ब्लड प्रेशर यानी BP की जांच मेडिकल चेकअप का एक सामान्य हिस्सा है। आमतौर पर डॉक्टर मरीज की ऊपरी बाजू पर कफ लगाकर BP मापते हैं। लेकिन अगर किसी व्यक्ति का हाथ मौजूद न हो, तो सवाल उठता है कि ऐसी स्थिति में ब्लड प्रेशर कैसे चेक किया जाता है?
मेडिकल साइंस में इसके लिए कई वैकल्पिक तरीके मौजूद हैं। मरीज की स्थिति और उपलब्ध शरीर के हिस्से के आधार पर डॉक्टर सबसे उपयुक्त तरीका चुनते हैं।
हाथ न होने पर कहां मापा जाता है BP?
सामान्य तौर पर BP ऊपरी बाजू की ब्रेकियल आर्टरी से मापा जाता है। लेकिन अगर वहां कफ लगाना संभव न हो, तो डॉक्टर दूसरे स्थानों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कुछ परिस्थितियों में कफ को जांघ या पैर के निचले हिस्से पर लगाकर ब्लड प्रेशर मापा जाता है। हालांकि शरीर के अलग हिस्सों से मिलने वाली BP रीडिंग में सामान्य बाजू की रीडिंग से अंतर हो सकता है, इसलिए डॉक्टर इसे मरीज की स्थिति के अनुसार समझते हैं।
अगर किसी मरीज के हाथ में चोट, जलने की समस्या या सर्जरी के कारण वहां BP मापना संभव नहीं है, तब भी वैकल्पिक स्थान का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर हाथ और पैर दोनों न हों तो?
अगर मरीज के हाथ और पैर दोनों नहीं हैं, तो स्थिति थोड़ी जटिल हो जाती है। ऐसे मामलों में डॉक्टर उपलब्ध शरीर के हिस्से और मरीज की मेडिकल स्थिति के आधार पर वैकल्पिक स्थान तलाशते हैं।
सिर्फ सामान्य BP मशीन से किसी भी जगह कफ बांध देना उचित नहीं होता। सही जगह और सही तकनीक का चुनाव मेडिकल स्टाफ करता है।
गंभीर मरीजों में आर्टेरियल लाइन का इस्तेमाल
ICU या गंभीर स्थिति वाले मरीजों में, जब लगातार और बेहद सटीक BP मॉनिटरिंग की जरूरत होती है, डॉक्टर आर्टेरियल लाइन (arterial line) लगा सकते हैं।
इस प्रक्रिया में एक पतली कैथेटर को धमनी में डाला जाता है और उसे मॉनिटर से जोड़ा जाता है। इससे मरीज का ब्लड प्रेशर लगातार मॉनिटर किया जा सकता है।
यह तरीका आमतौर पर गंभीर रूप से बीमार मरीजों, बड़े ऑपरेशन या ऐसी परिस्थितियों में इस्तेमाल होता है जहां हर पल BP की निगरानी जरूरी होती है।
क्या पैर से मिली BP रीडिंग बिल्कुल समान होती है?
जरूरी नहीं। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में BP की रीडिंग में कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए अगर बाजू से BP मापना संभव नहीं है, तो डॉक्टर वैकल्पिक जगह से मिली रीडिंग को मरीज की पूरी स्थिति के संदर्भ में देखते हैं।
निष्कर्ष: अगर किसी मरीज के हाथ या पैर नहीं हैं, तब भी BP मापना संभव है। सामान्य कफ से वैकल्पिक हिस्से पर जांच की जा सकती है और गंभीर मामलों में आर्टेरियल लाइन के जरिए लगातार BP मॉनिटर किया जा सकता है। सही तरीका मरीज की स्थिति के अनुसार डॉक्टर तय करते हैं।


































