अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान इमिग्रेशन नीति को लेकर प्रशासन की सख्ती लगातार चर्चा में है। इसी बीच अमेरिकी सेना में सक्रिय जवानों के परिवारों से जुड़े लोगों को हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के व्यापक इमिग्रेशन अभियान के तहत अमेरिकी सेना में तैनात कर्मियों के माता-पिता और जीवनसाथियों को भी इमिग्रेशन हिरासत में लिया गया है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सैन्य परिवारों को लंबे समय से इमिग्रेशन कार्रवाई से अपेक्षाकृत विशेष सुरक्षा मिलती रही है।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में इमिग्रेशन पर बढ़ी सख्ती
जनवरी 2025 में राष्ट्रपति पद पर दोबारा लौटने के बाद ट्रंप प्रशासन ने अवैध इमिग्रेशन के खिलाफ कार्रवाई को अपनी प्रमुख नीतियों में शामिल किया है। प्रशासन की ओर से देश में बिना वैध इमिग्रेशन स्थिति के रह रहे लोगों की पहचान और उन्हें हिरासत में लेने पर जोर दिया गया है।
इसी अभियान के बीच सामने आई जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना में सक्रिय रूप से सेवा दे रहे कर्मियों के परिवार के सदस्य भी इमिग्रेशन कार्रवाई की चपेट में आए हैं।
51 सैन्य परिवार के सदस्य हिरासत में लिए जाने का दावा
उपलब्ध जांच संबंधी जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2025 से अब तक अमेरिकी सेना में सक्रिय कर्मियों के 51 माता-पिता और जीवनसाथियों को हिरासत में लिया गया है।
इनमें से कम से कम छह लोगों को अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके अतिरिक्त, कम से कम आठ सैन्य कर्मियों के करीबी परिवार के सदस्य संघीय इमिग्रेशन हिरासत में होने का दावा किया गया है।
हालांकि, अमेरिकी सरकार ने सैन्य कर्मियों के परिवारों से जुड़े इमिग्रेशन मामलों का कोई विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए सामने आए आंकड़ों को स्वतंत्र रूप से सरकारी रिकॉर्ड के रूप में नहीं देखा जा सकता।
सैन्य परिवारों के लिए पहले क्या थी व्यवस्था?
अमेरिका में कई दशकों से सैन्यकर्मियों और उनके परिवारों को लेकर एक विशेष इमिग्रेशन व्यवस्था मौजूद रही है। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के समर्थन वाली इस व्यवस्था का उद्देश्य अमेरिकी सेना में सेवा दे रहे लोगों के करीबी परिवार के सदस्यों को इमिग्रेशन संबंधी परेशानियों से कुछ हद तक सुरक्षा देना था।
इस व्यवस्था के तहत सैन्यकर्मियों के माता-पिता, पति-पत्नी और कुछ अन्य करीबी रिश्तेदारों को अमेरिका में अपने इमिग्रेशन स्टेटस को नियमित करने के लिए कानूनी रास्ते उपलब्ध रहे हैं।
कानूनी प्रक्रिया के बावजूद हिरासत में रखने का आरोप
जांच में यह दावा सामने आया है कि कुछ सैन्य परिवारों के सदस्य अपने इमिग्रेशन स्टेटस को कानूनी प्रक्रिया के जरिए ठीक कराने की कोशिश कर रहे थे। इसके बावजूद कई लोगों को कथित तौर पर लंबे समय तक इमिग्रेशन हिरासत में रखा गया।
यह स्थिति सैन्य परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि परिवार के किसी सदस्य की हिरासत का सीधा असर अमेरिकी सेना में सेवा दे रहे जवानों पर भी पड़ सकता है।
नीति को लेकर उठ रहे सवाल
सैन्य कर्मियों के परिवारों पर इमिग्रेशन कार्रवाई की खबर ने अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की नई इमिग्रेशन नीति को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।
एक तरफ प्रशासन अवैध इमिग्रेशन के खिलाफ सख्त कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जोड़कर देखता है, वहीं दूसरी ओर सैन्य परिवारों से जुड़े मामलों में यह सवाल उठ रहा है कि देश की सेना में सेवा देने वाले जवानों के करीबी रिश्तेदारों के लिए पहले से मौजूद सुरक्षा व्यवस्था का कितना प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है।
ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नीति आने वाले समय में भी अमेरिका की राजनीति और सैन्य परिवारों से जुड़े मामलों में बड़ा मुद्दा बनी रह सकती है।


































