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Health Tips:डायबिटीज मरीज के घर में महीने भर कितनी चीनी होनी चाहिए? ऐसे समझें पूरा हिसाब

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ घर के मासिक राशन को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा बढ़ गई है। लेकिन डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए चीनी की कीमत से ज्यादा जरूरी यह समझना है कि रोजाना कितनी अतिरिक्त चीनी का सेवन किया जा रहा है।

डायबिटीज में सिर्फ चाय या मिठाई में डाली जाने वाली चीनी ही मायने नहीं रखती। ब्रेड, बिस्किट, मिठाइयों, मीठे पेय और दूसरी चीजों से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट भी शरीर में ग्लूकोज में बदल सकते हैं और ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकते हैं।

डायबिटीज मरीज के लिए महीने भर की कितनी चीनी?

डायबिटीज वाले व्यक्ति के लिए घर में चीनी की कोई एक तय मासिक मात्रा निर्धारित नहीं होती। इसकी जरूरत व्यक्ति की उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि, डायबिटीज के प्रकार, दवाओं और पूरी डाइट पर निर्भर करती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन अतिरिक्त चीनी को सीमित रखने की सलाह देता है। सामान्य तौर पर कुल दैनिक कैलोरी में अतिरिक्त चीनी 10 प्रतिशत से कम रखना बेहतर माना जाता है।

वहीं, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार अतिरिक्त चीनी की दैनिक सीमा महिलाओं के लिए लगभग 25 ग्राम और पुरुषों के लिए करीब 36 ग्राम तक रखने की सलाह दी जाती है।

अगर केवल गणित समझें तो 25 ग्राम रोजाना का मतलब करीब 750 ग्राम प्रति माह और 36 ग्राम रोजाना का मतलब करीब 1.08 किलो प्रति माह होता है। लेकिन यह किसी डायबिटीज मरीज के लिए तय या जरूरी मासिक कोटा नहीं है। इसमें मिठाई, मीठे पेय और पैकेज्ड फूड से मिलने वाली अतिरिक्त चीनी भी शामिल हो सकती है।

क्या डायबिटीज में चीनी पूरी तरह छोड़नी पड़ती है?

जरूरी नहीं कि हर डायबिटीज मरीज चीनी को पूरी तरह बंद कर दे। मुख्य बात मात्रा और पूरी डाइट को नियंत्रित करना है।

किसी चीज में मौजूद कुल कार्बोहाइड्रेट भी ब्लड ग्लूकोज को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए केवल चाय में डाली गई चीनी का हिसाब रखने के बजाय पूरे दिन के खाने-पीने पर नजर रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

ज्यादा चीनी खाने से क्या नुकसान हो सकता है?

जरूरत से ज्यादा अतिरिक्त चीनी लेने से ब्लड शुगर को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है, खासकर तब जब पूरी डाइट में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी अधिक हो।

लंबे समय तक ब्लड शुगर नियंत्रित न रहने पर आंखों, किडनी, नसों, रक्त वाहिकाओं और हृदय से जुड़ी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।

हालांकि, यह समझना भी जरूरी है कि सिर्फ चीनी खाना ही डायबिटीज का सीधा कारण नहीं है। डायबिटीज का जोखिम कई कारकों पर निर्भर करता है और इसमें पूरी डाइट, वजन, शारीरिक गतिविधि, आनुवंशिकता और अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी भूमिका निभाती हैं।

घर में चीनी का हिसाब कैसे रखें?

अगर परिवार में डायबिटीज का मरीज है तो महीने भर की चीनी खरीदने के बजाय रोजाना के इस्तेमाल पर ध्यान देना ज्यादा व्यावहारिक है।

  • चाय या कॉफी में कितनी चीनी जा रही है, इसका हिसाब रखें।
  • मिठाई और मीठे पेय का सेवन सीमित करें।
  • पैकेज्ड फूड का लेबल देखकर Added Sugar की मात्रा जांचें।
  • सिर्फ चीनी नहीं, पूरे भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट पर भी ध्यान दें।
  • डॉक्टर या डाइटीशियन द्वारा बताई गई डाइट को प्राथमिकता दें।

जरूरी बात: ऊपर दिए गए 25–36 ग्राम के आंकड़े सामान्य वयस्कों के लिए अतिरिक्त चीनी की सीमा समझने के लिए हैं, इन्हें डायबिटीज मरीज के लिए व्यक्तिगत मेडिकल लक्ष्य न मानें। आपकी दवाओं, ब्लड शुगर और डाइट के अनुसार सही मात्रा अलग हो सकती है।

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