दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में H1N1 यानी इन्फ्लूएंजा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ जाती है, खासकर जब फ्लू के मामले बढ़ने लगते हैं। ऐसे में सबसे आम सवाल यही होता है कि फ्लू की वैक्सीन कब लगवानी चाहिए और क्या H1N1 के लिए अलग टीका जरूरी है?
दरअसल, H1N1 अब मौसमी इन्फ्लूएंजा का ही हिस्सा माना जाता है। इसलिए इसके लिए अलग से कोई विशेष वैक्सीन तलाशने की जरूरत नहीं होती। सीजनल इन्फ्लूएंजा वैक्सीन में H1N1 सहित कुछ प्रमुख फ्लू स्ट्रेन के खिलाफ सुरक्षा शामिल हो सकती है।
आइए जानते हैं फ्लू वैक्सीन से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब।
1. क्या H1N1 के लिए अलग वैक्सीन होती है?
आम तौर पर H1N1 के नाम से अलग वैक्सीन लेने की जरूरत नहीं होती। मौसमी इन्फ्लूएंजा वैक्सीन में उस समय फैलने वाले प्रमुख वायरस स्ट्रेन को ध्यान में रखा जाता है, जिसमें H1N1 भी शामिल हो सकता है।
हालांकि, वैक्सीन की संरचना समय और मौसम के अनुसार अपडेट की जाती है। इसलिए टीका लगवाने से पहले डॉक्टर या वैक्सीनेशन सेंटर से उपलब्ध वैक्सीन के बारे में जानकारी लेना बेहतर है।
2. भारत में फ्लू का टीका कब लगवाना सही है?
फ्लू वायरस के फैलने का समय भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग हो सकता है। इसी वजह से सभी राज्यों के लिए टीकाकरण का एक ही समय जरूरी नहीं है।
ठंडे उत्तरी क्षेत्रों में फ्लू का मौसम सर्दियों के दौरान ज्यादा सक्रिय हो सकता है, इसलिए यहां मौसम शुरू होने से पहले टीका लगवाने की सलाह दी जा सकती है। वहीं देश के दूसरे हिस्सों में टीकाकरण का समय स्थानीय फ्लू पैटर्न के अनुसार अलग हो सकता है।
3. क्या अक्टूबर में टीका लगवाना बेहतर है?
उत्तरी भारत के कई ठंडे क्षेत्रों में अक्टूबर फ्लू वैक्सीनेशन के लिए उपयुक्त समय हो सकता है, क्योंकि इसके बाद सर्दियों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि, सही समय व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, स्थानीय संक्रमण की स्थिति और उपलब्ध वैक्सीन पर भी निर्भर करता है।
4. अगर अक्टूबर निकल जाए तो क्या टीका नहीं लगवाना चाहिए?
ऐसा नहीं है। अगर आप निर्धारित समय पर वैक्सीन नहीं लगवा पाए हैं, तो बाद में भी इसे लगवाया जा सकता है।
अगर उस समय फ्लू का प्रसार जारी है और वैक्सीन उपलब्ध है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर टीका लगवाना अभी भी उपयोगी हो सकता है।
5. क्या अगस्त-सितंबर में वैक्सीन लगवा सकते हैं?
अगर आपके इलाके में फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं और आपने अभी तक मौसमी फ्लू का टीका नहीं लिया है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर वैक्सीनेशन कराया जा सकता है।
वैक्सीन के बाद शरीर को सुरक्षा विकसित करने में आमतौर पर करीब दो सप्ताह लग सकते हैं। इसलिए फ्लू के मौसम के चरम से पहले टीका लगवाना फायदेमंद हो सकता है।
6. क्या फ्लू वैक्सीन 100 फीसदी सुरक्षा देती है?
नहीं। कोई भी फ्लू वैक्सीन संक्रमण से 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं देती।
वैक्सीन की प्रभावशीलता कई बातों पर निर्भर करती है, जिसमें वैक्सीन में शामिल वायरस स्ट्रेन और उस समय फैल रहे वायरस के बीच समानता, व्यक्ति की उम्र और उसकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शामिल हैं।
फिर भी वैक्सीनेशन से फ्लू के गंभीर रूप लेने, अस्पताल में भर्ती होने और कुछ जटिलताओं का जोखिम कम हो सकता है।
7. हर साल फ्लू का टीका क्यों लगवाना पड़ता है?
इन्फ्लूएंजा वायरस लगातार बदलता रहता है। इसी वजह से समय-समय पर वैक्सीन की संरचना को अपडेट किया जाता है, ताकि वह उस मौसम में फैलने वाले प्रमुख वायरस के ज्यादा करीब हो।
इसके अलावा समय के साथ वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा भी कम हो सकती है। इसलिए कई लोगों के लिए वार्षिक फ्लू वैक्सीनेशन की सलाह दी जाती है।
8. अगर पहले H1N1 हो चुका है तो क्या वैक्सीन की जरूरत है?
पहले H1N1 संक्रमण हो जाने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति भविष्य में सभी प्रकार के इन्फ्लूएंजा से सुरक्षित हो गया है।
इसलिए पहले संक्रमण हो चुका हो, तब भी डॉक्टर व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर वार्षिक फ्लू वैक्सीन की सलाह दे सकते हैं।
9. हल्की सर्दी-जुकाम होने पर क्या वैक्सीन लग सकती है?
हल्की बीमारी या मामूली सर्दी-जुकाम आम तौर पर वैक्सीनेशन में बड़ी बाधा नहीं होती। लेकिन अगर व्यक्ति को तेज बुखार है या वह मध्यम से गंभीर रूप से बीमार है, तो वैक्सीन लगवाने का सही समय डॉक्टर से पूछना बेहतर है।
10. किन लोगों को फ्लू को लेकर ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
फ्लू कुछ लोगों में गंभीर रूप ले सकता है। खासतौर पर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या तेजी से बिगड़ती तबीयत जैसे लक्षण दिखाई दें तो जल्द चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
ध्यान रखें
H1N1 और दूसरे फ्लू वायरस के लक्षण एक-दूसरे से काफी मिल सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी की पुष्टि या इलाज करना सही नहीं है। वैक्सीन कब लगवानी है, यह तय करते समय अपने इलाके में फ्लू की स्थिति, उम्र और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर की सलाह लेना सबसे बेहतर है।


































