अब पालतू जानवरों के साथ यात्रा करना पहले की तुलना में काफी सुविधाजनक हो गया है। कैब, बस और ऑटो के बाद अब भारतीय रेलवे ने भी यात्रियों के लिए पेट-फ्रेंडली सुविधाओं को बेहतर बनाया है। खासकर नई Vande Bharat Express स्लीपर ट्रेनों में “पेट बॉक्स” सुविधा शुरू होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।
क्या है ‘पेट बॉक्स’ सुविधा?
पेट बॉक्स ट्रेन में बनाया गया एक सुरक्षित और अलग कम्पार्टमेंट होता है, जहां पालतू जानवर आराम और सुरक्षा के साथ सफर कर सकते हैं। इसे आमतौर पर ट्रेन के आखिरी हिस्से के पास रखा जाता है ताकि अन्य यात्रियों को असुविधा न हो।
कैसे करें बुकिंग?
फिलहाल पेट बॉक्स की ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध नहीं है। इसके लिए यात्रियों को स्टेशन के पार्सल या लगेज ऑफिस में जाकर प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
बुकिंग के दौरान ध्यान रखने वाली बातें:
- ट्रेन छूटने से कम से कम 3 घंटे पहले स्टेशन पहुंचें
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जरूरी होता है
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद पालतू जानवर के लिए अलग टिकट जारी किया जाता है
कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
यात्रा के लिए कुछ जरूरी कागजात साथ रखना अनिवार्य है:
- वेटरनरी डॉक्टर द्वारा जारी फिटनेस सर्टिफिकेट
- यात्रा से 24–48 घंटे के भीतर बना हुआ हेल्थ सर्टिफिकेट
- वैक्सीनेशन रिकॉर्ड
जरूरी दस्तावेज न होने पर बुकिंग रद्द की जा सकती है।
किराया कैसे तय होता है?
पालतू जानवर का किराया उसके वजन के आधार पर तय किया जाता है। सामान्य तौर पर लगभग ₹30 प्रति किलो के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। यह भुगतान बुकिंग के समय ही करना होता है।
किन शर्तों का पालन जरूरी है?
- यात्री के पास उसी ट्रेन का कन्फर्म टिकट होना चाहिए
- RAC या वेटिंग टिकट पर यह सुविधा नहीं मिलेगी
- सभी ट्रेनों और रूट्स पर पेट बॉक्स उपलब्ध नहीं है, इसलिए पहले जानकारी जरूर लें
सफर के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
- पेट को आरामदायक और सुरक्षित रखें
- पानी और जरूरी सामान साथ रखें
- ज्यादा गर्म मौसम में यात्रा से बचें
- लंबे सफर में पेट की स्थिति पर नजर रखें
अगर सही तैयारी के साथ यात्रा की जाए, तो ट्रेन में पालतू जानवरों के साथ सफर अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो गया है।

































