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Somnath Travel Guide: पहले ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए ऐसे बनाएं प्लान, Veraval और Diu Airport से पहुंचना आसान

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए खास माना जाता है। इस दौरान देशभर से श्रद्धालु शिव मंदिरों और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए निकलते हैं। अगर आप भी इस सावन गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो यात्रा से पहले मंदिर के दर्शन, पहुंचने के साधन और जरूरी नियमों की जानकारी जरूर रखें।

अरब सागर के किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर अपनी धार्मिक मान्यता के साथ-साथ भव्य स्थापत्य और शांत वातावरण के लिए भी प्रसिद्ध है। इसे भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

कैसे पहुंचें सोमनाथ मंदिर?

सोमनाथ की यात्रा के लिए रेल और हवाई मार्ग दोनों विकल्प मौजूद हैं। अगर आप कम बजट में यात्रा करना चाहते हैं तो ट्रेन का विकल्प काफी सुविधाजनक हो सकता है।

ट्रेन से पहुंचने का तरीका

सोमनाथ क्षेत्र के लिए वेरावल रेलवे स्टेशन प्रमुख रेल कनेक्टिविटी प्वाइंट है। स्टेशन से सोमनाथ मंदिर की दूरी करीब 6 से 7 किलोमीटर है। यहां से ऑटो, टैक्सी या अन्य स्थानीय साधनों के जरिए मंदिर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

देश के कई बड़े शहरों से गुजरात के लिए ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हैं। अपनी यात्रा की तारीख के अनुसार ट्रेन की उपलब्धता पहले जांच लेना बेहतर रहेगा।

फ्लाइट से कैसे जाएं?

अगर आप हवाई यात्रा करना चाहते हैं तो दीव एयरपोर्ट एक विकल्प हो सकता है। दीव एयरपोर्ट से सोमनाथ मंदिर की दूरी लगभग 80 किलोमीटर से ज्यादा है।

एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के जरिए सोमनाथ पहुंचा जा सकता है। ट्रैफिक और मौसम के अनुसार यात्रा में करीब 1.5 से 2 घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है।

सोमनाथ मंदिर जाने से पहले इन नियमों का रखें ध्यान

मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं को सुरक्षा और परिसर से जुड़े नियमों का पालन करना होता है। यात्रा से पहले इन बातों को ध्यान में रखें—

  • मंदिर परिसर में मोबाइल, कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने पर प्रतिबंध हो सकता है।
  • प्रवेश क्षेत्र के पास उपलब्ध निर्धारित लॉकर या क्लॉक रूम में सामान जमा करना पड़ सकता है।
  • मंदिर में प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच से गुजरना जरूरी है।
  • श्रद्धालुओं को मर्यादित और धार्मिक स्थल के अनुरूप कपड़े पहनने चाहिए।
  • भीड़ के दौरान दर्शन के लिए लंबी कतार लग सकती है।
  • मंदिर परिसर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं है।
  • नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई या जुर्माना हो सकता है।
  • आरती के समय श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है, इसलिए समय से पहले पहुंचना बेहतर है।

नोट: मंदिर के नियम और समय समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।

सोमनाथ मंदिर में दर्शन का समय

मंदिर की सामान्य दिनचर्या के अनुसार दर्शन के लिए सुबह से रात तक श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। मंदिर में दिन में तीन प्रमुख आरतियां आयोजित होती हैं।

  • मंगला आरती: सुबह 7 बजे
  • राजभोग आरती: दोपहर 12 बजे
  • संध्या आरती: शाम 7 बजे

अगर आप आरती में शामिल होना चाहते हैं तो संबंधित समय से काफी पहले मंदिर पहुंचना बेहतर रहेगा, क्योंकि इस दौरान भीड़ बढ़ सकती है।

शाम को देख सकते हैं लाइट एंड साउंड शो

सोमनाथ की यात्रा के दौरान शाम का लाइट एंड साउंड शो भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। सामान्य तौर पर इसका आयोजन रात के समय किया जाता है। हालांकि, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समय में बदलाव हो सकता है।

इसलिए शो देखने की योजना बनाने से पहले उसी दिन का समय जरूर पता कर लें।

सोमनाथ के आसपास इन जगहों पर भी जाएं

अगर आपके पास सोमनाथ में एक से ज्यादा दिन हैं, तो मंदिर के दर्शन के साथ आसपास के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को भी अपनी ट्रिप में शामिल कर सकते हैं।

भालका तीर्थ

भालका तीर्थ का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं से माना जाता है। सोमनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु यहां भी पहुंचते हैं।

गीता मंदिर

गीता मंदिर भी प्रभास क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी धार्मिक परंपराओं को देखा जा सकता है।

त्रिवेणी संगम

यह स्थान तीन नदियों के संगम से जुड़ी धार्मिक आस्था के कारण महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां का शांत वातावरण यात्रियों को आकर्षित करता है।

बाण स्तंभ

सोमनाथ मंदिर के परिसर में स्थित बाण स्तंभ भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण रखता है।

प्रभास पाटन संग्रहालय

इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वाले यात्रियों के लिए यह जगह उपयोगी हो सकती है। यहां क्षेत्र से जुड़े ऐतिहासिक अवशेषों और वस्तुओं को देखा जा सकता है।

यात्रा से पहले ये बातें जरूर चेक करें

सोमनाथ जाने से पहले ट्रेन या फ्लाइट की उपलब्धता, स्थानीय परिवहन, मंदिर के वर्तमान दर्शन नियम और आरती/शो के समय की जानकारी जरूर जांच लें।

सावन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो सकती है। ऐसे में अगर आप आराम से दर्शन करना चाहते हैं तो यात्रा की योजना पहले से बनाएं और भीड़ के हिसाब से अतिरिक्त समय लेकर चलें।

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