कोलंबो: क्रिकेट में DRS यानी Decision Review System कई बार टीम के लिए गेम चेंजर साबित होता है, लेकिन भारतीय ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा के लिए पिछले कुछ समय से रिव्यू का नतीजा लगातार निराशाजनक रहा है। श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में भी जडेजा की गेंद पर लिया गया रिव्यू भारत के पक्ष में नहीं गया।
इस मुकाबले में जडेजा ने श्रीलंकाई बल्लेबाज केषरा नुवांता के खिलाफ विकेट की अपील की थी। मैदानी अंपायर ने अपील को खारिज कर दिया। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने LBW के लिए DRS का सहारा लिया।
थर्ड अंपायर ने जब रिप्ले की जांच की तो सामने आया कि गेंद बल्लेबाज के पैड से टकराने से पहले ही बल्ले का किनारा ले चुकी थी। ऐसे में मैदानी फैसला बरकरार रहा और भारतीय टीम का रिव्यू भी चला गया। इसके साथ ही जडेजा की गेंद पर लिया गया रिव्यू एक बार फिर सफल नहीं हो सका।
तीन साल से नहीं मिला DRS में सफलता का स्वाद
आंकड़ों के मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट में जडेजा के नाम पिछले तीन वर्षों में लगातार 22 ऐसे रिव्यू हो चुके हैं, जिनसे गेंदबाजी पर लिया गया फैसला भारत के पक्ष में नहीं बदला।
इन 22 मौकों में 18 बार रिव्यू पूरी तरह असफल रहा, जबकि 4 मामलों में अंपायर कॉल के कारण मैदानी फैसला बरकरार रहा। अंपायर कॉल वाले मामलों में टीम का रिव्यू बच गया, लेकिन जडेजा की गेंद पर विकेट हासिल करने में कामयाबी नहीं मिली।
आखिरी बार जुलाई 2023 में सफल हुआ था रिव्यू
टेस्ट क्रिकेट में जडेजा की गेंद पर लिया गया आखिरी सफल DRS जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ आया था। उसके बाद से उनके गेंदबाजी रिव्यू का आंकड़ा लगातार खराब होता गया।
दिलचस्प बात यह है कि उस आखिरी सफल रिव्यू के समय जडेजा के नाम टेस्ट क्रिकेट में 271 विकेट थे। अब वह 350 से ज्यादा टेस्ट विकेट हासिल कर चुके हैं, लेकिन इस दौरान उनकी गेंद पर लिया गया कोई भी रिव्यू सफलता में नहीं बदल पाया।
यानी आखिरी सफल DRS के बाद जडेजा 82 विकेट और हासिल कर चुके हैं, लेकिन उनके गेंदबाजी फैसले को बदलने वाला रिव्यू नहीं आया।
शानदार रहा है जडेजा का टेस्ट करियर
रविंद्र जडेजा भारत के सबसे सफल टेस्ट ऑलराउंडर्स में शामिल हैं। दूसरे टेस्ट को छोड़कर वह अब तक 90 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। इन मुकाबलों की 169 पारियों में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 25 से ज्यादा की औसत से 352 विकेट हासिल किए हैं।
टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ मैच प्रदर्शन 10 विकेट पर 110 रन रहा है। गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी जडेजा ने भारत के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
वह टेस्ट के अलावा दूसरे फॉर्मेट में भी हजारों रन बना चुके हैं। उनकी बल्लेबाजी में छह शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं। ऐसे में DRS का यह लगातार खराब रिकॉर्ड उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर से जुड़ा एक बेहद असामान्य आंकड़ा बन गया है।


































