HomeDaily NewsOffbeat Monsoon Destinations: बारिश में सुकून चाहिए तो Meghalaya और Arunachal के...

Offbeat Monsoon Destinations: बारिश में सुकून चाहिए तो Meghalaya और Arunachal के इन गांवों का करें रुख

मानसून का मौसम आते ही पहाड़ों और गांवों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। बारिश के बाद हरियाली, बादलों से ढके पहाड़, झरने और ठंडी हवाएं शहर की भागदौड़ से दूर कुछ समय बिताने का बेहतरीन मौका देती हैं।

अगर आप इस मानसून में किसी लोकप्रिय और भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट स्पॉट की बजाय शांत और कम एक्सप्लोर की गई जगह की तलाश में हैं, तो नॉर्थ-ईस्ट के कुछ गांव आपके लिए शानदार विकल्प हो सकते हैं। मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग, नागालैंड का खोनोमा और अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली प्रकृति, स्थानीय संस्कृति और सुकून का बेहतरीन अनुभव दे सकते हैं।

मावल्यान्नॉन्ग, मेघालय

मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग अपनी साफ-सफाई और प्राकृतिक सुंदरता के लिए काफी मशहूर है। मानसून में यहां की हरियाली और भी निखर जाती है। बारिश के बाद पेड़-पौधे, रास्ते और आसपास का प्राकृतिक वातावरण बेहद आकर्षक नजर आता है।

यहां आपको स्थानीय खासी संस्कृति और गांव की जीवनशैली को करीब से समझने का मौका भी मिलता है।

मावल्यान्नॉन्ग में क्या देखें?

  • लिविंग रूट ब्रिज की प्राकृतिक संरचना देखें
  • बांस से बने स्काई व्यू पॉइंट का अनुभव लें
  • आसपास के छोटे झरनों और हरियाली को एक्सप्लोर करें
  • स्थानीय खासी संस्कृति और ग्रामीण जीवन को करीब से जानें

मानसून के दौरान यहां का मौसम काफी सुहावना हो सकता है, लेकिन बारिश के कारण रास्तों पर फिसलन की स्थिति भी बन सकती है।

खोनोमा, नागालैंड

प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण में रुचि रखने वाले यात्रियों के लिए खोनोमा एक खास जगह हो सकती है। नागालैंड का यह गांव अपने प्राकृतिक वातावरण, पहाड़ी इलाकों और स्थानीय संस्कृति के लिए जाना जाता है।

बारिश के मौसम में आसपास की पहाड़ियां और सीढ़ीनुमा खेत हरियाली से भर जाते हैं। बादलों से घिरे पहाड़ और शांत वातावरण इस जगह को मानसून ट्रिप के लिए आकर्षक बनाते हैं।

खोनोमा में क्या करें?

  • गांव की गलियों में पैदल घूमकर स्थानीय जीवन देखें
  • सीढ़ीनुमा खेती और पहाड़ी परिदृश्य को एक्सप्लोर करें
  • नागा संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को करीब से जानें
  • नेचर वॉक और बर्ड वॉचिंग का आनंद लें

अगर आपको शांत जगहों पर घूमना और प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है, तो खोनोमा आपकी ट्रैवल लिस्ट में शामिल हो सकता है।

जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली अपनी खूबसूरत प्राकृतिक वादियों और अपतानी संस्कृति के लिए जानी जाती है। मानसून के दौरान यहां धान के खेतों में हरियाली छा जाती है और पहाड़ों पर हल्का कोहरा पूरे इलाके को बेहद खूबसूरत बना देता है।

यह जगह सिर्फ प्रकृति प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय जनजातीय संस्कृति को समझने की इच्छा रखने वाले यात्रियों के लिए भी खास है।

जीरो वैली में क्या करें?

  • हरे-भरे धान के खेतों के बीच समय बिताएं
  • अपतानी समुदाय के पारंपरिक गांवों को एक्सप्लोर करें
  • पहाड़ी रास्तों और आसपास के प्राकृतिक नजारों का आनंद लें
  • स्थानीय बाजारों में घूमकर क्षेत्रीय खानपान का स्वाद लें

मानसून में यहां का मौसम बेहद आकर्षक हो सकता है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण यात्रा की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।

मानसून ट्रिप पर निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

नॉर्थ-ईस्ट के पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान मौसम कभी भी बदल सकता है। इसलिए यात्रा पर जाने से पहले कुछ जरूरी तैयारियां करना बेहतर रहेगा।

  • अपने साथ रेनकोट और अच्छी क्वालिटी की छतरी रखें।
  • फिसलन वाले रास्तों के लिए मजबूत ग्रिप वाले जूते पहनें।
  • यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
  • स्थानीय प्रशासन और गांवों के नियमों का सम्मान करें।
  • पहाड़ी इलाकों में शाम जल्दी हो सकती है, इसलिए दिन की रोशनी में यात्रा पूरी करने की कोशिश करें।
  • प्लास्टिक और अन्य कचरा खुले में न फेंकें।
  • प्राकृतिक स्थलों और स्थानीय पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से बचें।

मानसून में नॉर्थ-ईस्ट क्यों है खास?

मानसून में नॉर्थ-ईस्ट का प्राकृतिक परिदृश्य बेहद खूबसूरत हो जाता है। बारिश के बाद पहाड़ों की हरियाली, धुंध, झरने और ग्रामीण इलाकों की शांत जिंदगी यात्रियों को शहरों की भीड़ से बिल्कुल अलग अनुभव देती है।

मावल्यान्नॉन्ग, खोनोमा और जीरो वैली तीनों जगहों की अपनी अलग पहचान है। अगर आप इस मानसून में प्रकृति, स्थानीय संस्कृति और शांति के बीच कुछ समय बिताना चाहते हैं, तो इन जगहों को अपनी ट्रैवल बकेट लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments