अगर आप पहाड़ों की भीड़ से दूर किसी शांत और खूबसूरत जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो सिक्किम का जुलूक (Zuluk) आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। समुद्र तल से हजारों फीट की ऊंचाई पर बसा यह छोटा-सा गांव अपनी घुमावदार सड़कों, बादलों से घिरी पहाड़ियों और हिमालय के शानदार दृश्यों के लिए जाना जाता है।
अगर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की लोकप्रिय जगहों पर कई बार घूम चुके हैं, तो इस बार सिक्किम की ऑफबीट यात्रा का प्लान बनाया जा सकता है।
पहाड़ों के बीच खूबसूरत जुलूक
जुलूक सिक्किम के पूर्वी हिस्से में स्थित एक छोटा पहाड़ी इलाका है। करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर होने के कारण यहां का मौसम और प्राकृतिक वातावरण काफी अलग अनुभव देता है।
चारों ओर पहाड़, बादलों की आवाजाही और शांत माहौल इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षक बनाते हैं। यहां परिवार, दोस्तों या कपल्स के साथ ट्रिप प्लान की जा सकती है।
पुराने सिल्क रूट से जुड़ा है इतिहास
जुलूक की खूबसूरती के साथ इसका ऐतिहासिक महत्व भी है। यह क्षेत्र पुराने सिल्क रूट का हिस्सा रहा है। कभी यह व्यापारिक मार्ग जेलेप ला दर्रे के रास्ते तिब्बत के ल्हासा क्षेत्र से जुड़ा हुआ था।
आज भी यहां घूमते हुए पुराने व्यापारिक रास्तों और पहाड़ी मार्गों की झलक देखने को मिलती है।
थंबी व्यू पॉइंट से दिखता है कंचनजंघा
जुलूक यात्रा के दौरान थंबी व्यू पॉइंट को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें। मौसम साफ होने पर यहां से हिमालय की ऊंची चोटियों और कंचनजंघा के शानदार दृश्य दिखाई दे सकते हैं।
सुबह के समय यहां का नजारा खास तौर पर खूबसूरत माना जाता है, जब सूरज की रोशनी पहाड़ों पर पड़ती है।
नाथंग वैली में बादलों के बीच सफर
जुलूक से आगे नाथंग वैली का सफर भी काफी रोमांचक है। ऊंचाई पर स्थित इस इलाके में कई बार बादल इतने करीब नजर आते हैं कि ऐसा महसूस होता है जैसे आप बादलों के बीच चल रहे हों।
प्रकृति और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए यह जगह शानदार अनुभव दे सकती है।
एलिफेंट लेक भी देखें
ओल्ड सिल्क रूट पर स्थित एलिफेंट लेक, जिसे कुपुप झील या बिटांग छो के नाम से भी जाना जाता है, यहां के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।
झील का आकार कुछ हद तक हाथी जैसा दिखाई देता है, जिसकी वजह से इसे एलिफेंट लेक कहा जाता है। पहाड़ों के बीच मौजूद यह झील आसपास के प्राकृतिक दृश्य को और खूबसूरत बना देती है।
जुलूक की पहचान हैं जिग-जैग सड़कें
जुलूक की यात्रा का सबसे रोमांचक हिस्सा यहां की घुमावदार जिग-जैग सड़कें हैं। पहाड़ों पर एक के बाद एक बने मोड़ दूर से बेहद शानदार दिखाई देते हैं।
रोड ट्रिप पसंद करने वालों के लिए यह रास्ता यात्रा को यादगार बना सकता है। हालांकि पहाड़ी इलाका होने के कारण वाहन चलाते समय सावधानी बेहद जरूरी है।
जुलूक घूमने का सही समय
जुलूक की यात्रा के लिए आमतौर पर मार्च से मई और सितंबर से नवंबर के बीच का समय अच्छा माना जाता है। इन महीनों में मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहता है और साफ मौसम मिलने पर हिमालयी नजारे बेहतर दिखाई दे सकते हैं।
सर्दियों में यहां काफी ठंड पड़ सकती है और बर्फबारी के कारण कुछ रास्तों पर यात्रा प्रभावित भी हो सकती है।
कैसे पहुंचें जुलूक?
अगर आप ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं तो न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन (NJP) पहुंच सकते हैं। हवाई यात्रा के लिए बागडोगरा एयरपोर्ट एक प्रमुख विकल्प है।
इसके बाद सड़क मार्ग से गंगटोक और आगे रोंगली होते हुए जुलूक की ओर जाना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यात्रा में समय लग सकता है।
यात्रा से पहले परमिट और सड़क की मौजूदा स्थिति जरूर जांच लें, क्योंकि जुलूक सीमा क्षेत्र के करीब स्थित है और यहां कुछ इलाकों में प्रवेश के लिए अनुमति की आवश्यकता हो सकती है।


































