
लखनऊ, 30 अप्रैल 2026: राजधानी लखनऊ एक बार फिर पूरे देश में अपनी शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए चर्चा में है। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) के छात्रों ने आई.एस.सी. (कक्षा-12) और आई.सी.एस.ई. (कक्षा-10) बोर्ड परीक्षाओं में इस वर्ष ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने न केवल पिछले रिकॉर्ड तोड़े हैं बल्कि यह भी साबित किया है कि लखनऊ अब देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में मजबूती से स्थापित हो चुका है।

इस वर्ष आई.एस.सी. बोर्ड परीक्षा में सीएमएस के चार मेधावी छात्रों- ओशीन अग्रवाल, संस्कृति चंदेल, जैनब फातिमा और छवि मिश्रा- ने 99.75 प्रतिशत अंक हासिल कर शीर्ष उपलब्धि दर्ज की। वहीं आई.सी.एस.ई. (कक्षा-10) में वैवस्वत नारायण दुबे ने 99.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराया।

उनके अलावा जहरा फातिमा और अनय अग्रवाल ने 99.60 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि अफशान अहमद, दिव्यांश कुशवाहा और फरहीन खान ने 99.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि इस वर्ष सीएमएस के कुल 62 छात्रों ने 99 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किए, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इनमें 42 छात्र आई.एस.सी. और 20 छात्र आई.सी.एस.ई. के शामिल हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि विद्यालय में केवल टॉपर्स ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में छात्र उच्च स्तर की शैक्षिक गुणवत्ता हासिल कर रहे हैं।

अगर समग्र परिणाम की बात करें तो इस वर्ष सीएमएस से कुल 7030 छात्रों ने बोर्ड परीक्षाओं में भाग लिया। इनमें से 3709 छात्रों (लगभग 52.8%) ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जो किसी भी संस्थान के लिए बेहद बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इसके अलावा 1441 छात्रों (20.5%) ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए, जो यह दर्शाता है कि यहां उत्कृष्टता केवल कुछ छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यापक शैक्षणिक संस्कृति का हिस्सा है।
और भी खास बात यह है कि 1013 छात्रों ने एक या अधिक विषयों में पूरे 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। यह उपलब्धि इस ओर संकेत करती है कि छात्रों की विषयों पर पकड़ कितनी गहरी और मजबूत है।
सीएमएस की संस्थापिका-निदेशिका ने इस शानदार सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों की समर्पित शिक्षण शैली और अभिभावकों के निरंतर सहयोग का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि छात्रों के समग्र व्यक्तित्व का विकास करना है।
वहीं विद्यालय की प्रबंधक ने बताया कि सीएमएस में पारंपरिक रटने की पद्धति के बजाय ‘समझ आधारित शिक्षा’ (Conceptual Learning) और ‘क्षमता आधारित मूल्यांकन’ (Competency-Based Assessment) को प्राथमिकता दी जाती है। पिछले चार वर्षों में अपनाई गई इस आधुनिक शिक्षण पद्धति का ही यह परिणाम है कि छात्र न केवल अच्छे अंक ला रहे हैं, बल्कि विषयों की गहराई को भी समझ रहे हैं।
सीएमएस के हेड कम्युनिकेशन्स ने जानकारी दी कि इन मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के लिए 2 मई को गोमती नगर एक्सटेंशन कैंपस के ऑडिटोरियम में एक भव्य ‘सम्मान समारोह’ आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में 3709 छात्रों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने 90 प्रतिशत से लेकर 99.80 प्रतिशत तक अंक प्राप्त किए हैं।
इस अवसर पर 19 टॉपर्स को, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर उच्च स्थान प्राप्त किया है, एक-एक लाख रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा 43 अन्य छात्रों को, जिन्होंने 99 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, 21,000 रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। इस प्रकार कुल 62 अति-मेधावी छात्रों को मिलाकर 28 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी।
कार्यक्रम से पहले, 2 मई की सुबह 7:45 बजे टॉपर छात्र ‘विक्ट्री मार्च’ निकालेंगे। यह मार्च मकदूमपुर पुलिस स्टेशन से शुरू होकर सीएमएस गोमती नगर एक्सटेंशन कैंपस ऑडिटोरियम तक पहुंचेगा। इस मार्च का उद्देश्य छात्रों की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करना है।
कुल मिलाकर, सीएमएस के इस अभूतपूर्व परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि शिक्षा में गुणवत्ता, अनुशासन और आधुनिक पद्धतियों का समावेश किया जाए, तो छात्र राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। लखनऊ का यह संस्थान एक बार फिर देशभर के स्कूलों के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है।


































