HomeDaily Newsनेपाल में जलप्रलय के 36 घंटे बाद भी 30 से अधिक देशों...

नेपाल में जलप्रलय के 36 घंटे बाद भी 30 से अधिक देशों के लोग लापता, सैकड़ों मौतों से बढ़ी चिंता

काठमांडू: तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद चीन-नेपाल सीमा के आसपास शुरू हुई प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। अचानक आए बाढ़ के पानी और मलबे ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

नेपाल और चीन के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और 1,300 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें नेपाल के नागरिकों के अलावा अलग-अलग देशों से आए पर्यटक और अन्य लोग भी शामिल हैं। कई विदेशी नागरिक ट्रैकिंग के लिए इन इलाकों में पहुंचे थे, जबकि कुछ धार्मिक यात्रा के सिलसिले में नेपाल आए थे।

नेपाल में 359 शव बरामद

नेपाल में राहत और बचाव अभियान के दौरान अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम तक आठ जिलों से कुल 359 शव मिल चुके थे।

जिलेवार आंकड़ों के अनुसार रसुवा से 17, नुवाकोट से 28, धादिंग से 33, चितवन से 132, गोरखा से 30, तनहुँ से 22, नवलपरासी पूर्व से 82 और नवलपरासी पश्चिम से 15 शव बरामद किए गए हैं।

पुलिस, नेपाली सेना और अन्य राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं। प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश करने की है।

517 विदेशी पर्यटकों का नहीं मिला पता

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी इस आपदा की चपेट में आए हैं। बोर्ड ने गुरुवार को बताया कि 517 विदेशी पर्यटकों के बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिल पाई है।

चीन की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी आपदा का असर पड़ा है। वहां कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 558 लोगों के लापता होने की सूचना है।

चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल की तरफ करीब 100 चीनी नागरिकों के लापता होने की जानकारी मिली है।

कई देशों के नागरिकों से संपर्क टूटा

आपदा के बाद कई देशों ने अपने नागरिकों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अमेरिका के 65 नागरिक, मलेशिया के 51 नागरिक और यूक्रेन के 53 नागरिक लापता बताए गए हैं।

इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के 35, ब्रिटेन के 33 और कनाडा के 25 नागरिकों के बारे में भी अब तक पता नहीं चल पाया है। यूक्रेन की ओर से यह भी बताया गया है कि 46 विदेशी पर्यटकों का नेपाली अधिकारियों से संपर्क टूट चुका है।

दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के अधिकारियों ने भी अपने नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी है। बताया गया है कि नेपाल की एक जलविद्युत परियोजना से जुड़े इलाके में काम करने वाले नौ नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है।

जर्मनी, रूस और जापान के नागरिक भी शामिल

नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों में कई अन्य देशों के नागरिकों के लापता होने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें सिंगापुर के 8, जर्मनी के 8 और रूस के 8 नागरिक शामिल हैं।

इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के 6, लातविया के 6 और जापान के 5 नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी दी गई है।

राहत अभियान के सामने बड़ी चुनौती

बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित पहाड़ी इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य आसान नहीं है। खराब मौसम, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां और तेज बहाव के कारण बचाव दलों को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

नेपाल और चीन की संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बचाव दल लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

प्राकृतिक आपदा के करीब 36 घंटे बाद भी बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। आने वाले समय में राहत अभियानों के साथ मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा और बदल सकता है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments