HomeDaily NewsPoK News: ‘जिन्हें सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही चला रहे गोलियां’, PoK में...

PoK News: ‘जिन्हें सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही चला रहे गोलियां’, PoK में पाकिस्तानी सेना पर अमान खान का तीखा हमला

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ विरोध के बीच आंदोलन से जुड़े नेता सरदार अमान खान ने पाकिस्तानी व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि दशकों से PoK के लोगों को विकास और बुनियादी सुविधाओं के बजाय सिर्फ आजादी के नाम पर आश्वासन दिए जाते रहे, लेकिन आम जनता की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया।

अमान खान ने 5 अगस्त 2026 को PoK की मौजूदा परिस्थितियों और वहां के लोगों की समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि करीब 78 वर्षों से क्षेत्र के लोगों से कहा जाता रहा है कि आजादी सबसे अहम मुद्दा है, जबकि स्कूल, मदरसे, अस्पताल और दूसरी जरूरी सुविधाएं प्राथमिकता में नहीं रहीं।

‘स्कूल-अस्पताल की जगह सिर्फ आजादी की बात हुई’

अमान खान के मुताबिक, लंबे समय से PoK की जनता को यह समझाया गया कि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से ज्यादा जरूरी आजादी का मुद्दा है। उनका आरोप है कि इतने लंबे समय के बाद भी क्षेत्र में गरीबी, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि आम लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर जीवन की जरूरत है और इन समस्याओं का समाधान सिर्फ राजनीतिक नारों से नहीं हो सकता।

पाकिस्तानी सेना पर लगाए गंभीर आरोप

अमान खान ने पाकिस्तान की सेना पर भी कड़ा हमला बोला। उनका कहना था कि जिन लोगों ने PoK के लोगों की सुरक्षा करने का दावा किया था, वही अब कथित तौर पर क्षेत्र के लोगों के खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से परमाणु हथियार, लड़ाकू विमान और सैन्य ताकत होने की बात कही जाती रही है। लेकिन उनके अनुसार, आज इसी सैन्य ताकत का इस्तेमाल PoK के लोगों के खिलाफ किया जा रहा है।

अमान खान ने दावा किया कि PoK की जनता अब अपने क्षेत्र की सत्ता और फैसलों पर खुद नियंत्रण चाहती है, ताकि गरीबी और बदहाली जैसी समस्याओं से निपटा जा सके।

PoK चुनाव को लेकर भी उठाए सवाल

अमान खान ने PoK में हुए चुनावों की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दो चरणों में हुए चुनावों को कथित तौर पर ‘धोखा’ बताते हुए आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका रही।

उनका दावा है कि ISI के PoK सेक्टर से जुड़े एक अधिकारी ने अपनी पसंद के उम्मीदवारों को चुनाव में फायदा पहुंचाया। हालांकि, ये आरोप अमान खान के दावे हैं और इनके समर्थन में स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए गए प्रमाण यहां उपलब्ध नहीं हैं।

अमान खान ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में PoK की सत्ता वहां के स्थानीय लोगों के हाथों में होगी।

पाकिस्तान समर्थक नेताओं को दी कड़ी चेतावनी

अमान खान ने पुंछ डिवीजन में 10 अगस्त को प्रस्तावित 11 सीटों के चुनाव का जिक्र करते हुए पाकिस्तान समर्थक नेताओं को भी चेतावनी दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता जनता के बजाय सत्ता में बैठे लोगों के साथ खड़े हैं। अमान खान ने कहा कि अगर ऐसे नेताओं ने चुनाव कराने की कोशिश की तो उनके खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ सकता है।

अपने बयान में उन्होंने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कुछ नेताओं के लिए ‘इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही राजिऊन’ पढ़ने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए कोई माफी नहीं होगी और उन्हें जनता के बीच आकर खड़ा होना होगा।

PoK में बढ़ रहा असंतोष

अमान खान के बयान से एक बार फिर PoK में राजनीतिक असंतोष और स्थानीय अधिकारों का मुद्दा चर्चा में आ गया है। क्षेत्र में लंबे समय से आर्थिक परेशानियों, रोजगार, महंगाई, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं।

अमान खान का कहना है कि PoK के लोगों को अब केवल राजनीतिक वादे नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के संसाधनों और शासन व्यवस्था पर वास्तविक अधिकार चाहिए।

उनके बयान से साफ है कि PoK में पाकिस्तान की सत्ता और सैन्य व्यवस्था को लेकर असंतोष रखने वाला एक वर्ग अब स्थानीय स्वशासन और राजनीतिक अधिकारों की मांग को और मुखर तरीके से उठाने की कोशिश कर रहा है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments