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Coriander Water Benefits: ब्लोटिंग और पाचन में मिल सकती है राहत, जानें सही तरीका

भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले कई मसाले सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं। धनिया भी ऐसा ही मसाला है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से भोजन में किया जाता रहा है। धनिये के बीजों को पानी में भिगोकर या उबालकर पीने का चलन भी कई जगहों पर है।

अगर आपकी डाइट और लाइफस्टाइल संतुलित नहीं है, तो गैस, पेट फूलना और अपच जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में कुछ लोग धनिये के पानी को अपनी डेली रूटीन में शामिल करते हैं। हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज या शरीर को “डिटॉक्स” करने वाला चमत्कारी पेय नहीं समझना चाहिए।

धनिये के बीजों में क्या होता है?

धनिये के बीजों में कई तरह के पोषक तत्व और पौधों से मिलने वाले कंपाउंड पाए जाते हैं। इनमें कुछ मात्रा में विटामिन और मिनरल्स के साथ एंटीऑक्सीडेंट गुण वाले यौगिक भी मौजूद होते हैं।

हालांकि, धनिये के पानी से मिलने वाले पोषक तत्वों की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि कितने बीज इस्तेमाल किए गए हैं और उन्हें किस तरीके से तैयार किया गया है। इसलिए इसे संतुलित डाइट का विकल्प नहीं माना जा सकता।

1. पाचन से जुड़ी परेशानी में मददगार हो सकता है

धनिये के बीजों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पाचन से जुड़ी परेशानियों के लिए किया जाता रहा है। कुछ लोगों को इसका सेवन गैस, पेट फूलने या हल्की अपच जैसी समस्याओं में आरामदायक लग सकता है।

अगर खाना खाने के बाद अक्सर पेट भारी या फूला हुआ महसूस होता है, तो पर्याप्त पानी पीने और संतुलित भोजन के साथ धनिये के पानी को एक सामान्य घरेलू विकल्प के तौर पर लिया जा सकता है।

2. एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर

धनिये में ऐसे पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं जिनमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण देखे गए हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं।

लेकिन सिर्फ धनिये का पानी पीने से शरीर के सभी विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, ऐसा दावा वैज्ञानिक रूप से सही नहीं माना जाना चाहिए। शरीर में लिवर और किडनी जैसे अंग प्राकृतिक रूप से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं।

3. पानी पीने की आदत बढ़ाने में मदद

धनिये के बीजों से तैयार पानी कुछ लोगों के लिए सादा पानी पीने का एक अलग विकल्प हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना शरीर में हाइड्रेशन बनाए रखने के लिए जरूरी है।

धनिये के पानी को किसी खास बीमारी का इलाज मानने के बजाय इसे हाइड्रेशन और संतुलित डाइट के हिस्से के तौर पर देखना बेहतर है।

4. एसिडिटी में राहत मिलना व्यक्ति पर निर्भर

धनिये के पानी को कई घरेलू नुस्खों में एसिडिटी और पेट की गर्मी से राहत के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोगों को इससे आराम महसूस हो सकता है, लेकिन हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है।

अगर आपको बार-बार सीने में जलन, खट्टी डकार, पेट दर्द या एसिडिटी की शिकायत रहती है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

5. यूरिनरी हेल्थ के लिए क्या दावा है?

धनिये के बीजों को पारंपरिक तौर पर पेशाब से जुड़ी कुछ परेशानियों के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन UTI यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने पर धनिये का पानी इलाज का विकल्प नहीं है।

पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, तेज दर्द, बुखार या पेशाब में खून जैसे लक्षण हों तो मेडिकल जांच जरूरी है। संक्रमण होने पर उचित उपचार में देरी नहीं करनी चाहिए।

धनिये का पानी कैसे बनाएं?

धनिये का पानी बनाने के लिए बहुत ज्यादा मात्रा में बीज इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है।

  • करीब 1-2 चम्मच धनिये के बीज लें।
  • इन्हें एक गिलास पानी में रातभर भिगोकर रख सकते हैं।
  • सुबह पानी को छानकर सामान्य तापमान या हल्का गुनगुना करके पिया जा सकता है।
  • धनिये के बीजों को हल्का कूटकर दाल, सब्जी या सूप में मसाले के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

हर घरेलू नुस्खा हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है। अगर आपको किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी है, आप नियमित दवाएं लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो रोजाना किसी हर्बल ड्रिंक का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइट एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है।

निष्कर्ष

धनिये के बीज एक सामान्य किचन स्पाइस हैं और इन्हें संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है। धनिये का पानी कुछ लोगों के लिए पाचन और हाइड्रेशन के लिहाज से उपयोगी हो सकता है, लेकिन इसे ब्लोटिंग, एसिडिटी, UTI या किसी अन्य बीमारी का पक्का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, पानी और संतुलित खानपान को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।

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