हाल के वर्षों में कम उम्र के लोगों में कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर वैज्ञानिक लगातार अध्ययन कर रहे हैं। इसी संदर्भ में प्रकाशित एक नई रिसर्च में संकेत मिला है कि शरीर की जैविक उम्र (Biological Age) अगर वास्तविक उम्र से तेजी से बढ़ रही हो, तो कुछ बीमारियों का जोखिम प्रभावित हो सकता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, किसी व्यक्ति की उम्र केवल जन्मतिथि से नहीं मापी जाती, बल्कि शरीर की अंदरूनी स्थिति—जैसे कोशिकाओं की कार्यक्षमता, प्रतिरक्षा तंत्र और ऊतकों की स्थिति—भी महत्वपूर्ण होती है। जब शरीर उम्र से पहले जैविक बदलाव दिखाने लगता है, तो कुछ स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।
स्टडी में बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य और रक्त संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें यह देखा गया कि कुछ समूहों में जैविक उम्र बढ़ने की गति अपेक्षाकृत अधिक दिखाई दी।
रिसर्च के अनुसार:
- जिन लोगों में प्रतिरक्षा तंत्र अपेक्षा से अधिक तेजी से उम्रदराज दिखा, उनमें कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम अधिक देखा गया।
- कुछ मामलों में फैट टिश्यू में उम्र संबंधी बदलाव और कैंसर जोखिम के बीच भी संबंध पाया गया।
- हालांकि, यह संबंध कारण और परिणाम को सीधे साबित नहीं करता, बल्कि संभावित जुड़ाव की ओर संकेत करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में समय से पहले होने वाले बदलाव कई कारणों से जुड़े हो सकते हैं, जैसे:
- असंतुलित खानपान
- मोटापा
- धूम्रपान
- कम शारीरिक गतिविधि
- नींद की कमी
- प्रदूषण और अन्य जीवनशैली कारक
अच्छी बात यह है कि जीवनशैली में बदलाव से जैविक उम्र बढ़ने की गति पर असर डाला जा सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, स्वस्थ वजन और तंबाकू से दूरी लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती है।
ध्यान रखें: कैंसर का जोखिम कई कारकों पर निर्भर करता है। किसी एक लक्षण या अध्ययन के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी चिंता होने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।


































