसे खूबसूरत और सुरक्षित आधार प्रदान करने के लिए मूंज की डिजाइनर डलियां तैयार की गई हैं। प्रयागराज के एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) मूंज को इसके लिए खास तौर पर चुना गया है। नैनी के महेवा गांव मूंज के उत्पाद बनाने वाली महिलाओं ने इसके लिए डिजाइनर डलियां बनाई हैं। यह त्रिवेणी का जल एक लीटर,आधा लीटर और 250 मिली के पैकिंग में होंगी । इससे जिले के ओडीओपी की ब्रांडिंग भी होगी।

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में मिलेगा त्रिवेणी का बोतल बंद पावन जल

पुण्य भूमि प्रयागराज की पहचान है यहां का तीन पावन नदियों का वह संगम जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन होता है। इसी वजह से यहां के इस पवित्र जल का विशिष्ट महत्व है। माघ मेला, कुम्भ और महाकुम्भ में यहां लोग स्नान करने आते हैं और अपने साथ संगम का जल ले जाते हैं। महाकुम्भ में अधिक भीड़ होने के चलते बड़ी संख्या में लोगों को त्रिवेणी का पावन जल नहीं मिल पाता है। लेकिन इस बार महाकुम्भ में श्रद्धालुओं को इसके लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। शहर के सभी बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर बोतल बंद और कलश में त्रिवेणी का जल उपलब्ध होगा। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस जिम्मेदारी को निभाएंगी। उपायुक्त एनआरएलएम राजीव कुमार सिंह बताते हैं कि महाकुम्भ को देखते हुए यह विशेष व्यवस्था सरकार के निर्देश पर की जा रही है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की एक हजार महिलाएं उठाएंगी जिम्मेदारी

महाकुम्भ से पहले प्रयागराज में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व धार्मिक स्थानों पर गंगाजल उपलब्ध कराएंगी। उपायुक्त एनआरएलएम राजीव कुमार सिंह के मुताबिक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में यह स्टार्ट अप शुरू किया जा रहा है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन एक हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इसके लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन महिलाओं को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व अन्य धार्मिक स्थानों पर गंगाजल की बिक्री का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगर इन महिलाओं का काम अच्छा रहा तो इनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर भी बनेंगी। इसका पूरा खाका तैयार किया जा चुका है। रेल और परिवहन विभाग के अधिकारियों से भी इसे लेकर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।