रनिंग को फिटनेस के लिए सबसे आसान और प्रभावी एक्सरसाइज में से एक माना जाता है। नियमित दौड़ने से शरीर सक्रिय रहता है और कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस बेहतर करने में मदद मिल सकती है। लेकिन हर व्यक्ति के लिए एक जैसी गति और दूरी से दौड़ना सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है। खासकर बिना तैयारी, तेज गर्मी या शरीर की क्षमता से ज्यादा मेहनत करने पर गंभीर समस्या हो सकती है।
हाल ही में देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) में एक कैडेट के दौड़ते समय अचानक बेहोश होने और बाद में मौत की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के झज्जर निवासी कैडेट निशांत धनखड़ 9 अगस्त को दौड़ के दौरान बेहोश हुए थे। उन्हें पहले अस्पताल ले जाया गया और बाद में गंभीर हालत में दिल्ली रेफर किया गया, जहां 15 अगस्त को उनकी मौत हो गई। हालांकि, उनकी मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण क्या था, इसकी आधिकारिक पुष्टि के बिना इसे केवल रनिंग या गलत तरीके से दौड़ने का परिणाम मानना सही नहीं होगा।
इस घटना से यह जरूर समझ आता है कि रनिंग करते समय शरीर की क्षमता, मौसम और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।
दौड़ने से पहले शरीर को करें तैयार
सुबह उठते ही बिना किसी तैयारी के तेज दौड़ शुरू करना सही तरीका नहीं है। रनिंग से पहले कुछ मिनट हल्की गतिविधि और वॉर्मअप करें। हल्की वॉक, धीमी जॉगिंग और शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करने वाली एक्सरसाइज मददगार हो सकती हैं।
वॉर्मअप का उद्देश्य शरीर को अचानक अधिक मेहनत के लिए तैयार करना है। खासकर लंबे समय तक दौड़ने या तेज रनिंग से पहले अचानक स्पीड बढ़ाने से बचना चाहिए।
खाना और पानी भी है महत्वपूर्ण
बहुत ज्यादा खाना खाने के तुरंत बाद दौड़ना असहजता पैदा कर सकता है। वहीं लंबे समय तक खाली पेट या पर्याप्त ऊर्जा के बिना कठिन रनिंग करना भी हर व्यक्ति के लिए उचित नहीं होता।
हाइड्रेशन का भी ध्यान रखें। गर्मी या ज्यादा पसीना आने वाली परिस्थितियों में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो सकती है। कितनी मात्रा में पानी चाहिए, यह मौसम, रनिंग की अवधि और व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है।
गर्मी और उमस में रहें सावधान
बहुत गर्म या उमस वाले मौसम में तेज गति से दौड़ने पर शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है। इसलिए अत्यधिक गर्मी में दौड़ने से बचना और जरूरत पड़ने पर समय, गति या दूरी कम करना बेहतर है।
गर्मी में सुबह जल्दी या अपेक्षाकृत ठंडे समय पर रनिंग करना अधिक आरामदायक हो सकता है। शरीर में कमजोरी, अत्यधिक पसीना, चक्कर या भ्रम जैसी स्थिति महसूस हो तो तुरंत व्यायाम रोकना चाहिए।
शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें
रनिंग के दौरान शरीर कुछ चेतावनी संकेत दे सकता है। सीने में दर्द या दबाव, अचानक चक्कर, बेहोशी जैसा महसूस होना, असामान्य सांस फूलना, भ्रम या अत्यधिक कमजोरी को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऐसी स्थिति में तुरंत दौड़ना रोकें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय मदद लें। खासतौर पर सीने में दर्द या बेहोशी होने पर तुरंत मेडिकल जांच जरूरी है।
रनिंग के बाद अचानक न रुकें
लंबी या तेज दौड़ के तुरंत बाद एकदम रुकने के बजाय कुछ मिनट धीमी चाल से चलना बेहतर होता है। इससे शरीर को धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आने का समय मिलता है।
रनिंग की दूरी और गति भी धीरे-धीरे बढ़ाएं। अगर आपने लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं की है, तो शुरुआत में बहुत ज्यादा दौड़ने की कोशिश न करें।
कुछ लोगों को पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए
अगर किसी व्यक्ति को पहले से हृदय संबंधी समस्या, सांस की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो नियमित और हाई-इंटेंसिटी रनिंग शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
इसी तरह लंबे समय से एक्सरसाइज न करने वाले व्यक्ति को भी अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे शुरुआत करनी चाहिए।
ध्यान रखें
रनिंग सामान्य तौर पर स्वस्थ लोगों के लिए फायदेमंद शारीरिक गतिविधि हो सकती है, लेकिन ज्यादा मेहनत हमेशा ज्यादा फायदा नहीं देती। सही वॉर्मअप, पर्याप्त आराम, मौसम का ध्यान, हाइड्रेशन और शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है। किसी गंभीर लक्षण को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सहायता लेना सबसे महत्वपूर्ण है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। इसे व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। यदि रनिंग के दौरान सीने में दर्द, बेहोशी, सांस लेने में गंभीर परेशानी या अन्य चिंताजनक लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।


































