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Health Tips:PCSK9 दवा कैसे घटाती है बैड कोलेस्ट्रॉल? स्टैटिन से कितनी अलग है नई Oral Therapy, जानें पूरा तरीका

शरीर में बढ़ा हुआ LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल दिल और रक्त वाहिकाओं के लिए खतरा बढ़ा सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए लंबे समय से स्टैटिन जैसी दवाओं का इस्तेमाल किया जाता रहा है। लेकिन कुछ लोगों में मौजूदा उपचार के बावजूद LDL का स्तर पर्याप्त कम नहीं हो पाता या दवाओं को सहन करना मुश्किल होता है।

ऐसे मरीजों के लिए कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवाओं में एक नया विकल्प सामने आया है। जुलाई 2026 में अमेरिकी FDA ने Lipfendra (enlicitide) को मंजूरी दी। यह PCSK9 को ब्लॉक करने वाली पहली FDA-approved ओरल दवा है, जिसे रोजाना टैबलेट के रूप में लिया जाता है। इसे डाइट और एक्सरसाइज के साथ हाई कोलेस्ट्रॉल वाले वयस्कों में LDL-C कम करने के लिए मंजूरी दी गई है।

स्टैटिन और PCSK9 दवा में क्या अंतर है?

स्टैटिन दवाएं शरीर में कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करके LDL को कम करती हैं। वहीं PCSK9 इनहिबिटर एक अलग रास्ते से काम करते हैं।

लिवर की सतह पर मौजूद LDL रिसेप्टर्स खून से LDL को पकड़कर लिवर के अंदर ले जाने में मदद करते हैं। PCSK9 नाम का प्रोटीन इन रिसेप्टर्स को कम करने में भूमिका निभाता है। जब PCSK9 को रोका जाता है, तो लिवर की सतह पर अधिक LDL रिसेप्टर्स उपलब्ध रहते हैं और वे खून से ज्यादा LDL को हटाने में मदद करते हैं।

यानी आसान भाषा में कहें तो यह दवा शरीर में LDL को हटाने की लिवर की क्षमता को बढ़ाने का काम करती है।

पहली बार गोली के रूप में PCSK9 इनहिबिटर

PCSK9 को टारगेट करने वाली दवाएं पहले से उपलब्ध थीं, लेकिन वे इंजेक्शन के रूप में दी जाती थीं। Lipfendra की खासियत यह है कि इसे दिन में एक बार मुंह से लिया जाता है। FDA के मुताबिक यह पहली ओरल PCSK9 inhibitor therapy है।

इस बदलाव से उन मरीजों के लिए उपचार का विकल्प बढ़ सकता है जिन्हें LDL को और कम करने की जरूरत है और जो इंजेक्शन आधारित उपचार नहीं लेना चाहते।

शरीर में किस तरह काम करती है PCSK9 दवा?

इस पूरी प्रक्रिया को समझने के लिए लिवर के LDL रिसेप्टर्स को समझना जरूरी है।

खून में मौजूद LDL को लिवर के ये रिसेप्टर्स पकड़ते हैं और उसे रक्तप्रवाह से हटाने में मदद करते हैं। लेकिन PCSK9 प्रोटीन इन रिसेप्टर्स के सामान्य पुनर्चक्रण को प्रभावित करता है, जिससे लिवर की LDL हटाने की क्षमता कम हो सकती है।

Enlicitide PCSK9 से जुड़कर उसके LDL रिसेप्टर के साथ होने वाले इंटरैक्शन को रोकती है। इससे अधिक LDL रिसेप्टर्स उपलब्ध रहते हैं और खून से LDL-C हटाने में मदद मिलती है।

ट्रायल में LDL कितना कम हुआ?

FDA के अनुसार Lipfendra की प्रभावशीलता का मूल्यांकन दो बड़े रैंडमाइज्ड क्लिनिकल ट्रायल में किया गया, जिनमें कुल 3,207 वयस्क शामिल थे। इनमें हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों के साथ HeFH यानी आनुवंशिक रूप से बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल वाले मरीज भी शामिल थे।

पहले अध्ययन में 24वें सप्ताह पर Lipfendra लेने वाले मरीजों में प्लेसिबो की तुलना में LDL-C में औसतन 56% की कमी दर्ज की गई।

दूसरे अध्ययन में HeFH वाले मरीजों में इसी अवधि पर LDL-C में औसतन 59% की कमी देखी गई।

किन मरीजों के लिए हो सकती है उपयोगी?

यह दवा हर व्यक्ति के लिए सामान्य कोलेस्ट्रॉल की पहली पसंद नहीं है। FDA ने इसे हाई कोलेस्ट्रॉल वाले वयस्कों में डाइट और एक्सरसाइज के साथ LDL-C कम करने के लिए मंजूरी दी है, जिसमें HeFH वाले मरीज भी शामिल हैं।

खास तौर पर उन मरीजों में यह एक अतिरिक्त विकल्प हो सकती है जिन्हें मौजूदा उपचार के बावजूद LDL को और कम करने की जरूरत होती है।

क्या इसके साइड इफेक्ट भी हैं?

किसी भी दवा की तरह Lipfendra के इस्तेमाल के दौरान भी प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं। FDA के अनुसार एक ट्रायल में साइड इफेक्ट की दर दवा और प्लेसिबो समूह में लगभग समान थी। HeFH वाले मरीजों के अध्ययन में दस्त और चक्कर आना ऐसे साइड इफेक्ट थे जो दवा लेने वाले समूह में अपेक्षाकृत अधिक देखे गए।

इसलिए इसे डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू करना उचित नहीं है।

क्या यह स्टैटिन की जगह लेगी?

जरूरी नहीं। PCSK9 दवाएं स्टैटिन से अलग तरीके से काम करती हैं और कुछ मरीजों में अतिरिक्त LDL-C कमी हासिल करने के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं। FDA ने भी Lipfendra को मौजूदा उपचारों के साथ LDL कम करने के एक अतिरिक्त विकल्प के तौर पर मंजूरी दी है।

किस मरीज को स्टैटिन, PCSK9 inhibitor या किसी अन्य दवा की जरूरत है, यह उसके LDL स्तर, हृदय रोग के जोखिम, पहले से चल रहे इलाज और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों को देखकर डॉक्टर तय करते हैं।

जरूरी बात

नई दवा को देखकर खुद से अपनी मौजूदा कोलेस्ट्रॉल की दवा बंद या बदलने की कोशिश न करें। हाई LDL का इलाज व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री और हृदय संबंधी जोखिम के आधार पर तय किया जाता है।

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