काठमांडू: नेपाल-तिब्बत सीमा के नजदीक बुधवार सुबह ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। तेज पानी और मलबे की चपेट में आने से अब तक 469 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 977 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में लगभग 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
नेपाल पुलिस के अनुसार, आपदा के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में कई स्थानों पर पहुंचना मुश्किल बना हुआ है, जिससे लापता लोगों की तलाश में भी चुनौती आ रही है।
तिब्बत में बनी नई झील ने बढ़ाई चिंता
चीन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, रसुवागढ़ी बॉर्डर से करीब 18 किलोमीटर ऊपर तिब्बत क्षेत्र में ल्हेंदे नदी पर एक नई बैरियर झील बनने की सूचना है। बताया जा रहा है कि इस झील में करीब 200 करोड़ लीटर पानी जमा हो चुका है।
ऐसे में आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ के खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है। पहले से ही प्राकृतिक आपदा से प्रभावित नेपाल में जलस्तर और संभावित नए बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुल और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान
बाढ़ के तेज बहाव ने नेपाल के परिवहन और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचाया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं। इसके कारण कई इलाकों का सड़क संपर्क टूट गया है और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।
इसके अलावा करीब 13 जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी है। कई वाहन भी बाढ़ के तेज बहाव में बह गए।
राहत अभियान के दौरान नेपाली सेना ने प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाकर 250 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के अब भी लापता होने के कारण तलाश अभियान जारी है।
यूपी और बिहार में बढ़ी सतर्कता
नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद भारत के सीमावर्ती राज्यों में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार में संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रमुख नदियों के जलस्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है।
प्रशासन की ओर से गंडक, नारायणी और कोसी नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर सहित संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बिहार के नदी किनारे वाले इलाकों में भी प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
भारत-नेपाल बस सेवा पर भी पड़ा असर
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड का असर दोनों देशों के बीच यातायात पर भी पड़ा है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण दिल्ली-काठमांडू मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली परिवहन निगम ने 28 और 29 अगस्त को दिल्ली से काठमांडू जाने वाली भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा स्थगित कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, मार्ग की स्थिति सामान्य होने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद सेवा बहाल करने पर फैसला लिया जाएगा।
नेपाल में जारी राहत एवं बचाव अभियान के बीच बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से चिंता बनी हुई है। वहीं, भारत के सीमावर्ती राज्यों में भी नदी जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।


































