देश के कई हिस्सों में मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिल्ली और कर्नाटक में H1N1 संक्रमण के आंकड़े बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभागों ने लोगों को सतर्क रहने और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। हालांकि, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार मामलों में बढ़ोतरी किसी नए H1N1 स्ट्रेन के कारण नहीं बताई गई है।
दिल्ली में तेजी से बढ़े H1N1 के मामले
नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के आंकड़ों के मुताबिक, 20 अगस्त 2026 तक दिल्ली में H1N1 के 1,777 मामले दर्ज किए गए थे। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 229 थी। रिपोर्टों के अनुसार, इसके बाद राजधानी में कुल मामलों का आंकड़ा 2,000 के पार पहुंच गया।
मामलों में वृद्धि को देखते हुए दिल्ली के अस्पतालों ने इन्फ्लुएंजा और उससे जुड़ी जटिलताओं वाले मरीजों के इलाज की तैयारियां बढ़ाई हैं। कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी इन्फ्लुएंजा के मामलों में बढ़ोतरी की सूचना सामने आई है।
कर्नाटक में भी हजारों मामले
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) पर उपलब्ध निगरानी आंकड़ों के आधार पर 22 अगस्त 2026 तक राज्य के 32 जिलों में लैब से पुष्टि किए गए 4,212 इन्फ्लुएंजा पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए।
तुलना करें तो 2025 में कर्नाटक में ऐसे 4,583 मामले सामने आए थे, जबकि 2024 में इनकी संख्या 3,903 थी। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विभाग की सलाह के अनुसार, इन्फ्लुएंजा से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ सावधानियां बेहद महत्वपूर्ण हैं।
- खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को ढकें।
- साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ साफ करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें।
- फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखें।
- संक्रमण की आशंका होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- बीमार व्यक्ति को आवश्यकता के अनुसार घर पर अलग रखने की कोशिश करें।
किन गलतियों से बचना चाहिए?
संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कुछ आदतों से दूरी बनाना भी जरूरी है।
- आंख, नाक और मुंह को बार-बार हाथ लगाने से बचें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं न लें।
- फ्लू के लक्षण होने पर हाथ मिलाने और नजदीकी संपर्क से बचें।
- इस्तेमाल किए हुए रुमाल या नेपकिन को दोबारा इस्तेमाल न करें।
- बीमारी के दौरान अनावश्यक रूप से भीड़ वाली जगहों पर न जाएं।
अस्पतालों को तैयार रखने के निर्देश
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा संस्थानों को इन्फ्लुएंजा से निपटने के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। इनमें PPE किट, N95 मास्क और जरूरत के अनुसार ओसेल्टामिविर जैसी दवाएं शामिल हैं।
स्वास्थ्यकर्मियों को ILI यानी इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी और SARI यानी गंभीर श्वसन संक्रमण की शुरुआती पहचान, मरीज की स्थिति का आकलन और उचित प्रबंधन को लेकर भी सतर्क किया गया है।
निजी अस्पतालों पर भी निगरानी
निजी स्वास्थ्य संस्थानों को H1N1 की जांच, टेस्टिंग और उपचार के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी गई है। साथ ही निगरानी व्यवस्था के तहत मामलों की रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभागों का कहना है कि फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। साफ-सफाई का ध्यान रखना, संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाना और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर उचित चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्वास्थ्य आंकड़ों और विभागीय सलाह पर आधारित है। इसे व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह न मानें। तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी या अन्य गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।


































