
लखनऊ, 30 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए आज का दिन संवेदनशीलता और कल्याणकारी पहल का प्रतीक रहा। पुलिस महानिदेशक ने आकस्मिक दुर्घटनाओं में मृत और दिव्यांग पुलिस कर्मियों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान किया।

जिसके तहत कुल 41 करोड़ 60 लाख रुपये के चेक वितरित किए। इस सहायता का लाभ 22 मृत पुलिस कर्मियों के परिजनों और 5 दिव्यांग पुलिस कर्मियों सहित कुल 27 लोगों को मिला।

इस दौरान और के बीच पुलिस सैलरी पैकेज (PSP) के नवीनीकरण हेतु 3 वर्षों के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए, जो पुलिस कर्मियों के कल्याण को नई मजबूती देगा।

खास तौर पर जीआरपी गोंडा में तैनात आरक्षी आकाश सिंह का मामला भावुक कर देने वाला रहा, जो एक अभियुक्त को पकड़ने के दौरान ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके दोनों पैर कट गए। इस दुखद घटना के बाद पुलिस सैलरी पैकेज के तहत उन्हें 1 करोड़ 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिसे DGP ने स्वयं उनकी पत्नी को सौंपा।

जीआरपी गोंडा में तैनात आरक्षी आकाश सिंह के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा मिलकर कुल 1 करोड़ 80 लाख 35 हजार 152 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इस सहायता में द्वारा 1 लाख रुपये, पुलिस अधीक्षक रेलवे गोरखपुर द्वारा 10 लाख 88 हजार रुपये, पुलिस अधीक्षक रेलवे लखनऊ द्वारा 5 लाख 19 हजार 200 रुपये, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ द्वारा 13 लाख 25 हजार 952 रुपये तथा द्वारा 1 करोड़ 50 लाख रुपये की बड़ी सहायता राशि शामिल है। यह आर्थिक सहयोग गंभीर दुर्घटना के बाद आरक्षी और उनके परिवार को संबल देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान DGP राजीव कृष्ण ने सभी प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
नवीनीकृत MoU के तहत पुलिस कर्मियों को लगभग 2.30 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा, जिसमें आकस्मिक मृत्यु और दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही, इस बार सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों और उनके आश्रितों (फैमिली पेंशनर्स) को भी दुर्घटना संबंधी विशेष सुविधाएं देने का प्रावधान शामिल किया गया है।
इस अवसर पर पुलिस विभाग और बैंक ऑफ बड़ौदा के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। यह पहल न केवल पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाएगी, बल्कि उनके परिवारों को भी कठिन समय में आर्थिक संबल प्रदान करेगी।


































